Media24Media.com: #CommunityEngagement

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label #CommunityEngagement. Show all posts
Showing posts with label #CommunityEngagement. Show all posts

जब मुख्यमंत्री उतरे मैदान में: सुशासन तिहार में बच्चों संग खेला क्रिकेट, बढ़ाया हौसला

No comments Document Thumbnail

सादगी और अपनापन: बच्चों के साथ खेलते दिखे मुख्यमंत्री साय

सीएम का स्नेहिल अंदाज: बच्चों के साथ खेलकर बढ़ाया उत्साह

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के जशपुर जिला प्रवास के दौरान ग्राम भैंसामुड़ा में एक बेहद आत्मीय और उत्साहवर्धक दृश्य देखने को मिला, जब वे शासकीय प्राथमिक शाला चंदागढ़ के स्कूल परिसर में अचानक पहुंच गए। विद्यालय पहुंचते ही उनकी नजर मैदान में क्रिकेट खेल रहे बच्चों पर पड़ी, जिनका जोश और उत्साह देखते ही बन रहा था। बच्चों की इस ऊर्जा ने मुख्यमंत्री को इतना आकर्षित किया कि वे बिना औपचारिकता के सीधे मैदान में उतर गए और उनके साथ क्रिकेट खेलने लगे। मुख्यमंत्री को अपने बीच खेलते देख बच्चों की खुशी दोगुनी हो गई और पूरा वातावरण उत्साह और उल्लास से भर उठा।

इस दौरान मुख्यमंत्री साय ने बच्चों से सहज संवाद करते हुए उनकी दिनचर्या, पढ़ाई और खेल के प्रति रुचि के बारे में जानकारी ली। उन्होंने बच्चों से पूछा कि वे नियमित रूप से खेलते हैं या नहीं और किस खेल में उनकी विशेष रुचि है। बच्चों के साथ इस आत्मीय संवाद के बीच उन्होंने यह भी समझने का प्रयास किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेल सुविधाओं की क्या स्थिति है और किन-किन संसाधनों की आवश्यकता महसूस की जा रही है। 

मैदान में मौजूद खिलाड़ी प्रकाश ठाकुर से भी मुख्यमंत्री ने चर्चा कर उनके अनुभवों और खेल से जुड़े पहलुओं के बारे में जाना, जिससे स्थानीय स्तर पर खेल गतिविधियों की वास्तविक स्थिति की जानकारी उन्हें मिल सकी।

बच्चों के उत्साह और खेल के प्रति उनकी रुचि को देखते हुए मुख्यमंत्री साय ने कलेक्टर को निर्देशित किया कि स्कूल के विद्यार्थियों के लिए आवश्यक क्रिकेट किट और स्पोर्ट्स ड्रेस उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को भी बेहतर खेल सुविधाएं मिलनी चाहिए, ताकि वे अपने कौशल का समुचित विकास कर सकें और आगे बढ़ने के अवसर प्राप्त कर सकें। मुख्यमंत्री का यह दृष्टिकोण खेल और शिक्षा के संतुलित विकास की दिशा में एक सकारात्मक पहल के रूप में सामने आया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने ग्राम पंचायत के सरपंच रोशन प्रताप सिंह से भी बातचीत कर गांव की स्थिति, चल रहे विकास कार्यों और स्थानीय आवश्यकताओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि गांव के समग्र विकास के लिए आवश्यक पहल सुनिश्चित की जाए, ताकि बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ शिक्षा और खेल के क्षेत्र में भी संतुलित प्रगति हो सके।

मुख्यमंत्री का यह औचक दौरा केवल एक प्रशासनिक निरीक्षण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बच्चों के साथ बिताए गए उनके सहज और प्रेरणादायक क्षणों ने ग्रामीणों के मन में विशेष उत्साह और विश्वास का वातावरण निर्मित किया। यह दृश्य इस बात का प्रतीक बना कि शासन जब जमीनी स्तर पर पहुंचकर सीधे संवाद करता है, तो वह केवल योजनाओं की समीक्षा नहीं करता, बल्कि लोगों के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और प्रेरणा का संचार भी करता है।

