Media24Media.com: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने दुनिया को भारत की सैन्य शक्ति और नागरिकों की सुरक्षा के संकल्प का संदेश दिया: राजनाथ सिंह

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‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने दुनिया को भारत की सैन्य शक्ति और नागरिकों की सुरक्षा के संकल्प का संदेश दिया: राजनाथ सिंह

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नई दिल्ली- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने भारतीय सशस्त्र बलों के अद्वितीय शौर्य और पराक्रम को प्रदर्शित किया तथा पूरी दुनिया को यह संदेश दिया कि भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और हमारी महिलाओं के सिंदूर की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है।

रक्षा मंत्री 9 अगस्त 2026 को दिल्ली कैंट स्थित बेस अस्पताल में आयोजित ‘सिंदूर महारक्तदान यात्रा’ रक्तदान शिविर को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने भारतीय रक्षा बलों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने पाकिस्तान में स्थित आतंकवादियों और उनके आकाओं का सफाया किया तथा भारत की ओर बुरी नजर से देखने वालों को गंभीर परिणाम भुगतने पड़े।

‘सिंदूर महारक्तदान यात्रा’ की तुलना ऑपरेशन सिंदूर से करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि जहां ऑपरेशन सिंदूर ने साहस और शौर्य का परिचय दिया, वहीं यह विशाल रक्तदान शिविर करुणा और मानव सेवा का प्रतीक है। शिविर में महाराष्ट्र के लगभग 1,000 पहलवानों और खिलाड़ियों ने रक्तदान कर निस्वार्थ सेवा और सशस्त्र बलों के प्रति एकजुटता की भावना का प्रदर्शन किया।

रक्तदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए रक्षा मंत्री ने विश्वास जताया कि आज दान किया गया रक्त भविष्य में जरूरतमंद सैनिकों और उनके परिवारों के लिए महत्वपूर्ण भंडार के रूप में काम आएगा। उन्होंने रक्तदान को ‘जीवनदान’ और ‘महादान’ बताते हुए कहा कि विज्ञान और चिकित्सा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति के बावजूद मानव रक्त का अभी तक कोई कृत्रिम विकल्प विकसित नहीं किया जा सका है। रक्त केवल मानव शरीर द्वारा ही बनाया जा सकता है और एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति को रक्तदान कर सकता है। इसलिए रक्तदान मानव सेवा और परोपकार के सबसे महान कार्यों में से एक है।

राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रत्येक रक्तदाता और रक्त प्राप्त करने वाला व्यक्ति अपने-अपने तरीके से राष्ट्र की सेवा कर रहा है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से रक्तदान को अपनी जीवनशैली और सामाजिक संस्कृति का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि जब भारत वर्ष 2047 में स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब हमारा लक्ष्य केवल विकसित अर्थव्यवस्था तक सीमित नहीं होना चाहिए। हमें एक ऐसे संवेदनशील समाज की भी कल्पना करनी चाहिए, जहां लोग स्वस्थ और सुरक्षित हों तथा जरूरत के समय रक्त जैसी जीवनरक्षक सामग्री आसानी से उपलब्ध हो।

युवाओं से फिटनेस को प्राथमिकता देने का आह्वान करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि स्वस्थ और फिट व्यक्ति समाज के लिए अधिक उपयोगी होता है और रक्तदान जैसे नेक कार्यों में बेहतर योगदान दे सकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया’ जैसी पहलों के माध्यम से विशेष रूप से युवाओं को फिटनेस को जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है।

महाराष्ट्र की वीरता और करुणा की समृद्ध परंपरा का उल्लेख करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज की विरासत आज भी पीढ़ियों को प्रेरित करती है। उन्होंने कहा कि शारीरिक शक्ति का वास्तविक उद्देश्य दूसरों की रक्षा करना और राष्ट्र की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। छत्रपति शिवाजी महाराज की भूमि से आए खिलाड़ियों और पहलवानों का यह योगदान राष्ट्र के लिए एक महान सेवा के रूप में याद रखा जाएगा।

कार्यक्रम में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रताप राव जाधव, महाराष्ट्र सरकार के उद्योग मंत्री उदय रविंद्र सामंत, सांसद डॉ. श्रीकांत लता एकनाथ शिंदे, थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ, सशस्त्र सेना चिकित्सा सेवा (AFMS) के महानिदेशक सर्जन वाइस एडमिरल आरती सरीन, एडजुटेंट जनरल लेफ्टिनेंट जनरल वी.पी.एस. कौशिक, बेस अस्पताल दिल्ली कैंट के कमांडेंट मेजर जनरल विशाल चौधरी सहित वरिष्ठ सैन्य एवं नागरिक अधिकारी उपस्थित रहे।

सशस्त्र सेना चिकित्सा सेवा (AFMS) के लिए पर्याप्त रक्त भंडार बनाए रखना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि सैन्य अस्पताल नियमित स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ ऑपरेशनल, ट्रॉमा और आपातकालीन परिस्थितियों में भी चिकित्सा सहायता प्रदान करते हैं। लगभग 500 स्वैच्छिक रक्तदाताओं की भागीदारी ने ‘सेवा परमो धर्म’ की भावना को मजबूत किया और यह संदेश दिया कि प्रत्येक पात्र नागरिक नियमित स्वैच्छिक रक्तदान के माध्यम से जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

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