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छत्तीसगढ़ में वैक्सीनेशन का आंकड़ा 4 करोड़ के पार

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छत्तीसगढ़ में वैक्सीनेशन का आंकड़ा चार करोड़ के पार पहुंच गया है। कोरोना से बचाव के लिए प्रदेश भर में अब तक कुल 4 करोड़ 20 हजार 099 टीके लगाए गए हैं। इनमें से 2 करोड़ 17 लाख 26 हजार 571 टीके पहले डोज के रूप में, दो करोड़ 78 लाख 27 हजार 071 दूसरे डोज के रूप में और चार लाख 66 हजार 457 टीके प्रीकॉशन डोज के तौर पर लगाए गए हैं।

प्रदेश में 18 साल से ज्यादा की 86 प्रतिशत आबादी को कोरोना से बचाव का दोनों टीका लगाया जा चुका है। वहीं 15 साल से 18 साल के 50 प्रतिशत किशोरों को इसका दोनों टीका लगाया जा चुका है। प्रदेश में 12 से 14 साल के 45 हजार 661 बच्चों को भी दोनों टीका लगाया जा चुका है।

राज्य में 18 साल से ज्यादा के एक करोड़ 69 लाख 65 हजार 270 नागरिकों और 15 से 18 साल के आठ लाख 16 हजार 140 किशोरों को कोरोना से बचाव के लिए टीके की दोनों खुराकें दी जा चुकी हैं। राज्य सरकार ने  विभिन्न आयु वर्ग के 2 करोड़ 28 लाख 24 हजार 769 लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य तय किया था। इनमें से करीब दो करोड़ लोगों को बूस्टर डोज के रूप में तीसरी वैक्सीन भी दी जानी है।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक 18 साल से अधिक आयु की शतप्रतिशत आबादी को कम से कम एक टीका लगाया जा चुका है। वहीं 86% आबादी को दूसरा डोज भी लगाया जा चुका है। सरकार ने सभी टीकाकरण केंद्रों पर बुजुर्गों-बीमारों और फ्रंटलाइन वर्कर्स के लिए प्रीकॉशन यानी बूस्टर डोज लगाना शुरू किया था। प्रदेश में इस श्रेणी के करीब 32 लाख 42 हजार से अधिक लोग चिन्हित किये गये थे। शुरुआती उत्साह के बाद यह टीकाकरण भी धीमा पड़ रहा है। करीब साढे तीन महीनों के बाद भी केवल 14% यानी चार लाख 66 हजार 457 लोगों को ही टीका लगाया जा चुका है।

18+ को बूस्टर डोज में इंटरेस्ट नहीं

छत्तीसगढ़ में 18 साल से ज्यादा उम्र के सभी लोगों के लिए बूस्टर डोज 10 अप्रैल 2022 से खुल चुके हैं। निजी केंद्रों पर भी इसकी व्यवस्था की गई है। इस आबादी में दूसरे डोज के 9 महीने बाद बूस्टर डोज लेने की हिदायत दी गई थी। इस श्रेणी में प्रदेश के एक करोड़ 70 लाख 64 हजार से अधिक लोग हैं। शनिवार शाम तक सिर्फ 532 लोगों ने बूस्टर डोज लगवाया था। प्रदेश में 18 साल से ज्यादा वाले बूस्टर डोज में इंटरेस्ट नहीं ले रहे हैं। वहीं देश के कई राज्यों में कोरोना के मामले एक बार फिर बढ़ने लगे हैं।

छत्तीसगढ़ में पौने दो करोड़ से ज्यादा लोगों को कोरोना के दोनों टीके

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छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए लोगों का तेजी से टीकाकरण किया जा रहा है। प्रदेश में एक करोड़ 75 लाख 48 हजार 020 नागरिकों को कोरोना से बचाव का दोनों टीका लगाया जा चुका है। प्रदेश में टीकाकरण के लिए पात्र 18 साल से ज्यादा की 85 प्रतिशत आबादी और 15 से 18 साल के 47 प्रतिशत किशोर कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लगवा चुके हैं। राज्य में चार लाख 26 हजार 935 स्वास्थ्यकर्मियों, फ्रंटलाइन वर्कर्स और 60 साल से ज्यादा के लोगों को प्रिकॉशन डोज भी लगाया जा चुका है। वहीं 16 मार्च से 12 से 14 साल तक के बच्चों के टीकाकरण की शुरुआत के बाद से 25 मार्च तक इस आयु वर्ग के एक लाख 80 हजार 844 बच्चों को टीके की पहली खुराक दी जा चुकी है।