सांसद से मिले व्यापारी संघ,दिये नए साल की बधाई

No comments Document Thumbnail

आरंग- व्यापारी संघ नें सांसद बृजमोहन अग्रवाल से मिलकर नये वर्ष की बधाई व शुभकामना दिए व अपनी समस्यओ से अवगत करवाये इस बीच व्यापारी संघ अध्यक्ष सूरज शर्मा नें बताया कि सर्व प्रथम आरंग नगर की बहु प्रतिछित मांग एक्सप्रेस ट्रैन की स्टापेज जिनमे विभीन्न ट्रैन जैसे कोरबा विशाखापत्तनम, लिंक एक्सप्रेस,समता एक्सप्रेस,अहमदाबाद पूरी जैसे ट्रैनओ का ठहराव हों चुकी नगर का विस्तार अब palika के रूप मे ही गया है छेत्र 150 से अधिज पंचायते है ओद्योगिक दृष्टि से व शैकछनिक दृष्टि से भी बढ़ रहा है  इसलिए एक्सप्रेस ट्रैन का ठहराव आवश्यक है व बैंक ऑफ बड़ोदा की नई शाखा खोलने जिससे वर्तमान शाखा पे दबाव कम हों जिस पऱ आगे कार्यवाही हेतु आश्वात किये इसके साथ नगर की राजनीतिक़ गतिविधियों पऱ भी सार्थक चर्चा हुई व्यापारीप्रतिनिधि मण्डल मे अध्यक्ष  सूरज शर्मा उपाध्यक्ष पंकज शुक्ला. दीपक सोनी.बाके बिहारी अग्रवाल. अंगद साहू. उपस्थित रहे |


पीने के पानी और स्वच्छता विभाग ने ‘सजल ग्राम संवाद’ का दूसरा संस्करण आयोजित किया, ग्रामीण जल जीवन मिशन में भागीदारी और नवाचार को सुदृढ़ किया

No comments Document Thumbnail

केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के पीने के पानी और स्वच्छता विभाग (DDWS) ने आज ‘सजल ग्राम संवाद’ के दूसरे संस्करण का सफल आयोजन किया, जो भारत सरकार की सहभागी जल शासन और जल जीवन मिशन (JJM) की सामुदायिक-नेतृत्व वाली कार्यान्वयन प्रतिबद्धता को मजबूती प्रदान करता है।

इस वर्चुअल संवाद में ग्राम पंचायत प्रतिनिधि, ग्राम जल और स्वच्छता समिति (VWSC) के सदस्य, समुदाय के लोग, महिला स्व-सहायता समूह (SHG) और मोर्चा कार्यकर्ता, साथ ही जिला कलेक्टर/डेप्युटी कमिश्नर, जिला पंचायत के CEO, DWSM अधिकारी और राज्य/संघ राज्य क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

दूसरे संस्करण में 8,000 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिसमें ग्राम पंचायत स्तर पर बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं, बच्चे, युवा और बुजुर्ग शामिल थे।

मुख्य ग्रामीण अनुभव और उदाहरण:

  • जाहीरपुरा, मेहसाणा, गुजरात: केंद्रीय जल शक्ति मंत C. R. पाटिल ने ग्रामीणों से गुजराती में संवाद किया। ग्रामीणों ने साफ पानी की उपलब्धता से होने वाले स्वास्थ्य लाभ, चिकित्सा खर्च में बचत और बच्चों की शिक्षा में निवेश को साझा किया। सक्रिय पानी समिति द्वारा ₹700 प्रति घर उपयोग शुल्क संग्रह और संचालन-रखरखाव में योगदान पर जोर दिया गया।

  • कोडी, उदूपी, कर्नाटक: राज्य मंत्री वी. सोमन्ना ने कन्नड़ में संवाद किया। गांव ने 24×7 जल आपूर्ति, नियमित जल गुणवत्ता परीक्षण, नाल जल मित्रों की भूमिका और वित्तीय स्थिरता पर ध्यान केंद्रित किया।

  • पचेक्खानी, पाक्योंग, सिक्किम: VWSC सदस्यों, बच्चों और समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत हुई, जहां मजबूत WASH तंत्र के योगदान और शिकायत निवारण प्रणाली पर चर्चा हुई।

  • अवनीरा, शोपियां, जम्मू-कश्मीर: ग्रामीणों ने JJM से होने वाले परिवर्तन साझा किए। महिलाओं को पानी लाने की कठिनाइयों से मुक्ति और स्वच्छ जल आपूर्ति की उपलब्धता पर जोर दिया।

  • डाकिन पोरबोटिया, जोरहट, असम: 221 जल आपूर्ति योजनाओं में से 182 योजनाओं में नियमित और 100% उपयोगकर्ता शुल्क संग्रह पर चर्चा की गई।

  • कालुवाला, देहरादून, उत्तराखंड: महिलाओं द्वारा नियमित जल गुणवत्ता परीक्षण, पाइपलाइन वृद्धि, जल सखियों और SHG की भागीदारी पर जोर।

