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जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिता में दिव्यांगों ने दिखाया जौहर, डीईओ ने किया आयोजन की सराहना

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आरंग। शुक्रवार को अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस के अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी डाक्टर विजय कुमार खंडेलवाल के निर्देशन तथा विकासखंड शिक्षा अधिकारी दिनेश शर्मा व विकासखंड स्रोत समन्वयक मातलीनंदन वर्मा के मार्गदर्शन में जिला स्तरीय दिव्यांगजनों का खेलकूद प्रतियोगिता शासकीय प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला बोडरा में आयोजित किया गया।जिसमें आरंग सहित अभनपुर, तिल्दा, धरसीवां, रायपुर शहरी व ग्रामीण से दिव्यांगजनों ने खेलकूद प्रतियोगिता में भाग लेते और अपनी अपनी प्रतिभा का जौहर दिखाया।वहीं कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पधारे जिला शिक्षा अधिकारी डाक्टर विजय कुमार खंडेलवाल ने दिव्यांग बच्चों का उत्साह बढ़ाते हुए आयोजन की सराहना किए।


वही जिला समन्वयक के एस पटले ने सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी दिए दिव्यांग बच्चों को नगद राशि भेंटकर उत्साह बढ़ाया। एपीसी माया वर्मा ने दिव्यांगता दिवस मनाये जाने के कारण एवं दिव्यांगो से जुड़ी अधिनियम संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी। वहीं विकासखंड अधिकारी दिनेश शर्मा ने बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए कहा ऐसे आयोजनों से बच्चों के प्रतिभाओं को अवसर मिलता है। विकासखंड स्रोत समन्वयक मातली नंदन वर्मा ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा दिव्यांग बच्चों को दया की जरूरत नहीं, बल्कि स्नेह व प्रोत्साहन की आवश्यकता है।

इस मौके पर दिव्यांग बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया। जो सभी के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। सभी दिव्यांग विजेताओं और प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र और आकर्षक उपहार प्रदान कर प्रोत्साहित किया गया। वहीं सरपंच उमाशंकर चंद्राकर ने बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए सभी अधिकारियों का आभार जताया।कार्यक्रम के आयोजन में विशेष योगदान सरपंच उमाशंकर चंद्राकर, उपसरपंच उत्तरा खुंटे समस्त पंचगण सहित प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला बोडरा सहित ग्रामीणों का रहा।

कार्यक्रम का क्रमिक संचालन नवाचारी शिक्षक महेन्द्र कुमार पटेल,बीआरपी श्रवण साहू, स्पेशल एजुकेटर शिक्षक लोकेश कुमार साहू ने किया।कार्यक्रम के आयोजन संयोजन  एवं व्यवस्थापन में विशेष सहयोग स्पेशल एजुकेटर लोकेश कुमार साहू, स्पेशल एजुकेटर आरंग, प्रवीण छत्रवानी धरसीवां, यशवंत पटेल अभनपुर,डिलेश्वरी तिल्दा, गार्गी पाण्डेय रायपुर,एवं बीआरपी -श्रवण साहू आरंग, महिमा जोसेफ रायपुर, पुर्णिमा साहू धरसीवां, सुविधा सिंह तिल्दाप्रधान पाठिका कांति चंद्राकर, श्रीमती रेखा ध्रुव, शिक्षिका तेजेश्वरी साहू,

श्रीमती लक्ष्मी चंद्राकर, शिक्षक संतोष लहरी, सूर्यभानु बांधेमनोज जनार्दन संकुल समन्वयक जीतेंद्र शुक्ला, सुरेन्द्र  चंन्द्रसेन,दीपक दूबे, युवराम साहू, किशोर शर्मा, किशोर कोटारानी,कोमल वर्मा, गौरीशंकर अग्रवाल, रूद्र तिवारी शिक्षिका डार्थी तांडी, तृप्ति शर्मा,पायल शुक्ला आदि का रहा।इस अवसर पर बड़ी संख्या में जिले भर से पहुंचे दिव्यांग बच्चों, शिक्षक शिक्षिकाओं व ग्रामीणों की उपस्थिति रही।

धर्म नगरी आरंग में जल रही है 1142 से अधिक मनोकामना ज्योति दीप, भाव भक्ति में डूबा हुआ हुआ है धार्मिक नगरी आरंग

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आरंग। शारदीय नवरात्र के अवसर पर मंदिरों और धार्मिक नगरी के नाम से सुविख्यात नगर आरंग में देवी मंदिरों में एक हजार से अधिक मनोकामना ज्योति दीप प्रज्वलित हो रही है।

सुबह से देर रात तक नगर के चारों दिशाओं में माता पूजन,जससेवा गीत व जय माता की जयकारे से गुंज रही है। जगह-जगह भजन कीर्तन, जगराता,गरबा व माता को 56 भोग  प्रसाद व चुनरी चढ़ाया जा रहा है। संध्या होते ही संपूर्ण नगरी रोशनी और माता सेवा गीत व भाव भक्ति में डूबा हुआ प्रतीत होता है।

वहीं  नगर के सिद्ध शक्तिपीठ महामाया मंदिर में  311,शीतला माता मंदिर में 244,समिया माता मंदिर में 210,  चंडी मंदिर बागेश्वर पारा में 82, कंकाली माता मंदिर में 71, खल्लारी माता मंदिर में 25, बालाजी कालोनी चंडी मंदिर में 61, 

सतबहिनियां माता मंदिर में 7 बाला त्रिपुरा मंदिर में 9, दुर्गा मंदिर में 111, लोधी पारा चौंक में 11 मनोकामना ज्योति दीप तथा इसके अलावा भी नगर में करीब 40 दुर्गा पंडालों में भी मनोकामना ज्योति दीप प्रज्वलित हो रही है। जो जन आस्था का केंद्र बना हुआ है‌।

आरंग में भी है शिव के अवतार लकुलीश की प्राचीन प्रतिमा, इन दुर्लभ प्रतिमाओं के संरक्षण की है आवश्यकता

