Media24Media.com: #BreakingNewsIndia

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label #BreakingNewsIndia. Show all posts
Showing posts with label #BreakingNewsIndia. Show all posts

दिल्ली के सीमापुरी में चार मंजिला इमारत ढही, गर्भवती महिला समेत 3 की मौत; 8 घायल

No comments Document Thumbnail

दिल्ली के न्यू सीमापुरी इलाके में बुधवार शाम करीब 3:30 बजे एक चार मंजिला इमारत अचानक ढह गई। हादसे के बाद मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका जताई गई, जिसके बाद दिल्ली फायर सर्विस, पुलिस, NDRF, DDMA और MCD की टीमों ने बड़े स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। 

अधिकारियों के मुताबिक, हादसे में तीन लोगों की मौत हुई, जिनमें करीब 21 वर्षीय गर्भवती महिला और दो बच्चे शामिल हैं। वहीं 8 लोग घायल हुए हैं, जिनमें एक तीन साल का बच्चा भी शामिल है। घायलों को इलाज के लिए राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, ताहिरपुर ले जाया गया।

मलबे से 11 लोगों को निकाला गया, जबकि बचाव दल काफी देर तक मलबा हटाकर संभावित रूप से फंसे लोगों की तलाश करता रहा। मौके पर भारी मशीनरी की मदद से मलबा हटाने का काम किया गया और स्थानीय लोगों ने भी राहत अभियान में सहयोग किया। 

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मंगलवार को आए भूकंप के झटकों के बाद इमारत में दरारें पड़ने की बात सामने आई थी। स्थानीय लोगों और MCD की जानकारी में यह भी सामने आया कि इमारत को खाली कराने की प्रक्रिया चल रही थी। हालांकि, इमारत गिरने की वास्तविक वजह की आधिकारिक जांच अभी जारी है। 

फिलहाल प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर राहत-बचाव कार्य और जांच में जुटी हैं।

BREAKING NEWS- राहुल-प्रियंका गांधी के खिलाफ FIR

No comments Document Thumbnail

दिल्ली में INDIA ब्लॉक के प्रदर्शन के बाद बड़ा एक्शन

दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत अन्य विपक्षी नेताओं और समर्थकों के खिलाफ FIR दर्ज की है।

यह FIR 6 अक्टूबर को दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ हुए INDIA ब्लॉक के विरोध प्रदर्शन के दौरान आकाशवाणी भवन परिसर में कथित तौर पर बिना अनुमति प्रवेश करने के मामले में दर्ज की गई है। 

 क्या हुआ था?

INDIA ब्लॉक के कई सांसदों ने संसद भवन से निर्वाचन सदन (Election Commission Headquarters) की ओर मार्च निकाला था। प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे और चुनावी प्रक्रिया तथा Special Intensive Revision (SIR) को लेकर सवाल उठा रहे थे। 

पुलिस ने मार्च को आगे बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की। इसके बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कुछ नेता आकाशवाणी भवन परिसर में पहुंच गए, जहां उन्होंने कई घंटे तक धरना जारी रखा। 

पुलिस ने क्या कार्रवाई की?

दिल्ली पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों से परिसर खाली करने को कहा गया, लेकिन वे वहां से नहीं हटे। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।

रिपोर्टों के मुताबिक, इस प्रदर्शन के दौरान करीब 260 लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें कई सांसद भी शामिल थे। बाद में नेताओं को रिहा कर दिया गया।

FIR किस आधार पर?

पुलिस के मुताबिक FIR आकाशवाणी भवन के कर्मचारियों की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, उनके समर्थक और साथ मौजूद अन्य सांसद बिना अनुमति परिसर में दाखिल हुए और वहां से हटने से इनकार किया। 

कांग्रेस बनाम सरकार/चुनाव आयोग

कांग्रेस और INDIA ब्लॉक का आरोप है कि चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची में अनियमितताओं को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। विपक्ष ने इसे "Vote Chori" के मुद्दे से जोड़ते हुए CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है।

दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है और पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने को कार्रवाई का आधार बताया है। 

अब मामला क्यों महत्वपूर्ण है?

राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के खिलाफ FIR के बाद यह मामला सिर्फ एक प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच बढ़ते राजनीतिक टकराव का नया मुद्दा बन गया है।

➡️ FIR दर्ज हो चुकी है।
➡️ पुलिस की जांच आगे जारी रहेगी।
➡️ मामले में दर्ज आरोपों और आगे की कानूनी कार्रवाई पर अब नजर रहेगी।



फ्लाईदुबई फ्लाइट में कॉकपिट हमला: भारतीय पायलट स्मित मच्छर ने सुनाई खौफनाक दास्तान, बोले- ‘मुझे उठना ही था, नहीं तो यात्रियों की जान चली जाती’

No comments Document Thumbnail

नई दिल्ली- फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में कॉकपिट के अंदर हुई हिंसक घटना ने विमानन सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दुबई से तेल अवीव जा रही इस फ्लाइट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर (Smit Machchhar) पर उनके सह-पायलट द्वारा कथित तौर पर हमला किया गया। घटना के दौरान विमान ने अचानक हजारों फीट की ऊंचाई खो दी और बाद में सऊदी अरब के तबुक में उसकी आपात लैंडिंग कराई गई। 

अस्पताल से पीएम मोदी को बताया पूरा घटनाक्रम

घटना में घायल कैप्टन स्मित मच्छर फिलहाल अबू धाबी के अस्पताल में उपचार करा रहे हैं। शुक्रवार को उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वीडियो कॉल के जरिए बातचीत की और उस भयावह घटना का अपना अनुभव साझा किया।

मच्छर ने बताया कि हमले के दौरान उन्हें गंभीर चोटें आईं और वह जमीन पर गिर गए थे। इसके बावजूद उन्हें एहसास हुआ कि अगर वह उठकर कुछ नहीं करते हैं तो विमान में सवार यात्रियों की जान खतरे में पड़ सकती है। उन्होंने किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की, जिसके बाद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को अंदर पहुंचकर हमलावर को काबू करने का मौका मिला। 

उन्होंने प्रधानमंत्री से बातचीत के दौरान कहा कि वह अपनी जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहे थे, लेकिन उस समय उनके सामने यात्रियों की सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता थी। बातचीत के दौरान वह भावुक भी हो गए। 

30 सेकंड में 14,300 फीट नीचे आया विमान

रिपोर्टों के अनुसार, घटना के दौरान फ्लाइट ने बहुत तेजी से ऊंचाई खोई। फ्लाइट-ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक विमान करीब 14,300 फीट नीचे आया और यह गिरावट लगभग 30 सेकंड में हुई। इस दौरान विमान की स्थिति को लेकर यात्रियों और चालक दल के बीच अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई। 

विमान में बड़ी संख्या में यात्री और चालक दल के सदस्य सवार थे। घटना के बाद विमान का रुख तबुक की ओर मोड़ा गया, जहां उसकी सुरक्षित आपात लैंडिंग कराई गई।

यात्रियों और अन्य पायलटों ने संभाली स्थिति

रिपोर्टों के मुताबिक, कैप्टन मच्छर द्वारा कॉकपिट का दरवाजा खोलने के बाद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने अंदर पहुंचकर हमलावर को काबू करने में मदद की। विमान में यात्रा कर रहे दो ऑफ-ड्यूटी फ्लाईदुबई पायलटों ने भी विमान को संभालने में मदद की। इसके बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक स्थित प्रिंस सुल्तान बिन अब्दुलअजीज एयरपोर्ट पर उतारा गया।

