Media24Media.com: विकसित भारत–जी राम जी बिल 2025: ग्रामीण रोजगार गारंटी को 125 दिनों तक बढ़ाया गया

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विकसित भारत–जी राम जी बिल 2025: ग्रामीण रोजगार गारंटी को 125 दिनों तक बढ़ाया गया

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केंद्रीय ग्रामीण विकास तथा कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज लोकसभा में “विकसित भारत–गैरंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण): VB G RAM G (विकसित भारत–जी राम जी) बिल, 2025” पेश किया।

बिल का उद्देश्य:

VB G RAM G बिल, 2025 का उद्देश्य ग्रामीण विकास के एक समग्र ढांचे की स्थापना करना है, जो राष्ट्रीय दृष्टि “विकसित भारत @2047” के अनुरूप हो। इसके तहत प्रत्येक ग्रामीण गृहस्थी के वयस्क सदस्यों को, जो अविकसित (अकुशल) श्रमिक कार्य करने के लिए स्वेच्छा से आगे आते हैं, प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों का कानूनी रोजगार गारंटी प्रदान की जाएगी। बिल का उद्देश्य सशक्तिकरण, विकास, समेकन और संतृप्ति के माध्यम से एक समृद्ध और लचीले ग्रामीण भारत का निर्माण करना है।

मुख्य विशेषताएँ:

  1. रोजगार गारंटी: प्रत्येक ग्रामीण गृहस्थी को स्वेच्छा से अविकसित श्रमिक कार्य करने पर प्रति वर्ष 125 दिन रोजगार की कानूनी गारंटी।

  2. Viksit Bharat National Rural Infrastructure Stack: सभी कार्यों को एकीकृत राष्ट्रीय ढांचे में सम्मिलित किया जाएगा, जो जल सुरक्षा, ग्रामीण आधारभूत संरचना, आजीविका-संबंधी अवसंरचना, तथा चरम मौसम एवं आपदा तैयारियों से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देगा।

  3. Viksit Gram Panchayat Plans (VGPPs): सभी कार्य ग्राम स्तर पर VGPPs के माध्यम से पहचाने जाएंगे, जो नीचे से ऊपर की ओर आधारित, समेकन-प्रधान और संतृप्ति-केंद्रित होंगे। ये योजनाएँ ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर एकीकृत की जाएंगी।

  4. राज्य स्तर की लचीलापन: राज्यों को वित्तीय वर्ष में 60 दिनों के लिए कार्य न कराने की पूर्व-सूचना देने का अधिकार, ताकि कृषि कार्यों के उच्चतम मौसम में श्रमिक उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।

  5. केंद्र-राज्य वित्त पोषण: यह एक केन्द्रीय प्रायोजित योजना (CSS) होगी, जिसमें नॉर्थ-ईस्ट और हिमालयी राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों के लिए 90:10 और अन्य राज्यों के लिए 60:40 के फंड शेयरिंग पैटर्न होंगे।

  6. समान वितरण और पारदर्शिता: राज्यों को फंड का नॉरमेटिव आवंटन और जिला एवं ग्राम पंचायत स्तर पर पारदर्शी तथा जरूरत आधारित वितरण सुनिश्चित करना होगा।

  7. डिजिटल और तकनीकी निगरानी: बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, स्थानिक तकनीक-समर्थित योजना और निगरानी, मोबाइल-आधारित रिपोर्टिंग, वास्तविक समय डैशबोर्ड, AI-सक्षम विश्लेषण और मजबूत सामाजिक ऑडिट तंत्र।

  8. साप्ताहिक खुलासा बैठकें: ग्राम पंचायत भवनों में प्रत्येक सप्ताह कार्यों की स्थिति, भुगतान, शिकायतें, प्रगति और मजदूरी विवरण प्रस्तुत किए जाएंगे।

  9. मजदूरी और बेरोजगारी भत्ता: केंद्रीय सरकार द्वारा मजदूरी दर निर्धारित की जाएगी; तय दरों तक रोजगार न मिलने पर राज्य सरकारें बेरोजगारी भत्ता प्रदान करेंगी।

पृष्ठभूमि:

पिछले दो दशकों में ग्रामीण भारत में महत्वपूर्ण परिवर्तन हुए हैं—ग्रामीण कनेक्टिविटी, आवास, पीने के पानी, स्वच्छता, विद्युतीकरण, वित्तीय समावेशन और डिजिटल पहुंच में वृद्धि हुई है। ग्रामीण कार्यबल में विविधता आई है और आय व उत्पादक अवसंरचना के प्रति आकांक्षाएँ बढ़ी हैं। इन बदलते परिदृश्यों को देखते हुए, संसाधनों का न्यायपूर्ण वितरण, योजना समेकन और तकनीकी हस्तक्षेप आवश्यक हो गया है।

इस बिल के माध्यम से रोजगार गारंटी को बढ़ाकर 125 दिन प्रति वर्ष किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण संपत्ति निर्माण और ग्रामीण विकास की गति तेज होगी, तथा “विकसित भारत @2047” की दृष्टि के अनुरूप ग्रामीण परिवारों का सशक्तिकरण सुनिश्चित होगा।

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