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आरंग। धार्मिक और शिवालयों की प्राचीन नगरी के नाम से सुविख्यात नगर आरंग कई रहस्यों को अपने गर्भ में लिए हुए हैं। यहां जगह - जगह पुरातात्त्विक अवशेष देखे जा सकते हैं। जिनमें से एक है नगर भगवान लकुलीश की दुर्लभ प्रतिमा। आरंग नगर के रानीसागर तालाब किनारे त्रिलोकी महादेव मंदिर परिसर में स्थित है यह प्राचीन पाषाण प्रतिमा।

पुरातत्त्व विशेषज्ञ के अनुसार यह प्रतिमा एक प्रस्तर पट्ट पर बनी हुई है। जो सम्भवतः शिव मंदिर का भाग रहा होगा। प्रतिमा को पद्मासन मुद्रा में बैठे हुए तथा दोनों पार्श्वों में क्रमशः साधु, गंधर्व तथा नाग दम्पत्ति को दर्शाया गया है। भगवान लकुलीश के हाथों में लकुट का होना और लिंग का नाभी की ओर उर्ध्व दर्शाया जाना  इस प्रतिमा की विशिष्टता है।

ऐसे पड़ा लकुलीश नाम

पुराविद् एवं प्राचीन कला विधा की प्रांत सहसंयोजक डॉ. शुभ्रा रजक तिवारी बताती हैं कि  प्राचीन भारतीय साहित्य एवं अभिलेखों के माध्यम से पाशुपत संप्रदाय के संस्थापक का नाम लकुलीन या लकुलीश नामक आचार्य ज्ञात होता है। अभिलेखों के आधार पर लकुलीश के आविर्भाव की तिथि तथा स्थान दूसरी शताब्दी ईस्वी में बड़ौदा के धबोई जिले के कायावरोहण में (वर्तमान में कारवण) निश्चित किया गया है।

इस स्वरूप के कुछ प्रमुख उदाहरण भुवनेश्वर, एलिफैण्टा, एलोरा, पट्टडकल (विरूपाक्ष मन्दिर), बादामी, अयहोल, ग्वालियर (तेली का मन्दिर), हिंगलाजगढ़ जैसे स्थलों से प्राप्त हुए हैं। लकुलीश की मध्यकालीन चतुर्भुज मूर्तियों में दो हाथ सामान्यतः धर्मचक्रप्रवर्तन मुद्रा में तथा शेष दो हाथ अक्षमाला और त्रिशूल से युक्त होते हैं। लकुलीश की प्रतिमाएं प्रायः द्विभुजी होती है। उनके दांए हाथ में बिजोरा नामक फल होता है तथा बाएं हाथ में उनका विशिष्ट आयुध लकुट (दण्ड) होता है। जिसके कारण ही लकुलीश या लकुटीश नाम पड़ा है। लकुलीश  को पद्मपीठ पर प‌द्मासन में विराजमान दिखाया जाता है। लकुलीश मूर्तियों में सामान्यतः ऊर्ध्वलिंग होते है। लकुलीश की मूर्ति के सिर पर जैन मूर्तियों के समान केश होते है। मूर्तियों में नीचे नंदी या कहीं-कहीं पर दोनों ओर जटाधारी साधु का अंकन होता है।

छत्तीसगढ़ में इन स्थानों पर मिली है ऐसी प्रतिमाएं

छत्तीसगढ़ के अनेक पुरास्थलों से भी लकुलीश की प्रतिमाएं प्राप्त हुई है। महासमुन्द जिले के प्रख्यात पुरा नगरी सिरपुर के गंधेश्वर मंदिर परिसर में लकुलीश की अष्टभुजी और नृत्यरतमुद्रा में एक प्रतिमा स्थित है। इसी तरह दुर्ग जिले के शिव मंदिर सरदा में द्वारशाखा के शिरदल पर लकुलीश की प्रतिमा अंकित है। विद्वानों ने इसे सातवी - आठवीं शताब्दी ईसवी का माना है। इस काल की एक और लकुलीश की प्रतिमा शिव मंदिर बेलसर से प्राप्त हुई है। इस प्रतिमा का निर्माण चैत्याकार गवाक्ष में हुआ है। यह प्रतिमा द्विभुजी है। 

लकुलीश के शिल्पांकन में घुंघराले केश, उष्णीश, अर्ध उन्मीलित नेत्र, धर्म चक्र प्रवर्तन मुद्रा में हाथों के मध्य लकुट का अंकन हुआ है साथ ही इस प्रतिमा में लकुलीश के चार प्रधान शिष्य कुशिक, मित्र, कौरुषेय और गर्ग का अंकन हुआ है। भोरमदेव मंदिर के जंघा भाग में दक्षिण दिशा के मध्यरत में भी लकुलीश की प्रतिमा अंकित है। भैरमगढ़ से भी लकुलीश की एक द्विभुजी स्थानक प्रतिमा प्राप्त हुई है जो देखने में अत्यंत आकर्षक है। लकुलीश की मूर्तियों का निर्माण गुप्तकाल में प्रारम्भ हुआ। मध्यकाल में लकुलीश की स्वतंत्र मूर्तियाँ मुख्यतः पश्चिमी और पूर्वी भारत में बड़ी संख्या में बनीं।

स्वयंसेवी संगठन पीपला वेलफेयर फाउंडेशन के संयोजक महेन्द्र कुमार पटेल ने बताया कि फाउंडेशन लगातार आरंग के प्राचीन इतिहास और दुर्लभ प्रतिमाओं की जानकारी पुराविदों के माध्यम से प्राप्त कर रहे हैं।तथा इन प्रतिमाओं के संरक्षण की दिशा में लगातार कार्य कर रहे  हैं। इन्हें सहेजने के लिए आरंग में एक संग्रहालय का निर्माण किया जाना भी प्रस्तावित है। आरंग के समृद्ध इतिहास को जन- जन तक पहुंचाने की दिशा में पीपला वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सर्वत्र सराहना की जा रही है।

सांसद और विधायक पहुंचे श्रीगणेश राम गुल्लू स्कूल : सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियों ने मोहा दर्शकों का मन

