Media24Media.com: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने एम्स नई दिल्ली के 50वें दीक्षांत समारोह में युवा चिकित्सकों को सेवा, नैतिकता और नवाचार के प्रति समर्पित रहने का आह्वान किया

Responsive Ad Slot

Latest

latest


 

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने एम्स नई दिल्ली के 50वें दीक्षांत समारोह में युवा चिकित्सकों को सेवा, नैतिकता और नवाचार के प्रति समर्पित रहने का आह्वान किया

Document Thumbnail

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे. पी. नड्डा ने आज नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के 50वें वार्षिक दीक्षांत समारोह को संबोधित किया।

अपने संबोधन में मंत्री नड्डा ने सभी स्नातक छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि AIIMS ने चिकित्सा विज्ञान, शिक्षा और रोगी देखभाल के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान दिया है। उन्होंने युवा डॉक्टरों से आग्रह किया कि वे सहानुभूति के साथ सेवा करें, उच्चतम नैतिक मानकों को बनाए रखें और नवाचार के माध्यम से देश की बदलती स्वास्थ्य आवश्यकताओं को पूरा करें।

AIIMS, नई दिल्ली की सराहना करते हुए मंत्री नड्डा ने कहा, “चिकित्सा विज्ञान, प्रशिक्षण और स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में AIIMS ने न केवल भारत में बल्कि वैश्विक स्तर पर अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है।” उन्होंने संस्थान की चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और रोगी सेवा में उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता की प्रशंसा की।

मंत्री नड्डा ने पिछले एक दशक में भारत के स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र में हुई उल्लेखनीय प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि जहां पिछली सदी के अंत तक भारत में केवल एक AIIMS था, वहीं आज देशभर में 23 AIIMS संस्थान कार्यरत हैं, जो गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा प्रशिक्षण को हर क्षेत्र तक पहुँचाने के सरकार के संकल्प को दर्शाता है।

उन्होंने बताया कि पिछले 11 वर्षों में देश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 387 से बढ़कर 819 हो गई है। इसी तरह, एमबीबीएस सीटें 51,000 से बढ़कर 1,29,000 और पीजी सीटें 31,000 से बढ़कर 78,000 हो गई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगले पांच वर्षों में स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर पर अतिरिक्त 75,000 सीटें जोड़ी जाएंगी।

स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी बताया कि भारत ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार किया है — मातृ मृत्यु दर (MMR) 130 से घटकर 88, शिशु मृत्यु दर (IMR) 39 से घटकर 27 हो गई है। 5 वर्ष से कम आयु मृत्यु दर (U5MR) और नवजात मृत्यु दर (NMR) में भी क्रमशः 42% और 39% की कमी आई है, जो वैश्विक औसत से बेहतर है।

उन्होंने यह भी बताया कि भारत में टीबी के मामलों में 17.7% की कमी आई है, जो वैश्विक दर 8.3% से दोगुनी है — जैसा कि द लैंसेट रिपोर्ट में बताया गया है।

अपने समापन भाषण में मंत्री नड्डा ने छात्रों से आग्रह किया कि वे शिक्षा और अनुसंधान में सक्रिय योगदान दें और AIIMS की गौरवशाली परंपरा और प्रतिष्ठा को बनाए रखें। उन्होंने उन्हें आजीवन सीखने वाले और नवोन्मेषी बनने की प्रेरणा दी, ताकि वे चिकित्सा विज्ञान को आगे बढ़ाते हुए समाज की सेवा कर सकें।

इस अवसर पर नीति आयोग के सदस्य प्रो. वी. के. पॉल ने कहा, “हम पर समाज के प्रति गहरी जिम्मेदारी है, जिसने हमें संवारने का अवसर दिया। जैसे-जैसे आप आगे बढ़ें, उत्कृष्टता को अपनी आदत बनाएं और नवाचार को अपना मार्गदर्शक सिद्धांत।”

उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे अकादमिक क्षेत्र में आएं, ताकि वे अगली पीढ़ी के स्वास्थ्य पेशेवरों को शिक्षित, मार्गदर्शन और प्रेरित कर सकें, जिससे ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की दिशा में योगदान हो सके।

इस समारोह में कुल 326 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं, जिनमें 50 पीएच.डी. विद्वान, 95 डीएम/एम.सी.एच. विशेषज्ञ, 69 एम.डी., 15 एम.एस., 4 एम.डी.एस., 45 एम.एससी., 30 एम.एससी. (नर्सिंग) और 18 एम.बायोटेक स्नातक शामिल थे। इसके अलावा, AIIMS में उत्कृष्ट सेवा और योगदान के लिए सात डॉक्टरों को आजीवन उपलब्धि पुरस्कार (Lifetime Achievement Award) से सम्मानित किया गया।


Advertisement Sushasan Divas Advertisement Mohan Chandrakar Chhattisgarh Tourism Chhattisgarh Tourism
Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.