Responsive Ad Slot

Latest

latest


 

प्रधानमंत्री मोदी ने नई दिल्ली में ‘दी लाइट एंड द लोटस: द रिलिक्स ऑफ द अवेकन्ड वन’ अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी का किया उद्घाटन

Document Thumbnail

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली स्थित राय पिथोरा सांस्कृतिक परिसर में भव्य अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी “दी लाइट एंड द लोटस: द रिलिक्स ऑफ द अवेकन्ड वन” का उद्घाटन किया। संस्कृति मंत्रालय द्वारा आयोजित यह ऐतिहासिक प्रदर्शनी एक शताब्दी से अधिक समय बाद पहली बार भगवान बुद्ध के पवित्र पिपरहवा अवशेषों, रत्न-अवशेषों एवं अवशेष पात्रों का अब तक का सबसे व्यापक और दुर्लभ संग्रह एक साथ प्रस्तुत कर रही है, जिनमें हाल ही में भारत को प्रत्यावर्तित किए गए अवशेष भी शामिल हैं।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा,

“125 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद भारत की विरासत वापस लौटी है और राष्ट्र की अमूल्य धरोहर अपने घर लौट आई है। आज से भारत की जनता भगवान बुद्ध के इन पावन अवशेषों के दर्शन कर सकेगी और उनका आशीर्वाद प्राप्त कर सकेगी।”

इस अवसर पर केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि प्रधानमंत्री की उपस्थिति, जिनमें भारत की आत्मा को शासन की कार्यवाही में रूपांतरित करने की अद्वितीय क्षमता है, सदैव प्रेरणादायी और विशेष महत्व रखती है। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री का स्वागत करना सभी के लिए अत्यंत गर्व का विषय है।

यह उद्घाटन भारत की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक यात्रा में एक ऐतिहासिक क्षण है, जो 127 वर्षों के बाद पिपरहवा अवशेषों के पुनः एकीकरण का साक्षी बना है। इस संग्रह में 1898 में कपिलवस्तु में हुए उत्खनन से प्राप्त अवशेष, 1972–75 के उत्खननों से मिली सामग्री, भारतीय संग्रहालय, कोलकाता में संरक्षित धरोहर तथा पेप्पे परिवार का वह संग्रह शामिल है, जिसे जुलाई 2025 में भारत सरकार के निर्णायक हस्तक्षेप के बाद विदेश में नीलामी से रोककर भारत वापस लाया गया।

प्रधानमंत्री के आगमन पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता; केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत; केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू; दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना; संस्कृति राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले ने उनका स्वागत किया।

अपने भ्रमण के दौरान प्रधानमंत्री ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और भगवान बुद्ध की ध्यानमग्न प्रतिमा पर खटक और गुलाब की पंखुड़ियाँ अर्पित कीं। उन्होंने पिपरहवा स्थल से प्राप्त एक प्राचीन मुहर का अभिषेक किया, बोधि वृक्ष का पौधारोपण किया, आगंतुक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए, प्रदर्शनी कैटलॉग का विमोचन किया तथा उपस्थित बौद्ध भिक्षुओं को चिवर दान अर्पित किया।

“दी लाइट एंड द लोटस: द रिलिक्स ऑफ द अवेकन्ड वन” विषयवस्तु के अंतर्गत क्यूरेट की गई इस प्रदर्शनी में 6वीं शताब्दी ईसा पूर्व से लेकर वर्तमान काल तक की 80 से अधिक विशिष्ट और दुर्लभ वस्तुएँ प्रदर्शित की गई हैं। इनमें मूर्तियाँ, पांडुलिपियाँ, थंका चित्र, अनुष्ठानिक वस्तुएँ, अवशेष पात्र और रत्नजड़ित धरोहरें शामिल हैं। प्रदर्शनी का केंद्र बिंदु वह विशाल एकाश्म पत्थर का संदूक है, जिसमें मूल रूप से ये पवित्र अवशेष खोजे गए थे।

1898 में विलियम क्लैक्सटन पेप्पे द्वारा कपिलवस्तु से संबद्ध प्राचीन स्तूप स्थल पर खोजे गए पिपरहवा अवशेष भगवान बुद्ध के जीवन से संबंधित सबसे महत्वपूर्ण पुरातात्विक खोजों में से एक हैं। आज इनका पुनः एकत्र होना भारत की सांस्कृतिक धरोहर को पुनः प्राप्त करने, संरक्षित करने और सम्मान देने की अटूट प्रतिबद्धता का सशक्त प्रतीक है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक सहभागिता में उसकी सभ्यतागत और आध्यात्मिक विरासत की भूमिका लगातार सशक्त हुई है। अब तक 642 प्राचीन धरोहरें भारत वापस लाई जा चुकी हैं, जिनमें पिपरहवा अवशेषों की वापसी सांस्कृतिक कूटनीति और विरासत संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।

इस उद्घाटन समारोह में केंद्रीय मंत्रीगण, राजनयिक समुदाय के सदस्य, राजदूत, वंदनीय बौद्ध भिक्षु, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, विद्वान, विरासत विशेषज्ञ, कला जगत के प्रतिनिधि, विद्यार्थी तथा देश-विदेश से आए बौद्ध अनुयायी उपस्थित रहे।

यह प्रदर्शनी संस्कृति मंत्रालय की विरासत संरक्षण एवं सांस्कृतिक नेतृत्व के प्रति प्रतिबद्धता की पुनः पुष्टि करती है तथा बुद्ध धम्म की जन्मभूमि के रूप में भारत की विशिष्ट पहचान और विश्व के साथ अपनी सभ्यतागत विरासत साझा करने के उसके स्थायी संकल्प का उत्सव है।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने पुनः कहा,

“125 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद भारत की विरासत वापस लौटी है और राष्ट्र की अमूल्य धरोहर अपने घर लौट आई है। आज से भारत की जनता भगवान बुद्ध के इन पावन अवशेषों के दर्शन कर सकेगी और उनका आशीर्वाद प्राप्त कर सकेगी।”





Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.