Media24Media.com: छत्तीसगढ़ में बारिश की संभावना

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राजधानी और दुर्ग में छाते हैं बादल...पर नहीं होती बारिश, सिस्टम नहीं बनने का असर

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छत्तीसगढ़ के कई जिलों में इन दिनों जमकर बारिश हो रही है, लेकिन राजधानी रायपुर और दुर्ग में बारिश नहीं हो रहे हैं। यहां बादल तो छाते हैं, लेकिन बारिश नहीं होती, जिसे लेकर मौसम विभाग का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में तूफानी सिस्टम नहीं बन पाया है, जिसकी वजह से मैदानी इलाकों में अब तक अच्छी बारिश नहीं हुई है। मानसून बस्तर के साथ ही दुर्ग में आया और फिर रायपुर पहुंचा, लेकिन दोनों ही शहरों समेत आसपास के इलाके में बारिश नहीं के बराबर हो रही है। 

इन जिलों में बादल लगभग रोजाना ही दोपहर या शाम को गहराते हैं, लेकिन या तो बरसते नहीं या फिर बूंदाबांदी ही होती है। बीते 24 घंटे में पूरे रायपुर जिले में सिर्फ 4.7 मिमी बारिश हुई। यानी की बूंदाबांदी से कुछ ज्यादा। इसके मुकाबले सरगुजा में एक-दो जगह 9 सेमी तक पानी बरस गया। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में 170 रेन गेज लगे हैं। इनमें से रायपुर और दुर्ग को छोड़कर 75-80 फीसदी स्टेशनों में ठीक-ठाक बारिश दर्ज हो रही है। 

मैदानी इलाकों में बारिश कम 

मैदानी इलाकों में कम बारिश को लेकर विशेषज्ञों ने चिंता जताई है। शुक्रवार की रात राजधानी समेत लगभग पूरे जिले में गहरे बादल छाए रहे, गरज-चमक के साथ हल्का अंधड़ भी चला, लेकिन बारिश नहीं हुई। सिर्फ आउटर में बूंदाबांदी हुई। ऐसा ही शुक्रवार शाम दुर्ग-भिलाई में भी हुआ। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक प्रदेश में ऊपरी हवा के चक्रवात और अरब सागर की नमी से अभी बारिश हो रही है, लेकिन अच्छी बारिश तभी संभव है, जब बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बने। यह अभी नहीं बना है और अगले तीन-चार दिन तक इसकी संभावना भी नहीं है।

सरगुजा और बस्तर संभाग में जमकर बारिश 

सरगुजा और बस्तर संभाग में जमकर बारिश हो रही है। 24 घंटे में ओड़गी में 9, पुसौर में 8, रायगढ़ में 7 सेमी पानी गिर गया। वहीं करतला, मैनपुर, घरघोड़ा में 6, राजनांदगांव, भैयाथान, तमनार में 5, कटघोरा, पाली, भैरमगढ़ में 4, केशकाल, जांजगीर, बीजापुर, डोंगरगांव, नगरी, लाेरमी, भोपालपट्‌टनम, पोड़ी उपरोड़ा, पथरिया, बास्तानार, अंबिकापुर, तोकापाल, डोंगरगढ़ समेत कई इलाकों में 3-3 सेमी पानी गिरा। कई स्थानों पर 1 से 2 सेमी बारिश भी रिकॉर्ड की गई।

एक-दो जगहों पर भारी बारिश की चेतावनी

वहीं आने वाले 24 घंटे में एक-दो स्थानों पर भारी बारिश के आसार मौसम विभाग ने जताए हैं। मौसम विज्ञानी के मुताबिक एक चक्रवात और एक द्रोणिका के असर से बारिश हो रही है, लेकिन रायपुर और दुर्ग में पानी तभी बरसने के उम्मीद है, जब खाड़ी में सिस्टम बने।

छत्तीसगढ़ में अब तक 101.2 मिमी बारिश दर्ज 

छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित जानकारी के मुताबिक एक जून 2022 से अब तक राज्य में 101.2 मिमी औसत बारिश दर्ज की जा चुकी है। राज्य के विभिन्न जिलों में 01 जून से अब तक रिकॉर्ड की गई बारिश के अनुसार गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में सर्वाधिक 192.8 मिमी और जशपुर जिले में सबसे कम 53.3 मिमी औसत बारिश दर्ज की गई है।