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आरंग। शनिवार को श्रीगणेश राम हायर सेकेण्डरी स्कूल गुल्लू में वार्षिकोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सांसद सुनील सोनी और विधायक गुरु खुशवंत साहेब के आतिथ्य में कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। बच्चों के द्वारा एक से बढ़कर एक माडल, रंगोली और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सबका मन मोह लिया। मुख्य अतिथि के आसंदी से सांसद सुनील सोनी ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा सांस्कृतिक कार्यक्रम में सहभागिता से बच्चों की झिझक दूर होती है। बच्चों को अपने प्रतिभा निखारने का अवसर मिलता है।

वहीं विधायक गुरु खुशवंत साहेब ने भी सभा को संबोधित किया। तथा बच्चों द्वारा बनाए विविध माडल व रंगोली की उन्मुक्त कंठ से सराहना किए।इस मौके पर पीपला वेलफेयर फाउंडेशन आरंग की टीम  पहुंचकर बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए आगामी वर्ष में दसवीं, बारहवीं में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले छात्र छात्राओं को पुरस्कृत करने की घोषणा किये। ज्ञात हो कि इस सत्र श्रीगणेश राम स्कूल में बच्चों को प्रोत्साहित करने पीपला फाउंडेशन विविध प्रतियोगिता का आयोजन किया था। जिसमें प्रथम, द्वितीय,तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र छात्राओं रायपुर के समाजसेवी अनूप सिंह राठौर और पीपला फाउंडेशन ने पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम के आयोजन संयोजन में

शिक्षण समिति अध्यक्ष विजय साहू, उपाध्यक्ष गेंदराम साहू, नागेश्वर शुक्ला, सचिव रोहित पटेल, सह सचिव देविदयाल यादव, कोषाध्यक्ष तुलसी साहू, सलाहकार सांसद प्रतिनिधि रेवा राम साहू, सदस्य विष्णु साहू, नीलकंठ साहू, चंदुलाल पटेल, प्राचार्य चंदू राम यादव, मनीराम साहू, एम एल यादव, ओ पी साहू, रामकुमार सेन, संत साहू, देवालदास टंडन, सुरेश सोनवानी, होरीलाल साहू, लेखु साहू, तुलसी साहू, दिलीप पटेल, अशोक, सुमित, पर्धी, लेखु, भलचंद सहित समस्त स्टाफ के शिक्षक शिक्षिकाओं की अहम् भूमिका रही।इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों की उपस्थिति रही।

सामाजिक संगठनों ने दी समाजसेवी अजय कंकरिया को श्रद्धांजलि

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आरंग। पीपला फाउंडेशन के सदस्यों ने समाजसेवी अजय कांकरिया के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए आरंग के बस स्टैंड में श्रद्धांजलि व पुष्पांजलि सभा का आयोजन किया। जिसमें राजा मोरध्वज के स्टेच्यू के समीप सैकड़ों दीप जलाकर भावपूर्वक श्रद्धांजलि दी गई। साथ ही बारी-बारी से अजय की उदारता व उनके व्यक्तित्व पर विचार रखे। 

इस मौके पर नगर के अनेक सामाजिक संगठनों सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित होकर समाजसेवी अजय कांकरिया के निधन पर गहरा संवेदना व्यक्त करते हुए नम् आंखों से श्रद्धांजलि दी। आज दिनभर नगरवासियों द्वारा सोशल मीडिया में भी अजय की आकस्मिक निधन की चर्चा होती रही। इस मौके पर अजय कांकरिया के अनुज अनिल कांकरिया ने उन्हें व उनके परिवार के लोगों को आरंग में मिले अगाध स्नेह से अभीभूत होकर नगर के समस्त सामाजिक संगठनों, नागरिकों तथा नगरवासियों का आभार जताया। 

श्रद्धांजलि सभा में रानी पद्मावती महिला समूह की महिलाओं, गायत्री शक्तिपीठ के सदस्यगण,कोसल मंच के सदस्यों, व्यापारी संघ के सदस्यगण,जिला मानस संघ के सदस्यगण, मोरध्वज मानस शक्ति केन्द्र के सदस्यगण, मोरजधज ग्रुप के सदस्यों, सृजन कोचिंग संस्थान, महाकाल ग्रुप के सदस्यों, पीपला फांऊडेशन के सदस्यों सहित बड़ी संख्या में नागरिकों व जनप्रतिनिधियों ने भी श्रद्धांजलि सभा में शामिल होकर अजय कांकरिया को भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

आरंग के राजा महर की बेटी थी चंदा, लोरिक -चंदा प्रेम गाथा का आठ राज्यों में होता है मंचन

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आरंग। लैला-मजनू, हीर-रांझा की तरह  लोरिक-चंदा भी एक प्रेम गाथा है। जानकार बताते हैं इस प्रेम गाथा का मंचन देश के आठ राज्यों में होता है।इस प्रेम गाथा के नायक लोरिक का संबंध आरंग के रीवांगढ़ से माना जाता है। वहीं नायिका चंदा आरंग के राजा महर की बेटी थी।इस गाथा के अनुसार आरंग पहले गौरागढ़ कहलाता था।लोरिक एक चरवाहा ग्वाला  था और राजा महर की बेटी चंदा एक  राजकुमारी। चंदा का विवाह बाल्यावस्था में ही राजा बोडरसाय के पुत्र बावन के साथ हुआ था। किसी कारणों से बावन घर छोड़कर वन चला जाता है।इसी बीच  राजा महर का बोडरसाय के पास चंदा का गौना कराने का संदेश आता है।


तभी बावन के पिता बोड़रसाय ने  गौना के लिए बावन के जगह लोरिक को गौना के लिए भेज देता है। जो पहले से ही विवाहित रहता है।गौना के दरम्यान लोरिक और चंदा  को एक दूसरे को देखते ही प्रेम हो जाता है। और चंदा लोरिक को मन ही मन अपना पति मान लेती है।


