Media24Media.com: छत्तीसगढ़ में 10,538 स्कूलों का युक्तियुक्तकरण, 7 हजार से ज्यादा शिक्षकों की पदोन्नति; शिक्षा मंत्री ने गिनाईं उपलब्धियां

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छत्तीसगढ़ में 10,538 स्कूलों का युक्तियुक्तकरण, 7 हजार से ज्यादा शिक्षकों की पदोन्नति; शिक्षा मंत्री ने गिनाईं उपलब्धियां

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने शुक्रवार को विभागीय प्रेस कॉन्फ्रेंस में पिछले दो वर्षों की उपलब्धियों और आगामी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने शिक्षक पदोन्नति और भर्ती, स्कूलों के युक्तियुक्तकरण, विद्यार्थियों को समय पर पाठ्यपुस्तक एवं गणवेश उपलब्ध कराने, बहुभाषी शिक्षा, ऑनलाइन अटेंडेंस, डिजिटल मॉनिटरिंग और स्कूल अधोसंरचना समेत कई विषयों पर विभाग के कार्यों का ब्यौरा प्रस्तुत किया।


10,538 स्कूलों का हुआ युक्तियुक्तकरण
मंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और शिक्षा का अधिकार अधिनियम के प्रावधानों के तहत प्रदेश में 10,538 स्कूलों का युक्तियुक्तकरण किया गया है। इसके तहत 15,165 शिक्षकों और प्राचार्यों का समायोजन किया गया। वहीं 453 शिक्षकविहीन स्कूलों में शिक्षकों की व्यवस्था की गई है, जबकि 4,729 एकल शिक्षकीय स्कूलों में भी शिक्षकों की पूर्ति की गई।

7 हजार से अधिक शिक्षकों की पदोन्नति
स्कूल शिक्षा विभाग के अनुसार पिछले दो वर्षों में 7 हजार से अधिक शिक्षकों की पदोन्नति की गई है। टी संवर्ग में 1,335 और ई संवर्ग में 1,478 पदों पर कुल 2,813 प्राचार्यों की पदोन्नति हुई। इसके अलावा 1,798 व्याख्याताओं की पदोन्नति की गई।

सहायक शिक्षक से प्रधान पाठक, सहायक शिक्षक से शिक्षक और शिक्षक से प्रधान पाठक के पदों पर भी पदोन्नति की गई है। विभाग ने 2,621 बीएड योग्यताधारी सहायक शिक्षकों का सहायक शिक्षक विज्ञान-प्रयोगशाला के रूप में समायोजन किया है। पदस्थापना की प्रक्रिया ऑनलाइन काउंसलिंग के माध्यम से की गई।

5 हजार शिक्षकीय पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी
मंत्री ने बताया कि दिव्यांग बच्चों के लिए स्पेशल एजुकेटर के 848 पद स्वीकृत किए गए हैं। इनमें 62 पदों पर 2025 में सीधी भर्ती की गई। पिछले दो वर्षों में 2,104 शैक्षणिक पदों पर सीधी भर्ती से नियुक्तियां हुई हैं।

इसके अलावा करीब 5 हजार शिक्षकीय पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। इसमें सहायक शिक्षक के 2,292, सहायक शिक्षक प्रयोगशाला के 200, शिक्षक के 1,654 और व्याख्याता के 854 पद शामिल हैं।

CBT से होगी संविदा भर्ती परीक्षा
स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय, स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालय समेत अन्य संस्थाओं के शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक संविदा पदों पर भर्ती के लिए Computer Based Test (CBT) व्यवस्था शुरू की गई है।

स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय के 1,895 और स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालय के 1,171 पदों समेत कुल 3,066 पदों पर संविदा भर्ती प्रक्रिया जारी है। विभाग के अनुसार CBT परीक्षा का परिणाम परीक्षा के एक सप्ताह के भीतर जारी करने का लक्ष्य है।

2027 से बदलेगा स्कूलों का शैक्षणिक सत्र
मंत्री ने बताया कि वर्ष 2026-27 के लिए सभी स्कूलों में एक समान शैक्षणिक समय-सारणी लागू की गई है। इसमें पढ़ाई के साथ खेल, योग, नैतिक शिक्षा और संस्कार शिक्षा पर भी जोर दिया गया है।