राज्य में 18 साल से ज्यादा के करीब शत-प्रतिशत और 15 से 18 साल की 69 प्रतिशत जनसंख्या को पहला टीका लग चुका है। यहां 18 साल से ज्यादा के एक करोड़ 98 लाख 20 हजार 657 नागरिकों और 15 से 18 साल के 11 लाख 28 हजार 249 किशोरों को कोरोना वैक्सीन का पहला टीका लगाया जा चुका है। वहीं 18 साल से ज्यादा के एक करोड़ 67 लाख 72 हजार 854 व्यक्तियों और 15 से 18 वर्ष के सात लाख 75 हजार 166 बच्चों को दोनों टीके लगाए जा चुके हैं। इन दोनों आयु वर्गों में पहली, दूसरी, प्रीकॉशन डोज और 12 से 14 साल के बच्चों को मिलाकर प्रदेश भर में अब तक कुल तीन करोड़ 91 लाख चार हजार 705 टीके लगाए गए हैं।

देश में 183 करोड़ के पार वैक्सीनेशन

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने कहा कि भारत का कोविड वैक्सीनेशन कवरेज 183 करोड़ 11 लाख के पार हो गया है।  देश में अब तक टीके का 98 करोड़ 31 लाख से ज्यादा पहला और 82 करोड़ 67 लाख से ज्यादा दूसरा डोज लगाया गया है। वहीं 2 करोड़ 12 लाख से ज्यादा बूस्टर डोज लगाए गए हैं।

छत्तीसगढ़ में 18+ के 100% लोगों को लगा टीके का पहला डोज, देश में सिर्फ 95 प्रतिशत

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छत्तीसगढ़ में 18 साल से ज्यादा उम्र के 100 प्रतिशत लोगों को कोरोना का पहला टीका लगाया जा चुका है। वहीं देश में अभी 95 फीसदी लोगों को ही टीका लग पाया है। इस हिसाब से छत्तीसगढ़ में वैक्सीनेशन की रफ्तार काफी अच्छी है। इसी कैटेगरी के प्रदेश के 78 फीसदी लोगों ने दूसरा टीका भी लगावा लिया है। 15 से 18 साल के 65 फीसदी बच्चों ने भी वैक्सीन की पहली खुराक ले ली है। प्रदेश में प्रीकॉशन डोज की रफ्तार भी अच्छी है। 

विशेषज्ञों ने कोरोना की तीसरी लहर से निपटने में वैक्सीनेशन की भूमिका को अहम माना है। आने वाले कुछ दिनों में सभी वर्गों में वैक्सीनेशन का टारगेट लगभग पूरा हो जाएगा। प्रदेश में तीसरी लहर के दौरान कोरोना से हुई मौतों के आडिट से पता चला है कि मरने वालों में 65 फीसदी लोगों ने टीके नहीं लगाए थे। प्रदेश में तीसरी लहर के दौरान 405 लोगों की मौत हुई है। इनमें करीब ढाई लोगों ने दोनों या एक टीका नहीं लगवाया। ये साबित करने के लिए काफी है कि वैक्सीनेशन की वजह से ही बहुत लोगों की जान बची है। 

बचे हुए लोगों के टीकाकरण पर फोकस

स्वास्थ्य विभाग अब बचे हुए लोगों के टीकाकरण पर फोकस कर रहा है‌। प्रदेश में 1.96 करोड़ 51 हजार लोगों को दोनों टीके लगाने का लक्ष्य रखा गया है। 1.96 करोड़ 49 हजार को पहला टीका लग चुका है। 1.52 करोड़ 34 हजार का दूसरा टीका भी लग गया। यानी 78 फीसदी को दूसरा टीका भी लगाया जा चुका है। बीते 13 दिन में 1.21 लाख लोगों को लाख और 9.15 लाख लोगों ने दूसरा टीका लगाया। दूसरा टीका लगाने में लोगों ने काफी दिलचस्पी ली। आम लोगों के अलावा फ्रंट लाइन वर्करों को प्रीकॉशन डोज भी लगाई जा रही है। 

3.24 लाख को बूस्टर डोज

प्रदेश में इस श्रेणी के 11.75 लाख लोगों को टीके लगाए जाने हैं। 3.24 लाख को प्रीकॉशन डोज दी जा चुकी है। इस तरह सभी श्रेणी मिलाकर प्रदेश में अब तक 3 करोड़ 67 लाख से ज्यादा टीके लगाए जा चुके हैं। इसमें पहला, दूसरा, छोटे बच्चों और प्रीकॉशन डोज शामिल है। इस संबंध में राज्य महामारी नियंत्रण के संचालक डॉक्टर सुभाष मिश्रा ने कहा कि स्कूल बंद होने की वजह से छोटे बच्चों का टीका कुछ प्रभावित हुआ, लेकिन अब फिर से रफ्तार पर है। तीसरी लहर में ज्यादा हानि नहीं होने पर लोगों को वैक्सीनेशन का महत्व समझ में आया। तीसरी लहर में मरने वाले ज्यादातर लोगों ने टीके नहीं लगवाए थे।