  • आरानी, सिमडेगा, झारखंड: मासिक जल गुणवत्ता परीक्षण, महिलाओं और बच्चों की भागीदारी, समय की बचत और स्वच्छ पानी से शिक्षा में सुधार साझा किया गया।

  • लोहरा, चंद्रपुर, महाराष्ट्र: VWSC और समुदाय की सक्रिय भागीदारी, समय पर उपयोग शुल्क संग्रह और नियमित जल गुणवत्ता परीक्षण की सफलता पर प्रकाश डाला गया।

मुख्य संदेश:

DDWS के सचिव अशोक के. के. मीना ने बताया कि संवाद का उद्देश्य ग्रामीणों की स्थानीय भाषा में सुनना और जल आपूर्ति योजनाओं के संचालन, रखरखाव और सकारात्मक परिवर्तन की कहानियों को सामने लाना है। अतिरिक्त सचिव एवं मिशन निदेशक कमल किशोर सौन ने नियमित DWSM बैठकें, पंचायती डैशबोर्ड का उपयोग और e-ग्राम स्वराज पोर्टल पर वास्तविक समय की रिपोर्टिंग पर जोर दिया।

आगे का मार्ग:

सजल ग्राम संवाद प्लेटफॉर्म, जल जीवन मिशन के उद्देश्यों को सुदृढ़ करता है, जिससे नीति निर्धारक और अंतिम छोर पर जल आपूर्ति की जिम्मेदारी रखने वाले संस्थानों के बीच प्रत्यक्ष और दो-तरफा संवाद स्थापित होता है। दूसरे संस्करण ने केंद्र और स्थानीय संस्थानों के बीच फीडबैक लूप को और मजबूत किया और ग्रामीण जल आपूर्ति प्रणालियों को टिकाऊ, नागरिक-केंद्रित और भविष्य-तैयार बनाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।

मुख्यमंत्री साय से साहू समाज के प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य मुलाकात

No comments Document Thumbnail

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से विगत दिवस छत्तीसगढ़ विधानसभा भवन में साहू समाज के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय ने साहू समाज के नवनिर्वाचित पदाधिकारी को बधाई और शुभकामनाएं दी। 

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव, विधायक ईश्वर साहू, विधायक इंद्र कुमार साहू सहित साहू समाज के नवनिर्वाचित प्रांतीय अध्यक्ष डॉ नीरेंद्र साहू,उपाध्यक्ष सत्यप्रकाश साहू, गिरजा साहू, नारद साहू, नन्द लाल साहू चंद्रभूषण साहू सहित साहू समाज के नवनिर्वाचित राज्य स्तरीय तथा जिला स्तरीय पदाधिकारीगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री से सतनाम पंथ के पदाधिकारियों ने की सौजन्य मुलाकात

No comments Document Thumbnail

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज विधानसभा स्थित उनके कार्यालय कक्ष में विधायक सम्पत अग्रवाल के नेतृत्व में सतनाम पंथ के पदाधिकारियों ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री साय को 28 दिसम्बर को परम् पूज्य गुरुघासी दास बाबा की जयंती महोत्सव के अवसर पर महासमुन्द जिले के ग्राम साजापाली में आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित होने के लिए आमंत्रित किया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सतनाम पंथ के पदाधिकारियों का स्वागत करते हुए आमंत्रण के लिए धन्यवाद दिया तथा पूज्य बाबा गुरुघासी दास के सामाजिक और आध्यात्मिक संदेशों को समाज के लिए प्रेरणादायी बताया।

इस अवसर पर लखनमुनि महाराज, अभय घृतलहरे सहित सतनाम पंथ के अन्य प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।

विशाखापत्तनम नेवी मैराथन का 10वां संस्करण भव्य रूप से संपन्न, 17 देशों के 17,000 से अधिक धावकों की सहभागिता

No comments Document Thumbnail

14 दिसंबर 2025 को आयोजित विशाखापत्तनम नेवी मैराथन (Vizag Navy Marathon) का 10वां संस्करण अत्यंत उत्साह, जोश और खेल भावना के साथ भव्य रूप से संपन्न हुआ। इस प्रतिष्ठित आयोजन में 17 देशों के विदेशी नागरिकों सहित 17,000 से अधिक धावकों ने भाग लेकर इसे एक अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई। ₹10 लाख से अधिक की पुरस्कार राशि के साथ यह मैराथन देश–विदेश के एथलीटों और फिटनेस प्रेमियों के लिए एक यादगार आयोजन साबित हुई।

