Media24Media.com: #EmploymentForAll

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label #EmploymentForAll. Show all posts
Showing posts with label #EmploymentForAll. Show all posts

रोजगार, स्वावलंबी युक्त ग्राम पंचायत बनाना हमारा लक्ष्य, वीबीजीरामजी से विकास की बढ़ेगी रफ्तार: केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान

No comments Document Thumbnail

छत्तीसगढ़ में आवास निर्माण की गति अन्य राज्यों के लिए रोल मॉडल,मोर गांव मोर पानी महाअभियान जल सरंक्षण में महत्वपूर्ण योगदान 

राज्य में दो साल में ही बने 8 लाख से अधिक मकान, 17 लाख 60 हजार आवास हुए पूर्ण, बस्तर संभाग में लंबित विकास योजनाओं को पूर्ण करने बनेगी विशेष रणनीति

केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के कामकाज की समीक्षा

रायपुर- रोजगार एवं स्वाबलंबी युक्त ग्राम पंचायत बनाना हमारी सरकार का प्रमुख लक्ष्य है। विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण के लागू होने से गांवों में विकास की रफ्तार तेजी से बढ़ेगी। इसके लिए हमने बजट में लगभग डेढ़ गुणा अधिक स्वीकृति प्रदान की है। उक्त बाते केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कही।

शिवराज चौहान ने छत्तीसगढ़ में तेजी से बन रहे आवास निर्माण की गति की प्रशंसा करते हुए अन्य राज्यों के लिए रोल मॉडल बताया। उन्होंने आवास निर्माण के साथ ही गांव गांव में चलाएं गए मोर गांव मोर पानी महाअभियान की भी सराहना करते हुए जल सरंक्षण में महत्वपूर्ण योगदान देने की बात कही। उन्होंने प्रदेश में और अधिक लखपति दीदी के माध्यम से महिलाओं को अधिक से अधिक स्वसहायता समूहों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने एवं मजदूरी भुगतान किसी भी स्थिति में लंबित नहीं करने के निर्देश प्रदेश के अधिकारियों को दिए है। इसके साथ ही बस्तर संभाग में लंबित परियोजना को पूर्ण करने के लिए विशेष रणनीति बनाने के निर्देश उच्च अधिकारियों दिए हैं। उन्होंने कहा बस्तर लंबे अरसे से विकास से दूर रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हम बस्तर के समग्र विकास के लिए आगे बढ़कर कार्य करेंगे।

इस दौरान शिवराज चौहान ने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजिविका मिशन बिहान, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, पीएमजनमन एवं आरसीपीएलडब्ल्यूईए योजनाओं का विस्तृत समीक्षा किए। उन्होंने प्रदेश में एनआरएलएम में रिक्त पदों शीघ्र भर्ती कराने के निर्देश प्रदेश के अधिकारियों को दिए हैं।

केंद्रीय केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज मंत्रालय महानदी भवन में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की गहन समीक्षा बैठक ली। इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा एवं कृषि मंत्री रामविचार नेताम उपस्थित थे।

बैठक में विभागीय अधिकारियों ने जानकारी दी कि वर्तमान में राज्य में  प्रधानमंत्री आवास के लिए 24.58 लाख को स्वीकृति मिली है। जिसमें से 17.60 लाख आवास का निर्माण पूर्ण हो चुके है। इसके साथ ही पीएमजनमन के तहत 33,246 स्वीकृत में 18,373 पूर्ण, विशेष परियोजना आत्मसमर्पित नक्सली के 3416 मकान स्वीकृत किए गए है। अभी सरकार गठन के बाद ही दो सालों में ही 8.41 आवास निर्माण पूर्ण किए है जो पूरे देश में अव्वल है। लखपति दीदी के माध्यम से अब तक प्रदेश में 8000 से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बनीं है। इसके साथ ही 5000 से अधिक राज्य में मिस्त्री को प्रशिक्षण, डेढ़ लाख से अधिक आवासों में रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए गए हैं। इसके साथ ही प्रदेश में हो रहे नवाचार, क्यूआर कोड, दीदी के गोठ, छत्तीस कला की जानकारी दी गई। 

इस बैठक में मुख्य सचिव विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग निहारिका बारिक सिंह, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह सहित दिल्ली से आए विभागीय अधिकारीगण उपस्थित थे।

विकसित भारत–जी राम जी बिल 2025: ग्रामीण रोजगार गारंटी को 125 दिनों तक बढ़ाया गया

No comments Document Thumbnail

केंद्रीय ग्रामीण विकास तथा कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज लोकसभा में “विकसित भारत–गैरंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण): VB G RAM G (विकसित भारत–जी राम जी) बिल, 2025” पेश किया।