छत्तीसगढ़ में 18+ की तीन-चौथाई आबादी को लगे कोरोना के दोनों टीके

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छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए लोगों का तेजी से टीकाकरण किया जा रहा है। प्रदेश में एक करोड़ 46 लाख 80 हजार 330 नागरिकों को कोरोना से बचाव का दोनों टीका लगाया जा चुका है। यह प्रदेश में टीकाकरण के लिए पात्र 18+ की आबादी का तीन चौथाई यानी 75 प्रतिशत है। राज्य में दो लाख 79 हजार 324 स्वास्थ्यकर्मियों, फ्रंटलाइन वर्कर्स और 60 साल से ज्यादा के लोगों को बूस्टर डोज भी लगाया जा चुका है। 

राज्य में 18+ के करीब शत-प्रतिशत और 15 से 18 साल की 62 प्रतिशत जनसंख्या को पहला टीका लग चुका है। यहां 18+ के एक करोड़ 95 लाख 74 हजार 606 नागरिकों और 15 से 18 साल के दस लाख 21 हजार 436 किशोरों को कोरोना वैक्सीन का पहला टीका लगाया जा चुका है। वहीं 15 से 18 साल आयु वर्ग के एक लाख 96 हजार 092 बच्चों को दोनों टीके लगाए जा चुके हैं। दोनों आयु वर्गों में पहली और दूसरी और बूस्टर डोज को मिलाकर प्रदेश भर में 4 फरवरी तक कुल तीन करोड़ 57 लाख 51 हजार 788 टीके लगाए गए हैं।

कोरबा में एक दिन में 48 हजार से ज्यादा को लगी वैक्सीन

कोरबा जिले में कोविड-19 के संक्रमण से लोगों को बचाने के लिए शत-प्रतिशत टीकाकरण का महाभियान चलाया गया। इस दौरान सुबह से ही शहरी और ग्रामीण इलाकों के टीकाकरण केन्द्रों पर कोविड वैक्सीन लगवाने के लिए बड़ी संख्या में लोग लाईन में लगे रहे। ग्रामीण इलाकों में टीकाकरण केन्द्रों के अलावा मोबाइल मेडिकल टीमों ने भी घर-घर जाकर लोगों को कोविड से बचाने के लिए टीके लगाए।

मेडिकल यूनिट द्वारा लोगों को लगाया गया कोविड टीका

इस महाभियान में एक दिन में ही 48 हजार 480 लोगों को कोरोना के टीके लगाए गए। कोविड वैक्सीन लगवाने के लिए 15 साल से ज्यादा उम्र के किशोर-किशोरियों, युवाओं, महिला, किसान और बुजुर्ग लेाग भी उत्साहित होकर टीकाकरण स्थल तक पहुंचे। वैक्सीनेटरों द्वारा लोगों को मनरेगा कार्य स्थल पर भी पहुंचकर टीका लगाया गया। विकासखंड पोड़ी-उपरोड़ा के ग्राम हरदेवा और तनेरा में चल रहे मनरेगा के कार्य स्थल में ही लोगों को जरूरत अनुसार कोविड का पहला और दूसरा वैक्सीन लगाया गया। इसी प्रकार बिंझरा के बस स्टैण्ड में भी मोबाइल मेडिकल यूनिट द्वारा लोगों को कोविड टीका लगाया गया।

टीनएजर्स को टीका लगवाने की अपील

कोविड टीका पूरी तरह सुरक्षित, कोरोना से बचने लगवाए टीका - कोविड वैक्सीनेशन महाभियान के दौरान 15 साल से ज्यादा उम्र के स्कूली छात्र-छात्राओं ने भी टीकाकरण स्थल पर पहुंचकर उत्साहित होकर कोविड का टीका लगवाए। रजगामार निवासी कक्षा 9 वीं की छात्रा साक्षी साहू ने जिला पुस्तकालय भवन में बनाए गए वैक्सीनेशन सेंटर में आकार कोविड का पहला डोज लिया। उन्होने  बताया कि कोविड वैक्सीन लगवाकर अच्छा महसूस हो रहा है। कोविड टीका पूरी तरह सुरक्षित हैं। 15 साल के ज्यादा उम्र के सभी लोगों को कोरोना से बचने के लिए टीका लगवाना चाहिए।