जांजगीर-चांपा में 162.7 मिमी बारिश दर्ज

राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार एक जून से अब तक सरगुजा में 55.5 मिमी, सूरजपुर में 81.4 मिमी, बलरामपुर में 56.8 मिमी, कोरिया में 87.7 मिमी, रायपुर में 61.4 मिमी, बलौदाबाजार में 105.0 मिमी, गरियाबंद में 107.8 मिमी, महासमुंद में 76.7 मिमी, धमतरी में 92.2 मिमी, बिलासपुर में 107.1 मिमी, मुंगेली में 154.0 मिमी, रायगढ़ में 117.8 मिमी, जांजगीर-चांपा में 162.7 मिमी बारिश दर्ज की गई है।

बीजापुर में 119.6 मिमी औसत बारिश रिकॉर्ड

इसी तरह कोरबा में 135.4 मिमी, दुर्ग में 75.8 मिमी, कवर्धा में 103.3 मिमी, राजनांदगांव में 106.3 मिमी, बालोद में 151.0 मिमी, बेमेतरा में 97.5 मिमी, बस्तर में 106.5 मिमी, कोंडागांव में 71.5 मिमी, कांकेर में 80.5 मिमी, नारायणपुर में 79.8 मिमी, दंतेवाड़ा में 97.0 मिमी, सुकमा में 95.6 मिमी और बीजापुर में 119.6 मिमी औसत बारिश रिकॉर्ड की गई।

छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना, बिजली गिरने की भी चेतावनी

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छत्तीसगढ़ में मानसून अब पूरे प्रदेश में एक्टिव हो गया है। मौसम विभाग ने इसकी आधिकारिक घोषणा कर दी है। मानसून तंत्र ने 15 जून की रात बस्तर से प्रदेश में प्रवेश किया था। 16 जून को वह दुर्ग तक पहुंच गया। 19 जून की सुबह 8 बजे तक वह दुर्ग में ही अटका था। मौसम विभाग ने आज एक-दो स्थानों पर भारी बरसात की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा पोरबंदर, बडौदा, शिवपुरी, रीवा, चुर्क तक पहुंच गई है। यानी ये छत्तीसगढ़ की सीमाओं को पार कर उत्तर-प्रदेश, बिहार तक पहुंच गई है। इस दो स्थानीय मौसमी तंत्र भी सक्रिय हुए हैं। 

एक पूर्व-पश्चिम द्रोणिका पश्चिम उत्तर प्रदेश से बांग्लादेश तक स्थित है। वहीं एक द्रोणिका दक्षिण छत्तीसगढ़ से दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश तक विस्तारित है। इसके प्रभाव से प्रदेश में 21 जून को कई स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने या गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और भारी बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक रविवार-सोमवार की रात गरियाबंद, बिलासपुर, मुंगेली और रायगढ़ में जमकर बारिश हुई। 

अंबिकापुर में तापमान 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज

गरियाबंद के छुरा में 10 सेंटीमीटर बरसात रिकॉर्ड हुआ है। वहीं बिलासपुर के कोटा में 9 सेंटीमीटर, मुंगेली के लोरमी में 8 और पथरिया में 7 सेंटीमीटर बरसात दर्ज हुई है। रायपुर, बलौदाबाजार, धमतरी, कवर्धा, बेमेतरा, गौरेला-पेंडा-मरवाही जिलों में भी बरसात हुई है। सोमवार को भी सुबह से पूरे प्रदेश में घने बादल छाए रहे। कहीं-कहीं छिटपुट बरसात की भी खबर आई। मानसून के सक्रिय हो जाने के बाद बिलासपुर के अधिकतम तापमान में 13 डिग्री सेल्सियस की भारी गिरावट हुई है। रविवार को वहां का अधिकतम तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। वहीं न्यूनतम तापमान 24.2 डिग्री सेल्सियस रहा। रायपुर में अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री था जो सामान्य से दो डिग्री सेल्सियस कम है। पेण्ड्रा रोड में यह 29 डिग्री और अंबिकापुर में 31 डिग्री सेल्सियस मापा गया।

छत्तीसगढ़ में अब तक 56.1 मिमी औसत बारिश दर्ज 

राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित जानकारी के मुताबिक एक जून 2022 से अब तक राज्य में 56.1 मिमी औसत बारिश दर्ज की जा चुकी है। राज्य के विभिन्न जिलों में 01 जून से आज 20 जून तक रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिलें में सर्वाधिक 130.7 मिमी और बस्तर जिले में सबसे कम 15.9 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है।

राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष ने जारी किया रिकॉर्ड

राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक जून से अब तक सरगुजा में 27.2 मिमी, सूरजपुर में 37.2 मिमी, बलरामपुर में 30.9 मिमी, जशपुर में 33.6 मिमी, कोरिया में 44.3 मिमी, रायपुर में 40.4 मिमी, बलौदाबाजार में 86.5 मिमी, गरियाबंद में 56.7 मिमी, महासमुंद में 56.5 मिमी, धमतरी में 38.1 मिमी, बिलासपुर में 89.2 मिमी, मुंगेली में 129.8 मिमी, रायगढ़ में 64.5 मिमी, जांजगीर-चांपा में 121.2 मिमी, कोरबा में 84.9 मिमी, दुर्ग में 43.6 मिमी, कबीरधाम में 75.7 मिमी, राजनांदगांव में 57.2 मिमी, बालोद में 92.7 मिमी, बेमेतरा में 77.7 मिमी, कोण्डागांव में 18.1 मिमी, कांकेर में 23.7 मिमी, नारायणपुर में 16.3 मिमी,दंतेवाड़ा में 23.0 मिमी, सुकमा में 26.0 मिमी और बीजापुर में 28.4 मिमी औसत बारिश रिकॉर्ड की गई।

छत्तीसगढ़ में आज हो सकती है बारिश, मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए जारी किया अलर्ट

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छत्तीसगढ़ के मौसम में एक बार फिर बदलाव देखने को मिल सकता है। कई जिलों में आज बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक हवाओं की दिशा बदलने से छत्तीसगढ़ के आसमान पर एक बार फिर बादल छा गए हैं। अरब सागर से नमी लेकर आ रही पश्चिमी हवा और बंगाल की खाड़ी से आ रही दक्षिणी हवा ने यहां माहौल बना दिया है, जिसके असर से रविवार यानी आज रायपुर, दुर्ग समेत बस्तर संभाग के उत्तरी हिस्से में एक-दो स्थानों पर बूंदाबांदी हो सकती है।

रायपुर मौसम विभाग ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश में 20 फरवरी को अरब सागर से पश्चिमी हवा और बंगाल की खाड़ी से नमी युक्त गर्म हवा दक्षिण से आने वाली है। इन हवाओं का मिलन क्षेत्र छत्तीसगढ़ बनेगा। इसकी वजह से रविवार को मध्य छत्तीसगढ़ समेत बस्तर संभाग के उत्तरी भाग में एक-दो स्थानों पर हल्की वर्षा होने या बूंदाबांदी होने की संभावना है। प्रदेश में अधिकतम तापमान में गिरावट होने की संभावना है। जबकि बादलों की वजह से न्यूनतम तापमान में बढ़ोत्तरी होने की संभावना बनी हुई है।

लगातार ऐसा ही रह सकता है मौसम

छत्तीसगढ़ के मध्य-उत्तर क्षेत्रों में शनिवार को भी दिन भर बादल छाए रहे। संभावना जताई जा रही थी कि सरगुजा संभाग के एक-दो स्थानों पर बरसात होगी। हालांकि अभी तक किसी हिस्से से बरसात की कोई रिपोर्ट सामने नहीं आई है। हालांकि देर रात से सुबह तक बरसात होने की संभावना बनी हुई है।मौसम विज्ञानी ने बताया फरवरी का ये मौसम संक्रमण काल जैसा है। इसमें धूप-छांव जैसी स्थिति बनी रहती है। ताजा पश्चिमी विक्षोभ की जो स्थिति बन रही है उसके मुताबिक 25-26 फरवरी तक मौसम इसी तरह बना रहेगा। बादल आते-जाते रहेंगे। कहीं-कहीं हल्की बरसात हो सकती है। हालांकि तापमान में बड़ा परिवर्तन नहीं होगा।

जशपुर, पेंड्रा में न्यूनतम तापमान सामान्य से कम

बीते कुछ दिनों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में रात का तापमान काफी गर्म हुआ है। सिर्फ जशपुर, पेंड्रा रोड, अंबिकापुर और दुर्ग का न्यूनतम तापमान ही सामान्य से कम है। जशपुर के डुमरबहार में न्यूनतम तापमान 10.7 डिग्री सेल्सियस मापा गया है। अंबिकापुर में 11 डिग्री है जो सामान्य से 1.3 डिग्री कम है। पेंड्रा रोड में न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से 1 डिग्री कम है। वहीं दुर्ग में 15.6 डिग्री तापमान दर्ज हुआ है जो सामान्य से 8 डिग्री कम है।