जब इस बात की जानकारी चंदा के पिता राजा महर को होती है तो वह क्रोधित होकर चंदा को वापस लाकर  सैनिकों का पहरा लगा देता है।तभी  लोरिक के प्रेम के वियोग में व्याकुल चंदा किसी तरह गांव की एक मल्लिन दाई को लोरिक से मिलाने के बदले पांच मोहर देने को कहती है। लालच में आकर मल्लिन दाई लोरिक को बुलाने बारहपाली का बाजार जाती है। वहां बाजार में लोरिक नशे में धुत्त पड़ा रहता है। तभी  गाय दूहने के बहाने मल्लिन दाई लोरिक को बुलाकर ले आती है जब लोरिक गौशाला में पहुंचते है तो राजकुमारी चंदा को देखकर आश्चर्य में पड़ जाता है। तभी लोरिक और चंदा पासा (चौपड़) खेलते हैं। पासा में यह शर्त होती है कि हारने वाले को जीतने वाले की बात माननी होगी। लोरिक पासे में हार जाता है। इसी बीच अचानक लोरिक की पत्नी दौना मांझर वहां पहुंच जाती है। चंदा और दौना मांझर के बीच झगड़ा होती है। तभी चंदा कसम खाती है कि यदि वह लोरिक को 12 साल के लिए भगाकर नहीं ले गई तो वह राजा महर की बेटी राजकुमारी चंदा नहीं।

 इसके बाद दोनों लोरिक और चंदा कौरव नगर (कलकत्ता) चले जाते हैं जहां लोरिक एक विशाल सेना खड़ा कर उत्तर भारत में अपना साम्राज्य स्थापित कर लेता।आज भी लोरिक की शौर्य और वीरता के कई प्रमाण देखे जा सकते हैं। इस प्रेम गाथा को अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग विधाओं में प्रस्तुत किया जाता है। छत्तीसगढ़ में चंदैनी और नाचा विधा में प्रस्तुत किया जाता है। वहीं नगर के चर्चित सामाजिक संगठन पीपला फाउंडेशन इस प्रेम गाथा लोरिक चंदा का विशेष रूप से अध्ययन व संग्रह कर रहे है।आज भी आरंग क्षेत्र के ग्राम रीवा के नाचा कलाकार परमानंद साहू और निषदा के पुरानिक हिरवानी अनेक मंचो पर लोरिक चंदा प्रेम गाथा को प्रदर्शन कर रहे हैं।वही बेमेतरा जिले के ग्राम देउरगांव के कलाकार गौतम चौबे देश भर के विभिन्न राज्यों में लोरिक चंदा प्रेम गाथा का मंचन कर रहे हैं।

छत्तीसगढ़ के मानचित्र पर 2000 कैंडल जलाकर दिया जागरूकता का संदेश

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आरंग। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी जिला कलेक्टर डा सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे एवं जिला पंचायत सीईओ अविनाश मिश्रा के  के निर्देशन में जनपद पंचायत आरंग सीईओ कुमार सिंह लहरे के नेतृत्व में बोडरा वासियों ने  अनोखी पहल करते हुए छत्तीसगढ़ के मानचित्र को कैंडल से बनाते हुए, मोर वोट मोर रायपुर एवं मोर वोट मोर आरंग का न केवल सुंदर संदेश दिया अपितु ग्राम वासियों ने बड़ी संख्या में बड़े उत्साह के साथ जागरूकता नारो को बुलंद करते हुए कैंडल मार्च भी निकाला। 

    बोडरा वासियों ने कैंडल मार्च कर दिया जागरूकता का संदेश

इस अवसर पर जनपद आरंग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत आरंग सीईओ कुमार सिंह लहरे ने भारत निर्वाचन आयोग के लक्ष्य को स्पष्ट करते हुए ग्राम वासियों के उत्साह को सलाम किया और कहा कि आपकी इस पहल से लोकतंत्र और अधिक मजबूत होगा साथ ही आपका यह संदेश आरंग, रायपुर ही नहीं अपितु पूरे छत्तीसगढ़ को प्रेरित करेगा इस अवसर पर लहरें ने 100% निष्पक्ष एवं प्रलोभन रहित मतदान की शपथ भी दिलवाई जिसमें हजार से भी अधिक मतदाताओं की सहभागिता रही जबकि घर-घर से ग्रामीण जन जलती कैंडल लेकर निकले व अपने संकल्प जागरूकता  को दर्शाए।

वही रिटर्निंग ऑफिसर एसडीएम डा अतुल विश्वकर्मा के निर्देशन में स्वीप टीम शिक्षक महेंद्र पटेल अरविंद वैष्णव एवं सीमा भांडेकर ने लोकतंत्र के प्रति की गई इन गतिविधियों की रनिंग कमेंट्री कर  एवं जागरूकता नारे बुलंद किए इस अवसर पर प्रमुख रूप से सरपंच उमाशंकर चंद्राकर, उपसरपंच उत्तरा खूटे, सामाजिक कार्यकर्ता राजकुमार डेहरिया, वरिष्ठ नागरिक दिनेश जांगड़े, शिक्षक घनश्याम घृतलहरे, पंच अशोक चंद्राकर, रंजीता धृतलहरे, मोगरा नारंग ,

 25 स्व सहायता महिला समूह मिनीमाता, सृष्टि करुणा, लक्ष्मी आदि एवं टेकू चंद्राकर, गणेश जांगड़े ,साधु चंद्राकर, किरण चंद्राकर, गायत्री शर्मा, सुनील जांगड़े, नारायण सिंह, लक्ष्मी यादव एवं जितेंद्र साहू तथा कार्यक्रम प्रभारी अनिल चंद्राकर की उपस्थिति के साथ-साथ बहुत अधिक संख्या में नारी शक्ति एवं ग्राम वासियों की उपस्थिति रही।

प्रतिमा बनी कौतूहल का विषय, छत्तीसगढ़ी परिधान से सजी, माता कौशल्या

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आरंग। छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार भांचा राम और दीदी कौशल्या को ग्राम बोडरा आरंग निवासी लोक कलाकार डाक्टर पुरुषोत्तम चंद्राकर और रायपुर के नरेन्द्र यादव ने अयोध्या से मिट्टी लाकर प्रतीकात्मक रूप से माता कौशल्या को तीज लेकर आऐं हैं। 

माता कौशल्या को 15 सितंबर को चंदखुरी के पंडवानी गायिका प्रभा यादव के घर विधि विधान से स्थापित करने की तैयारियां जोरों पर है। माता कौशल्या को निमोरा रायपुर के सुप्रसिद्ध मूर्तिकार से बनवाया गया है। जिसे लेकर लोगों में बहुत ही कौतूहल बना हुआ है। भांचा राम और दीदी कौशल्या की मूर्ति को छत्तीसगढ़ी संस्कृति के अनुरूप श्रृंगार किया गया है। दीदी कौशल्या को चुड़ी बंधा,सूता,करधन, सांटी खिनवाजैसे छत्तीसगढ़ी आभूषणो से सुसज्जित किया गया है। 

