Media24Media.com: नारायणपुर न्यूज

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label नारायणपुर न्यूज. Show all posts
Showing posts with label नारायणपुर न्यूज. Show all posts

IED की चपेट में आने से ITBP का एक जवान शहीद, एक घायल, नक्सलियों ने लगाई थी IED

No comments Document Thumbnail

छत्तीसगढ़ में नक्सलियों की कायराना हरकत की खबरें आए दिन सामने आती रहती है। वहीं कई बार इसका खामियाजा हमारे सूरक्षाबल के जवानों को भुगतना पड़ता है।  नारायणपुर जिले में नक्सलियों ने ऐसे ही कायराना करतूत को अंजाम दिया है। दरअसल, नक्सलियों के प्लांट किए गए IED की चपेट में आने से  ITBP का एक अधिकारी शहीद हो गया है। ब्लास्ट में एक हेड कॉन्स्टेबल भी जख्मी हुआ है। जानकारी के मुताबिक नक्सलियों ने घात लगाकर ITBP के जवानों पर हमला किया। घायल जवान को एयरलिफ्ट करके रायपुर इलाज के लिए भेजा गया है। नारायणपुर के SP सदानंद कुमार ने बताया कि नक्सलियों ने जवानों के रास्ते पर IED लगाया था। इस ब्लास्ट में जवान शहीद हो गया। 

जानकारी के मुताबिक ITBP की टुकड़ी पेट्रोलिंग के लिए निकली थी। सोनापुर थाना क्षेत्र में नक्सलियों ने IED लगाया था। जवान इसी की चपेट में आ गए। इस ब्लास्ट में एक जवान शहीद हो गया और एक घायल हो गया। SP सदानंद कुमार ने बताया कि ASI राजेंद्र कुमार हमले में शहीद हो गए। वहीं कांस्टेबल महेश कुमार घायल हैं। इससे पहले 13 मार्च को सुकमा जिले में नक्सलियों से मुठभेड़ में DRG के दो जवान घायल हो गए थे। बस्तर रेंज के महानिरीक्षक पी सुंदरराज ने बताया था कि मुठभेड़ रविवार सुबह केरलापाल पुलिस थाने के अंतर्गत चिछोरगुडा गांव के नजदीक जंगल में उस समय हुई जब राज्य के नक्सलरोधी बल DRG के जवान सड़क निर्माण के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए गश्त कर रहे थे।

DRG के 2 जवान घायल

उन्होंने बताया कि मुठभेड़ में DRG कांस्टेबल सोमदु पयम और सहायक कांस्टेबल मेहरु राम कश्यप घायल हुए हैं। अधिकारी ने बताया कि घटना के बाद अतिरिक्त सुरक्षा बल मौके पर भेजा गया था। साथ ही इलाके में तलाशी अभियान चलाया गया। उन्होंने बताया कि घायल जवानों को सुकमा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत स्थिर है। 

लगातार हो रहे हमले

बता दें कि बीते दिनों कांकेर में नक्सलियों के लगाए IED की चपेट में आने से SSB का जवान घायल हुआ था। रेलवे लाइन विस्तार काम की सुरक्षा के लिए सशस्त्र सीमा बल के जवान गश्त पर निकले थे। इसी दौरान एक जवान IED की चपेट में आ गया। मौके पर घात लगाए नक्सलियों ने विस्फोट के बाद जवानों पर हमला भी किया, लेकिन जवानों द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में नक्सली मोर्चा छोड़ कर भाग निकले।

वहीं 20 जनवरी को दंतेवाड़ा और सुकमा जिले की सीमा पर सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में पांच लाख के इनामी एरिया कमेटी मेंबर मड़कम मुइया मार गिराया गया था, जिसके बाद चिंतागुफा थाना क्षेत्र के करीगुंडम और माटेमरका के जंगलों में सुरक्षाबलों ने नक्सली कैंप ध्वस्त कर दिया। यहां से तलाशी में 3 बंदूक, 3 किलो वजनी IED, 80 मीटर बिजली का तार, 2 पिटठू बैग समेत नक्सली साहित्य बरामद किया गया था।