किसानों को कृषि वैज्ञानिकों की सलाह

छत्तीसगढ़ में सरसो की खेती तेजी से लोकप्रिय हो रही है। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि इस मौसम में इस पर माहूं का अटैक हो सकता है। मौसम में हो रहे बदलाव और बादलों को देखते हुए कृषि वैज्ञानिकों ने फसलों की देखभाल में सावधानी बरतने की हिदायत दी है। वैज्ञानिकों के मुताबिक बादल छाए रहने से चने की फसल में इल्लियों का प्रकोप बढ़ सकता है। अगर ऐसा दिखे तो मौसम साफ होने पर दवा का छिड़काव करें। इस मौसम में सरसो का माहूं लगने की आशंका है। सूरजमुखी में भूरा धब्बा रोग लगने की भी संभावना मौसम की वजह से बढ़ी हुई है। हल्की बरसात वाले इलाकों में गेहूं की सिंचाई की जरूरत नहीं है। गर्मी का धान लगाने वाले किसान एक सिंचाई जरूर कर दें। वहीं किसानों के अपनी फसलों पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है।

छत्तीसगढ़ में इसी हफ्ते फिर हो सकती है बारिश, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

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छत्तीसगढ़ के कई जिलों में इस हफ्ते फिर मौसम में बदलाव देखने को मिल सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश के उत्तरी हिस्से में उत्तर-पूर्व से और दक्षिणी हिस्से में दक्षिण-पश्चिम से हवाएं आने लगी हैं। इसकी वजह से 21 से 23 जनवरी तक न्यूनतम तापमान में 3 डिग्री तक की बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं 22 जनवरी को सरगुजा और बिलासपुर संभाग के कुछ जिलों में हल्की बारिश होने की संभावना है।

मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि हवाओं की दिशा बदलने की वजह से प्रदेश में 21 जनवरी से 23 जनवरी तक न्यूनतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी होने की संभावना है। वहीं 22 जनवरी तक अधिकतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक इजाफा होने के आसार है। इसके बाद प्रदेश में बादल छाने और बारिश का दौर शुरू होने के कारण अधिकतम तापमान में गिरावट होने की संभावना है।

22 जनवरी को हो सकती है बारिश

मौसम विभाग के मुताबिक 22 जनवरी को शाम या रात में सरगुजा संभाग और उससे लगे बिलासपुर संभाग के जिलों में एक-दो जगहों पर हल्की बारिश होने की संभावना है। साथ ही गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना बन रही है। वहीं 23 जनवरी को सरगुजा और बिलासपुर संभाग में कई जगहों पर हल्की से मध्यम स्तर की बारिश हो सकती है। इन संभागों में एक-दो जगहों पर गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि भी हो सकती है। बीते हफ्ते भी सरगुजा, बिलासपुर, बस्तर और दुर्ग संभाग के कुछ जिलों में भारी ओलावृष्टि हुई थी।

कई जिलों में हल्की बारिश होने के आसार

मौसम विभाग ने बताया कि 23 जनवरी को दुर्ग और रायपुर संभाग के उत्तर में स्थित जिलों में कुछ हिस्सों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं दुर्ग और रायपुर संभाग के बाकी भाग, बस्तर संभाग के उत्तरी भाग में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। 24 जनवरी को सरगुजा और बस्तर संभाग और इनसे लगे जिलों में हल्की बारिश होने के आसार है।

धान खरीदी हो सकती है प्रभावित  

बीते हफ्ते 9 जनवरी से बारिश शुरू हुई थी। ये बारिश 16 जनवरी तक रही। भारी बारिश और ओलावृष्टि की वजह से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी प्रभावित रही। सरकारी खरीदी केंद्रों पर मंगलवार से धान की तुलाई फिर से शुरू हुई है। अब फिर बरसात हुई तो यह खरीदी फिर रुक जाएगी। धान की खरीदी के लिए सरकार ने 31 जनवरी तक की तिथि निर्धारित की है। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है कि पंजीकृत किसानों का धान बचा रह गया तो इस तिथि को आगे बढ़ाया जा सकता है। 

छत्तीसगढ़ में 15 जनवरी से मौसम में सुधार की संभावना, आज भी हो सकती है बारिश

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छत्तीसगढ़ में बंगाल की खाड़ी से नमी और गर्म हवाओं का आगमन लगातार जारी है। मौसम विभाग के मुताबिक एक द्रोणिका दक्षिण अंदरूनी कर्नाटक से दक्षिण छत्तीसगढ़ तक स्थित है। इसके मुताबिक प्रदेश में 15 जनवरी से मौसम में सुधार होने की संभावना है। वहीं आज प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। प्रदेश में एक दो स्थानों पर गरज चमक के साथ ओले गिरने और आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना है। 