कलाकार ही संस्कृति के असली संवाहक डाक्टर पुरुषोत्तम 

साथ ही अंडी साड़ी पहनाकर  छत्तीसगढ़ महतारी  की तरह आकर्षक बनाया गया है। वहीं भांचा राम को ताबीज, माला, पैजनीकरधन से श्रृंगार किया गया है। साथ ही उनके हाथ में खिलौना पकड़ाया गया है। कलाकारों की इस पहल को काफी सराहा जा रहा है। माता कौशल्या की प्रतिमा कैसे बनेगी लोगों में कौतूहल का विषय बना हुआ है।लोक कलाकारों द्वारा भांचा राम और दीदी कौशल्या को तीज में किसी भी प्रकार की कमी न हो इसका ध्यान रखा जा रहा है। लोक कलाकार डाक्टर पुरूषोत्तम का कहना है कलाकार ही संस्कृति के असली संवाहक हैं। माता कौशल्या के छत्तीसगढ़ में तीज लाने की परंपरा से नारी शक्तियां और भी गर्व महसूस करेंगी। 

लोग और भी हर्ष और उल्लास से तीज मनाएगें। वहीं आरंग के सामाजिक संगठन पीपला वेलफेयर फाउंडेशन माता कौशल्या को तीज लाने की परंपरा के प्रचार-प्रसार में सहभागिता निभा रहे हैं।फांऊडेशन के सदस्यों का कहना है लोक कलाकारों की यह पहल से छत्तीसगढ़ी संस्कृति को और भी बढ़ावा मिलेगा। आने वाले दिनों में प्रदेश भर में  तीज पर्व पर माता कौशल्या स्थापित किया जा सकता है।अब तक हम भगवान श्रीराम की पूजा आराधना करते हैं। पर  अब माता कौशल्या की भी लक्ष्मी, दुर्गा की तरह मूर्ति स्थापना कर पूजा आराधना होगी। जो हम सबके लिए गौरव की बात है। माता कौशल्या छत्तीसगढ़ महतारी के कोरा से उपजी पली बढ़ी है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अक्षय तृतीया पर माता कौशल्या महोत्सव का करेंगे आगाज

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कल 22 अप्रैल को अक्षय तृतीया (अक्ती) त्यौहार पर भगवान श्री राम की ननिहाल और माता कौशल्या की नगरी चंदखुरी में  माता कौशल्या महोत्सवका शुभारंभ करेंगे। कौशल्या महोत्सव कार्यक्रम के लिए भव्य और आकर्षक मंच बनकर तैयार है। 

आस्था और भक्ति से ओतप्रोत इस महोत्सव में छत्तीसगढ़ सहित देश के ख्याति प्राप्त कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। आरंग विधानसभा क्षेत्र के ग्राम चंदखुरी में आयोजित माता कौशल्या महोत्सव नारी सशक्तिकरण पर आधारित होगी। महोत्सव 24 अप्रैल तक चलेगा।

उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा माता कौशल्या की जन्मभूमि चंदखुरी के वैभव को विश्व पटल पर स्थापित करने प्रदेश की कला, संस्कृति एवं पर्यटन को बढ़ावा देने, महिला सशक्तिकरण, कार्यशील कलाकारों के संरक्षण, संवर्धन एवं कला दलों के सतत् विकास हेतु इस वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर माता कौशल्या महोत्सव मनाने की घोषणा की थी। छत्तीसगढ़ में स्थित माता कौशल्या मंदिर पूरे देश में एक मात्र प्राचीन मंदिर है।

पर्यटन कैफे का होगा उद्घाटन:

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल माता कौशल्या महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर मंदिर परिसर में पर्यटन विभाग द्वारा तैयार पर्यटन कैफे का भी उद्घाटन करेंगे। पयर्टन कैफे में छत्तीसगढ़ी व्यंजन सहित मिलेट्स कैफे का उत्पाद उपलब्ध होगा।

स्व-सहायता समूह की स्टॉलों में होगी छत्तीसगढ़ी संस्कृति की झलक

महिलाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार मेला, उत्सवों एवं अन्य प्रदर्शनी आदि कार्यक्रमों के अवसर पर स्व-सहायता समूह द्वारा उत्पादित वस्तुओं के विक्रय एवं प्रचार-प्रसार हेतु को बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है। माता कौशल्या महोत्सव के मौके पर भी महिला स्व-सहायता द्वारा उत्पादित वस्तुओं को विक्रय के लिए नौ स्टॉल तैयार किए गए हैं, जहां छत्तीसगढ़ी संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी।  

ख्याति प्राप्त कलाकारों द्वारा दी जाएगी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां -

कौशल्या महोत्सव आस्था और भक्ति से सराबोर होंगे। इस मौके पर छत्तीसगढ़ सहित देश के ख्याति प्राप्त कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे।


आरंग के इतिहास पर लोगो बनाओ - इनाम पाओ प्रतियोगिता: विजेता को मिलेगा 2100/ का नगद पुरस्कार

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आरंग। पीपला वेलफेयर फाउंडेशन सोसायटी के संयोजन में "मोरध्वज नगरी आरंग" विषय पर राज्य स्तरीय लोगो (MONO) बनाओ प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। इसकी अंतिम तिथि 28 फरवरी निर्धारित की गई थी। संतोषजनक प्रविष्टि नहीं आने से 15 मार्च 2023 तक इसे बढ़ाई गई है।

थीम का रखें विशेष ध्यान

छत्तीसगढ़ शासन के लोगो की तर्ज पर बाहरी भित्तियों में आरंग के 107 शिवलिंग को प्रतीकात्मक, भीतरी भाग में बागेश्वरनाथ महादेव मंदिर के 64 योगनियों  का प्रदर्शन, मध्यभाग में दानी राजा मोरध्वज का चित्रण, दानशीलता के लिए कोई तीन अक्षर का कोटेशन आदि समाहित किया जाना चाहिए।



