Media24Media.com: हिमाचल न्यूज

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label हिमाचल न्यूज. Show all posts
Showing posts with label हिमाचल न्यूज. Show all posts

मकान में अचानक लगी आग, तीन मासूमों के साथ जिंदा जले पिता, एक की हालत गंभीर

No comments Document Thumbnail

हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में एक दर्दनाक हादसा हुआ है। जहां एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत हो गई है। जबकि एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। दरअसल, देर रात करीब 2.30 बजे एक मकान में आग लग गई। जिससे एक ही परिवार के चार लोग जिंदा जल गए हैं। मौके पर ही चारों सदस्यों की मौत हो गई है। वहीं एक गंभीर रूप से घायल है। घायल हो इलाज के लिए पास के ही अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मामला चुराह तहसील के करातोट गांव का बताया जा रहा है। जहां मुहम्मद रफी के घर में भीषण हादसा हो गया। 


इस हादसे में मुहम्मद रफी, उनके बेटे जैतून और समीर और बेटी जुलेखा की मौत हो गई है। वहीं उनकी पत्नी थुना गंभीर रूप से घायल हो गई हैं। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। SP अरूल कुमार ने बताया कि सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंच कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। 


एक ही परिवार के 6 लोगों की मौत

बता दें कि 10 अगस्त को मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के महुआ झाला गांव में परिवार के लोग घर में बने पानी के टैंक को साफ कर रहे थे। इसी दौरान वे लोग बिजली के करंट की चपेट में आ गए और देखते ही देखते 6 लोगों की जान चली गई। दरअसल, टैंक खोलने के लिए घर के एक सदस्य टैंक में उतरा, जिसे करंट लगा। उसे बचाने के लिए घर का दूसरा सदस्य उतरा। इसी तरह से एक-दूसरे को बचाने के लिए टैंक में लोग उतरते रहे और 6 लोगों की मौत हो गई।

थाना प्रभारी ने दी जानकारी

पुलिस के मुताबिक टैंक में से पानी निकालने के लिए लाइट की व्यवस्था की गई थी। इसकी वजह पानी में करंट आ गया। मरने वालों में लक्षमण अहिरवार, शंकर अहिरवार, मिलन अहिरवार, नरेंद्र, रामप्रसाद और विजय शामिल है। घटना की जानकारी मिलते ही थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। डायल 100 की मदद से मृतकों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने 6 लोगों को मृत घोषित कर दिया।

हिमाचल लैंडस्लाइड में अब तक 15 शव बरामद, रेस्क्यू अभियान अभी भी जारी

No comments Document Thumbnail

हिमाचल प्रदेश के किन्नौर में हुए लैंडस्लाइड में अब तक 15 शव बरामद हुए हैं। खोज और बचाव अभियान अभी भी जारी है। बता दें कि 11 अगस्त को हिमाचल प्रदेश के किन्नौर में अचानक लैंडस्लाइड हो गई थी, जिसके मलबे में  एक बस सहित अन्य वाहन दब गए थे। 


ITBP के प्रवक्ता विवेक पांडे ने बताया है कि ITBP की तीन बटालियनों के 200 जवान रेस्क्यू अभियान में जुटे हुए हैं। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बताया है कि बचाए गए लोगों को अस्पताल ले जाया गया है। उन्होंने बताया कि ITBP के साथ NDRF और पुलिस की टीम भी घटनास्थल पर मौजूद हैं और जल्द ही स्थिति पर काबू पा लिया जाएगा।

 

ठाकुर ने बताया कि इस हादसे के बाद 50 से 60 लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है। उन्होंने ये भी बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उन्हें हर तरह की मदद के लिए आश्वासन दिया है। ठाकुर ने बताया कि भारतीय सेना ने भी मदद की पेशकश की है। उन्होंने बताया कि भूस्खलन की चपेट में एक ट्रक और HRTC समेत चार गाड़ियां दबी हुई हैं।

PM मोदी ने किया मुआवजे का ऐलान

वहीं प्रधानमंत्री ने मृतक परिजन और घायलों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है।सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि कुछ लोगों को रेस्क्यू कर लिया गया है।पत्थरों के लगातार गिरने की वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन में परेशानी आ रही है।सीएम ठाकुर ने कहा कि फंसे हुए लोगों की संख्या के बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता।