मौसम विभाग के मुताबिक बारिश मुख्यत दक्षिण छत्तीसगढ़ में होने की संभावना है। साथ ही प्रदेश के उत्तरी भाग में एक दो स्थानों पर हल्की बारिश होने और गरज चमक के साथ छीटें पड़ सकते हैं। प्रदेश के उत्तरी भाग में अधिकतम तापमानों में बढ़ोतरी हो सकती है। जबकि बाकी भागों में विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है।

अगले 5 दिनों में बारिश होने की संभावना

इधर, मौसम विभाग और कांकेर कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से जारी मध्यावधि मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक अगले पांच दिनों में कांकेर जिले के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। आसमान में आंशिक रूप से बादल छाये रहने के साथ अधिकतम तापमान 25.0-27.0 डिग्री सेंटीग्रेड और न्यूनतम तापमान 1.0-17.0 डिग्री सेंटीग्रेड  सुबह की हवा में 91-95 प्रतिशत आर्द्रता और शाम की हवा में 41-60 प्रतिशत आर्द्रता और आने वाले दिनों में हवा उत्तर-पूर्व-दक्षिण-पूर्व दिशाओं से 2.0-3.0 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलने की संभावना है।

एंड्राइड फोन पर कर सकते हैं इनस्टॉल

कांकेर कृषि विज्ञान केंद्र  के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. बीरबल साहू ने जिले के किसानों को सलाह दी है कि दलहनी फसलों सब्जियों की नर्सरी में जल निकासी की व्यवस्था बनाए रखें, टमाटर के पौधों को रस्सी के माध्यम से सहारा देकर ऊपर चढ़ाएं, बारिश रुकने पर खेतों का सतत निरिक्षण करते रहें। कीट व्याधि का प्रकोप बढ़ता है तो आवश्यकतानुसार अनुशंसित दवाओं का बारिश रुकने के बाद छिडकाव करें। पशुओं को बारिश के समय में बाहर न छोड़े और पेड़ के नीचे न रुकने देवें। आकाशीय बिजली से सुरक्षा और जानकारी के लिए दामिनी मोबाइल एप अपने एंड्राइड फोन पर इनस्टॉल कर सकते हैं।

छत्तीसगढ़ में 9 जनवरी से बारिश की संभावना, ओले गिरने की भी चेतावनी जारी

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छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में इस हफ्ते मौसम में बदलाव देखने को मिल सकती है। ये राजस्थान के ऊपर शुक्रवार को बन रहे चक्रीय चक्रवाती घेरे की वजह से हो सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में हवा की दिशा बदल गई है, जिसके चलते 9 जनवरी से प्रदेश के कई हिस्सों में हल्के से मध्यम स्तर की बारिश हो सकती है। वहीं कहीं-कहीं ओले गिरने की भी संभावना है।

मौसम विभाग ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण 7 जनवरी को दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के ऊपर, ऊपरी हवा का एक चक्रीय चक्रवाती घेरा बन रहा है। इस घेरे के पूर्व दिशा की ओर आगे बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। इसकी वजह से हवा की दिशा में परिवर्तन हो गया है। न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान में मामूली बढ़ोतरी की संभावना बन रही है। 9 जनवरी से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में हल्की से मध्यम स्तर की बारिश या गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना बन रही है। प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि भी संभावित है।

जनवरी महीने में कम होती है बारिश 

छत्तीसगढ़ में सामान्य तौर पर जनवरी के महीने में कम ही बारिश होती है। रायपुर में जनवरी की मासिक बारिश का औसत सिर्फ 15 मिलीमीटर है। 2021 में जनवरी में एक बूंद भी पानी नहीं बरसा। जनवरी में 24 घंटे के अंदर अधिकतम वर्षा का रिकॉर्ड साल 1921 का है। तब 22 जनवरी को 55.4 मिलीमीटर पानी बरसा था। दिसंबर 2021 के आखिर में हुई छत्तीसगढ़ में अधिकतर जिले में मध्यम से भारी स्तर की बरसात हुई। 

खाद्य मंत्री ने नाराजगी है नाराजगी

रायपुर में तो बारिश ने रिकॉर्ड ही तोड़ दिए। यहां शाम से सुबह 8.30 बजे तक ही 66 मिमी बरसात हो गई। दूसरे जिलों में भी काफी बरसात हुई। ओलावृष्टि से सड़कें और खेत-मकान पूरी तरह पट गए। भारी बारिश और ओलावृष्टि की वजह से किसानों को नुकसान हुआ। सरकारी धान खरीदी केंद्रों में खुले में रखा धान भी बरसात की वजह से भीग गया, जिले लेकर खाद्य मंत्री ने नाराजगी जताई है। साथ ही 6 जिलों के कलेक्टर को नोटिस जारी करने को कहा हैं।