42 किलोमीटर फुल मैराथन को हरी झंडी और पुरस्कार वितरण समारोह की अध्यक्षता वाइस एडमिरल संजय भल्ला, फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, ईस्टर्न नेवल कमांड ने की। हाफ मैराथन और संकल्प रन को  प्रिया भल्ला, अध्यक्ष, नेवल वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन (पूर्वी क्षेत्र) ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिससे उद्देश्य, एकता और सामुदायिक सहभागिता का संदेश मजबूत हुआ। 10 किमी और 5 किमी दौड़ों को क्रमशः जिला कलेक्टर और पुलिस आयुक्त द्वारा रवाना किया गया।

इस अवसर पर फ्लैग ऑफिसर्स, जीवीएमसी आयुक्त, वरिष्ठ पूर्व सैनिकों तथा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (IOCL) जैसे प्रमुख साझेदारों के वरिष्ठ अधिकारियों सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे, जिससे कार्यक्रम की गरिमा और बढ़ी।

सुदृढ़ योजना और निर्बाध क्रियान्वयन के कारण प्रतिभागियों को उत्कृष्ट अनुभव प्राप्त हुआ। जिला प्रशासन, शहर पुलिस और स्थानीय समुदाय के सहयोग ने आयोजन को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।

इस वर्ष मैराथन में कई नई और उन्नत सुविधाएँ जोड़ी गईं, जिनमें धावकों के लिए आकर्षक छूट, बेहतर डिलीवरबल्स पैकेज और सभी प्रतिभागियों के लिए बीमा कवर शामिल रहा, जिससे सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित हुआ।

विदेशी खिलाड़ियों की सहभागिता ने इस मैराथन की अंतरराष्ट्रीय अपील को और मजबूत किया और इसे क्षेत्र की अग्रणी मैराथनों में स्थापित किया।

विशाखापत्तनम नेवी मैराथन 2025 समर्पण, टीमवर्क और जुनून का सशक्त उदाहरण बनी। ईस्टर्न नेवल कमांड के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ ने सभी विजेताओं, धावकों और आयोजकों को शुभकामनाएँ दीं तथा जिला प्रशासन, शहर पुलिस और स्वयंसेवी संगठनों का आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग से यह आयोजन अत्यंत सफल रहा।

“हमारा शौचालय, हमारा भविष्य” अभियान: स्वच्छता, स्वास्थ्य और गरिमा के लिए सामूहिक पहल

No comments Document Thumbnail

19 नवंबर को शुरू हुआ “हमारा शौचालय, हमारा भविष्य” अभियान 10 दिसंबर – मानवाधिकार दिवस पर सफलतापूर्वक समाप्त हुआ। यह तीन सप्ताह का अभियान केवल स्वास्थ्य, गरिमा और समाजिक समृद्धि के लिए स्वच्छता और सफाई के महत्व पर केंद्रित नहीं था, बल्कि ग्रामीण शौचालयों (IHHLs) और सामुदायिक शौचालय परिसरों (CSCs) के कार्यात्मक मूल्यांकन, मरम्मत, सौंदर्यीकरण और स्वीकृति पर भी जोर देता था। अभियान ने संचालन एवं रखरखाव (O&M) को मजबूत करने और मल अपशिष्ट के सुरक्षित प्रबंधन एवं रेट्रोफिटिंग के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर भी ध्यान दिया।

अभियान की प्रमुख उपलब्धियां

  • 1 लाख से अधिक व्यक्तिगत घरेलू शौचालय (IHHLs) और 5,500 से अधिक सामुदायिक शौचालय परिसरों (CSCs) की मरम्मत और सौंदर्यीकरण किया गया।

  • 49,000 से अधिक IEC/BCC कार्यक्रमों में 32.70 लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया। सबसे अधिक भागीदारी तमिलनाडु (4.86 लाख) और गुजरात (4.50 लाख) में रही।

  • फिकल स्लज प्रबंधन (FSM) और रेट्रोफिटिंग पर 10,800 से अधिक जागरूकता सत्रों में 6.43 लाख लोग शामिल हुए।

