Media24Media.com: सरकार ने कोयला उपयोग में पारदर्शिता व दक्षता बढ़ाने हेतु CoalSETU नीति को मंजूरी दी

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सरकार ने कोयला उपयोग में पारदर्शिता व दक्षता बढ़ाने हेतु CoalSETU नीति को मंजूरी दी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की केंद्रीय मंत्रिमंडल समिति (CCEA) ने आज CoalSETU (Seamless, Efficient & Transparent Utilisation) नीति के तहत कोयला लिंकज की नीलामी की मंजूरी दे दी है। इसके लिए NRS (गैर-नियामित क्षेत्र) लिंकज नीति में “CoalSETU विंडो” नामक एक नया प्रावधान जोड़ा जाएगा। इस नई नीति का उद्देश्य किसी भी औद्योगिक उपयोग और निर्यात के लिए कोयले के पारदर्शी और कुशल उपयोग को बढ़ावा देना है। यह नीति कोयला क्षेत्र में सरकार द्वारा किए जा रहे सुधारों की श्रृंखला में एक महत्वपूर्ण कदम है।

नीति की मुख्य विशेषताएँ

  • नई नीति के तहत NRS लिंकज नीति 2016 में CoalSETU विंडो जोड़ी जाएगी।

  • इस विंडो के माध्यम से किसी भी घरेलू खरीदार को कोयला लिंकज की दीर्घकालिक नीलामी में भाग लेने की अनुमति होगी।

  • इस विंडो में कोकिंग कोयला की पेशकश नहीं की जाएगी।

  • ट्रेडर्स को इस नई विंडो में भाग लेने की अनुमति नहीं होगी।

मौजूदा नीति की तुलना में बड़ा बदलाव

वर्तमान NRS लिंकज नीति केवल सीमित उद्योगों—सीमेंट, स्टील (कोकिंग), स्पंज आयरन, एल्युमिनियम आदि—तक सीमित थी। इन्हें केवल नियत एंड-यूज़ के लिए ही कोयला मिलता था।
लेकिन अब बदलते बाज़ार परिदृश्य और Ease of Doing Business को ध्यान में रखते हुए:

  • कोयला लिंकज को बिना किसी एंड-यूज़ प्रतिबंध के उपलब्ध कराया जाएगा,

  • जिससे घरेलू उद्योगों को कोयला उपलब्धता बढ़ेगी,

  • आयातित कोयले पर निर्भरता कम होगी,

  • और देश के कोयला भंडार का तेज उपयोग संभव होगा।

यह संशोधन उन सुधारों के अनुरूप है, जिनके तहत वाणिज्यिक खनन के लिए भी एंड-यूज़ प्रतिबंध हटाए गए थे।

नई विंडो की विशेष शर्तें

  • कोयला लिंकज का उपयोग स्वयं की खपत, निर्यात (50% तक) या कोयला धुलाई (वॉशिंग) के लिए किया जा सकेगा।

  • कोयले की देश के भीतर पुनर्विक्रय (resale) की अनुमति नहीं होगी।

  • लिंकज धारक अपनी समूह कंपनियों के बीच कोयले का लचीला उपयोग कर सकेंगे।

  • वाशरी ऑपरेटरों को लिंकज देने से भविष्य में धोया हुआ कोयला (washed coal) अधिक उपलब्ध होगा, जिससे आयात कम होंगे।

  • धोया हुआ कोयला विदेशों में भी निर्यात किया जा सकेगा।

NRS की मौजूदा नीलामी जारी रहेगी

निर्दिष्ट उद्योगों (सीमेंट, स्टील आदि) के लिए मौजूदा कोयला लिंकज नीलामी जारी रहेगी।
वे उद्योग भी चाहें तो CoalSETU विंडो में भाग ले सकते हैं।


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