घटना की जांच जारी, हमले की वजह अभी स्पष्ट नहीं

फ्लाईदुबई ने पुष्टि की है कि फ्लाइट के फ्लाइट डेक में एक गंभीर घटना हुई थी। हालांकि, घटना के पीछे की पूरी वजह और हमले का मकसद अभी जांच का विषय है। शुरुआती रिपोर्टों में सह-पायलट पर कप्तान पर हमला करने और विमान के नियंत्रण को प्रभावित करने का आरोप लगाया गया है, लेकिन अधिकारियों की विस्तृत जांच पूरी होने तक घटना के सभी पहलुओं पर अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। 

भारतीय विमान कंपनियों के लिए एडवाइजरी पर विचार

इस घटना के बाद भारत में भी विमानन सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज हो गई है। नागरिक उड्डयन सचिव समीर कुमार सिन्हा ने कहा है कि सरकार इस मामले पर आंतरिक विचार-विमर्श करेगी और जरूरत पड़ने पर भारतीय एयरलाइनों के लिए सुरक्षा संबंधी एडवाइजरी जारी करने का प्रस्ताव उच्च अधिकारियों के समक्ष रखा जा सकता है।

इसका मुख्य फोकस कॉकपिट सुरक्षा, चालक दल की सुरक्षा और ऐसी असाधारण परिस्थितियों में विमान को सुरक्षित रखने की प्रक्रियाओं की समीक्षा पर हो सकता है।

पूर्व स्पाइसजेट पायलट हैं स्मित मच्छर

कैप्टन स्मित मच्छर पहले स्पाइसजेट में करीब 11 वर्षों तक काम कर चुके हैं। इसके बाद जून 2022 में वह फ्लाईदुबई से जुड़े। रिपोर्टों के अनुसार, उनके पास बोइंग 737 विमानों पर लंबा उड़ान अनुभव है और वह लाइन ट्रेनिंग कैप्टन के रूप में भी काम कर चुके हैं।

फिलहाल उनका उपचार अबू धाबी में चल रहा है। घटना के बाद उनकी भूमिका को लेकर भारत और विदेशों में व्यापक चर्चा हो रही है, जबकि विमानन अधिकारी पूरे मामले की जांच कर रहे हैं।


Flydubai फ्लाइट में कॉकपिट के अंदर भारतीय पायलट पर हमला, मुश्किल हालात में भी संभाला विमान

No comments Document Thumbnail

नई दिल्ली- Flydubai की एक फ्लाइट में उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब विमान के कॉकपिट के अंदर भारतीय पायलट स्मित मच्छार पर कथित तौर पर हमला किया गया। घटना के दौरान स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई, लेकिन पायलट ने अपना संयम बनाए रखा और विमान को सुरक्षित तरीके से संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

रिपोर्टों के मुताबिक, घटना उस समय हुई जब फ्लाइट अपने गंतव्य की ओर जा रही थी। कॉकपिट में अचानक हुई इस घटना के बाद पायलट के सामने एक तरफ अपनी सुरक्षा की चुनौती थी, तो दूसरी तरफ विमान में मौजूद यात्रियों की जिम्मेदारी भी थी।

हमले के बावजूद नहीं खोया धैर्य

कॉकपिट में किसी भी तरह की अप्रत्याशित घटना विमान की सुरक्षा के लिए गंभीर स्थिति पैदा कर सकती है। ऐसे समय में पायलट से बेहद तेजी से और शांत दिमाग से निर्णय लेने की अपेक्षा होती है।

बताया जा रहा है कि हमले के बावजूद स्मित मच्छार ने विमान को संभालने पर अपना ध्यान बनाए रखा। उन्होंने परिस्थितियों के बीच विमान के संचालन और यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी।

घटना के बाद उनकी सूझबूझ और जिम्मेदारी की सराहना की जा रही है। विमान में मौजूद यात्रियों के लिए भी यह घटना बेहद तनावपूर्ण रही होगी, क्योंकि उन्हें उस समय कॉकपिट के अंदर हुई स्थिति की पूरी जानकारी नहीं थी।