  • स्कूलों में 9,800 से अधिक सत्र आयोजित किए गए, जिनमें 6.8 लाख लोग शामिल हुए।

  • 5,600 से अधिक चौपालें आयोजित की गईं।

  • 3,800 से अधिक वॉल पेंटिंग/वॉल आर्ट की गई।

समुदाय और भागीदारी

अभियान ने जन भागीदारी (Jan Bhagidari) के माध्यम से समुदायों, स्कूलों, स्वयं सहायता समूहों (SHGs) और संस्थाओं में स्वच्छता को साझा जिम्मेदारी बनाने पर जोर दिया। अभियान ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में शौचालय निर्माण, रखरखाव और सामुदायिक जागरूकता को सुदृढ़ किया।

संचालन और प्रभाव

  • अभियान को स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), जल शक्ति मंत्रालय, जलापूर्ति और स्वच्छता विभाग (DDWS) ने आयोजित किया।

  • सोशल मीडिया पर #HumaraShauchalayHumaraBhavishaya ने 3.2K उल्लेख, 35K इंप्रेशन और 1 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंच बनाई।

अभियान ने एक मजबूत आधार तैयार किया है और यह दर्शाता है कि भारत की संपूर्ण स्वच्छता (Sampoorna Swachhata) की यात्रा जारी है। सामूहिक प्रयास और जन भागीदारी आगे भी मिशन को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने किया 'विजय शर्मा कवर्धा प्रीमियर लीग' पोस्टर का विमोचन

No comments Document Thumbnail

 कवर्धा विधानसभा में पहली बार होगा ऐसा आयोजन, युवा के साथ बुजुर्ग भी खेल के मैदान पर आजमाएंगे हाथ

रायपुर- कवर्धा विधानसभा क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक नई पहल करते हुए उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने आज विधायक कार्यालय कवर्धा में “विजय शर्मा कवर्धा प्रीमियर लीग” के पोस्टर का विधिवत विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए स्वयं बल्ले से प्रतीकात्मक शॉट भी लगाया। 

यह प्रतियोगिता विधानसभा स्तर पर आयोजित होने जा रही है, जिसका आगाज आगामी 13 दिसंबर से होने जा रहा है। इस प्रतियोगिता की खास बात यह है कि इसमें कवर्धा विधानसभा के 07 मंडलों की टीमें हिस्सा लेंगी। ग्रामीण मंडल को ग्राम पंचायत वार और कवर्धा शहर को वार्डों से वार्डवार टीमों का गठन किया गया है। प्रतियोगिता टेनिस बॉल क्रिकेट मैच के रूप में खेली जाएगी। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने प्रतियोगिता में भाग लेने वाले कवर्धा विधानसभा के सभी 07 मंडलों की टीमों के लिए तैयार विशेष मैच जर्सी को भी विधिवत लॉन्च किया गया। 

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि कवर्धा विधानसभा क्षेत्र में पहली बार ऐसी प्रतियोगिता होने जा रही है, जिसमें केवल युवा ही नहीं बल्कि बुजुर्ग खिलाड़ी भी अपने-अपने वार्ड से हिस्सा ले सकेंगे। इससे समाज में खेलों के प्रति सकारात्मक माहौल बनेगा और नई पीढ़ी को फिटनेस एवं अनुशासन का संदेश मिलेगा। उन्होंने कहा कि खेल केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह अनुशासन, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का सशक्त माध्यम है। इस प्रकार की प्रतियोगिताएं सामाजिक समरसता को भी मजबूत करती हैं। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, उपाध्यक्ष  कैलाश चंद्रवंशी, नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चद्रवंशी, सतविंदर पाहुजा, खिलेश्वर साहू सहित जनप्रतिनिधि, युवा, खिलाड़ी उपस्थित थे। 

विजेताओं के लिए आकर्षक पुरूस्कार

प्रतियोगिता को और अधिक रोचक बनाने के लिए आकर्षक पुरस्कारों की घोषणा की गई है। विजेता एवं उपविजेता टीमों के साथ-साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को भी पुरस्कृत किया जाएगा। प्रथम ईनाम 1 लाख 11 हजार रूपए, दूसरा ईनाम 51 हजार और तीसरा ईनाम 31 हजार रूपए है। 

क्षेत्र के खिलाड़ियों में उत्साह का माहौल

पोस्टर विमोचन के बाद क्षेत्र के खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों में खासा उत्साह देखने को मिला। खिलाड़ियों ने इस आयोजन के लिए उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार का अवसर पहली बार मिला है, जिससे क्षेत्र की छुपी हुई प्रतिभाओं को मंच मिलेगा।



देशभर की पंचायतों में संविधान दिवस 2025: प्रस्तावना वाचन, जन-जागरूकता कार्यक्रम और राष्ट्रीय ‘प्रीएंबल रिले’ का आयोजन