राजधानी रायपुर समेत ज्यादातर जिलों में हुई तेज बारिश, ओले भी गिरे

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छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में साल के आखिरी दिनों में मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। दरअसल, चक्रवाती हवाओं ने छत्तीसगढ़ का मौसम बदल दिया है। मंगलवार को राजधानी रायपुर, भिलाई, राजनांदगांव, कोरिया, कवर्धा, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, कोरबा, बेमेतरा समेत अधिकांश जिलों में बारिश हुई। वहीं रायपुर, कवर्धा, बेमेतरा में ओले भी गिरे हैं। इस बारिश की वजह से दिन के तापमान में भी 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट होने की संभावना है।

छत्तीसगढ़ के कोरिया और बिलासपुर जैसे कुछ हिस्सों में दोपहर बाद गरज-चमक के साथ बरसात शुरू हो गई थी। शाम होते-होते सरगुजा, बिलासपुर और रायपुर संभाग के अधिकांश हिस्सों में बरसात होने लगी। इस बीच दुर्ग संभाग के जिलों में बारिश के साथ ओले गिरे। रायपुर में शाम को हवा तेज हो गई। करीब 8 बजे से यहां बरसात होने लगी। इसके साथ ओले भी गिरे। गरज-चमक के साथ बरसात देर रात तक होती रही। इस दौरान कई निचले इलाकों में पानी भर गया। ठंडी हवाओं की वजह से रात ज्यादा ठंडी हो गई थी।

आज भी ऐसा ही रह सकता है मौसम

मौसम विभाग के मुताबिक छत्तीसगढ़ में 29 दिसंबर को कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने और गरज चमक के साथ छींटे गिरने की संभावना है। ओले भी गिर सकते हैं। ओलावृष्टि का क्षेत्र मुख्य रूप से प्रदेश का उत्तरी भाग होगा। कुछ क्षेत्रों में सुबह के समय मध्यम से घना कोहरा बनने की प्रबल संभावना है। अधिकतम तापमान में गिरावट होगी। जबकि न्यूनतम तापमान में विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है।

बहुत ठंडी हो सकती है 31 दिसंबर की रात

मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा ने बताया कि बारिश की वजह से दिन के तापमान में गिरावट आएगी। इससे ठंड का एहसास बढ़ेगा। 31 दिसंबर को जब मौसम साफ होगा तब दिन का तापमान बढ़ेगा, लेकिन रात सामान्य से ज्यादा ठंडी हो जाएगी। न्यूनतम तापमान में गिरावट कुछ दिन बनी रहेगी। नए साल के स्वागत की तैयारियों में ठंड से बचने के उपाय भी शामिल करने होंगे। मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में उत्तर से ठंडी और शुष्क हवाओं का आगमन बंद हो गया है। वहीं दक्षिण छत्तीसगढ़ में दक्षिण से नमी युक्त अपेक्षाकृत गर्म हवा आ रही है। इसकी वजह से प्रदेश के न्यूनतम और अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी का ट्रेंड जारी है। 

30 दिसंबर के बाद मौसम हो सकता है साफ

रायपुर मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक एचपी चंद्रा ने बताया कि ऊपरी हवा का एक चक्रीय चक्रवाती घेरा दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और उसके आसपास 1.5 किलोमीटर ऊंचाई पर बना हुआ है। दक्षिण-पश्चिम राजस्थान से उत्तर तेलंगाना तक विदर्भ होते हुए एक द्रोणिका भी 1.5 किलोमीटर ऊंचाई तक स्थित है। वहीं एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती घेरा उत्तर प्रदेश के मध्य भाग में 1.5 किलोमीटर तक स्थित है। इसके प्रभाव से छत्तीसगढ़ के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम स्तर की बरसात संभावित है। 

कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की भी संभावना है। हालांकि मौसम विभाग के मुताबिक 30 दिसंबर को मौसम खुलना शुरू हो जाएगा। कुछ क्षेत्रों में बादल छाए रह सकते हैं। इसकी वजह से कहीं-कहीं हल्की बारिश होगी। प्रदेश में धान खरीदी की प्रक्रिया जारी है। ऐसे में ये बरसात किसानों और सरकार दोनों पर भारी पड़ सकती है। खरीदी व्यवस्था में लगे अधिकारियों को धान को भीगने से बचाने का उपाय पहले से करना होगा। वहीं न्यूनतम तापमान में गिरावट आएगी। रातें अधिक ठंडी हो जाएगी।

