Media24Media.com: प्रेस क्लब में ‘मोदी चालीसा’ का वीडियो वायरल, PM मोदी की आरती पर मचा विवाद; प्रेस क्लब ने दी सफाई

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प्रेस क्लब में ‘मोदी चालीसा’ का वीडियो वायरल, PM मोदी की आरती पर मचा विवाद; प्रेस क्लब ने दी सफाई

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नई दिल्ली- दिल्ली स्थित प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर/कटआउट के सामने आरती और ‘मोदी चालीसा’ का पाठ किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। वायरल वीडियो में कुछ लोग पीएम मोदी को भगवान राम के स्वरूप में दर्शाए गए कटआउट के सामने आरती करते और ‘जय जय मोदी, हर हर मोदी’ के नारे लगाते दिखाई दे रहे हैं। 

वायरल वीडियो में क्या दिखा?

वीडियो में एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक बड़ा कटआउट नजर आया, जिसमें उन्हें धनुष-बाण के साथ धार्मिक स्वरूप में दिखाया गया था। कार्यक्रम स्थल पर लगे बैनर पर ‘भगवान नरेंद्र मोदी चालीसा’ लिखा हुआ दिखाई दिया।

कार्यक्रम में मौजूद लोग कटआउट के सामने आरती करते और ‘मोदी चालीसा’ का पाठ करते नजर आए। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसको लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आने लगीं। 

कार्यक्रम किसने आयोजित किया था?

रिपोर्टों के मुताबिक, यह कार्यक्रम बिहार स्टेट ट्रांसजेंडर वेलफेयर बोर्ड से जुड़े लोगों द्वारा आयोजित किया गया था। कार्यक्रम के आयोजकों की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सम्मान में धार्मिक शैली का कार्यक्रम किए जाने की बात सामने आई है। 

बताया गया है कि कार्यक्रम के आयोजकों में बोर्ड के उपाध्यक्ष डॉ. राजन सिंह का नाम सामने आया है। उन्होंने कार्यक्रम का बचाव करते हुए प्रधानमंत्री मोदी के प्रति सम्मान और समर्थन जताया। 

प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने क्या कहा?

वीडियो वायरल होने और विवाद बढ़ने के बाद प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने कार्यक्रम से खुद को अलग कर लिया।

प्रेस क्लब ने स्पष्ट किया कि इस कार्यक्रम का आयोजन क्लब ने नहीं किया था। उसके मुताबिक, एक संगठन ने परिसर का हॉल प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करने के लिए किराए पर लिया था। बाद में जब आयोजकों ने हॉल के इस्तेमाल से जुड़े नियमों का उल्लंघन किया तो क्लब प्रशासन ने हस्तक्षेप कर कार्यक्रम को रोक दिया। 

यानी प्रेस क्लब के अनुसार, हॉल की बुकिंग एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए की गई थी, लेकिन वहां आयोजित गतिविधियां बुकिंग की शर्तों के अनुरूप नहीं थीं।

सोशल मीडिया पर क्यों मचा बवाल?

वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इस कार्यक्रम को लेकर तीखी बहस शुरू हो गई। सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर हुई कि एक संवैधानिक पद पर बैठे प्रधानमंत्री को धार्मिक स्वरूप में प्रस्तुत कर उनकी आरती और चालीसा का पाठ किया गया।

कुछ लोगों ने इसे राजनीतिक व्यक्ति का धार्मिक महिमामंडन बताया, जबकि कार्यक्रम से जुड़े लोगों ने प्रधानमंत्री के प्रति अपनी श्रद्धा और सम्मान को इसका आधार बताया।

कार्यक्रम को बीच में रोक दिया गया

प्रेस क्लब की ओर से दी गई सफाई के मुताबिक, जैसे ही क्लब प्रशासन को बुकिंग की शर्तों के उल्लंघन का पता चला, उसने हस्तक्षेप किया और कार्यक्रम को रोक दिया। इस वजह से क्लब ने यह भी स्पष्ट किया कि वायरल वीडियो के आधार पर यह नहीं माना जाना चाहिए कि कार्यक्रम प्रेस क्लब द्वारा आयोजित या समर्थित था। 

PM मोदी के मंदिर का भी जिक्र

इस विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंदिर से जुड़ी योजना का भी जिक्र सामने आया है। कार्यक्रम से जुड़े राजन सिंह ने बिहार में प्रधानमंत्री मोदी को समर्पित मंदिर बनाने की योजना की बात कही है। रिपोर्टों के अनुसार, प्रस्तावित मंदिर की लागत करीब ₹112 करोड़ बताई गई है।

अब क्या है पूरा मामला?

फिलहाल इस पूरे विवाद का केंद्र वायरल वीडियो और प्रेस क्लब की सफाई है। वीडियो में दिखाई गई गतिविधियों को लेकर सोशल मीडिया पर राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज है, जबकि प्रेस क्लब ने साफ कर दिया है कि उसने कार्यक्रम आयोजित नहीं किया था और नियमों के उल्लंघन के बाद उसे रोक दिया गया था।

निष्कर्ष

दिल्ली के प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में ‘मोदी चालीसा’, आरती और पीएम मोदी को धार्मिक स्वरूप में दिखाने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। हालांकि, प्रेस क्लब ने कार्यक्रम से दूरी बनाते हुए कहा है कि हॉल प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए किराए पर दिया गया था और शर्तों का उल्लंघन होने पर कार्यक्रम रोक दिया गया।

अब यह मामला सोशल मीडिया से निकलकर राजनीति, धार्मिक प्रतीकों और सार्वजनिक संस्थानों के इस्तेमाल को लेकर बहस का विषय बन गया है।

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