भारतीय पायलट की हो रही तारीफ

घटना सामने आने के बाद सोशल मीडिया और विभिन्न रिपोर्टों में भारतीय पायलट की भूमिका की चर्चा होने लगी। मुश्किल परिस्थितियों में विमान को नियंत्रित रखने और यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के लिए उनकी बहादुरी और पेशेवर जिम्मेदारी की प्रशंसा की जा रही है।

विमान उड़ाना केवल तकनीकी कौशल का काम नहीं है, बल्कि आपात स्थिति में सही निर्णय लेने और दबाव के बीच नियंत्रण बनाए रखने की क्षमता भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है। इस घटना ने एक बार फिर विमान के पायलट और क्रू की जिम्मेदारियों को सामने ला दिया है।

घटना की जांच जारी

कॉकपिट में हमला किस तरह हुआ, हमले के पीछे क्या कारण था और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे, इन सभी सवालों को लेकर संबंधित अधिकारियों की जांच महत्वपूर्ण होगी। घटना से जुड़े आधिकारिक विवरण और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

फिलहाल इस घटना का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यही है कि कठिन परिस्थिति के बावजूद फ्लाइट के संचालन और यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई।

यह घटना विमानन सुरक्षा को लेकर भी कई सवाल खड़े करती है और यह बताती है कि उड़ान के दौरान कॉकपिट की सुरक्षा कितनी महत्वपूर्ण होती है।

स्मित मच्छार की भूमिका ने यह दिखाया कि आपात स्थिति में पायलट का शांत रहना और सही समय पर सही निर्णय लेना कितनी बड़ी जिम्मेदारी होती है।


सिक्किम के रिंबी गांव में बड़ा भूस्खलन, 35 से ज्यादा घर प्रभावित; कई परिवार सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट

No comments Document Thumbnail

सिक्किम- लगातार हो रही भारी बारिश के बीच पश्चिम सिक्किम के रिंबी गांव में गुरुवार रात बड़ा भूस्खलन हुआ। भूस्खलन के चलते पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा, पत्थर और मिट्टी नीचे की ओर आ गई, जिससे कई घरों और सरकारी परिसरों को नुकसान पहुंचा है। अभी तक किसी जनहानि की सूचना नहीं है।

रिंबी गांव के युक्सोम-ताशीडिंग क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण पहले से ही भूस्खलन की स्थिति बनी हुई थी। ताजा घटना में 35 से अधिक घरों के पूरी तरह या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त होने की रिपोर्ट सामने आई है। इनमें सरकारी आवास भी शामिल हैं।

लगातार बढ़ रहा खतरा

रिपोर्टों के मुताबिक रिंबी और आसपास के इलाकों में पिछले कई दिनों से बार-बार मलबा खिसकने की घटनाएं हो रही हैं। लगातार बारिश के कारण जमीन के और खिसकने का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने प्रभावित और संवेदनशील इलाकों पर निगरानी बढ़ा दी है।

सुरक्षा को देखते हुए दो दर्जन से अधिक परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जबकि प्रभावित लोगों के लिए राहत व्यवस्था की जा रही है।

सड़क संपर्क भी प्रभावित

भूस्खलन और मलबे के कारण क्षेत्र की सड़क कनेक्टिविटी भी प्रभावित हुई है। रिंबी-युक्सोम और रिंबी-खेचियोपेरी मार्ग पर आवागमन बाधित होने की रिपोर्ट है।

प्रशासन हाई अलर्ट पर

सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने स्थिति पर चिंता जताते हुए अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने, प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने और लोगों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्थानीय लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।

फिलहाल रिंबी में राहत और सुरक्षा व्यवस्था जारी है और प्रशासन संभावित नए भूस्खलन के खतरे को देखते हुए स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

बालोद में भीषण सड़क हादसा: ट्रक ने खड़ी स्वराज माज़दा को पीछे से मारी टक्कर, 6 की मौत