छत्तीसगढ़ में आज से 30 दिसंबर तक बारिश की संभावना, ओले गिरने की चेतावनी जारी

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छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में साल के आखिरी दिनों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकती है। छत्तीसगढ़ में साल 2021 भिगोते-भिगोते जाने वाला है। छत्तीसगढ़ मौसम विभाग ने आज यानी 27 से 30 दिसंबर तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बारिश की संभावना जताई है। सरगुजा और आस-पास के जिलों में ओले गिरने की भी चेतावनी जारी की गई है।

रायपुर मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक एचपी चंद्रा ने बताया कि 27 दिसंबर की देर रात प्रदेश के एक दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ बहुत हल्की बारिश हो सकती है। अगले दिन 28 दिसंबर को प्रदेश के उत्तरी भाग के कुछ स्थानों में हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। वहीं मध्य क्षेत्र के पश्चिमी भाग में एक दो स्थानों में हल्की बारिश होने की संभावना बन रही है। ये क्रम 29 दिसंबर को भी जारी रहेगा। इस दिन प्रदेश के सरगुजा और बिलासपुर संभाग के कई जगहों पर गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

ओले गिरने की चेतावनी जारी

दुर्ग और रायपुर संभाग के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। बस्तर संभाग के उत्तरी भाग में भी एक दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने सरगुजा संभाग और उससे लगे जिलों में एक दो स्थानों पर ओले गिरने की चेतावनी भी जारी की है।

प्रदेश में धान खरीदी की प्रक्रिया जारी

मौसम विभाग के मुताबिक 30 दिसंबर को मौसम खुलना शुरू हो जाएगा। कुछ क्षेत्रों में बादल छाए रह सकते हैं। इसकी वजह से कहीं-कहीं हल्की बारिश होगी। प्रदेश में धान खरीदी की प्रक्रिया जारी है। ऐसे में ये बरसात किसानों और सरकार दोनों पर भारी पड़ सकती है। खरीदी व्यवस्था में लगे अधिकारियों को धान को भीगने से बचाने का उपाय पहले से करना होगा।

बहुत ठंडी हो सकती है 31 दिसंबर की रात

मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा ने बताया कि बारिश की वजह से दिन के तापमान में गिरावट आएगी। इससे ठंड का एहसास बढ़ेगा। 31 दिसंबर को जब मौसम साफ होगा तब दिन का तापमान बढ़ेगा, लेकिन रात सामान्य से ज्यादा ठंडी हो जाएगी। न्यूनतम तापमान में गिरावट कुछ दिन बनी रहेगी। नए साल के स्वागत की तैयारियों में ठंड से बचने के उपाय भी शामिल करने होंगे। मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में उत्तर से ठंडी और शुष्क हवाओं का आगमन बंद हो गया है। वहीं दक्षिण छत्तीसगढ़ में दक्षिण से नमी युक्त अपेक्षाकृत गर्म हवा आ रही है। इसकी वजह से प्रदेश के न्यूनतम और अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी का ट्रेंड जारी है। 

Chhattisgarh Weather Update : प्रदेश के कई हिस्सों में रुक-रुककर हो रही बारिश, तापमान में गिरावट दर्ज

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छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर सहित कई हिस्सों में रुक-रुककर बारिश हो रही है। वहीं बारिश की वजह से ठंड और भी बढ़ (Chhattisgarh weather Update) गई है। मौसम विभाग (weather department) के मुताबिक आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ने वाली है। प्रशासन ने ज्यादा ठंड और शीतलहर होने पर लोगों से घरों में रहने की अपील की है। वहीं छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर सहित कई जिलों में न्यूनतम तापमान (Minimum temperature) 18 से 19 डिग्री सेल्सियस है। जबकि जशपुर जिले में सबसे कम तापमान यानी 14 डिग्री सेल्सियस हैं।





छत्तीसगढ़ में मौसम ने बदली करवट, शीतलहर से बचाव हेतु दिशा-निर्देश जारी





वहीं छत्तीसगढ़ में अगले कुछ दिनों में सर्दी और भी बढ़ सकती है। पिछले 24 घंटे में प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम बदला है, जिसकी वजह से कुछ इलाकों में न्यूनतम तापमान में गिरावट (Drop in minimum temperature) दर्ज की गई है। मौसम विभाग के मुताबिक (According to the meteorological department) प्रदेश के कुछ हिस्सों में 24 घंटे में बारिश की संभावना है। बारिश के बाद तापमान में और भी गिरावट आ सकती है। बता दें कि रविवार और सोमवार की तरह ही मंगलवार को भी प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हुई है।