सीएम ने बताया कि हादसे को लेकर उनकी बात केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से हुई है और उन्होंने ने एनडीआरएफ की टीम को बचाव के लिए मौकेपर पहुंचने के आदेश दिए हैं। वहीं रेस्क्यू ऑपरेशन में दो हेलिकॉप्टर भी लगाए गए हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिजन को दो लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपए देने की घोषणा की है।साथ ही उन्होंने हादसे पर दुख प्रकट करते हुए, मृतकों के परिजन को सांत्वना प्रकट की है।जानकारी के अनुसार हादसे की सूचना मिलते ही सीएम जयराम ठाकुर मौके के लिए रवाना हो गए।घटनास्‍थल शिमला से करीब 200 किमी दूर है।सीएम ने आश्वासन दिया है कि जल्द से जल्द लोगों को मलबे से बाहर निकाल लिया जाएगा और सभी को सुरक्षित स्‍थानों पर पहुंचाया जाएगा।

हिमाचल में लगातार हो रहे हादसे

इससे पहले 25 जुलाई को किन्नौर जिले में बटसेरी के पास हुए कई भूस्खलनों में नौ लोगों की मौत हो गई थी और तीन अन्य घायल हो गए थे। इसी तरह 27 जुलाई को लाहौल-स्पीति जिले में बादल फटने से अचानक आई बाढ़ में कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई थी, दो अन्य घायल हो गए थे और दो लापता हो गए थे। जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने 4 अगस्त को राज्य विधानसभा को सूचित किया था कि हिमाचल प्रदेश में इस मानसून मौसम में कुल 218 लोगों की मौत हुई है और 12 लोग लापता हैं।

गाड़ियों पर टूटकर गिरा पहाड़ का हिस्सा, अब तक 13 लोगों की मौत, मृतकों में छत्तीसगढ़ के 2 पर्यटक भी शामिल

No comments Document Thumbnail

हिमाचल प्रदेश के किन्नौर में एक बार फिर लैंडस्लाइड के चलते बड़ा हादसा हुआ है। दरअसल, किन्नौर के रामपुर में अचानक लैंडस्लाइड हो गई, जिसके मलबे में  एक बस सहित अन्य वाहन दब गए। जानकारी के मुताबिक अभी भी बस मलबे में ही दबी हुई है। वहीं बचाव दल मौके पर पहुंच कर राहत और बचाव कार्य में जुट गया है। अब तक 14 लोगों को रेस्क्यू कर लिया गया है। 


वहीं 13 लोगों की हादसे में मौत हो चुकी है। इसमें से 10 शव कल मिले थे। वहीं 3 शव ITBP को रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मिले हैं। एक बस, बोलेरो और उसके यात्री अभी तक मलबे में नहीं मिले हैं। कल रात अंधेरा होने के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन बंद कर दिया गया था। डीसी आबिद हुसैन ने जानकारी दी है कि अभी भी मलबे में कई गाड़ियों के दबे होने की आशंका है। मृतकों में मां और उसके बेटी-बेटे समेत राजस्थान के 4, छत्तीसगढ़ के 2, महाराष्ट्र और दिल्ली के एक-एक पर्यटक शामिल है। सभी पर्यटक दिल्ली से ट्रैवल एजेंसी के वाहन में किन्नौर घूमने गए थे।



ITBP के प्रवक्ता विवेक पांडे ने बताया है कि ITBP की तीन बटालियनों के 200 जवान रेस्क्यू अभियान में जुटे हुए हैं। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बताया है कि बचाए गए लोगों को अस्पताल ले जाया गया है। उन्होंने बताया कि ITBP के साथ NDRF और पुलिस की टीम भी घटनास्थल पर मौजूद हैं और जल्द ही स्थिति पर काबू पा लिया जाएगा।

 


ठाकुर ने बताया कि इस हादसे के बाद 50 से 60 लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है। उन्होंने ये भी बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उन्हें हर तरह की मदद के लिए आश्वासन दिया है। ठाकुर ने बताया कि भारतीय सेना ने भी मदद की पेशकश की है। उन्होंने बताया कि भूस्खलन की चपेट में एक ट्रक और HRTC समेत चार गाड़ियां दबी हुई हैं।