No comments Document Thumbnail

बालोद- जिले के मरकाटोला घाट में शुक्रवार को एक भीषण सड़क हादसा हो गया। कवर्धा से जगदलपुर की ओर जा रही स्वराज माज़दा वाहन क्रमांक CG10BU7174 खराब होने के बाद सड़क किनारे खड़ी थी। इसी दौरान रायपुर से जगदलपुर की ओर जा रहे एक 16 पहिया टाटा ट्रक क्रमांक CG04QY5947 ने खड़ी गाड़ी को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी।

कैसे हुआ हादसा?

जानकारी के अनुसार, स्वराज माज़दा वाहन खराब होने के कारण मरकाटोला घाट में सड़क किनारे खड़ी थी। वाहन में कुल 13 यात्री सवार थे। इनमें से दो लोग वाहन को ठीक कराने के लिए मैकेनिक लाने धमतरी की ओर गए हुए थे।

इसी दौरान करीब सुबह 11:30 बजे रायपुर से जगदलपुर की ओर जा रहे गेहूं से लदे 16 पहिया टाटा ट्रक ने सड़क किनारे खड़ी स्वराज माज़दा को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ट्रक स्वराज माज़दा को कुछ दूरी तक घसीटते हुए ले गया और इसके बाद ट्रक भी पलट गया।

हादसे में 6 लोगों की मौत

दुर्घटना में मौके पर 2 लोगों की मौत हो गई, जबकि 11 लोग घायल हुए। सभी घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल धमतरी भेजा गया।

इलाज के दौरान गंभीर रूप से घायल 4 अन्य लोगों की भी मौत हो गई। इस तरह हादसे में अब तक कुल 6 लोगों की मृत्यु हो चुकी है, जबकि 7 घायलों का अस्पताल में उपचार जारी है।

ट्रक चालक मौके से फरार

हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और फरार चालक की तलाश की जा रही है।

पुलिस के अनुसार, मृतकों और घायलों की पहचान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनकी सूची अलग से जारी की जाएगी।

हादसे की मुख्य जानकारी

  • स्थान: मरकाटोला घाट, जिला बालोद

  • दिनांक: 25 सितंबर 2026

  • समय: लगभग सुबह 11:30 बजे

  • स्वराज माज़दा: CG10BU7174

  • टाटा ट्रक: CG04QY5947

  • स्वराज माज़दा में सवार: 13 लोग

  • कुल मृतक: 6

  • उपचाररत घायल: 7

  • ट्रक चालक: हादसे के बाद मौके से फरार

पुलिस मामले की जांच कर रही है और दुर्घटना के कारणों तथा फरार ट्रक चालक के संबंध में आगे की कार्रवाई की जा रही है।




रायगढ़ में बस और ट्रक की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत, 20 से 30 यात्री घायल; चालक की हालत गंभीर

No comments Document Thumbnail

रायगढ़- छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र के कोयलार में गुरुवार सुबह करीब 9 बजे यात्री बस और ट्रक के बीच जोरदार आमने-सामने की टक्कर हो गई। हादसे में बस में सवार कई यात्री घायल हुए हैं। अलग-अलग स्थानीय रिपोर्टों में घायलों की संख्या 10-12 से लेकर 20-30 तक बताई गई है, जबकि बस चालक के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई है।

धरमजयगढ़ से खरसिया जा रही थी बस

जानकारी के मुताबिक, यात्री बस धरमजयगढ़ से खरसिया की ओर जा रही थी। बस में हादसे के समय करीब 40 से 50 यात्री सवार बताए जा रहे हैं। कोयलार के पास सामने से आ रहे ट्रक से बस की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। 

टक्कर के बाद मची अफरा-तफरी

हादसे के बाद बस में सवार यात्रियों में चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और घायलों को बस से बाहर निकालने में मदद की। सूचना मिलने पर धरमजयगढ़ पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची और घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। 