No comments Document Thumbnail

केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय पूरे देश में 26 नवंबर 2025 को संविधान दिवस (संविधान दिवस/ Samvidhan Diwas) के अवसर पर व्यापक कार्यक्रमों का समन्वय कर रहा है। यह आयोजन तीन-स्तरीय पंचायती राज संस्थाओं (PRIs) और ग्रामीण स्थानीय निकायों (RLBs) में देशभर में मनाया जाएगा। इसमें राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के पंचायती राज विभाग, SIRD&PRs, PESA Mobilizers, Panchayati Raj Associates, NIRD&PR के SoEPR और अन्य साझेदार संस्थाओं की सक्रिय भागीदारी शामिल है। व्यापक वर्चुअल परामर्शों के माध्यम से तैयारी को मजबूती दी गई है, ताकि जमीनी स्तर पर अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

मंत्रालय में संविधान दिवस का आयोजन

26 नवंबर को सुबह 11:00 बजे सचिव विवेक भारद्वाज वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति में प्रीएंबल (संविधान की प्रस्तावना) का वाचन करेंगे। इसी अवसर पर कर्मचारियों के लिए ‘Know Your Constitution’ विषय पर निबंध और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जा रही हैं।

देशभर की पंचायतों में समारोह

देश की सभी पंचायतें स्थानीय भाषाओं में संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन करेंगी। साथ ही संविधान मूल्यों पर चर्चाएं, सेमिनार और क्विज प्रतियोगिताएं भी आयोजित होंगी।
एक राष्ट्रव्यापी Constitution Connect – Preamble Reading Relay सुबह 10:00 बजे से शाम 6:45 बजे तक चलेगा, जिसमें प्रत्येक राज्य और केंद्रशासित प्रदेश 15 मिनट के स्लॉट में शामिल होगा। यह कार्यक्रम मंत्रालय के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर लाइव प्रसारित किया जाएगा।

जन भागीदारी को बढ़ावा

राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से अनुरोध किया गया है कि वे पंचायतों और ग्रामीण निकायों को Preamble Walls (समुदायिक कला के माध्यम से प्रस्तावना भित्ति) बनाने तथा "हमारा गांव, हमारा संविधान" कार्यक्रम आयोजित करने के लिए प्रेरित करें। इन आयोजनों में युवाओं, स्वयं सहायता समूहों (Self-Help Groups), और सामुदायिक संगठनों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर है।

विशेष रूप से PESA क्षेत्रों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए राज्य-स्तरीय समन्वय प्रकोष्ठ बनाए गए हैं, जो सभी गतिविधियों को निरंतर सहयोग प्रदान कर रहे हैं।

यह राष्ट्रव्यापी पहल संविधान के प्रति जन-जागरूकता, नागरिक मूल्यों के संवर्धन और लोकतांत्रिक भागीदारी को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

ग्राम मुढ़ेना एवं घोड़ारी में विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने जनचौपाल लगाकर सुनी आमजन की समस्याएं

No comments Document Thumbnail

महासमुंद- महासमुंद विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा गुरुवार  ग्राम मुढ़ेना एवं घोड़ारी पहुंचे और लोगों की समस्याओं को सुना। साथ ही उनकी समस्याओं के उचित निराकरण का आश्वासन दिया। वहीं शासन की लोक कल्याणकारी योजनाओं के संबंध में जानकारी दी। इसके अलावा ग्राम सरपंचों को योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु निर्देशित भी किया।

बता दें कि विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा विधानसभा क्षेत्र के ग्रामों का दौरा कर लगातार लोगों की समस्याओं से रूबरू हो रहे हैं। इसी तारतम्य में गुरूवार को वें ग्राम मुढ़ेना एवं घोड़ारी पहुंचे। आमजन ने खुलकर अपनी बातें विधायक के समक्ष रखी। विधायक सिन्हा ने एक एक करके लोगों से बातचीत कर उनकी समस्या एवं मांग से अवगत हुए। इसके पश्चात उनकी मांग एवं समस्या के अनुसार उन्हें उचित निराकरण का आश्वासन दिया। साथ ही उन्होंने जन चौपाल में उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन में आप सभी की समस्याओं को दूर करने का कार्य किया जा रहा है। मेरा सौभाग्य है कि मैं आपका प्रतिनिधि बनकर उन समस्याओं को हल कर रहा हूं। इसके अलावा उन्होंने राज्य एवं केंद्र सरकार की योजनाओं के बारे में लोगों जानकारी दी। साथ ही उन्हें बताया कि अब 200 यूनिट तक बिजली बिल हाफ लागू होने वाला है, जिससे प्रदेश के लाखों परिवारों को लाभ मिलेगा। 

