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पीने के पानी और स्वच्छता विभाग ने ‘सजल ग्राम संवाद’ का दूसरा संस्करण आयोजित किया, ग्रामीण जल जीवन मिशन में भागीदारी और नवाचार को सुदृढ़ किया

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केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के पीने के पानी और स्वच्छता विभाग (DDWS) ने आज ‘सजल ग्राम संवाद’ के दूसरे संस्करण का सफल आयोजन किया, जो भारत सरकार की सहभागी जल शासन और जल जीवन मिशन (JJM) की सामुदायिक-नेतृत्व वाली कार्यान्वयन प्रतिबद्धता को मजबूती प्रदान करता है।

इस वर्चुअल संवाद में ग्राम पंचायत प्रतिनिधि, ग्राम जल और स्वच्छता समिति (VWSC) के सदस्य, समुदाय के लोग, महिला स्व-सहायता समूह (SHG) और मोर्चा कार्यकर्ता, साथ ही जिला कलेक्टर/डेप्युटी कमिश्नर, जिला पंचायत के CEO, DWSM अधिकारी और राज्य/संघ राज्य क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

दूसरे संस्करण में 8,000 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिसमें ग्राम पंचायत स्तर पर बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं, बच्चे, युवा और बुजुर्ग शामिल थे।

मुख्य ग्रामीण अनुभव और उदाहरण:

  • जाहीरपुरा, मेहसाणा, गुजरात: केंद्रीय जल शक्ति मंत C. R. पाटिल ने ग्रामीणों से गुजराती में संवाद किया। ग्रामीणों ने साफ पानी की उपलब्धता से होने वाले स्वास्थ्य लाभ, चिकित्सा खर्च में बचत और बच्चों की शिक्षा में निवेश को साझा किया। सक्रिय पानी समिति द्वारा ₹700 प्रति घर उपयोग शुल्क संग्रह और संचालन-रखरखाव में योगदान पर जोर दिया गया।

  • कोडी, उदूपी, कर्नाटक: राज्य मंत्री वी. सोमन्ना ने कन्नड़ में संवाद किया। गांव ने 24×7 जल आपूर्ति, नियमित जल गुणवत्ता परीक्षण, नाल जल मित्रों की भूमिका और वित्तीय स्थिरता पर ध्यान केंद्रित किया।

  • पचेक्खानी, पाक्योंग, सिक्किम: VWSC सदस्यों, बच्चों और समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत हुई, जहां मजबूत WASH तंत्र के योगदान और शिकायत निवारण प्रणाली पर चर्चा हुई।

  • अवनीरा, शोपियां, जम्मू-कश्मीर: ग्रामीणों ने JJM से होने वाले परिवर्तन साझा किए। महिलाओं को पानी लाने की कठिनाइयों से मुक्ति और स्वच्छ जल आपूर्ति की उपलब्धता पर जोर दिया।

  • डाकिन पोरबोटिया, जोरहट, असम: 221 जल आपूर्ति योजनाओं में से 182 योजनाओं में नियमित और 100% उपयोगकर्ता शुल्क संग्रह पर चर्चा की गई।

  • कालुवाला, देहरादून, उत्तराखंड: महिलाओं द्वारा नियमित जल गुणवत्ता परीक्षण, पाइपलाइन वृद्धि, जल सखियों और SHG की भागीदारी पर जोर।

  • आरानी, सिमडेगा, झारखंड: मासिक जल गुणवत्ता परीक्षण, महिलाओं और बच्चों की भागीदारी, समय की बचत और स्वच्छ पानी से शिक्षा में सुधार साझा किया गया।

  • लोहरा, चंद्रपुर, महाराष्ट्र: VWSC और समुदाय की सक्रिय भागीदारी, समय पर उपयोग शुल्क संग्रह और नियमित जल गुणवत्ता परीक्षण की सफलता पर प्रकाश डाला गया।

मुख्य संदेश:

DDWS के सचिव अशोक के. के. मीना ने बताया कि संवाद का उद्देश्य ग्रामीणों की स्थानीय भाषा में सुनना और जल आपूर्ति योजनाओं के संचालन, रखरखाव और सकारात्मक परिवर्तन की कहानियों को सामने लाना है। अतिरिक्त सचिव एवं मिशन निदेशक कमल किशोर सौन ने नियमित DWSM बैठकें, पंचायती डैशबोर्ड का उपयोग और e-ग्राम स्वराज पोर्टल पर वास्तविक समय की रिपोर्टिंग पर जोर दिया।

आगे का मार्ग:

सजल ग्राम संवाद प्लेटफॉर्म, जल जीवन मिशन के उद्देश्यों को सुदृढ़ करता है, जिससे नीति निर्धारक और अंतिम छोर पर जल आपूर्ति की जिम्मेदारी रखने वाले संस्थानों के बीच प्रत्यक्ष और दो-तरफा संवाद स्थापित होता है। दूसरे संस्करण ने केंद्र और स्थानीय संस्थानों के बीच फीडबैक लूप को और मजबूत किया और ग्रामीण जल आपूर्ति प्रणालियों को टिकाऊ, नागरिक-केंद्रित और भविष्य-तैयार बनाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।

जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल ने ‘जल शक्ति हैकथॉन–2025’ और भारत-WIN पोर्टल लॉन्च किया

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जल शक्ति मंत्रालय के केंद्रीय मंत्री, सी. आर. पाटिल ने आज नई दिल्ली स्थित श्रम शक्ति भवन में ‘जल शक्ति हैकथॉन–2025’ और भारत-WIN पोर्टल का शुभारंभ किया। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वॉटर विज़न @2047’ के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य भारत के जल क्षेत्र में वैज्ञानिक और तकनीकी समाधान को सशक्त बनाना है।

राष्ट्रीय आंदोलन की दिशा में एक बड़ा कदम

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, मंत्री पाटिल ने कहा कि जल शक्ति हैकथॉन–2025 केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय आंदोलन है, जिसका उद्देश्य देश की सामूहिक प्रतिभा को जल-सुरक्षा, समावेशिता और प्रौद्योगिकी-संचालित भविष्य के निर्माण के लिए प्रेरित करना है।

सभी के लिए सार्वजनिक हित का मंच

हैकथॉन का उद्देश्य जल क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देना और इसे एक सार्वजनिक हित (Public Good) बनाना है, जिससे सभी हितधारक इसका लाभ उठा सकें। यह Whole-of-Government और Whole-of-Society (जनभागीदारी) दृष्टिकोण पर आधारित है, जो नागरिकों, शोधकर्ताओं, उद्योगों और नवाचारकर्ताओं की व्यापक भागीदारी को प्रोत्साहित करता है।

पोर्टल: https://bharatwin.mowr.gov.in

यह पोर्टल राष्ट्रीय मंच BHARAT–WIN (Water Innovation Network) का हिस्सा है और जमीनी स्तर की जल चुनौतियों के लिए व्यावहारिक, स्केलेबल और फील्ड-रेडी समाधान को बढ़ावा देगा। इसमें शामिल हैं:

  • खेत-स्तर जल संरक्षण

  • ग्रामीण जल गुणवत्ता

  • स्मार्ट मॉनिटरिंग

  • पारंपरिक जल संरचनाओं का पुनर्जीवन

  • बाढ़ और सूखा प्रबंधन

यह पहल जल क्षेत्र के शोध को सीमित संस्थानों से आगे बढ़ाकर व्यापक हितधारकों तक ले जाती है, जिनमें शामिल हैं:

स्टार्टअप, MSMEs, उद्योग, वैज्ञानिक, अकादमिक संस्थान, लैब, इनक्यूबेटर, युवा नवप्रवर्तनकर्ता, ग्रामीण और महिला प्रतिभागी, निजी क्षेत्र और वैश्विक संस्थान।

मुख्य विशेषताएँ

  • राष्ट्रीय जल प्राथमिकताओं पर नियमित हैकथॉन और प्रस्ताव आमंत्रण

  • विचारों की पारदर्शी सबमिशन, मूल्यांकन और ट्रैकिंग

  • NER और महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों सहित स्टार्टअप, MSMEs, अकादमी और उद्योग की भागीदारी

  • जनभागीदारी आधारित सहयोगी नवाचार को बढ़ावा

जल संसाधन विकास एवं प्रबंधन विभाग (DoWR, RD&GR), MoJS चयनित नवाचारों को अनुदान सहायता प्रदान करेगा।

हैकथॉन विजेताओं को PoC (Proof-of-Concept) विकसित करने के लिए ₹1 लाख का अनुदान दिया जाएगा।

प्राथमिक क्षेत्र

  • जल संसाधन प्रबंधन

  • अपशिष्ट जल उपचार

  • जल उपयोग दक्षता

  • परिपत्र अर्थव्यवस्था

  • जलवायु लचीलापन

  • IoT एवं स्मार्ट जल ग्रिड

  • प्रिसिजन एग्रीकल्चर

  • वर्षा जल संचयन

  • नदी बेसिन और बाढ़ प्रबंधन

  • हाइड्रोलॉजिकल मॉडलिंग आदि

 परियोजना क्रियान्वयन एजेंसी

राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान (NIH), रुड़की को परियोजना क्रियान्वयन एजेंसी (PIA) नियुक्त किया गया है, जो प्रस्तावों की जांच करेगा और सचिव, DoWR, RD&GR की स्वीकृति हेतु सहायता करेगा।


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