PM मोदी ने किया मुआवजे का ऐलान

वहीं प्रधानमंत्री ने मृतक परिजन और घायलों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है।सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि कुछ लोगों को रेस्क्यू कर लिया गया है।पत्थरों के लगातार गिरने की वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन में परेशानी आ रही है।सीएम ठाकुर ने कहा कि फंसे हुए लोगों की संख्या के बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता।





सीएम ने बताया कि हादसे को लेकर उनकी बात केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से हुई है और उन्होंने ने एनडीआरएफ की टीम को बचाव के लिए मौकेपर पहुंचने के आदेश दिए हैं। वहीं रेस्क्यू ऑपरेशन में दो हेलिकॉप्टर भी लगाए गए हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिजन को दो लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपए देने की घोषणा की है।साथ ही उन्होंने हादसे पर दुख प्रकट करते हुए, मृतकों के परिजन को सांत्वना प्रकट की है।जानकारी के अनुसार हादसे की सूचना मिलते ही सीएम जयराम ठाकुर मौके के लिए रवाना हो गए।घटनास्‍थल शिमला से करीब 200 किमी दूर है।सीएम ने आश्वासन दिया है कि जल्द से जल्द लोगों को मलबे से बाहर निकाल लिया जाएगा और सभी को सुरक्षित स्‍थानों पर पहुंचाया जाएगा।


ड्राइवर और कंडक्टर  का रेस्क्यू

किन्नौर के चौरा के पास नेशनल हाई-वे पर चट्टान गिरने की वजह से यह हादसा हुआ है। HRTC की बस  पर चट्टान गिरने की वजह से 12 से ज्यादा लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है। दबे हुए बस ड्राइवर से फोन के जरिए संपर्क किया गया। चट्टान गिरने से हुए हादसे में बस ड्राइवर और कंडक्टर घायल (Driver Injured) हो गए। किन्नौर के विधायक ने बताया कि ITBP के जवानों ने ड्राइवर और कंडक्टर को मलबे से बाहर निकाल लिया है। बस में सवार यात्रियों को बाहर निकालने का काम जारी है। बता दें कि चील जंगल के पास चट्टानें गिरने की वजह से यह हादसा हुआ है।  

हिमाचल में लगातार हो रहे हादसे

इससे पहले 25 जुलाई को किन्नौर जिले में बटसेरी के पास हुए कई भूस्खलनों में नौ लोगों की मौत हो गई थी और तीन अन्य घायल हो गए थे। इसी तरह 27 जुलाई को लाहौल-स्पीति जिले में बादल फटने से अचानक आई बाढ़ में कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई थी, दो अन्य घायल हो गए थे और दो लापता हो गए थे। जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने 4 अगस्त को राज्य विधानसभा को सूचित किया था कि हिमाचल प्रदेश में इस मानसून मौसम में कुल 218 लोगों की मौत हुई है और 12 लोग लापता हैं।

हिमाचल, जम्मू और लद्दाख में बादल फटने से 17 लोगों की मौत, 30 जुलाई तक रेड अलर्ट जारी

No comments Document Thumbnail

देशभर में बारिश का कहर लगातार जारी है। देश के अलग-अलग राज्यों में कुदरत ने एक बार फिर कहर बरपाया है। शिमला, हिमाचल प्रदेश और केंद्र शासित क्षेत्रों जम्मू कश्मीर और लद्दाख में बारिश के कारण आई बाढ़ से बुधवार को कम से कम 17 लोगों की मौत हो गई और कई मकानों, खड़ी फसलों और एक लघु पनबिजली संयंत्र को क्षतिग्रस्त कर दिया। वहीं बुधवार को उत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कई इलाकों में बादल फटने से 8 लोगों की मौत हो गई। जबकि 17 अन्य लापता हैं। 