इस दौरान भाजपा के वरिष्ठ नेता संदीप घोष, गोविंद ठाकुर, साजन यादव, जनपद सदस्य विजयलक्ष्मी जांगडे़, दिनेश रूपरेला, आकाश पांडे, भैरव पाल सहित अन्य नेतागण, पदाधिकारीगण, जनप्रतिनिधि सहित ग्रामीणजन उपस्थित थें।

स्वच्छता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को बाल दिवस पर किया गया सम्मानित

No comments Document Thumbnail

आरंग- शुक्रवार को बाल दिवस के अवसर पर शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला चरौदा में आयोजित कार्यक्रम में स्वच्छता में अहम् भूमिका निभाने वाले छात्रों को उपहार भेंटकर पुरस्कृत किया गया। संस्था के शिक्षक महेन्द्र कुमार पटेल ने बताया यहां के बच्चे स्वच्छता संबंधी विविध गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं। सितंबर में स्वच्छता पखवाड़ा के तहत्  स्वच्छता संबंधी आयोजित निबंध लेखन, चित्रकारी, नारा लेखन,वाद विवाद, कार्यक्रम आयोजित किया गया था। जिसमें प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों को विशेष रूप से उपहार भेंटकर पुरस्कृत किया गया। साथ ही स्वच्छता में विशेष रूप से रूचि लेने वाली कक्षा आठवीं के छात्रा कुमारी भूमिका धीवर को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि रहे सीआरपीएफ कैंप भिलाई के सहायक कमांडेंट प्रवीण मोरे ने बच्चों में स्वच्छता संबंधी आदतें व स्वच्छता संबधी शिक्षकों की सक्रियता की मुक्त कंठ से सराहना किये। साथ ही ग्राम के सरपंच देवशरण धीवर व एसएमसी अध्यक्ष हेमाराम परमार ने भी शाला में स्वच्छता गतिविधियां शिक्षको की सक्रियता की जमकर सराहना किए। वहीं शनिवार को यहां की शिक्षिका संगीता पाटले ने बच्चों को न्योता भोज कराई।जिसका बच्चों ने काफी आनंद उठाया।


सामुदायिक प्रयासों का रहा बेहतरीन परिणाम : संस्कारधानी को मिल रहा बेस्ट डिस्ट्रिक्ट का सम्मान

No comments Document Thumbnail

  • 6वें राष्ट्रीय जल पुरस्कार में देश के ईस्ट जोन के बेस्ट डिस्ट्रिक्ट के रूप में सम्मानित होने जा रहा राजनांदगांव
  • जल संरक्षण एवं जनभागीदारी के क्षेत्र में बना आदर्श मॉडल

रायपुर- जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय जल पुरस्कार 2024 के विजेताओं की घोषणा की गई है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य के राजनांदगांव जिले को देश के ईस्ट जोन में बेस्ट डिस्ट्रिक्ट श्रेणी में प्रथम पुरस्कार हेतु चयनित किया गया। यह सम्मान जिले में जल संरक्षण, संवर्धन तथा जनभागीदारी आधारित सतत कार्यों के लिए 18 नवम्बर 2025 को देश की राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु द्वारा प्रदान किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि इस पुरस्कार में देशभर के विभिन्न जिलों के नामांकन के बाद सेन्ट्रल ग्राउण्ड वॉटर बोर्ड, सेन्ट्रल वॉटर कमिशन एवं विभिन्न दलों के निरीक्षण व विस्तृत अवलोकन के उपरांत छत्तीसगढ़ राज्य ही नहीं अपितु पूरे देश के ईस्ट जोन के पांच राज्यों के समस्त जिलों में से बेस्ट डिस्ट्रिक्ट श्रेणी में प्रथम पुरस्कार के रूप में यह खिताब राजनांदगांव जिले को प्रदान किया जा रहा है। विगत वर्ष केंद्रीय भू-जल मंत्री द्वारा राजनांदगांव जिले का दौरा कर जिले में चल रहे इस अभियान के प्रयासों के बारे में जानकारी प्राप्त करते हुए देश विभिन्न मंचों में राजनांदगांव जिले की प्रशंसा भी की गई थी।