चालक को गंभीर चोट

दुर्घटना में बस चालक को गंभीर चोट लगने की जानकारी है। घायलों की संख्या और उनकी स्थिति को लेकर शुरुआती रिपोर्टों में अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं। पुलिस और अस्पताल स्तर पर घायलों की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है।

हादसे की वजह की जांच जारी

पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लेकर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक रिपोर्टों में ट्रक की तेज रफ्तार और लापरवाही की बात कही गई है, लेकिन हादसे की वास्तविक वजह पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। 

स्थानीय लोगों के अनुसार, कोयलार क्षेत्र में पहले भी सड़क हादसे होते रहे हैं, जिसके चलते सड़क सुरक्षा और वाहनों की रफ्तार को लेकर सवाल उठते रहे हैं। 


यमुना एक्सप्रेसवे पर चलती स्लीपर बस में भीषण आग, 9 यात्रियों की मौत; 20 से अधिक को सुरक्षित बचाया गया

No comments Document Thumbnail

ग्रेटर नोएडा- उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार देर रात एक चलती स्लीपर बस में भीषण आग लगने से 9 यात्रियों की मौत हो गई। हादसा जेवर थाना क्षेत्र में एक्सप्रेसवे के करीब 33वें किलोमीटर के पास हुआ। बस दिल्ली के कश्मीरी गेट से महोबा की ओर जा रही थी। पुलिस और अग्निशमन विभाग के अनुसार, बस में करीब 35 यात्री सवार थे और 20 से अधिक यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। 

कुछ ही मिनटों में आग ने पूरी बस को चपेट में लिया

जानकारी के मुताबिक, बस में यात्रा कर रहे कुछ यात्रियों ने जलने की गंध महसूस होने की बात कही थी। यात्रियों के अनुसार, इसके कुछ देर बाद बस में आग तेजी से फैल गई। घना धुआं भरने के कारण यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और कई लोगों ने किसी तरह बस से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। कुछ यात्रियों के बस से कूदकर बचने की भी जानकारी सामने आई है।

AC में खराबी से आग लगने का शुरुआती अनुमान

ग्रेटर नोएडा पुलिस के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में बस के एयर-कंडीशनिंग सिस्टम में स्पार्क या ब्लास्ट के बाद इंजन के लुब्रिकेटिंग ऑयल में आग लगने की आशंका जताई गई है। हालांकि, आग लगने का वास्तविक कारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। 

ड्राइवर और कंडक्टर हिरासत में

हादसे के बाद पुलिस ने बस के ड्राइवर और कंडक्टर को हिरासत में लिया है और संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस दुर्घटना के कारणों के साथ-साथ बस के संचालन और सुरक्षा मानकों से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही है।

मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी

अग्निशमन विभाग के अनुसार, राहत एवं बचाव दल जब धुएं के बीच बस के अंदर पहुंचा तो 9 लोगों के शव मिले। उनकी पहचान की प्रक्रिया की जा रही है। हादसे में घायल यात्रियों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।

मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता

उत्तर प्रदेश सरकार ने हादसे पर शोक जताया है। रिपोर्टों के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिवारों को ₹2 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है और घायलों के समुचित उपचार के निर्देश दिए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए सहायता की घोषणा की है।

बस की सुरक्षा को लेकर भी सवाल

हादसे के बाद बस की फिटनेस, परमिट और संचालन से जुड़े रिकॉर्ड को लेकर भी सवाल उठे हैं। कुछ मीडिया रिपोर्टों में बस पर परमिट, ओवरस्पीडिंग और ड्राइविंग लाइसेंस से संबंधित पुराने चालानों का उल्लेख किया गया है। इन दावों की आधिकारिक जांच से पुष्टि होना अभी बाकी है। 

फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और आग लगने की अंतिम वजह तथा हादसे में किसी तरह की लापरवाही की जिम्मेदारी जांच के निष्कर्ष के बाद स्पष्ट होगी।