बता दें कि नक्सलियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ पुलिस कई तरह के अभियान चला रही है, जिससे प्रभावित होकर कई नक्सली आत्मसमर्पण भी कर रहे है। जबकि सूरक्षाबल के जवान कई नक्सलियों को गिरफ्तार भी कर रहे है, जिससे बौखलाएं नक्सली इस तरह के कायरना हरकत कर रहे है।बता दें कि प्रदेश में बीते साल के मुताबले इस साल नक्सली हमले और गतिविधियां कम हुई है। वहीं छत्तीसगढ़ पुलिस और सरकार नक्सलियों को मुख्यधारा से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।

नारायणपुर में जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़, एक नक्सली ढेर

No comments Document Thumbnail

छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में भरंडा BSF कैंप के पास पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें जवानों ने एक नक्सली को मार गिराया है। SP गिरजाशंकर जायसवाल ने घटना की पुष्टि की है। 

वहीं नारायणपुर जिले में मारे गए कथित नक्सली के परिजनों ने उसके नक्सली संगठन से जुड़े होने से इंकार करते हुए उसे किसान बताया है। नारायणपुर जिले के पुलिस अधीक्षक गिरिजाशंकर जायसवाल ने सोमवार को बताया कि जिले के भरंडा थाना क्षेत्र में दो दिन पहले ​बम विस्फोट की घटना हुई थी। पुलिस को जानकारी मिली थी कि नक्सली गणतंत्र दिवस पर ऐसी किसी घटना को अंजाम दे सकते हैं। उन्होंने बताया कि मिली सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस दल को भरंडा गांव रवाना किया गया। जब पुलिस दल के जवान रात करीब डेढ़ बजे भरंडा गांव में पुल के करीब पहुंचे तब नक्सलियों ने उन पर गोलीबारी शुरू कर दी। 

परिजन ने पुलिस के दावे को बताया गलत

पुलिस की जवाबी कार्रवाई के साथ ही मुठभेड़ शुरू हो गई। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि कुछ देर बाद नक्सली वहां से फरार हो गए। बाद में जब घटनास्थल की तलाशी ली गई तब वहां एक नक्सली का शव, भरमार बंदूक, कुकर बम और विस्फोटक बरामद हुआ। जिले के पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बाद में मारे गए नक्सली की पहचान भरदा गांव के रहने वाले मानूराम नुरेटी (उम्र 26) के रूप में की गई है। वहीं मानूराम के परिजनों ने पुलिस के इस दावे का खंडन किया है कि वो नक्सली था। मानूराम के बड़े भाई और पुलिस में जवान रैनु राम नुरेटी ने कहा कि उनका भाई नक्सली नहीं था बल्कि उनका परिवार खुद नक्सली हिंसा का शिकार है।

DRG में पदस्थ है मृतक का भाई

नारायणपुर पुलिस के DRG इकाई में आरक्षक के पद पर तैनात रैनु राम ने बताया कि उनके भाई मानूराम ने पुलिस के बस्तर फाइटर के लिए हो रही भर्ती में आरक्षक पद के लिए आवेदन किया था और उसकी तैयारी कर रहा था। मानूराम की पत्नी मनबती नुरेटी का कहना है कि उसका पति एक किसान था। उसके पास कभी हथियार नहीं था। मनबती ने बताया कि रविवार की रात खाना खाने के बाद मानूराम टहलने के निकला था। उसके हाथ में गुलेल था।

पत्नी ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

मानूराम की पत्नी ने बताया कि 'मानूराम ने मेरा स्वेटर और चप्पल पहना था।' मनबती ने पुलिस के दावे को झूठा बताया है। वहीं मनबती और अन्य ग्रामीणों ने न्याय की मांग को लेकर नारायणपुर जिले के कलेक्टर को पत्र भी लिखा है। मानूराम के परिजनों के दावे को लेकर नारायणपुर जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीरज चंद्राकर ने कहा इस तरह के आरोप नक्सलियों के दबाव में लगाए जाते हैं। चंद्राकर ने कहा कि मारे गए नक्सली का भाई DRG का आरक्षक है। वो पहले नक्सली संगठन में था। बाद में वो पुलिस में शामिल हो गया। मानूराम ने शायद अपने भाई को नहीं बताया था कि वो नक्सली है। वो मुठभेड़ में मारा गया है। इस दौरान वहां अन्य नक्सली भी मौजूद थे। पुलिस ने घटनास्थल से एक हथियार भी बरामद किया है।