किश्तवाड़ के दाचन और बाउजवा इलाके, दक्षिण कश्मीर के पवित्र अमरनाथ गुफा, उत्तर कश्मीर के बांदीपोरा और लद्दाख का कारगिल बादल फटने से प्रभावित हुआ और 12 से ज्यादा घर, कई पुल और लघु पनबिजली परियोजना क्षतिग्रस्त हो गई। अधिकारियों ने बताया कि दाचन तहसील के होनजार गांव में सुबह करीब साढ़े 4 बजे बादल फटने के कारण एक पुल के अलावा छोटी नदी के किनारे स्थित छह मकान और एक राशन की दुकान भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। पुलिस, SDRF का संयुक्त राहत अभियान जारी है, और अब तक 7 शव बरामद किए गए हैं। जबकि 17 लोग अब भी लापता हैं।


केंद्रीय गृहमंत्री ने उपराज्यपाल से बात की


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में बादल फटने की घटना से उत्पन्न स्थिति पर करीब नजर रख रही है और प्रभावित क्षेत्रों में हरसंभव मदद पहुंचाई जा रही है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह से बात की और स्थिति के बारे में जानकारी हासिल की। पुलिस महानिदेशक वीके सिंह ने बताया कि मारे गए 7 लोगों में 2 महिलाएं हैं। उन्होंने बताया कि जिले के माछिल,पड-डार और बुंजवाह में बाढ़ की खबर है।


भारी बारिश से 2 पुल क्षतिग्रस्त


किश्तवाड़ के जिना विकास आयुक्त ने बताया कि दूरस्थ लोम्बार्ड इलाके में रात बादल फटने की 2 घटनाएं हुई, लेकिन किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। उन्होंने बताया कि नागरिक प्रशासन की मदद के लिए सेना की दो टुकड़ियां भेजी गई है। दक्षिण कश्मीर स्थित पवित्र अमरनाथ की गुफा के पास भी बुधवार दोपहर को बादल फटने की घटना हुई जिससे लुढ़के चट्टानों से कुछ तंबुओं को नुकसान हुआ लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ। इसी तरह की घटना उत्तर कश्मीर के बांदीपोरा जिले के अलूसा गांव में हुई, लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ। उधमपुर और राजौरी जिले में भारी बारिश की वजह से दो पुल क्षतिग्रस्त हो गए।



लद्दाख में कारगिल के विभिन्न हिस्सों में बादल फटने की घटनाएं हुई जिससे लघु पनबिजली परियोजना को नुकसान हुआ और करीब एक दर्जन मकान क्षतिग्रस्त हो गए। हालांकि, इन घटनाओं में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। यहां के सांगरा और खंग्राल में मंगलवार शाम को बादल फटने की घटना हुई। हिमाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश के कारण अचानक आई बाढ़ में कम से कम 9 लोगों की मौत हो गई और 7 लोगों के लापता होने की सूचना है।  राज्य आपदा प्रबंधन निदेशक सुदेश कुमार मोख्ता ने बताया कि लाहौल-स्पीति में उदयपुर में तोजिंग नाले पर बादल फटने से आई बाढ़ में 7 लोगों की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि चंबा जिले में 2 लोगों की मौत हुई है।


भू-स्खलन से 60 वाहन फंसे


कुल्लू जिले में पनबिजली परियोजना के एक अधिकारी और दिल्ली के एक पर्यटक समेत 4 लोग लापता हैं और उनके मारे जाने की आशंका है। मोख्ता ने कहा कि लाहौल-स्पीति के उदयपुर में मंगलवार की रात लगभग 8 बजे अचानक आई बाढ़ में 12 मजदूर बह गए। 7 शव बरामद किए गए, दो को बचा लिया गया जबकि 3 अभी भी लापता हैं। मरने वालों में चार हिमाचल प्रदेश के मंडी के हैं। जबकि एक जम्मू-कश्मीर के रियासी का है। 2 शवों की अभी शिनाख्त नहीं हो पाई है। लाहौल-स्पीति के उपायुक्त नीरज कुमार ने बताया कि भूस्खलनों के मलबे में फंसे मजदूरों को निकालने के लिए SDRF का एक दल बुलाया गया है। उन्होंने कहा 'SDRF का दल रास्ते में है और उसके दोपहर तक घटनास्थल पर पहुंचने की संभावना है।' उन्होंने कहा कि लाहौल-स्पीति में, कई सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं और कई भूस्खलन के कारण लगभग 60 वाहन फंसे हुए हैं। भूस्खलन के कारण राज्य के कई हिस्सों में कई सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं।


