Media24Media.com: प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के तहत 1.25 करोड़ से अधिक घर स्वीकृत, 1 करोड़ से ज्यादा मकान लाभार्थियों को सौंपे गए

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प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के तहत 1.25 करोड़ से अधिक घर स्वीकृत, 1 करोड़ से ज्यादा मकान लाभार्थियों को सौंपे गए

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नई दिल्ली- प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (PMAY-U) ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। योजना के तहत PMAY-U और PMAY-U 2.0 में 1.25 करोड़ से अधिक मकान स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिनमें से 1 करोड़ से अधिक मकान बनकर तैयार होकर लाभार्थियों को सौंपे जा चुके हैं। सरकार अब PMAY-U 2.0 के कार्यान्वयन को और तेज कर पात्र शहरी परिवारों को किफायती आवास उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है।

इसी क्रम में PMAY-U 2.0 के तहत केंद्रीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति (CSMC) की 8वीं बैठक 6 अगस्त 2026 को नई दिल्ली स्थित संकल्प भवन में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) के सचिव सतेंद्र सिंह ने की। बैठक में योजना की प्रगति की समीक्षा के साथ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से प्राप्त अतिरिक्त आवास प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

बैठक में आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, ओडिशा, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के परिवारों के लिए 2.09 लाख से अधिक मकानों को मंजूरी दी गई।

इनमें करीब 1.42 लाख मकान लाभार्थी आधारित निर्माण (BLC) श्रेणी के तहत स्वीकृत किए गए हैं। इस श्रेणी में लाभार्थियों को अपनी जमीन पर पक्का मकान बनाने के लिए ₹2.5 लाख तक की वित्तीय सहायता दी जाती है। वहीं, 67,045 मकान किफायती आवास साझेदारी (AHP) श्रेणी के तहत स्वीकृत हुए हैं। इसके अंतर्गत सार्वजनिक और निजी एजेंसियां राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के साथ मिलकर किफायती आवास परियोजनाएं विकसित करती हैं।

नवीनतम स्वीकृतियों के साथ PMAY-U 2.0 के तहत स्वीकृत मकानों की कुल संख्या 18.38 लाख से अधिक हो गई है। इनमें 14.40 लाख BLC, 2.48 लाख AHP, 1.36 लाख ब्याज सब्सिडी योजना (ISS) के लाभार्थियों के लिए और 13,046 किफायती किराये के आवास (ARH) के तहत स्वीकृत किए गए हैं।

बैठक के दौरान आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव ने योजना की व्यापक समीक्षा की। इसमें राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में कार्यान्वयन की गति, स्वीकृत मकानों का समय पर निर्माण और पूर्णता, जियो-टैगिंग, धनराशि का उपयोग, लाभार्थियों का सत्यापन, मकानों की वास्तविक स्थिति तथा PMAY-U और PMAY-U 2.0 की समग्र प्रगति का आकलन किया गया।

सचिव ने योजना के तेजी से क्रियान्वयन, समय पर धनराशि जारी करने, प्रभावी निगरानी और सभी हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समिति नियमित रूप से बैठक कर योजना की प्रगति की समीक्षा करेगी, समय पर स्वीकृतियां सुनिश्चित करेगी और कार्यान्वयन से जुड़ी चुनौतियों का समाधान करेगी।

PMAY-U 2.0 केवल आवास उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शहरी परिवारों के सामाजिक समावेशन, बेहतर जीवन स्तर और आर्थिक सुरक्षा को भी बढ़ावा दे रही है। योजना में महिलाओं, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), अल्पसंख्यकों, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों, ट्रांसजेंडर व्यक्तियों और अन्य वंचित वर्गों की आवासीय जरूरतों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

CSMC की 8वीं बैठक में स्वीकृत 2.09 लाख मकानों में से 2.03 लाख मकान महिलाओं के नाम आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा 16,662 मकान वरिष्ठ नागरिकों, 21,954 मकान SC लाभार्थियों, 14,252 मकान ST लाभार्थियों और 75,511 मकान OBC लाभार्थियों के लिए स्वीकृत किए गए हैं।

PMAY-U और PMAY-U 2.0 के तहत अब तक स्वीकृत 1.25 करोड़ मकानों में से 1 करोड़ मकान महिलाओं के नाम यानी परिवार की महिला मुखिया के नाम या संयुक्त स्वामित्व में आवंटित किए गए हैं। यह प्रधानमंत्री के ‘नारी शक्ति’ पर जोर के अनुरूप महिलाओं की संपत्ति में हिस्सेदारी और आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

PMAY-U की शुरुआत जून 2015 में ‘सभी के लिए आवास’ के लक्ष्य के साथ की गई थी। अब PMAY-U 2.0 इसी लक्ष्य को आगे बढ़ाते हुए शहरी भारत के अतिरिक्त 1 करोड़ पात्र EWS/LIG/MIG परिवारों की आवास जरूरतों को पूरा करने पर केंद्रित है, जिनकी वार्षिक आय ₹9 लाख तक है।

PMAY-U 2.0 के विभिन्न घटकों के माध्यम से लाभार्थियों को अपना घर बनाने, किफायती आवास परियोजनाओं में घर प्राप्त करने, होम लोन पर ब्याज सब्सिडी का लाभ लेने और गुणवत्तापूर्ण किराये का आवास प्राप्त करने के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

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