प्रदेश में बारिश की संभावना (Chance of rain in Chhattisgarh)





मौसम विभाग के मुताबिक (According to meteorological department) अगले 3 दिन के अंदर कहीं बादल छाए हुए नजर आएंगे तो कहीं बूंदा-बांदी भी देखने को मिलेगी। मौसम विज्ञानी (Meteorologist) के मुताबिक राजधानी रायपुर में अगले दो दिन बादल छाए रहेंगे। वहीं एक- दो दिन बाद बारिश की संभावना बनी हुई है। जबकि बिलासपुर और सरगुजा संभाग के पश्चिमी जिलों में भी हल्की बारिश की संभावना है।





छत्तीसगढ़ के प्रमुख जिले और शहरअधिकतम तापमान (Maximum temperature)न्यूनतम तापमान (Minimum temperature)
रायपुर28 सेल्सियस18 सेल्सियस
बिलासपुर27 सेल्सियस19 सेल्सियस
दुर्ग28 सेल्सियस18 सेल्सियस
अंबिकापुर23 सेल्सियस16 सेल्सियस
कोरबा27 सेल्सियस19 सेल्सियस
धमतरी28 सेल्सियस18 सेल्सियस
रायगढ़28 सेल्सियस19 सेल्सियस
बलौदाबाजार28 सेल्सियस18 सेल्सियस
महासमुंद28 सेल्सियस16 सेल्सियस
जशपुर22 सेल्सियस14 सेल्सियस
बस्तर29 सेल्सियस16 सेल्सियस
राजनांदगांव28 सेल्सियस18 सेल्सियस




सर्दी में खुद को ठंड से बचने के कुछ उपाय (Ways to protect yourself from cold in winter)





काली मिर्च, घी और अंडे का सेवन (Black pepper, ghee and egg)





बढ़ती ठंड और सर्दियों में होने वाली सर्दी-जुकाम से बचने के लिए अदरक, लहसुन, काली मिर्च, घी और अंडे खाना चाहिए, ताकि शरीर गर्म रहे ।





हल्की एक्सरसाइज (Light exercise)





सर्दियों के दिनों में बिस्तर छोड़ने से पहले हल्की एक्सरसाइज (Light exercise) करनी चाहिए।यह शरीर को गर्माहट देती है। बिस्तर से उठने के बाद ठंड से बचाने वाले कपड़े पहनकर ही बाहर निकलना चाहिए,ताकि ठंड से बचा जा सके।





गरम तेल से मालिश (Massage with mild hot oil)





सर्दियों में शरीर को गर्म रखने के लिए गुनगुने तेल (Massage with mild hot oil) से मालिश करनी चाहिए।





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ठंड में गर्म कपड़ों पर दें विशेष ध्यान 





मौसम के हिसाब से कपड़ों का चयन कीजिए। ठंड के मौसम में गर्म कपड़ों के साथ ऐसे कपड़े पहनने चाहिए जो बाहर की हवा को शरीर तक पहुंचने से रोकते हैं। शरीर को ढ़कने के साथ कान, हाथ और पैरों को भी ठीक कपड़ों से ढकें। अगर बाहर निकलते हैं तो हाथ के दस्ताने और पैरों में ऊनी मोजे जरूर पहनें।





स्किन केयर का रखें ध्यान (Take care of skin care)





सर्दियों में स्किन केयर (Take care of skin care) की सबसे ज्यादा जरूरत पड़ती है। ऐसे में स्किन केयर के लिए नहाने के बाद शरीर को मॉइश्चराइजर करना चाहिए। ठंड के मौसम में नारियल तेल का इस्तेमाल भी किया जा सकता हैं।





खान-पान पर रखें विशेष ध्यान (Keep special attention on food and drink)





सर्दियों के (Chhattisgarh weather news) दिनों भूख सामान्य दिनों से ज्यादा लगती है, ऐसे में सुबह पौष्टिक नाश्ता करना चाहिए। साथ ही भरपूर ऊर्जा देने वाले खाने का सेवन करना चाहिए, जिसमें प्रोटीन, पनीर, दूध, अनाज, आलू, फल और हरी सब्जियों का सेवन इन दिनों के लिए अच्छा रहता है।


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