Media24Media.com: E20 पेट्रोल पर बड़ा बयान: CEA ने E10 को फिर उपलब्ध कराने की वकालत की

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E20 पेट्रोल पर बड़ा बयान: CEA ने E10 को फिर उपलब्ध कराने की वकालत की

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पुराने वाहनों के लिए E10 पेट्रोल का विकल्प देने का सुझाव, E20 को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच आया बयान

नई दिल्ली- देश में E20 पेट्रोल को लेकर चल रही बहस के बीच मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) वी. अनंत नागेश्वरन ने बड़ा सुझाव दिया है। उन्होंने कहा है कि सरकार को पुराने वाहनों के लिए कम एथेनॉल मिश्रण वाले पेट्रोल, जैसे E10, को फिर से उपलब्ध कराने पर विचार करना चाहिए। उनका सुझाव है कि E10 को E20 के साथ विकल्प के तौर पर उपलब्ध कराया जा सकता है।

पुराने वाहनों को ध्यान में रखने की जरूरत

नागेश्वरन और आर्थिक मामलों के विभाग के सलाहकार आकाश पूजारी ने अपने लेख में कहा कि देश में बड़ी संख्या में पुराने वाहन अभी भी सड़कों पर चल रहे हैं। खासतौर पर पुराने दोपहिया वाहनों में इस्तेमाल होने वाले कुछ ईंधन सिस्टम और रबर कंपोनेंट अधिक एथेनॉल मिश्रण के लिए डिजाइन नहीं किए गए थे। ऐसे में पुराने वाहनों के लिए कम एथेनॉल वाला ईंधन विकल्प उपलब्ध कराने से वाहन मालिकों की चिंताओं को कम किया जा सकता है।

E10 और E20 में क्या अंतर है?

E10 पेट्रोल में करीब 10 प्रतिशत एथेनॉल और E20 पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल होता है। भारत ने एथेनॉल मिश्रण बढ़ाने की नीति के तहत E20 को बड़े पैमाने पर अपनाया है। सरकार का कहना है कि एथेनॉल मिश्रण से कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करने, ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने और उत्सर्जन घटाने में मदद मिलती है।

माइलेज को लेकर भी चल रही है बहस

E20 पेट्रोल को लेकर वाहन मालिकों के बीच माइलेज और वाहन के प्रदर्शन से जुड़ी चिंताएं लगातार चर्चा में हैं। सरकार ने हाल ही में स्पष्ट किया था कि वाहन का माइलेज केवल ईंधन पर निर्भर नहीं करता, बल्कि ड्राइविंग स्टाइल, ट्रैफिक, वाहन का रखरखाव, टायर प्रेशर और एयर कंडीशनिंग जैसे कई कारक भी इसमें भूमिका निभाते हैं।

वहीं, CEA के सुझाव में पुराने वाहनों के लिए अलग ईंधन विकल्प रखने पर जोर दिया गया है, ताकि E20 नीति को जारी रखते हुए पुराने वाहनों की जरूरतों को भी ध्यान में रखा जा सके।

सरकार की E20 नीति पर क्या है स्थिति?

फिलहाल यह E10 को दोबारा अनिवार्य रूप से लागू करने का सरकारी फैसला नहीं है, बल्कि मुख्य आर्थिक सलाहकार की ओर से दिया गया सुझाव है। सरकार पहले E20 की सुरक्षा और इसके आर्थिक व पर्यावरणीय लाभों को लेकर अपना पक्ष स्पष्ट कर चुकी है। इसलिए E10 को फिर से पेट्रोल पंपों पर उपलब्ध कराने के लिए आगे कोई आधिकारिक निर्णय आता है या नहीं, इस पर नजर बनी हुई है।

क्यों महत्वपूर्ण है यह सुझाव?

यदि E10 को E20 के साथ विकल्प के रूप में उपलब्ध कराया जाता है, तो पुराने वाहनों के मालिकों को अपनी जरूरत के अनुसार ईंधन चुनने का विकल्प मिल सकता है। वहीं, नए और E20 के अनुकूल वाहनों के लिए E20 का इस्तेमाल जारी रखा जा सकता है।

इससे सरकार की एथेनॉल नीति और पुराने वाहनों से जुड़े उपभोक्ता हितों के बीच संतुलन बनाने का रास्ता निकल सकता है।

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