Media24Media.com: तारापीठ होटल में भीषण आग, 7 श्रद्धालुओं की मौत; कई घायल

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तारापीठ होटल में भीषण आग, 7 श्रद्धालुओं की मौत; कई घायल

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चार मंजिला होटल में तड़के लगी आग से मचा हड़कंप, सोते हुए श्रद्धालु धुएं में फंसे; राहत-बचाव अभियान जारी

तारापीठ- पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के प्रसिद्ध तीर्थस्थल तारापीठ में सोमवार तड़के एक होटल में भीषण आग लगने से बड़ा हादसा हो गया। शुरुआती आधिकारिक जानकारी के अनुसार हादसे में कम से कम 7 लोगों की मौत हुई है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। मृतकों में तीर्थयात्री भी शामिल बताए जा रहे हैं।

सुबह करीब 5 बजे लगी आग

पुलिस के अनुसार, तारापीठ मंदिर के पास स्थित एक चार मंजिला होटल में सुबह करीब 5 बजे आग लगने की सूचना मिली। आग उस समय लगी जब होटल में ठहरे अधिकांश लोग सो रहे थे। आग सबसे पहले निचले हिस्से में लगी और देखते ही देखते धुआं और लपटें ऊपर की मंजिलों तक फैल गईं।

बताया गया कि होटल की संरचना में कांच के पैनल और बंद दरवाजे होने के कारण बाहर से आग और धुआं आसानी से दिखाई नहीं दे रहा था। इसके चलते अंदर मौजूद लोगों को समय रहते खतरे का अंदाजा लगाने में मुश्किल हुई।

22 लोगों को सुरक्षित निकाला गया

घटना की जानकारी मिलते ही दमकल विभाग और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाने के साथ होटल के अंदर फंसे लोगों को बाहर निकाला। पुलिस के मुताबिक 22 लोगों को सुरक्षित बचाया गया, जबकि कई घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।

घायलों को इलाज के लिए रामपुरहाट सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाया गया। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई गई है।

आग लगने के कारणों की जांच

प्रारंभिक जानकारी में आग लगने की वजह बिजली से जुड़ी खराबी या शॉर्ट सर्किट होने की आशंका जताई गई है। हालांकि, आग का वास्तविक कारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। अधिकारियों की ओर से होटल में मौजूद अग्निशमन व्यवस्था और सुरक्षा मानकों की भी जांच की जा रही है।

घटना के बाद होटल की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। पुलिस ने कथित सुरक्षा संबंधी लापरवाही के मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है।

तीर्थयात्रियों में दहशत, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

तारापीठ प्रमुख धार्मिक स्थल है और यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में होटल में हुए इस हादसे ने तीर्थस्थलों के आसपास बने होटल और लॉज में फायर सेफ्टी, आपातकालीन निकास और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

प्रशासन की ओर से घटना की जांच की जा रही है। हादसे के बाद इलाके में शोक और दहशत का माहौल है। मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की जा रही हैं और घायलों के बेहतर इलाज पर प्रशासन का ध्यान केंद्रित है।

नोट: शुरुआती रिपोर्टों में मृतकों की संख्या 7 बताई गई थी, जबकि बाद की कुछ रिपोर्टों में यह संख्या 8 तक पहुंचने की जानकारी दी गई है। इसलिए खबर प्रकाशित करते समय नवीनतम आधिकारिक आंकड़े की पुष्टि करना जरूरी है।

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