जनभागीदारी आधारित यह अभियान जल संरक्षण की दिशा में सफल पहल

राजनांदगांव जिले में जल संरक्षण एवं प्रबंधन के कार्यों को शासन-प्रशासन के साथ-साथ नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, पंचायतों, महिला स्वसहायता समूहों, उद्योगपतियों, विद्यार्थियों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से मिशन के रूप में सघन अभियान चलाया गया। गांवों से लेकर शहरों तक नागरिकों ने जल ही जीवन है और जल है तो कल है के संदेश को आत्मसात करते हुए मिशन जल रक्षा को एक जनआंदोलन का स्वरूप प्रदान किया है। किसानों द्वारा फसल चक्र परिवर्तन, वर्षा जल संचयन एवं भू-जल पुनर्भरण के कार्यों से जिले में जल स्तर में सुधार हेतु निरन्तर प्रयास किये जा रहे हैं। केंद्रीय भू-जल बोर्ड की 2021-22 की रिपोर्ट में जिले के तीन ब्लॉकों को सेमी-क्रिटिकल जोन के रूप में चिन्हित किया गया था। सेमीक्रिटिकल जोन का अर्थ पानी के विषय में 70 प्रतिशत से अधिक पानी का उपयोग करने वाले क्षेत्र इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए मिशन जल रक्षा के व्यापक प्रयासों के साथ जिले ने यह अभियान प्रारंभ किया था, अब यह पूरे देश में मॉडल के रूप में जाना जाने लगा है। इस योजना में जिले की प्राथमिकता है कि पहले तो हम पानी के तेजी से घटते जल स्तर की गति को धीमा कर सके फिर उसे एक स्तर पर स्थिर कर सके तत्पश्चात् अत्यधिक जल दोहन को रोककर इस प्राकृतिक बहुमूल्य धरोहर को संधारित कर सके। इसके लिए अनिवार्य है कि प्रत्येक नागरिक आज से ही अपने आसपास के क्षेत्र में होने वाले जल दोहन को ध्यान में रख कर कम से कम भू-जल का उपयोग करें एवं कम से कम पानी उपयोग वाली फसलों को बढ़ावा दें। 

महिला समूहों ने नीर और नारी जल यात्रा जैसे अभियानों के माध्यम से जल संरक्षण के लिए व्यापक जनजागरूकता के लिए कार्य किया गया। जिसमें जिले की पद्मश्री फूलबासन बाई यादव का विशेष सहयोग रहा। उन्होंने जिले के गांव-गांव में जाकर महिलाओं को एकजुट कर जल यात्राओं के माध्यम से मुहिम को बल प्रदान किया। जिले के समस्त विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने रैलियों, पौधारोपण विभिन्न प्रतियोगिताओं एवं जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से समाज को जल संरक्षण हेतु प्रेरित किया। 

मिशन जल रक्षा - सतत विकास की दिशा में अभिनव पहल के रूप में उभर कर आने लगा

पानी के तेजी से घटते जल स्तर की इस चुनौती को प्रयासों में बदलते हुए जिले में जीआईएस आधारित तकनीकी योजनाओं, रिचार्ज संरचनाओं, रिचार्ज सॉफ्ट, बोरवेल सह इंजक्शनवेल, परकोलेशन टैंक, फार्म पॉन्ड और तालाबों के पुर्नजीवन जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी गई। मिशन के अंतर्गत भू- जल दोहन नियंत्रण, वर्षा जल संग्रहण तथा सामुदायिक प्रयासों को जल संरक्षण की प्रमुख रणनीति के रूप में अपनाया गया।

सामुदायिक प्रयासों से मिली राष्ट्रीय पहचान

राजनांदगांव जिले को प्राप्त होने वाला यह राष्ट्रीय सम्मान, जिले के नागरिकों, जनप्रतिनिधियों एवं सभी हितधारकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। साझा प्रयासों से जल बचाओ, भविष्य बनाओ की भावना को व्यवहार में उतारते हुए जिले ने यह साबित किया है कि जनभागीदारी से किसी भी संसाधन का संरक्षण संभव है। साथ ही साथ 18 नवंबर 2025 को ही नई दिल्ली में आयोजित इस कार्यक्रम में राजनांदगांव जिले को एक अन्य जल संचय से जनभागीदारी के क्षेत्र में भी सम्मानित किया जाना है। राजनांदगांव की यह उपलब्धियां अब पूरे देश के सामने आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित हो रही है। यह सम्मान न केवल जिले की उपलब्धियों का प्रतीक है, बल्कि आने वाली पीढिय़ों के लिए सतत जल प्रबंधन और सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश भी देता है।


Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.