मास्क का हमेशा उपयोग करने की अपील

इसी तरह कोरबा शहर में ही रहने वाली कक्षा 12 वीं की छात्रा मुस्कान शर्मा ने भी कोविड वैक्सीन का डोज लेने के बाद सबको कोरोना से बचने कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए सुरक्षित रहने की अपील की। कक्षा 12 वीं की छात्रा निशा साहू ने कोविड टीका लगवाकर टीका लगवाने से नहीं डरने और मास्क का हमेशा उपयोग करने की अपील की।    

6 हजार 078 लोगों को लगे टीके

महाभियान के दौरान पाली विकासखंड में लगे सबसे ज्यादा टीके- कोविड वैक्सीनेशन महाभियान के दौरान पाली विकासखंड में सबसे अधिक टीके लगाए गए। पाली विकासखंड में 13 हजार 430 लोगों का टीकाकरण किया गया । कोरबा विकासखंड में छह हजार 093, करतला विकासखंड में 10 हजार 108, शहरी क्षेत्रों में चार हजार 963, कटघोरा में सात हजार 808 और पोंड़ीउपरोड़ा विकासखंड में छह हजार 078 लोगों को महाभियान के दौरान टीके लगाए गए ।

 100 वैक्सीनेटर्स ने टीकाकरण की जिम्मेदारी निभाई

महाअभियान के लिए 456 वैक्सीनेशन सेंटर - शत-प्रतिशत वैक्सीनेशन के लिए 05 फरवरी को टीकाकरण महाअभियान के लिए जिले में 456 टीकाकरण केंद्र बनाए गए है। इन केंद्रो पर 514 वैक्सीनेटरों द्वारा लोगों को टीका लगाया गया। करतला विकासखंड में 62 केंद्रों में 120 वैक्सीनेटरों ने लोगों को कोरोना का टीका लगाए। कटघोरा विकासखंड में 83 केंद्रों पर 83 वैक्सीनेटर, कोरबा विकासखंड में 80 केंद्रों पर 80 वैक्सीनेटर, पाली विकासखंड में 85 केंद्रों पर 85 वैक्सीनेटर, पोड़ी-उपरोड़ा विकासखंड में 46 केंद्रो पर 46 वैक्सीनेटरों को टीकाकरण के काम में लगाया गया। शहरी क्षेत्रों में 100 केंद्र बनाए गए है, जहां 100 वैक्सीनेटर टीकाकरण की जिम्मेदारी निभाई।

देश में वैक्सीनेशन का आंकड़ा 150 करोड़ के पार, छत्तीसगढ़ में सवा करोड़ से ज्यादा को लगे दोनों टीके

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देश ने फिर नया इतिहास रच दिया है। भारत में वैक्सीनेशन का आंकड़ा 150 करोड़ के पार पहुंच गया है। इस अवसर पर PM नरेंद्र मोदी और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने ट्वीट कर देश को बधाई दी है। Co-Win डैशबोर्ड के मुताबिक शुक्रवार रात 11 बजे तक देश में 150 करोड़ 63 लाख 30 हजार से ज्यादा डोज दिए जा चुके थे। इधर, 3 जनवरी से शुरू हुए 15 से 17 साल के बच्चों के वैक्सीनेशन का आंकड़ा भी पांच दिनों में 2 करोड़ डोज के पार हो गया। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे ऐतिहासिक मुकाम बताया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि देश की 90% वयस्क आबादी को दो डोज लगाए जा चुके हैं और 3 जनवरी से अब तक 15 से 17 साल के लगभग 1.68 करोड़ बच्चों को एक डोज दिया जा चुका है। यह उपलब्धि पूरे देश की है। हर राज्य सरकार की है। पीएम मोदी ने देश के वैज्ञानिकों, वैक्सीन निर्माताओं और स्वास्थ्य मंत्रालय को भी शुक्रिया कहा। उन्होंने कहा कि यह सभी के मिले-जुले प्रयासों का नतीजा है कि हम शून्य से इस शिखर तक पहुंचे हैं। 

देश में बीते साल 16 जनवरी से वैक्सीनेशन अभियान की शुरुआत हुई थी। सरकार ने पिछले साल अगस्त में दिसंबर तक 216 करोड़ वैक्सीन डोज लगाने का टारगेट तय किया था। तय टारगेट के मुकाबले अब तक देश में 150 करोड़ डोज ही लगाए गए हैं। शुरुआती 20 करोड़ डोज 131 दिन में लगाए गए थे। अगले 20 करोड़ डोज 52 दिन में लगा दिए गए। इसके बाद 40 से 60 करोड़ डोज देने में 39 दिन ही लगे।