BSF ADG आरएस भट्टी ने दी जानकारी

इधर, रायपुर में BSF ADG आरएस भट्टी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें उन्होंने छत्तीसगढ़ और ओडिशा सीमा पर सेवाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बीते 10 सालों में BSF ने 18 नक्सलियों को मारा गिराया है। वहीं 1650 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है। इसमें 38 जवान और अफसर शहीद हुए हैं। जबकि 891 नक्सलियों ने सरेंडर किया है। ADG ने बताया कि अब तक 1473 हथियार और 958 IED जब्त किया गया है।

छत्तीसगढ़ पुलिस चला रही कई तरह के अभियान

बता दें कि नक्सलियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ पुलिस कई तरह के अभियान चला रही है, जिससे प्रभावित होकर कई नक्सली आत्मसमर्पण भी कर रहे है। जबकि सूरक्षाबल के जवान कई नक्सलियों को गिरफ्तार भी कर रहे है, जिससे बौखलाएं नक्सली इस तरह के कायरना हरकत कर रहे हैं। बता दें कि प्रदेश में बीते साल के मुताबले इस साल नक्सली हमले और गतिविधियां कम हुई है। वहीं छत्तीसगढ़ पुलिस और सरकार नक्सलियों को मुख्यधारा से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। 

नक्सली लगातार दे रहे वारदात को अंजाम

पुलिस की लगातार कार्रवाई से बौखलाए नक्सली लोगों में दहशत फैलाने के लिए लगातार किसी न किसी कायराना करतूत को अंजाम देने में लगे हुए हैं। नक्सली लगातार पुलिस की नाक के नीचे मुखबिरी के शक में ग्रामीणों की हत्या कर रहे हैं।

नक्सलियों ने की पुलिया निर्माण में लगे मुंशी की हत्या, ट्रैक्टर और JCB को भी किया आग के हवाले

No comments Document Thumbnail

छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में एक बार फिर नक्सलियों की कायराना करतूत (Naxalites attacks) सामने आई है। नक्सलियों ने जिले के मढ़ोनार में चल रहे पुलिया निर्माण कार्य में लगे मुंशी को मौत के घाट उतार दिया है। साथ ही पुलिया निर्माण कार्य में लगे वाहनों को भी आग के हवाले कर दिया है। जानकारी के मुताबिक नक्सलियों ने JCB, ट्रैक्टर और बाइक को आग के हवाले कर दिया है। एडिशनल एसपी नीरज चंद्राकर ने घटना की पुष्टि की है।


पुलिस की लगातार कार्रवाई से बौखलाए नक्सली लोगों में दहशत फैलाने के लिए लगातार किसी न किसी कायराना करतूत को अंजाम देने में लगे हुए हैं। नक्सली लगातार पुलिस की नाक के नीचे मुखबिरी के शक में ग्रामीणों की हत्या कर रहे हैं और विकास कार्यों में रोक लगाने की कोशिश कर रहे हैं। संभाग के अलग-अलग जिलों में आए दिन नक्सलियों की उत्पात की घटना सामने आती रहती है। नक्सली कभी मूखबिरी के शक में ग्रामीणों की जान लेते हैं तो कभी निर्माण कार्यों में लगे वाहनों को आग के हवाले कर देते हैं। ताकि काम पूरा न हो सकें। हालांकि पुलिस फिर भी हर स्तर पर ग्रामीणों तक विकास पहुंचाने की कोशिश कर रही है।

5 साल में नक्सली हिंसा में इतने लोगों की गई जान

बीते 5 साल में छत्तीसगढ़ में नक्सली हिंसा (Naxalite violence) में 1 हजार लोगों की जान जा चुकी है। इनमें 314 आम लोग भी शामिल हैं। इनका नक्सल आंदोलन से कोई लेना-देना नहीं था। वहीं 220 जवान शहीद हुए हैं, साथ ही 466 नक्सली भी मुठभेड़ में मारे गए हैं।