वहीं आगामी शैक्षणिक सत्र 2027-28 को 1 अप्रैल 2027 से शुरू करने का निर्णय लिया गया है।

स्थानीय भाषाओं में शिक्षा पर जोर
स्कूल शिक्षा विभाग ने बहुभाषी शिक्षा को भी प्राथमिकता दी है। विभाग के अनुसार छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है जिसने भाषा मैपिंग की है। बस्तर और सरगुजा संभाग में बच्चों की घरेलू भाषा के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया है।

कक्षा 1 से 3 तक छत्तीसगढ़ी, गोंडी, हल्बी और सदरी जैसी भाषाओं को पाठ्यपुस्तकों में शामिल करने की प्रक्रिया चल रही है।

85 प्रतिशत शिक्षकों की ऑनलाइन अटेंडेंस
स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति की निगरानी के लिए ऑनलाइन अटेंडेंस व्यवस्था लागू की गई है। विभागीय कार्यालयों में आधार आधारित बायोमेट्रिक और स्कूलों में TSK मोबाइल ऐप के जरिए उपस्थिति दर्ज की जा रही है।

विभाग के मुताबिक प्रतिदिन करीब 85 प्रतिशत शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज हो रही है।

45 लाख से ज्यादा विद्यार्थियों को मुफ्त किताबें
कक्षा 1 से 10 तक के विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तक उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। विभाग के अनुसार इससे 45,33,261 विद्यार्थी लाभान्वित हुए हैं। पुस्तकों के वितरण और सत्यापन के लिए स्कैनिंग व्यवस्था का भी उपयोग किया जा रहा है।

परीक्षा परिणाम में करीब 2 प्रतिशत सुधार
मंत्री ने बताया कि सत्र 2025-26 में कक्षा 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणाम में करीब 2 प्रतिशत सुधार दर्ज किया गया। परीक्षा की तैयारी के लिए संभाग स्तर पर बैठक, ब्लू प्रिंट निर्माण, अध्यापन और पालक-शिक्षक बैठकों पर जोर दिया गया।

700 स्कूलों के नए भवनों का प्रावधान
पिछले तीन वर्षों में 504 नए स्कूलों को स्वीकृति दी गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में 700 भवनविहीन स्कूलों के लिए नए भवन का प्रावधान किया गया है। वर्ष 2023 से 2026 के बीच 2,583 अतिरिक्त कक्षों को भी मंजूरी दी गई।

स्कूलों के शौचालय निर्माण और मरम्मत के लिए 52.39 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।

150 स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालय
वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में 150 स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालयों के भवन निर्माण और संचालन के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। विभाग का लक्ष्य प्रत्येक विकासखंड में कम से कम एक ऐसा विद्यालय स्थापित करना है।

बस्तर में बंद स्कूल फिर खुले
मंत्री ने बताया कि बस्तर संभाग में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बंद 48 स्कूलों को दोबारा शुरू किया गया है, जबकि 36 नए स्कूल भी खोले गए हैं।

बस्तर संभाग में द्विभाषीय पुस्तकों के माध्यम से 13,817 शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया है। शिक्षकविहीन और एकल शिक्षकीय स्कूलों में 573 शिक्षा दूतों के माध्यम से शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है।

AI से होगी स्कूलों की मॉनिटरिंग
स्कूल शिक्षा विभाग ने AI आधारित विद्या समीक्षा केंद्र स्थापित किया है। इसके माध्यम से स्कूलों की अधोसंरचना, पीएम पोषण, HRMIS और बुनियादी शिक्षा से जुड़ी योजनाओं की ऑनलाइन निगरानी की जा रही है।

विभाग के अनुसार पाठ्यपुस्तक वितरण की बारकोड आधारित ट्रैकिंग से करीब 40 करोड़ रुपये की बचत हुई है।

PVTG बच्चों के लिए आवासीय सुविधा
प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग के बच्चों के लिए आवासीय सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। प्रदेश में संचालित 156 आवासीय विद्यालय और छात्रावासों में करीब 33 हजार बच्चों को सुविधा मिल रही है।

कुल मिलाकर स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षक भर्ती-पदोन्नति, स्कूलों के युक्तियुक्तकरण, डिजिटल तकनीक, बहुभाषी शिक्षा, अधोसंरचना और विद्यार्थियों को मिलने वाली सुविधाओं को लेकर विभिन्न उपलब्धियों का दावा किया है।

 

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