कैंपेन को तेज करने से 60 करोड़ से 80 करोड़ डोज तक पहुंचने में महज 24 दिन लगे। इसके बाद 80 करोड़ से 100 करोड़ डोज तक पहुंचने में 31 दिन लगे। अब 100 से 150 करोड़ वैक्सीन डोज होने में 78 दिन लगे। इस लिहाज से देखें तो अब वैक्सीनेशन की रफ्तार कम हो गई है। अगर इसी रफ्तार से वैक्सीनेशन होता रहा तो देश में बाकी 66 करोड़ वैक्सीन डोज लगने में करीब 102 दिन और लगेंगे यानी 19 अप्रैल 2022 के आसपास ये आंकड़ा हम पार कर सकते हैं।

छत्तीसगढ़ में सवा करोड़ से ज्यादा को लगे दोनों टीके 

छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए लोगों का तेजी से टीकाकरण किया जा रहा है। प्रदेश की सवा करोड़ से अधिक आबादी को कोरोना से बचाव का दोनों टीका लगाया जा चुका है। यहां के एक करोड़ 25 लाख 49 हजार 361 नागरिकों को कोरोना वैक्सीन की दोनों खुराक दी जा चुकी है। ये प्रदेश में टीकाकरण के लिए पात्र 18 साल से ज्यादा की आबादी का 64 प्रतिशत है।

राज्य में 18 साल से ज्यादा के 97 प्रतिशत और 15 से 18 साल की 38 प्रतिशत जनसंख्या को पहला टीका लग चुका है। यहां 18 साल से ज्यादा के एक करोड़ 91 लाख 36 हजार 892 नागरिकों और 15 से 18 साल के 6 लाख 18 हजार 089 किशोरों को कोरोना वैक्सीन का पहला टीका लगाया जा चुका है। दोनों आयु वर्गों में पहली और दूसरी, दोनों खुराकों को मिलाकर प्रदेश भर में अब तक कुल तीन करोड़ 23 लाख 4 हजार 342 टीके लगाए गए हैं।

छत्तीसगढ़ में 38 प्रतिशत किशोरों को लगा टीका

कोरोना से बचाव के लिए छत्तीसगढ़ में 15 से 18 साल के किशोरों का तेजी से टीकाकरण किया जा रहा है।  3 जनवरी को इस आयु वर्ग के टीकाकरण की शुरूआत के बाद पहले चार दिनों में ही कुल लक्ष्य के 38 प्रतिशत किशोरों को टीका लगाया जा चुका है। मुंगेली, राजनांदगांव, धमतरी और महासमुंद जिले में शुरूआती चार दिनों में ही कुल लक्ष्य के आधे से ज्यादा किशोरों का टीकाकरण किया जा चुका है। वहीं बालोद, बेमेतरा, कांकेर, गरियाबंद और कोंडागांव भी इसके करीब है। प्रदेश में कुल 16 लाख 39 हजार 811 किशोरों के टीकाकरण के लक्ष्य के खिलाफ अब तक 6 लाख 18 हजार 089 को कोरोना वैक्सीन का पहला टीका लगाया जा चुका है।

सभी जिलों में बनाए गए टीकाकरण साइट्स में किशोर-किशोरी उत्साह से पहुंचकर टीका लगवा रहे हैं। साल 2005, 2006 और 2007 में पैदा हुए किशोरों का इन केंद्रों में टीकाकरण किया जा रहा है। 3 जनवरी से 6 जनवरी के बीच मुंगेली जिले में कुल लक्ष्य के 67 प्रतिशत, राजनांदगांव में 57 प्रतिशत, धमतरी में 56 प्रतिशत और महासमुंद में 51 प्रतिशत किशोरों का टीकाकरण किया जा चुका है। वहीं बालोद और बेमेतरा में 15 से 18 साल के 48-48 प्रतिशत, कांकेर में 47 प्रतिशत, गरियाबंद में 46 प्रतिशत, कोंडागांव में 45 प्रतिशत और बलौदाबाजार में 40 प्रतिशत बच्चों को टीका लगाया जा चुका है।

रायगढ़ में 29 हजार 686 किशोरों को टीका

कोरोना सक्रंमण से बचाव के लिए अब तक मुंगेली जिले में 32 हजार 737, राजनांदगांव में 54 हजार 980, धमतरी में 27 हजार 180, महासमुंद में 32 हजार 993, बालोद में 23 हजार 625, बेमेतरा में 26 हजार 672, कांकेर में 21 हजार 471, गरियाबंद में 17 हजार 162, कोंडागांव में 16 हजार 327, बलौदाबाजार में 37 हजार 526, दुर्ग में 41 हजार 064, बिलासपुर में 40 हजार 200, दंतेवाड़ा में 6242 और रायगढ़ में 29 हजार 686 किशोरों को टीका लगाया गया है।