आज भी भारी बारिश की संभावना


वहीं मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश में 29 जुलाई तक में भारी बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान पूर्वी भारत में भी भारी बारिश होने की संभावना है। उत्तर मध्य प्रदेश के ऊपर बना निम्न दबाव का क्षेत्र कमजोर हो गया है. लेकिन उससे जुड़ा चक्रवातीय सर्कुलेशन उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और आसपास के इलाकों में बना हुआ है। एक और चक्रवातीय सर्कुलेशन बंगाल की खाड़ी के उत्तर में बना हुआ है। दोनों चक्रवातीय सर्कुलेशन के प्रभाव से 29 जुलाई तक उत्तरी राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। बाद में इसकी तीव्रता कम हो जाएगी। वहीं कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र के घाट के इलाकों में तीन दिनों से हो रही बारिश होने के बाद 29 जुलाई से इन इलाकों में बारिश की तीव्रता में वृद्धि होने का अनुमान है।


बारिश से जन-जीवन अस्त-व्यस्त


दिल्ली में लगातार दूसरे दिन बारिश होने से पारा कम रहा। मौसम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली में मानसून के कारण एक हफ्ते तक 'हल्की से मध्यम' बारिश हो सकती है। बुधवार सफदरजंग वेधशाला ने सुबह साढे आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक दिल्ली में 4.1 मिमी बारिश दर्ज की। पड़ोसी हरियाणा के कई इलाकों में भी भारी बारिश दर्ज की गई जिसकी वजह से गुरुग्राम में कई स्थानों पर जल जमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। चंडीगढ़ सहित पंजाब के कुछ स्थानों पर भी दिन में बारिश दर्ज की गई। गुरुग्राम में भारी बारिश की वजह से कई इलाकों में जल जमाव की स्थिति रही और यातायात प्रभावित हुआ। मौसम विभाग के मुताबिक गुरुग्राम में 91.8 मिमी बारिश दर्ज की गई।


हिमाचल में 30 जुलाई तक रेड अलर्ट जारी


उत्तराखंड में कुछ दिनों से जारी बारिश की वजह से उत्तर काशी जिले में गंगोत्री और यमुनोत्री के रास्तों को जोड़ने वाली सड़क पर भूस्खलन की स्थिति की उत्पन्न हुई। उत्तर प्रदेश में भी कई स्थानों पर मध्यम दर्ज की बारिश दर्ज की गई। महाराष्ट्र में पिछले सप्ताह हुई बारिश से संबंधित घटनाओं में मरने वालों की संख्या बुधवार को बढ़कर 213 हो गई, जिसमें केवल रायगढ़ जिले में लगभग 100 मौतें हुईं है। राज्य सरकार ने यह जानकारी दी। बारिश से भारी तबाही के बाद पश्चिमी महाराष्ट्र में बारिश का प्रकोप कम हो रहा है और कोल्हापुर और सांगली में खतरे के निशान से ऊपर बह रही नदियों का जल स्तर कम हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक 30 जुलाई तक जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में भारी बारिश का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान है।

कुदरत ने फिर बरपाया कहर , 2 राज्यों में बादल फटने से 6 की मौत, 50 से ज्यादा लोग लापता

No comments Document Thumbnail

देश के अलग-अलग राज्यों में कुदरत ने एक बार फिर कहर बरपाया है। दरअसल, जम्मू-कश्मीर में लगातार भारी बारिश हो रही है। इस बीच किश्तवाड़ के एक गांव में बादल फट गया। जिससे लगभग 40 से ज्यादा लोग लापता हो गए। जबकि 8 से 9 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। अधिकारियों ने के मुताबिक घटना में अब तक 4 लोगों के शव बरामद किए गए हैं।  SDRF और सेना की मदद से बचाव कार्य जारी है। भारी बारिश की वजह से नेटवर्क थप हो गया है।  पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। राज्य में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण काफी नुकसान हो चुका है। किश्तवाड़ के जिलाधिकारी अशोक कुमार शर्मा ने कहा कि बचाव अभियान के लिए सेना और पुलिस की एक टीम को इलाके में भेजा गया है।