मोनो में राजा मोरध्वजरानी पद्मावती द्वारा अपने पुत्र ताम्रध्वज को आरा से चीरते हुए प्रदर्शित करने के साथ ही 'मोरध्वज नगरी आरंग' को आकर्षक ढंग से  लिखकर संदेश परक  लोगो (mono) बनाना है।  प्रतियोगिता में चयनित लोगो आयोजन समिति के द्वारा अधिग्रहित की जाएगी। इसके लिए पृथक से किसी प्रकार का अतिरिक्त राशि का भुगतान नहीं किया जाएगा।

फाउंडेशन की चयन समिति द्वारा चयनित विजेता को 2100/ (दो हजार एक सौ रुपए) का नगद इनाम दिया जाएगा। चयन समिति का निर्णय अंतिम और सर्वमान्य होगा। इस पर किसी प्रकार की दावा-आपत्ति स्वीकार्य नहीं होगी। प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए इस Link पर क्लिक करें और अपने द्वारा बनाए गए लोगो (MONO) को अपलोड करें। 

https://forms.gle/tyq9ahxqAL83dmPG6 

ऑनलाइन प्रतियोगिता के नियम व शर्तें 

प्रतियोगिता में 16 साल आयु वर्ग से ऊपर के सभी व्यक्ति भाग ले सकते हैं।

यह प्रतियोगिता 15/03/2023 की मध्य रात्रि 12 बजे तक चलेगा। इसके बाद की प्रविष्टि स्वीकार्य नहीं होगा। आवश्यकतानुसार तिथि आगे बढ़ाई भी जा सकती है।

यह प्रतियोगिता छत्तीसगढ़ स्तर पर आयोजित है। जिसमें पुरस्कार हेतु छत्तीसगढ़ राज्य की प्रविष्टियों को ही प्राथमिकता दी जाएगी। तथापि छत्तीसगढ़  के बाहर के प्रतियोगिताओं के लिए भी अवसर खुला है। सर्वश्रेष्ठ प्रविष्टि को पुरस्कृत किया जाएगा। यह सामाजिक सरोकार कार्यक्रम है। इसमें किसी प्रकार के दावा/विवाद /न्यायालयीन कार्यवाही स्वीकार्य नहीं है।

 प्रतियोगिता में भाग लेने नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:-

https://forms.gle/tyq9ahxqAL83dmPG6

नोट:- प्रतियोगिता संबंधी अंतिम निर्णय का सर्वाधिकार आयोजक मंडल के पास सुरक्षित है।

मीडिया पार्टनर:- श्रीपुर एक्सप्रेस एवं media24media.com 

संयोजक:- पीपला  वेलफेयर फाउंडेशन सोसायटी आरंग

( Helpline No:- 9669140004, 9753896810 whatsapp, sms only. Not for call)

संपर्क सूत्र :-

1.आनंदराम पत्रकारश्री:-  9669140004

2. दूजेराम धीवर:- 9907962075

3. महेन्द्र पटेल:- 9753896810

4. गोपाल साहू:- 9893765167


प्रतियोगिता में भाग लेने नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:-

https://forms.gle/tyq9ahxqAL83dmPG6


मुख्यमंत्री 12 फरवरी को मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज के अधिवेशन में होंगे शामिल

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आरंग विकासखण्ड के ग्राम कठिया (खौली) में 12 फरवरी को आयोजित छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज चन्दखुरी राज के अधिवेशन में शामिल होंगे।

निर्धारित कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री 12 फरवरी को दोपहर 3.10 बजे पुलिस ग्राउण्ड हेलीपेड रायपुर से प्रस्थान कर दोपहर 3.25 बजे आरंग विकासखण्ड के ग्राम गठिया (खौली) पहुंचेंगे और वहां स्वर्गीय श्री रामरतन वर्मा स्मृति सभा स्थल में दोपहर 3.30 बजे से आयोजित छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज चन्दखुरी राज के अधिवेशन में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री कार्यक्रम पश्चात् शाम 5 बजे रायपुर लौट आएंगे।

मुख्यमंत्री ने आरंग में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी की आदमकद प्रतिमा का किया अनावरण

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज रायपुर जिले के आरंग के ऐतिहासिक इंदिरा गांधी चौक में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी की आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर चौक के सौन्दर्यीकरण के लिए 60 लाख 74 हजार रूपए की लागत से कराये गए कार्यों का भी लोकार्पण किया।

उन्होंने इंदिरा चौक के सौन्दर्यीकरण के लिए आरंग वासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, नगर पंचायत अध्यक्ष चंद्रशेखर चंद्राकर, उपाध्यक्ष नरसिंह साहू सहित पार्षदगण, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित थे।

 

पीपला फॉउंडेशन ने की आरंग को पर्यटन स्थल घोषित करने की मांग

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज रायपुर जिले के आरंग विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम भानसोज और समोदा में आम जनता से भेंट-मुलाकात के पश्चात शाम को आरंग विश्राम भवन में विभिन्न समाज एवं संगठनों के प्रतिनिधिमंडल से भेंट-मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने इस दौरान सभी समाज के प्रतिनिधियों से सामाजिक कार्यों,  मांगों और स्थानीय समस्याओं के बारे में विस्तार से चर्चा की। 

मुख्यमंत्री ने इस दौरान सामाजिक प्रतिनिधियों से शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों के क्रियान्वयन के बारे में चर्चा कर फीडबैक लिया।  इस दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से ब्राम्हण समाज और पिपला फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने आरंग को पर्यटन स्थल घोषित करने, मोरध्वज उत्सव  हर साल आयोजित कराए जाने का आग्रह किया। व्यापारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से ट्रेनों का फेरा बढ़ाने तथा एफसीआई गोदाम स्थापित किए जाने की बात कही। कुम्हार समाज के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से टेराकोटा प्रशिक्षण और ग्राम समोदा में ग्लेसिंग यूनिट की स्थापना का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री बघेल ने की विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों से भेंट-मुलाकात