रायपुर में 46 हजार 272 किशोरों को टीका

टीके की पहली खुराक रायपुर जिले में 46 हजार 272 किशोरों को, जांजगीर-चांपा में 32 हजार 836 को, जशपुर में 16 हजार 099, सूरजपुर में 15 हजार 041, कवर्धा में 17 हजार 054, कोरिया में 11 हजार 737, बलरामपुर में 13 हजार 563, सरगुजा में 14 हजार 988, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में 5838, बस्तर में 13 हजार, कोरबा में 18 हजार 074, बीजापुर में 2603, सुकमा में 2233 और नारायणपुर में 886 किशोरों को टीकाकरण की शुरूआत के पहले चार दिनों में दी गई है।

बुजुर्गों के बूस्टर डोज की तैयारी

इस बीच स्वास्थ्य विभाग बुजुर्गों, स्वास्थ्य कर्मियों, फ्रंटलाइन वर्कर्स को टीके का बूस्टर डोज देने की तैयारी में है। इसकी शुरुआत 10 जनवरी से हो रही है। बताया जा रहा है कि पंजीयन के लिए ऑनलाइन और ऑनसाइट दोनों तरह की व्यवस्था मौजूद रहेगी। बूस्टर डोज के तौर पर पहले लग चुकी वैक्सीन की एक अतिरिक्त डोज लगाई जाएगी। देश में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच 10 जनवरी से 60 साल से ऊपर के बीमार बुजुर्गों, हेल्थकेयर और फ्रंटलाइन वर्कर्स को प्रिकॉशन डोज यानी वैक्सीन की तीसरी खुराक देने की शुरुआत होगी। 

22 बीमारियों की लिस्ट जारी 

प्रिकॉशन डोज 60 साल से अधिक उम्र के केवल उन्हीं लोगों को लगाया जाना है, जो कोमॉर्बिडिटी (एक से अधिक बीमारियों) से पीड़ित हैं। सरकार ने कोमॉर्बिडिटी के तहत आने वाली 22 बीमारियों की लिस्ट जारी की है। हेल्थ मिनिस्ट्री ने स्पष्ट किया है कि कोमॉर्बिडिटी वाले 60 साल और उससे अधिक उम्र के सभी लोगों को प्रिकॉशन डोज लेने के लिए डॉक्टर से कोई सर्टिफिकेट देने/प्रस्तुत करने की जरूरत नहीं होगी। हालांकि ऐसे लोगों को प्रिकॉशन डोज लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लेने को कहा गया है।

देश और प्रदेश में 50 फीसदी से ज्यादा लोगों को लगा दोनों डोज, स्वास्थ्य मंत्री ने दी जानकारी

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कोरोना टीकाकरण का शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के लिए देश में तेजी से टीकाकरण किया जा रहा है। इस अभियान के तहत 50 फीसदी से ज्यादा लोग पूरी तरह वैक्सीनेट हो चुके हैं। यानी वे कोविड-19 वैक्सीन की दोनों डोज ले चुके हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने रविवार को बताया कि ये गर्व का क्षण है कि 50 फीसदी से ज्यादा योग्य आबादी अब पूरी तरह वैक्सीनेट है। उन्होंने कहा कि हम एकजुट होकर कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई जीतेंगे।

स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक देश में कोविड-19 वैक्सीन की 127 करोड़ से ज्यादा डोज लगाई जा चुकी है। इनमें 79.90 करोड़ लोगों को कम से कम एक डोज और 47.71 करोड़ लोगों को दोनों डोज लगाई जा चुकी है। शनिवार को देश भर में 1.04 करोड़ वैक्सीन डोज लगाई गई। इसमें दूसरी डोज लगवाने वालों की संख्या 75.12 लाख है। इससे पहले भी कई बार एक दिन में वैक्सीनेशन का आंकड़ा 1 करोड़ के पार पहुंचा है। 

स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने इससे पहले ट्वीट किया था कि 'भारत में शनिवार को कोविड-19 के एक करोड़ टीके लगाए गए। हर घर दस्तक अभियान पूरे जोर-शोर से चल रहा है। दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान नई ऊंचाइयों को छू रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है।'

50 फीसदी वयस्कों को दोनों डोज

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक नवंबर महीने में प्रति दिन औसतन टीके की 59.32 लाख डोज लगाई जा रही थीं। जबकि मई में प्रति दिन औसतन 19.69 लाख डोज लगाई जा रही थी। अधिकारियों ने बताया कि भारत की आबादी के करीब 84.8 फीसदी वयस्कों को कोरोना टीके की पहली डोज लगाई जा चुकी है। जबकि 50 फीसदी वयस्कों को दूसरी खुराक भी लग गई है।

