Media24Media.com: विश्व मधुमेह दिवस 2025: केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, बेंगलुरु करेगा “मधुमेह विमर्श” का आयोजन

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विश्व मधुमेह दिवस 2025: केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, बेंगलुरु करेगा “मधुमेह विमर्श” का आयोजन

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केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान (CARI), बेंगलुरु, जो भारत सरकार के आयुष मंत्रालय द्वारा मधुमेह (Diabetes Mellitus) के क्षेत्र में उत्कृष्टता केंद्र (Centre of Excellence) के रूप में मान्यता प्राप्त है, 14 नवंबर 2025 को विश्व मधुमेह दिवस के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम “मधुमेह विमर्श” आयोजित करेगा। इस कार्यक्रम में मधुमेह पर चल रहे अनुसंधान, नैदानिक कार्यों और जनजागरूकता पहलों को प्रस्तुत किया जाएगा, जिन्हें उत्कृष्टता केंद्र द्वारा संचालित किया जा रहा है।

संस्थान का प्रमुख उद्देश्य आयुर्वेद, योग और जीवनशैली सुधारों के माध्यम से मधुमेह की रोकथाम और प्रबंधन के लिए एक समग्र (integrative) दृष्टिकोण विकसित और लागू करना है। अब तक लगभग 6,000 रोगियों ने संस्थान की सेवाओं का लाभ उठाया है, जिनमें से 25 प्रतिशत से अधिक आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) से हैं।

क्लिनिकल सेवाओं के अलावा, संस्थान ने डिजिटल स्वास्थ्य पहलों के माध्यम से अपनी पहुंच का विस्तार किया है, जिससे 6 लाख से अधिक लोगों को लाभ मिला है। इसमें ई-मेडिकल रिकॉर्ड, टेली-परामर्श, एसएमएस अलर्ट, और वेबसाइट (www.cari.gov.in) व सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से जानकारी उपलब्ध कराई जाती है।

संस्थान ने मशीन लर्निंग आधारित मधुमेह जोखिम मूल्यांकन प्रणाली भी विकसित की है, जिसे कॉपीराइट सुरक्षा प्राप्त हुई है। इस प्रणाली का वेब एप्लिकेशन के माध्यम से सत्यापन किया जा रहा है और इसे एक मोबाइल एप के रूप में विकसित किया जाएगा ताकि व्यक्ति अपने स्वास्थ्य की निगरानी स्वयं कर सकें।

कार्यक्रम से पहले, डॉ. सुलोचना भट, प्रभारी, सीएआरआई बेंगलुरु ने कहा,

“हमारा ध्यान पारंपरिक ज्ञान और वैज्ञानिक अनुसंधान के संयोजन पर रहा है ताकि मधुमेह का समग्र और साक्ष्य-आधारित समाधान प्रदान किया जा सके। केंद्र की पहलें दिखाती हैं कि एकीकृत स्वास्थ्य दृष्टिकोण से न केवल रोकथाम संभव है बल्कि जीवन की गुणवत्ता में भी सुधार होता है।”

संस्थान सीएसआईआर-सीएफटीआरआई (मैसूर) और आईआईएससी (बेंगलुरु) के साथ चयनित खाद्य उत्पादों और आयुर्वेदिक औषधियों पर सहयोगात्मक अध्ययन कर रहा है। मधुमेह की रोकथाम और प्रबंधन के लिए एकीकृत रूपरेखा तैयार की गई है और यह प्रकाशनाधीन है, जबकि प्रकृति (Prakriti) और डायबेटिक पेरिफेरल न्यूरोपैथी पर अध्ययन भी प्रकाशन की प्रक्रिया में है।

कार्यक्रम में प्रो. (डॉ.) जी. जी. गंगाधरन, पूर्व निदेशक, रामैया इंडिक स्पेशियलिटी आयुर्वेद रिस्टोरेशन अस्पताल, “मधुमेह का समग्र प्रबंधन” विषय पर व्याख्यान देंगे।

आयुष मंत्रालय जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों जैसे मधुमेह के प्रबंधन हेतु सतत, समावेशी और साक्ष्य-आधारित रणनीतियों के विकास के लिए अनुसंधान और नैदानिक पहलों को बढ़ावा देता रहेगा।

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