मुख्यमंत्री से पटेल समाज, निषाद समाज, सेन समाज, देवांगन समाज के प्रतिनिधियों ने भी मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने तोड़गांव में तालाब को खेत बनाने की जानकारी मिलने पर जांच के निर्देश दिए। देवांगन समाज ने आरंग क्षेत्र में 90 लाख रूपए के विकास कार्यों की स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से सतनामी समाज के प्रतिनिधियों ने मुलाकात कर कहा कि आपके कार्यकाल में सभी वर्ग के लोग लाभान्वित हो रहे हैं। सामाजिक संगठनों को 10 प्रतिशत राशि पर भूमि दी जा रही है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का साहू समाज ने राज्य में किए जा रहे उल्लेखनीय कार्यों के लिए आभार व्यक्त किया। डीघारी में साहू समाज के लिए सामाजिक भवन की स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। यादव समाज के प्रतिनिधियों ने नरवा,गरुवा योजना की सराहना करते हुए कहा कि इससे यादव समाज सहित सभी वर्ग के लोेग लाभान्वित हो रहे है। यादव समाज ने कृष्ण कुंज की स्थापना के लिए भी मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से सोनकर समाज के प्रतिनिधियों ने मुलाकात कर बताया कि समाज पूरे प्रदेश में 14 स्कूल संचालित कर रहा है। मुख्यमंत्री द्वारा समाज को पूर्व में दिए गए एक करोड़ रूपए के लिए समाज के प्रतिनिधियों ने धन्यवाद ज्ञापित किया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से सोनकर समाज सहित और अन्य समाज के प्रतिनिधियों ने भी मुलाकात की।


समोदा बनेगी उप-तहसील : नगर पंचायत समोदा में नवीन महाविद्यालय भवन का होगा निर्माण

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भेंट-मुलाकात कार्यक्रम के लिए आज आरंग विधानसभा के ग्राम समोदा पहुंचे। उन्होंने भेंट-मुलाकात को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार बनते ही सबसे पहले हमने ऋण माफी का फैसला किया, 19 लाख किसानों का साढ़े 9 हजार करोड़ रूपए का ऋण माफ हुआ। जिन किसानों ने धान बेचा था और जिनका कर्ज पटा दिया गया था, उनकी राशि वापस लौटाई गई।

समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की, किसानों को राजीव गांधी किसान न्याय योजना में इनपुट सब्सिडी दी। इस योजना की 3 क़िस्त की राशि किसानों के खाते में आ गई है। योजना की आखिरी और चौथी क़िस्त 31 मार्च को दी जाएगी। बघेल ने कहा कि राज्य सरकार की योजनाओं से किसानों के जीवन में काफी परिवर्तन आया है। मुख्यमंत्री ने कहा हमारी मंशा है सबको राशन मिले, हमने सबका राशन कार्ड बनाया। उन्होंने राशन कार्ड के हितग्राहियों से बातचीत कर योजना का फीडबैक लिया। मुख्यमंत्री ने लोगों से पूछा किनका-किनका कर्ज माफ हुआ है। इस पर बड़ी संख्या में लोगों ने हाथ उठाकर बताया कि उनका कर्ज माफ हुआ है। नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया भी इस अवसर पर उपस्थित थे। 

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भेंट-मुलाकात के दौरान अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं की। उन्होंने कहा कि समोदा को उप-तहसील का दर्जा दिया जायेगा, नगर पंचायत समोदा में नवीन महाविद्यालय भवन का निर्माण कराया जायेगा, समोदा में जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक की शाखा खोली जायेगी, उप-स्वास्थ्य केन्द्र समोदा का उन्नयन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में किया जायेगा, ग्राम अमोदी में उप-स्वास्थ्य केन्द्र खोला जायेगा, बनरसी व भण्डारपुरी में उप-स्वास्थ्य केन्द्र हेतु नवीन भवनों का निर्माण कराया जायेगा, कोरासी व चपरीद में शासकीय हायर सेकेण्डरी स्कूल हेतु नवीन भवनों का निर्माण कराया जायेगा, भैंसा में पुलिस चौकी जल्द ही प्रारंभ की जायेगी, मजिठा से परसवानी तक सड़क मार्ग का निर्माण कराया जायेगा, ग्राम परसवानी में ढोड़की नाला में पुलिया का निर्माण कराया जायेगा, बोरिद से चण्डी मंदिर तक सड़क निर्माण कराया जायेगा, समोदा में बालक छात्रावास निर्माण करवाया जायेगा।

 गोपाल ने खेती की अतिरिक्त आय से खरीदा थ्रेसर और एक बुलेट

ग्राम अमोदी के किसान गोपाल साहू ने बताया कि वो 12 एकड़ में रबी फसल और 32 एकड़ में खरीफ फसल लेते हैं। ऋण माफी के तहत साढ़े तीन लाख रुपए का ऋण माफ हुआ है। समर्थन मूल्य पर धान भी बेच रहे हैं। अतिरिक्त आय से थ्रेसर और एक बुलेट खरीदी है। उन्होंने बताया कि बिजली बिल हाफ योजना के तहत तीस हजार रुपए का बिजली बिल माफ हुआ है। टेमीन साहू ग्राम-चपरिद ने बताया कि उन्हें 35 किलो चावल, नमक फ्री में मिलता है। शक्कर 17 रुपए प्रति किलो में मिलता है।

वीरेंद्र कुमार ने खरीदा ट्रेक्टर

मुख्यमंत्री से बात करते हुए वीरेंद्र कुमार बघेल ने बताया कि 2 लाख 54 हजार रुपए का कर्ज माफ हुआ है। अतिरिक्त पैसे से ट्रेक्टर का सारा क़िस्त चुका दिया है और अन्य खर्चे किए हैं। किसान दयालु राम साहू ने बताया कि उनकी 7 एकड़ जमीन है, ऋण माफी के तहत 85 हजार रुपए का ऋण माफ हुआ है। राजीव गांधी किसान न्याय योजना का क़िस्त समय-समय में मिल जाता है। धान बेचकर जमीन खरीदी है।