राज्यों के पास वैक्सीन उपलब्ध

स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक केंद्र सरकार ने अब तक राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को वैक्सीन की 138 करोड़ से ज्यादा डोज उपलब्ध कराई है। इसमें 21.13 करोड़ से ज्यादा अतिरिक्त और बिना इस्तेमाल हुई डोज शामिल हैं, जिन्हें लगाया जाना है। देश में कोविड-19 टीकाकरण 16 जनवरी को शुरू किया गया था, जिसमें सबसे पहले हेल्थकेयर वर्कर्स को प्राथमिकता दी गई। इसके बाद फ्रंटलाइन वर्कर्स का टीकाकरण दो फरवरी से शुरू हुआ था।

चरण-दर-चरण शुरू हुई वैक्सीनेशन

वैक्सीनेशन का अगला चरण एक मार्च से 60 साल से ज्यादा आयु के लोगों और 45 साल और उससे ज्यादा आयु के बीमार लोगों के लिए शुरू किया गया। इसके बाद एक अप्रैल से 45 साल से ज्यादा आयु के सभी लोगों के लिए टीकाकरण शुरू किया गया और एक महीने के बाद एक मई से 18 साल या उससे ऊपर के सभी लोगों के वैक्सीनेशन की शुरूआत की गई।

छत्तीसगढ़ में भी आधी आबादी को लगे दोनों डोज

छत्तीसगढ़ में भी टीकाकरण के लिए पात्र प्रदेश की आधी आबादी को कोरोना से बचाव के लिए दोनों टीके लगाए जा चुके हैं। प्रदेश में अब तक 99 लाख 67 हजार 184 नागरिकों को कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी है। वहीं एक करोड़ 79 लाख 30 हजार 288 लोगों को पहला टीका लगाया जा चुका है। राज्य की 91 प्रतिशत आबादी को पहला टीका लग चुका है। प्रदेश के एक करोड़ 96 लाख 51 हजार नागरिकों को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए टीका लगाया जाना है। पहली और दूसरी दोनों खुराकों को मिलाकर प्रदेश में 4 दिसंबर तक दो करोड़ 78 लाख 97 हजार 472 टीके लगाए जा चुके हैं। राज्य में 1 दिसंबर से समर्थन मूल्य पर किसानों से धान खरीदी की शुरूआत के बाद खरीदी केंद्रों में भी कोरोना टीकाकरण किया जा रहा है।

बसना बना 100% टीका लगाने वाला दूसरा विकासखंड

वहीं महासमुंद के बसना विकासखंड में दूसरे चरण के अंतिम पात्र हितग्राही को 5 दिसंबर को वैक्सीन की दूसरी डोज लगाई गई। इसके बाद बसना शत-प्रतिशत टीकाकरण करने वाला जिले का दूसरा विकासखंड बन गया। इससे पहले सरायपाली विकासखंड पात्र हितग्राहियों को दोनों टीका लगाने वाला पहला विकासखंड बना था। जिले के सभी पात्र लोगों को पहली डोज लगाई जा चुकी है।

स्वास्थ्य विभाग ने दी जानकारी

स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक बसना विकासखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में एक लाख 20 हजार 391 पात्र हितग्राहियों को कोविड का दूसरा डोज लगाने का लक्ष्य था। इनमें 953 हेल्थ वर्कर, 491 फ्रंट लाइन वर्कर, 18 से 44 आयु वर्ग के 60, 010 पात्र हितग्राही, 45 साल से 59 आयु वर्ग के 35,578 पात्र लोगों और 60 साल से ज्यादा आयु वर्ग के 23,619 पात्र हितग्राहियों के दूसरा डोज का शत-प्रतिशत टीकाकरण किया जा चुका है। 

कलेक्टर ने दी लक्ष्य पूरा करने पर बधाई

इसी तरह आने वाले कुछ ही दिनों में बागबाहरा विकासखंड के ग्रामीण क्षेत्र के पात्र हितग्राहियों के दूसरे डोज का शत-प्रतिशत वैक्सीनेशन किया जाएगा। इन विकासखंडों के ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड टीकाकरण के लिए लोगों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। कलेक्टर डोमन सिंह ने बसना विकासखंड में ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों का दूसरे चरण के टीकाकरण में लक्ष्य के अनुरूप शत-प्रतिशत टीकाकरण कराने पर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, सहित वहां के सभी नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, स्वास्थ्य कर्मियों, मितानिनों अधिकारी- कर्मचारियों को बधाई दी है। 

