Media24Media.com: पीने के पानी और स्वच्छता विभाग ने ‘सजल ग्राम संवाद’ का दूसरा संस्करण आयोजित किया, ग्रामीण जल जीवन मिशन में भागीदारी और नवाचार को सुदृढ़ किया

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पीने के पानी और स्वच्छता विभाग ने ‘सजल ग्राम संवाद’ का दूसरा संस्करण आयोजित किया, ग्रामीण जल जीवन मिशन में भागीदारी और नवाचार को सुदृढ़ किया

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केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के पीने के पानी और स्वच्छता विभाग (DDWS) ने आज ‘सजल ग्राम संवाद’ के दूसरे संस्करण का सफल आयोजन किया, जो भारत सरकार की सहभागी जल शासन और जल जीवन मिशन (JJM) की सामुदायिक-नेतृत्व वाली कार्यान्वयन प्रतिबद्धता को मजबूती प्रदान करता है।

इस वर्चुअल संवाद में ग्राम पंचायत प्रतिनिधि, ग्राम जल और स्वच्छता समिति (VWSC) के सदस्य, समुदाय के लोग, महिला स्व-सहायता समूह (SHG) और मोर्चा कार्यकर्ता, साथ ही जिला कलेक्टर/डेप्युटी कमिश्नर, जिला पंचायत के CEO, DWSM अधिकारी और राज्य/संघ राज्य क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

दूसरे संस्करण में 8,000 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिसमें ग्राम पंचायत स्तर पर बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं, बच्चे, युवा और बुजुर्ग शामिल थे।

मुख्य ग्रामीण अनुभव और उदाहरण:

  • जाहीरपुरा, मेहसाणा, गुजरात: केंद्रीय जल शक्ति मंत C. R. पाटिल ने ग्रामीणों से गुजराती में संवाद किया। ग्रामीणों ने साफ पानी की उपलब्धता से होने वाले स्वास्थ्य लाभ, चिकित्सा खर्च में बचत और बच्चों की शिक्षा में निवेश को साझा किया। सक्रिय पानी समिति द्वारा ₹700 प्रति घर उपयोग शुल्क संग्रह और संचालन-रखरखाव में योगदान पर जोर दिया गया।

  • कोडी, उदूपी, कर्नाटक: राज्य मंत्री वी. सोमन्ना ने कन्नड़ में संवाद किया। गांव ने 24×7 जल आपूर्ति, नियमित जल गुणवत्ता परीक्षण, नाल जल मित्रों की भूमिका और वित्तीय स्थिरता पर ध्यान केंद्रित किया।

  • पचेक्खानी, पाक्योंग, सिक्किम: VWSC सदस्यों, बच्चों और समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत हुई, जहां मजबूत WASH तंत्र के योगदान और शिकायत निवारण प्रणाली पर चर्चा हुई।

  • अवनीरा, शोपियां, जम्मू-कश्मीर: ग्रामीणों ने JJM से होने वाले परिवर्तन साझा किए। महिलाओं को पानी लाने की कठिनाइयों से मुक्ति और स्वच्छ जल आपूर्ति की उपलब्धता पर जोर दिया।

  • डाकिन पोरबोटिया, जोरहट, असम: 221 जल आपूर्ति योजनाओं में से 182 योजनाओं में नियमित और 100% उपयोगकर्ता शुल्क संग्रह पर चर्चा की गई।

  • कालुवाला, देहरादून, उत्तराखंड: महिलाओं द्वारा नियमित जल गुणवत्ता परीक्षण, पाइपलाइन वृद्धि, जल सखियों और SHG की भागीदारी पर जोर।

  • आरानी, सिमडेगा, झारखंड: मासिक जल गुणवत्ता परीक्षण, महिलाओं और बच्चों की भागीदारी, समय की बचत और स्वच्छ पानी से शिक्षा में सुधार साझा किया गया।

  • लोहरा, चंद्रपुर, महाराष्ट्र: VWSC और समुदाय की सक्रिय भागीदारी, समय पर उपयोग शुल्क संग्रह और नियमित जल गुणवत्ता परीक्षण की सफलता पर प्रकाश डाला गया।

मुख्य संदेश:

DDWS के सचिव अशोक के. के. मीना ने बताया कि संवाद का उद्देश्य ग्रामीणों की स्थानीय भाषा में सुनना और जल आपूर्ति योजनाओं के संचालन, रखरखाव और सकारात्मक परिवर्तन की कहानियों को सामने लाना है। अतिरिक्त सचिव एवं मिशन निदेशक कमल किशोर सौन ने नियमित DWSM बैठकें, पंचायती डैशबोर्ड का उपयोग और e-ग्राम स्वराज पोर्टल पर वास्तविक समय की रिपोर्टिंग पर जोर दिया।

आगे का मार्ग:

सजल ग्राम संवाद प्लेटफॉर्म, जल जीवन मिशन के उद्देश्यों को सुदृढ़ करता है, जिससे नीति निर्धारक और अंतिम छोर पर जल आपूर्ति की जिम्मेदारी रखने वाले संस्थानों के बीच प्रत्यक्ष और दो-तरफा संवाद स्थापित होता है। दूसरे संस्करण ने केंद्र और स्थानीय संस्थानों के बीच फीडबैक लूप को और मजबूत किया और ग्रामीण जल आपूर्ति प्रणालियों को टिकाऊ, नागरिक-केंद्रित और भविष्य-तैयार बनाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।

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