वर्मी कम्पोस्ट से समूह की महिलाओं को 45-45 हजार रूपए की आय

भेंट-मुलाकात में ग्राम रानीसागर निवासी प्रेमबाई साहू ने बताया कि 1300 क्विंटल वर्मी कंपोस्ट बेचा है। समूह की महिलाओं ने 45-45 हजार कमाए हैं। प्रेमबाई ने इस योजना के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया और कहा कि इससे कई महिलाओं को रोजगार मिला है, महिलाएं आत्मनिर्भर हो रही हैं। उन्होंने पैरा एकत्रित करने वाली मशीन की मांग की, उनकी मांग पर मुख्यमंत्री ने कलेक्टर को मशीन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने बताया कि महिलाएं गोबर से बिजली और पेंट बनाने का भी काम कर रही हैं। देवकी साहू ने बताया कि उनके समूह में 11 सदस्य है। वर्मी कम्पोस्ट बनाती हैं। 1225 क्विंटल वर्मी कंपोस्ट बेच चुके हैं, इससे 4 लाख 50 हजार रुपए की आमदनी हुई है, इस पैसे को समूह के सदस्यों के बीच बांट चुके हैं। टीकम यादव, ग्राम रानी सागर की रहने वाली हैं। उन्होंने बताया कि इनके पास 15 से 20 गाय हैं, 70 हजार का गोबर बेचा है और गोबर बेचकर मिले पैसे से और गाय खरीदी हैं, इस पैसे से घर भी चलाती हैं।

राजीव युवा मितान क्लब ने गांव में चलाया सफाई अभियान

भेंट-मुलाकात में राजीव युवा मितान क्लब के सदस्य थानेश्वर साहू, ग्राम कुसमुड़ी ने बताया कि क्लब के जरिए गांव में सफाई अभियान चलाया और ग्रामीणों को स्वच्छता के लिए जागरूक किया, वृक्षारोपण भी किए हैं। छत्तीसगढ़ ओलंपिक में भी बहुत से लोगों ने हिस्सा लिया था, सभी आयोजनों में बहुत मजा आया। मुख्यमंत्री से बात करते हुए कमला बाई साहू ने बताया कि छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक में ग्रामीण स्तर में आयोजित बिलल्स खेल में अव्वल आयी हूं, 40 वर्ष की उम्र है, मुख्यमंत्री ने उन्हें शुभकामना दी। राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन श्रमिक न्याय योजना से लाभान्वित रवि शंकर सोनवानी ने बताया उनके पास जमीन नहीं है। इस योजना के तहत 3 क़िस्त मिला है। मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्रामीण बेरोजगारो के लिए रूरल इंडस्ट्रियल पार्क की स्थापना की गई है, जिसमे युवा स्व-रोजगार स्थापित कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री से बात करते हुए रामशरण ध्रुव ने बताया कि अब जाति प्रमाणपत्र और दूसरे दस्तावेज बनवाने में कोई दिक्कत नहीं होती है, कम समय में प्रमाणपत्र बनकर मिल जाते हैं। उन्होंने आगे कहा कि सभी शासकीय योजनाओं का लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री से बात करते हुए स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यमिक स्कूल की छात्रा ने स्कूल में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में बात की। मुख्यमंत्री ने लैब के बारे में भी जानकारी ली, छात्रा ने बताया कि पहले प्राइवेट स्कूल में पढ़ती थी, वहां 25 हजार रुपए लगता था, अब फ्री में पढ़ाई होती है। भेंट-मुलाकात समोदा में मुख्यमंत्री से मिलने स्थानीय जनप्रतिनिधि पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री बघेल का हल देकर एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर आत्मीय स्वागत किया।


नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. डहरिया शाकम्भरी महोत्सव में हुए शामिल

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रायपुर। नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया आज यहां आरंग विकास खंड के ग्राम गुल्लू में मां शाकम्भरी महोत्सव में शामिल हुए। डॉ. डहरिया ने माता शाकम्भरी की पूजा-अर्चना कर सभी को शाकाम्भरी महोत्सव की शुभकामना दीं। डॉ. डहरिया ने गुल्लू से समोदा-समोदा मार्ग का भूमिपूजन किया जिसकी लागत करीब 3 करोड़ 81 लाख 4 हज़ार रुपए है। मंत्री डॉ. डहरिया ने कोसरिया मरार पटेल समाज भवन के निर्माण के लिए 6 लाख 50 हजार रुपए और ध्रुव आदिवासी समाज भवन के लिए 5 लाख रुपए प्रदान करने की घोषणा की। आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पटेल-मरार समाज सब्जियों के उत्पादन में महत्वपूर्ण योगदान हमेशा से देता आ रहा है। मरार पटेल समाज द्वारा पैदा की गई सब्जी अच्छी गुणवत्ता की होती है और पहले बिकती है।

डॉ. डहरिया ने पटेल-मरार समाज से आग्रह किया कि छत्तीसगढ़ सरकार की बाड़ी योजना का लाभ उठाएं। उन्होंने समाज के लोगों से आग्रह किया कि आप सभी समूह बनाकर बाड़ी योजना के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि आज के समयमें मौसमी सब्जियां पूरे साल उपलब्ध रहती है, वैज्ञानिकों ने कृषि की नई तकनीकों की खोज कर ली है। कई शोध किए है और सिंचाई की सुविधा भी अब ज्यादा हो गई है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देशन में किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए के कई किसान हितैषी योजनायें का संचालन किया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ में देश में सबसे ज्यादा कीमत किसानों को दी जा रही है उन्होंने कहा कि अब कृषि लाभ का व्यवसाय बन रहा है किसानों को अच्छी किस्म का खाद बीज उपलब्ध कराया जा रहा है जिससे धान सहित अन्य फसलों का उत्पादन में वृद्धि हो रही है। कार्यक्रम में पटेल-मरार समाज द्वारा मंत्री डॉ. डहरिया को सब्जियों से बनी माला पहनाकर स्वागत किया। इस अवसर जनपद पंचायत अध्यक्ष आरंग खिलेशवर देवांगन, सर्व कोमल साहू गौरव चंद्राकार, भूषण साहू, केशरी मोहन साहू, प्रेमनारायण ढीढी, नरोत्तम साहू, गणेश बांधे राजकुमार पटेल, रहमान खान, जगदीश उपाध्याय, रामगुलाम निर्मलकर सहित क्षेत्रीय पंचायत प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में कोसरिया पटेल-मरार समाज के नागरिक उपस्थित रहे।

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