लोगों से वैक्सीन लगवाने की अपील

उन्होंने जिले के सभी पात्र नागरिकों को शत प्रतिशत टीकाकरण करवाने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि सामूहिक सहयोग के साथ ही इस महामारी को हराया जा सकता है। इसलिए जरूरी है कोई भी पात्र व्यक्ति वैक्सीनेशन से न छूटे। महासमुंद के शहरी और ग्रामीण इलाकों में कोरोना के कहर पर पूरी तरह काबू पाने के लिए वैक्सीनेशन तेजी से चल रहा है। यहां कोविड टीकाकरण की प्रतिदिन योजना बना कर काम किया जा रहा है। सभी पात्र लोगों को दूसरे चरण का टीका प्लान मुताबिक स्वास्थ्य केंद्रों पर लगाया जा रहा है। 

कलेक्टर हर घंटे लेते हैं रिपोर्ट

कलेक्टर डोमन सिंह प्रतिदिन टीकाकरण प्रगति की प्रत्येक घंटे रिपोर्ट ले रहे हैं। बाकी बचे ग्रामीण और नगरीय निकाय के क्षेत्रों में मोबिलाइजेशन के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार, मुनादी किया जा रहा है। जिले में पर्याप्त मात्रा में कोविड-19 का डोज सरकारी टीकाकरण केंद्रों के लिए उपलब्ध है। बता दें कि सबसे पहले महासमुंद की पहली ग्राम पंचायत जोगीडीपा बनी थी जिसमें प्रथम चरण में सौ फीसदी लोगों का वैक्सीनेशन हुआ था। इसके बाद यह सिलसिला लगातार जारी है।

छत्तीसगढ़ में अब तक लगाए गए 2.26 करोड़ टीके, जानिए आपके जिले में कितने आबादी को लगा टीका

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कोरोना से बचाव के लिए छत्तीसगढ़ में 25 अक्टूबर तक दो करोड़ 26 लाख 48 हजार 773 टीके लगाए गए हैं। प्रदेश के एक करोड़ 57 लाख 53 हजार 074 लोगों को इसका पहला टीका और 68 लाख 95 हजार 699 को दोनों टीके लगाए जा चुके हैं। प्रदेश में तीन लाख दस हजार 417 स्वास्थ्य कर्मियों, तीन लाख 18 हजार 653 फ्रंटलाइन वर्कर्स, 45+ के 62 लाख 48 हजार 988 और 18+ के 88 लाख 75 हजार 016 नागरिकों को कोरोना से बचाव का पहला टीका लगाया जा चुका है। 

वहीं दो लाख 66 हजार 589 स्वास्थ्य कर्मियों, दो लाख 58 हजार 451 फ्रंटलाइन वर्कर्स, 45 वर्ष से अधिक के 34 लाख 82 हजार 134 और 18 से 44 आयु वर्ग के 28 लाख 88 हजार 525 लोगों को दोनों टीके लगाए जा चुके हैं। कोरोना सक्रंमण से बचाव के लिए बालोद जिले में अब तक आठ लाख 27 हजार 822, बलौदाबाजार में आठ लाख 32 हजार 488, बलरामपुर में तीन लाख 99 हजार 760, बस्तर में छह लाख 59 हजार 055, बेमेतरा में पांच लाख 43 हजार 839 और बीजापुर में एक लाख 56 हजार 042 टीके लगाए गए हैं।

बिलासपुर में लगे 15 लाख से ज्यादा टीके

वहीं बिलासपुर में 15 लाख 78 हजार 453, दंतेवाड़ा में दो लाख 46 हजार 771, धमतरी में सात लाख 58 हजार 773, दुर्ग में 16 लाख 28 हजार 067, गरियाबंद में तीन लाख 96 हजार 564, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में दो लाख 99 हजार 797, जांजगीर-चांपा में 12 लाख 18 हजार 040 और जशपुर में छह लाख 31 हजार 465 टीके लगाए जा चुके हैं। कवर्धा जिले में टीके की पहली और दूसरी, दोनों खुराकों को मिलाकर पांच लाख 68 हजार 682 और कांकेर में पांच लाख 74 हजार 392 टीके लगाए गए हैं।

सरगुजा में लगे 7 लाख 32 हजार 846 टीके

कोंडागांव में चार लाख 18 हजार 466, कोरबा में नौ लाख 45 हजार 041, कोरिया में पांच लाख दस हजार 146, महासमुंद में 11 लाख 66 हजार 612, मुंगेली में तीन लाख 89 हजार 535, नारायणपुर में 72 हजार 241, रायगढ़ में 21 लाख 42 हजार 995, रायपुर में 25 लाख 70 हजार 374, राजनांदगांव में 15 लाख 78 हजार 916, सुकमा में दो लाख 22 हजार 643, सूरजपुर में पांच लाख 79 हजार 028 और सरगुजा में सात लाख 32 हजार 846 टीके अब तक लगाए गए हैं।

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