बिल का उद्देश्य:

VB G RAM G बिल, 2025 का उद्देश्य ग्रामीण विकास के एक समग्र ढांचे की स्थापना करना है, जो राष्ट्रीय दृष्टि “विकसित भारत @2047” के अनुरूप हो। इसके तहत प्रत्येक ग्रामीण गृहस्थी के वयस्क सदस्यों को, जो अविकसित (अकुशल) श्रमिक कार्य करने के लिए स्वेच्छा से आगे आते हैं, प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों का कानूनी रोजगार गारंटी प्रदान की जाएगी। बिल का उद्देश्य सशक्तिकरण, विकास, समेकन और संतृप्ति के माध्यम से एक समृद्ध और लचीले ग्रामीण भारत का निर्माण करना है।

मुख्य विशेषताएँ:

  1. रोजगार गारंटी: प्रत्येक ग्रामीण गृहस्थी को स्वेच्छा से अविकसित श्रमिक कार्य करने पर प्रति वर्ष 125 दिन रोजगार की कानूनी गारंटी।

  2. Viksit Bharat National Rural Infrastructure Stack: सभी कार्यों को एकीकृत राष्ट्रीय ढांचे में सम्मिलित किया जाएगा, जो जल सुरक्षा, ग्रामीण आधारभूत संरचना, आजीविका-संबंधी अवसंरचना, तथा चरम मौसम एवं आपदा तैयारियों से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देगा।

  3. Viksit Gram Panchayat Plans (VGPPs): सभी कार्य ग्राम स्तर पर VGPPs के माध्यम से पहचाने जाएंगे, जो नीचे से ऊपर की ओर आधारित, समेकन-प्रधान और संतृप्ति-केंद्रित होंगे। ये योजनाएँ ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर एकीकृत की जाएंगी।

  4. राज्य स्तर की लचीलापन: राज्यों को वित्तीय वर्ष में 60 दिनों के लिए कार्य न कराने की पूर्व-सूचना देने का अधिकार, ताकि कृषि कार्यों के उच्चतम मौसम में श्रमिक उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।

  5. केंद्र-राज्य वित्त पोषण: यह एक केन्द्रीय प्रायोजित योजना (CSS) होगी, जिसमें नॉर्थ-ईस्ट और हिमालयी राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों के लिए 90:10 और अन्य राज्यों के लिए 60:40 के फंड शेयरिंग पैटर्न होंगे।

  6. समान वितरण और पारदर्शिता: राज्यों को फंड का नॉरमेटिव आवंटन और जिला एवं ग्राम पंचायत स्तर पर पारदर्शी तथा जरूरत आधारित वितरण सुनिश्चित करना होगा।

  7. डिजिटल और तकनीकी निगरानी: बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, स्थानिक तकनीक-समर्थित योजना और निगरानी, मोबाइल-आधारित रिपोर्टिंग, वास्तविक समय डैशबोर्ड, AI-सक्षम विश्लेषण और मजबूत सामाजिक ऑडिट तंत्र।

  8. साप्ताहिक खुलासा बैठकें: ग्राम पंचायत भवनों में प्रत्येक सप्ताह कार्यों की स्थिति, भुगतान, शिकायतें, प्रगति और मजदूरी विवरण प्रस्तुत किए जाएंगे।

  9. मजदूरी और बेरोजगारी भत्ता: केंद्रीय सरकार द्वारा मजदूरी दर निर्धारित की जाएगी; तय दरों तक रोजगार न मिलने पर राज्य सरकारें बेरोजगारी भत्ता प्रदान करेंगी।

पृष्ठभूमि:

पिछले दो दशकों में ग्रामीण भारत में महत्वपूर्ण परिवर्तन हुए हैं—ग्रामीण कनेक्टिविटी, आवास, पीने के पानी, स्वच्छता, विद्युतीकरण, वित्तीय समावेशन और डिजिटल पहुंच में वृद्धि हुई है। ग्रामीण कार्यबल में विविधता आई है और आय व उत्पादक अवसंरचना के प्रति आकांक्षाएँ बढ़ी हैं। इन बदलते परिदृश्यों को देखते हुए, संसाधनों का न्यायपूर्ण वितरण, योजना समेकन और तकनीकी हस्तक्षेप आवश्यक हो गया है।

इस बिल के माध्यम से रोजगार गारंटी को बढ़ाकर 125 दिन प्रति वर्ष किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण संपत्ति निर्माण और ग्रामीण विकास की गति तेज होगी, तथा “विकसित भारत @2047” की दृष्टि के अनुरूप ग्रामीण परिवारों का सशक्तिकरण सुनिश्चित होगा।

Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.