बता दें कि देश के कई राज्यों में इन दिनों भारी बारिश का कहर जारी है। मौसम विभाग ने दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान के कुछ इलाकों में बारिश की संभावना जताई है। किश्तवाड़ शहर जम्मू से लगभग 200 किमी दूर है, जबकि दच्छन किश्तवाड़ जिले में एक दूरस्थ और पहाड़ी क्षेत्र है। जम्मू क्षेत्र के अधिकांश हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से भारी बारिश हो रही है। जुलाई के अंत तक और बारिश की भविष्यवाणी के साथ, किश्तवाड़ में अधिकारियों ने जलाशयों और लैंडस्लाइड प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा है। जिला प्रशासन ने कहा 'मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भारी बारिश की भविष्यवाणी की है और नदियों और नालों में जल स्तर बढ़ने की उम्मीद है, जो नदियों, नालों, जल निकायों और स्लाइड-प्रवण क्षेत्रों के पास रहने वाले निवासियों के लिए खतरा पैदा कर सकता है।'



कई राज्यों में इन दिनों बारिश जमकर कहर बरपा रही है। दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी हिमालयी राज्यों सहित उत्तर-पश्चिम भारत में बहुत भारी से बेहद भारी बारिश हो रही है। मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने इस क्षेत्र में एक दिन और भारी बारिश का अनुमान जताया है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बुधवार तक भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है और इसके बाद इसमें कमी देखी जाएगी।


हिमाचल प्रदेश के लाहौल में भी फटा बादल


वहीं हिमाचल प्रदेश में भी लगातार बारिश के कारण आई बाढ़ में 2 लोगों की मौत हो गई। जबकि 10 लापता हो गए। राज्य आपदा प्रबंधन निदेशक सुदेश कुमार मोख्ता ने कहा कि लाहौल-स्पीति के आदिवासी जिले में बादल फटने से आई अचानक आई बाढ़ में 2 लोगों की मौत हो गई और नौ लापता हो गए। जबकि चंबा जिले से एक अन्य व्यक्ति के लापता होने की सूचना है। पहाड़ी राज्यों में बारिश ने तबाही मचाई हुई है। 


 राज्य आपदा प्रबंधन निदेशक ने दी जानकारी


 राज्य आपदा प्रबंधन निदेशक सुदेश कुमार मोख्ता ने बताया कि मंगलवार रात करीब 8 बजे लाहौल के उदयपुर में अचानक बादल फट गया। जिसकी वजह से दूसरे इलाकों में भी बाढ़ आ गई। उन्होंने बताया कि इस घटना में मजदूरों के दो टेंट और एक निजी जेसीबी बह गई है। साथ ही जम्मू-कश्मीर के रहने वाला 19 साल का मजदूर मोहम्मद अल्ताफ इस घटना में घायल हुआ है, उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मोख्ता ने बताया कि इससे पहले मंगलवार को लाहौल के दारचा गांव से भारी बारिश के बाद भागा नदी में जलस्तर बढ़ गया था। जिसके बाद कई लोगों को रेस्क्यू किया गया था। नदी किनारे बनीं तीन दुकानों को भी नुकसान पहुंचा है।

हिमाचल में लैंडस्लाइड के कारण पुल टूटने से 9 लोगों की मौत, मृतकों में छत्तीसगढ़ के 2 लोग भी शामिल, देंखे हादसे का लाइव वीडियो

No comments Document Thumbnail

हिमाचल प्रदेश के किन्नौर में लैंडस्लाइड के चलते बड़ा हादसा हुआ है। सांग्ला घाटी में पुल टूटने की वजह से 9 लोगों की मौत हो गई है। जबकि तीन गंभीर रूप से घायल हैं। मरने वालों में छत्तीसगढ़ के 2 पर्यटक भी शामिल हैं। किन्नौर जिले के SP साजू राम राणा ने कहा कि 9 लोगों की मौत हो गई है और 3 घायल हुए हैं। इस घटना में बटसेरी पुल टूट गया। इस हादसे में जान गंवाने वालों के परिजन को PM नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।