जांजगीर-चांपा के कई वार्डों सहित नारायणपुर का बंगलापारा वार्ड माइक्रो कंटेनमेंट घोषित

No comments Document Thumbnail

जांजगीर-चांपा कलेक्टर जितेंद्र कुमार शुक्ला ने कोरोना संक्रमित व्यक्ति पाए जाने पर नगर पंचायत जैजैपुर के वार्ड क्रमांक- 3, तहसील बंहनीडीह के पोड़ीशंकर के वार्ड क्रमांक- 15 और तहसील बलौदा के ग्राम खारी के वार्ड क्रमांक -09 के पूरे क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन घोषित किया है।  जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी आदेश के मुताबिक कंटेनमेंट  जोन में अति आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं की आपूर्ति सहित अपरिहार्य, स्वास्थगत आपातकालीन परिस्थितियों को छोड़कर कंटेनमेंट जोन में आने-जाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। 




कंटेनमेंट जोन के निवासी बिना अनुमति के अपने घरों से बाहर किसी भी परिस्थिति में नहीं निकलेंगे। चिन्हांकित क्षेत्र में पूरी तरह लॉकडाउन रहेगा। क्षेत्र के अंतर्गत सभी दुकानें, ऑफिस और अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठान आगामी आदेश तक पूरी तरह बंद रहेंगे। वाहनों के आवागमन पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। अति आवश्यक होने पर अलग से आदेश प्रसारित किया जाएगा। कंटेनमेंट जोन में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी संबंधित SDM को दी गई है। 


 PWD के कार्यपालन अभियंता को सौंपा गया दायित्व 


स्वास्थ्य विभाग द्वारा संबंधित क्षेत्र में स्वास्थ्य निगरानी, सैंपल की जांच की व्यवस्था की जाएगी। कानून-व्यवस्था, कंटेनमेंट जोन को सील करने और गश्त करने के लिए आवश्यक पुलिस व्यवस्था के लिए पुलिस अधीक्षकऔर अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। कंटेनमेंट क्षेत्र में सिर्फ एक प्रवेश और निकास द्वार की व्यवस्था के लिए PWD के कार्यपालन अभियंता को दायित्व सौंपा गया है।

     

सेक्स रैकेट: गेस्ट हाउस और स्पा में चल रहा था देह व्यापार का धंधा, 7 युवती और 12 युवक गिरफ्तार



स्वास्थ्य विभाग के SOP के मुताबिक PPE कीट, मास्क उपलब्ध करवाने, घरों का एक्टिव सर्विलांस, मेडिकल अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था की जिम्मेदारी मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी को दी गई है। कंटेनमेंट क्षेत्र में सैनिटाइज के लिए नगर पंचायत जैजैपुर, जनपद पंचायत बम्हनीडीह और जनपद पंचायत बलौदा  के सीएमओ को दायित्व सौंपा गया है।


 बंगलापारा वार्ड माइक्रो कंटेनमेंट घोषित


नारायणपुर जिले में कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए लगातार कोशिश की जा रही है, जिसके तहत जिले के संदिग्ध मरीजों के सैंपल जांच के लिए भेजा गया था। इसमें बंगलापारा वार्ड में 1 व्यक्तियों की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव पाए जाने के कारण कोरोना वायरस के संक्रमण से फैलाव को देखते हुए बंगलापारा के पूर्व दिशा दिनेश नेताम के घर तक, पश्चिम दिशा मेनोनाइट चर्च के किनारे वाली दिवाल तक, उत्तर दिशा सहकारी लेंपस से शांति नगर जाने वाली सड़क तक दक्षिण दिशा पक्की सड़क तक तक माइक्रो कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है। 


घर के बाहर निकलना प्रतिबंधित


इन चिन्हांकित क्षेत्र अंतर्गत सभी दुकानें, हाट-बाजार और अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठान आगामी आदेश तक बंद रहेंगे। इसके साथ ही घर पहुंच सेवा के माध्यम से आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति उचित दरों पर सुनिश्चित की जाएगी। सभी प्रकार के आवागमन पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। मेडिकल इमरजेंसी को छोड़कर अन्य किन्हीं भी कारणों से घर के बाहर निकलना प्रतिबंधित रहेगा। स्वास्थ्य विभाग के मानकों के अनुरूप व्यवस्था के लिए पुलिस, पेट्रोलिंग सुनिश्चित की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के निर्देशानुसार आवश्यक सर्विलांस,कॉन्टेक्ट ट्रैसिंग और सैंपल जांच की कार्रवाई की जाएगी।

