Media24Media.com: सिक्किम में कृषि शिक्षा को बढ़ावा: केंद्रीय मंत्री ने बागवानी कॉलेज भवनों का उद्घाटन

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सिक्किम में कृषि शिक्षा को बढ़ावा: केंद्रीय मंत्री ने बागवानी कॉलेज भवनों का उद्घाटन

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केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, इम्फाल के अंतर्गत सिक्किम के बर्मीओक स्थित बागवानी महाविद्यालय की प्रशासनिक एवं शैक्षणिक इमारतों का उद्घाटन आज केंद्रीय कृषि, किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वर्चुअल माध्यम से किया। इस अवसर पर वार्षिक क्षेत्रीय कार्यशाला का भी आयोजन हुआ। कार्यक्रम में सिक्किम के राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भगीरथ चौधरी, सिक्किम के कृषि मंत्री पुरन कुमार गुरूंग, कुलपति डॉ. अनुपम मिश्रा एवं अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

शिवराज चौहान ने कहा कि यद्यपि वे आज शारीरिक रूप से सिक्किम में उपस्थित नहीं हैं, किंतु उनकी आत्मा बर्मीओक के नव-निर्मित भवनों में सभी के साथ है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार की ओर से केंद्रीय राज्य मंत्री भगीरथ चौधरी कार्यक्रम में व्यक्तिगत रूप से सम्मिलित हुए।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि लगभग ₹52 करोड़ की लागत से निर्मित यह नई इमारतें सिक्किम के युवाओं को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएँ प्रदान करेंगी। सिक्किम को प्राकृतिक सौंदर्य एवं अनोखी जलवायु वाला अद्भुत राज्य बताते हुए उन्होंने कहा कि यहाँ की भूमि एवोकाडो, कीवी, बड़ी इलायची, आर्किड और अदरक, हल्दी, टमाटर, पत्ता गोभी जैसी सब्जियों की अपार संभावनाएँ रखती है।

उन्होंने कहा कि मधुमक्खी पालन, मशरूम उत्पादन, बांस और औषधीय पौधों जैसी गैर-पारंपरिक खेती को प्रोत्साहित करके सिक्किम ने बागवानी गतिविधियों में विविधता लाई है। सिक्किम को एक पूर्णत: जैविक राज्य बताते हुए उन्होंने कहा कि यहाँ के किसान रासायनिक उर्वरकों से दूर रहते हुए शुद्ध उत्पादन केवल सिक्किम ही नहीं बल्कि पूरे देश को उपलब्ध कराते हैं। इसके लिए उन्होंने सिक्किम के किसानों को नमन किया।

शिवराज चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय कृषि तीव्र गति से प्रगति कर रही है और प्रधानमंत्री ने पर्वतीय राज्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि भारत सरकार सिक्किम में कृषि को बढ़ावा देने में कोई कमी नहीं छोड़ेगी। उन्होंने कहा कि देश में जैविक खेती का विस्तार समय की आवश्यकता है।

केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के कृषि संवर्धन हेतु छह सूत्रीय कार्यक्रम को स्पष्ट किया: उत्पादन बढ़ाना, खेती की लागत कम करना, उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करना, नुकसान की भरपाई करना और कृषि का विविधीकरण। उन्होंने कहा कि फ्लोरीकल्चर, बांस और बागवानी किसानों की आय बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने अत्यधिक रासायनिक उर्वरकों के उपयोग पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे कई बीमारियाँ उत्पन्न हुई हैं और आने वाली पीढ़ियों के लिए यह हानिकारक सिद्ध हो सकता है।

कृषि के विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए शिवराज चौहान ने उनसे आग्रह किया कि शिक्षा पूर्ण करने के बाद भी वे कृषि से जुड़े रहें – चाहे स्वयं खेती करें, कृषि-आधारित स्टार्टअप शुरू करें या कृषि में नई तकनीक एवं नवाचार लाएँ। उन्होंने कहा कि कृषि में अपार संभावनाएँ हैं और आज भी यह भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है तथा किसान इसकी आत्मा हैं। उन्होंने बताया कि देश की लगभग 46% जनसंख्या कृषि में संलग्न है।

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के महानिदेशक डॉ. मंगी लाल जाट ने भी कार्यक्रम में कृषि भवन, नई दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से भाग लिया।

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