जानकारी के मुताबिक सांग्ला जा रही पर्यटकों से भरी गाड़ी लैंडस्लाइड की चपेट में आ गई। पर्यटक छत्तीसगढ़ के बताए जा रहे हैं। मरने वालों का आंकड़ा और बढ़ सकता है। बड़े-बड़े पत्थर पहाड़ से फिसलते हुए तेजी से नीचे आए और पुल को अपनी चपेट में ले लिया। वहां चल रहे कंस्ट्रक्शन के काम को भी भारी नुकसान पहुंचने की जानकारी मिल रही है। वहां मौजूद लोगों ने अपने मोबाइल फोन में इस भयावह दृष्य को कैद किया।



हिमाचल प्रदेश के CM जयराम ठाकुर ने ट्वीट करते हुए कहा कि 'किन्नौर के बटसेरी में पहाड़ी दरकने से हुआ हादसा हृदयविदारक है। इसकी चपेट में आया पर्यटकों से सवार वाहन जिसमें 9 की मौत और 2 घायल होने की खबर अत्यंत दुखद है। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति और शोकग्रस्त परिवार को संबल प्रदान करें। मैंने किन्नौर जिला प्रशासन से बात करके हादसे की जानकारी ली और उन्हें उचित दिशा-निर्देश दिए। प्रशासन घटनास्थल पर राहत काम में जुट गया है और प्रभावितों को फौरी राहत प्रदान की जा रही है। घायल हुए व्यक्तियों को स्वास्थ्य लाभ शीघ्र प्राप्त हो, ईश्वर से यही कामना करता हूं। ॐ शांति।'



जानकारी के मुताबिक बड़े-बड़े पत्थर पहाड़ से फिसलते हुए तेजी से नीचे आए और पुल को अपनी चपेट में ले लिया। वहां चल रहे कंस्ट्रक्शन के काम को भी भारी नुकसान पहुंचने की जानकारी मिल रही है। वहां मौजूद लोगों ने अपने मोबाइल फोन में इस भयावह दृश्य को कैद किया। आज दोपहर डेढ़ बजे के करीब पहाड़ से बड़ी-बड़ी चट्टानें नीचे आने लगीं। जब चट्टानें नीचे की तरफ आ रही थीं तो बारूद या बम फटने जैसी आवाज निकल रही थी। इसने पुल को अपनी चपेट में ले लिया और ये दो टुकड़ों में टूट गई।


हादसे का शिकार होने वाले लोग



सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो


पुलिस ने बताया कि एक टेम्पो पर भारी चट्टानों के गिरने की वजह से उसमें सवार 11 लोगों में से आठ की मौत हो गई और तीन घायल हो गए। पुलिस के अनुसार बचाव अभियान शुरू कर दिया गया है। इस घटना में छत्तीसगढ़ के दो यात्री भी हताहत हुए हैं। जिनमें से एक अमोघ बापट है जिनके पिता प्रशांत बापट HTPS (CSEB) कोरबा पश्चिम में अधीक्षण अभियंता हैं। दूसरा नाम सतीश कटकबार का है। जिस दौरान पहाड़ से चट्टानें गिर रही थीं तभी पर्यटकों से भरी गाड़ी छितकुल से सांगली की ओर आ रही थी और इसी दौरान उनकी गाड़ियों पर भी बड़े-बड़े पत्थर गिरने लगे। जब तक पर्यटक कुछ समझ पाते तब तक उनकी गाड़ियां पूरी तरह पत्थरों से दब गईं। वहीं आस-पास खड़ी गाड़ियां भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। इस हादसे का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वारयल हो रहा है।


महाराष्ट्र में भी हुआ था भीषण हादसा


बता दें कि महाराष्ट्र के रायगढ़, रत्नागिरी और सतारा में भूस्खलन की घटनाओं में 73 लोगों की मौत हो चुकी है। सबसे ज्यादा रायगढ़ के महाड में 44 लोगों की भूस्खलन से जान गई। वहीं तीनों जिलों में 47 लोग अभी भी लापता हैं। महाराष्ट्र सरकार के मुताबिक बाढ़ से जुड़ीं घटनाओं में राज्य में अब तक 112 लोगों की मौत हो चुकी है। NDRF की 34 टीमें रेस्क्यू अभियान में जुटी हैं।

Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.