धान में ऐसे करें खरपतवार प्रबंधन, नहीं खराब होगी फसल

No comments Document Thumbnail

धान की फसल में खरपतवार एक बहुत बड़ी समस्या है। अगर समय पर इसका नियंत्रण नहीं किया गया तो फसल पूरी तरह से नष्ट हो जाती है। खरपतवार पैदावार में कमी के साथ धान में लगने वाले रोग के कारकों और कीट व्याधियों को भी आश्रय देते हैं। धान की फसल में खरपतवार के कारण 15-85 प्रतिशत तक नुकसान होता है, कभी कभी यह नुकसान 100 प्रतिशत तक पहुंच जाता है। इसलिए सही समय पर खरपतवार नियंत्रण करना बहुत आवश्यक है।




इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के अनुशंसा के अनुसार कृषि विज्ञान केंद्र नारायणपुर के वैज्ञानिकों द्वारा बताया गया कि  सीधी बुआई वाले धान में बुआई के 15-45 दिन और रोपाई वाले धान में रोपाई के 35-45 दिन तक फसल को खरपतवार मुक्त रखना आर्थिक रूप से लाभदायक होता है। साथ ही फसल का उत्पादन ज्यादा प्रभावित नहीं होता है। बुआई के 3 दिन के अंदर खरपतवार नियंत्रण के लिए पायरेजोसल्फ़ुएरोन 10 डब्लू .पी. दवा का छिड़काव 80 ग्राम प्रति एकड़ की दर से करना चाहिए । इस दौरान खेत में पर्याप्त नमी होना आवश्यक है।


जेट नोजल का प्रयोग


दूसरी बार बुआई के 20-25 दिन के भीतर बिसपायरिबैक सोडियम दवा का छिडकाव 100 एम एल प्रति एकड़ की दर से करना चाहिए। इसके छिड़काव से घास कुल के संकरी पत्ती वाले जैसे सांवा और चौड़ी पत्ती वाले जैसे कौआ, कैनी और मोथा का नियंत्रण हो जाता है। खरपतवारनाशी रसायन के छिड़काव के लिए हमेशा फ्लैट फेन या फ्लैट जेट नोजल का प्रयोग प्रभावी खरपतवार नियंत्रण के लिए करना चाहिए।


आमाबेड़ा में लगा जनचौपाल, शिविर में प्राप्त हुए 111 आवेदन


बीजापुर कृषि विज्ञान केंद्र ने कलेक्टर के निर्देशानुसार जिले के उद्यानिकी कृषकों के लिए बहुमंजिला खेती यानी मल्टीलेयर फार्मिंग कार्ययोजना तैयार किया है। इसके लिए बीजापुर जिले के 200 किसानों का चयन किया गया है। साथ ही आवश्यक संसाधन जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे किसानों के आय में बढ़ोतरी हो सके। बहुमंजिला खेती के इस तकनीक से एक साथ 05 फसलों की बुआई कम लागत में 08 गुना ज्यादा आय प्राप्त होगी, जो कि कृषकों की आय दोगुनी करने में एक रामबाण साधन साबित होगी। 


लगाया जा सकता है 4 से 5 फसल  


बहुमंजिला खेती से किसानों को  विभिन्न लाभ होंगे, जैसे कि किसानों को मुनाफा प्रति इकाई क्षेत्र ज्यादा मिलेगा। इससे खेत का प्रबंधन आसानी से किया जाता है। इस पद्धति से पानी की 70 प्रतिशत बचत होती है। खाद उर्वरक की बचत होती है और फसल में जितनी खाद,उर्वरक लगती है उतने में 4 से 5 फसल लगाया जा सकता है और भूमि खरपतवार प्रबंधन आसानी से किया जा सकता है।

Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.