तेलंगाना के RIMS अस्पताल में भीषण आग, दो नवजातों की मौत; 28 बच्चों को सुरक्षित बचाया गया

No comments Document Thumbnail

आदिलाबाद- तेलंगाना के आदिलाबाद स्थित RIMS अस्पताल में आग लगने से दो नवजात बच्चों की मौत हो गई। हादसे के बाद अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना के दौरान अस्पताल में मौजूद 28 बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

बताया जा रहा है कि आग अस्पताल के उस हिस्से में लगी जहां बच्चों का इलाज चल रहा था। आग की सूचना मिलते ही अस्पताल प्रशासन और बचाव दल सक्रिय हो गए और बच्चों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।

इस हादसे में दो नवजातों की जान चली गई। घटना के बाद अस्पताल प्रशासन और संबंधित अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है। आग किस वजह से लगी, इसका कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हुआ है।

अधिकारियों की ओर से आग लगने के कारणों और अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था की जांच की जा रही है। घटना के बाद अस्पताल में सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

फिलहाल प्रशासन की जांच जारी है और आग लगने के वास्तविक कारण का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।


मुंबई में गणेश प्रतिमा गिरने से बड़ा हादसा: 2 की मौत, 5 घायल

No comments Document Thumbnail

मुंबई - मुंबई के भुलेश्वर इलाके में शनिवार रात गणेश उत्सव की तैयारियों के बीच एक दर्दनाक हादसा हो गया। 22 फीट ऊंची ‘भुलेश्वरचा राजा’ गणेश प्रतिमा आगमन जुलूस के दौरान अचानक गिर गई, जिसकी चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई और पांच अन्य घायल हो गए।

कहां और कैसे हुआ हादसा?

यह घटना रात करीब 10 बजे भुलेश्वर के बालाराम मर्चेंट रोड, जय अंबे चौक के पास हुई। प्रतिमा को बायकुला से भुलेश्वर ले जाया जा रहा था और पंडाल से करीब 50–60 मीटर पहले यह अचानक असंतुलित होकर गिर गई। 

 दो लोगों की मौत

हादसे में संकेत नेवशे (33) और ब्रिजेश हेमंत जोशी (30) की मौत हो गई। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया गया।

घायलों में दो बच्चे—5 साल की लावण्या और 7 साल की दिव्या भी शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार घायल सभी पांच लोगों की हालत फिलहाल स्थिर बताई गई है।

प्रतिमा गिरने की वजह क्या थी?

शुरुआती जानकारी में प्रतिमा के सपोर्टिंग फ्रेम के कुछ nuts और bolts ढीले होने की आशंका जताई गई है। हालांकि, अधिकारियों ने यह भी बताया है कि प्रतिमा के असंतुलित होने की संभावना की जांच की जा रही है। हादसे की अंतिम वजह अभी आधिकारिक रूप से तय नहीं हुई है। 

मौके पर पहुंचीं राहत टीमें

हादसे की सूचना मिलते ही मुंबई फायर ब्रिगेड, मुंबई पुलिस, ट्रैफिक पुलिस, 108 एंबुलेंस और BMC की टीमों को मौके पर भेजा गया। घायलों को अस्पताल पहुंचाने के साथ इलाके में भीड़ और यातायात को नियंत्रित किया गया।

पुलिस की जांच जारी

हादसे को लेकर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों की जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि प्रतिमा के गिरने के पीछे फ्रेम की तकनीकी खराबी, असंतुलन या परिवहन व्यवस्था में कोई कमी थी या नहीं। 

बड़ी बात

गणेशोत्सव की तैयारियों के बीच हुए इस हादसे ने बड़ी और भारी गणेश प्रतिमाओं के सुरक्षित परिवहन और स्थापना को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल प्राथमिकता घायलों के इलाज और घटना की पूरी जांच पर है। 

हादसे में 2 लोगों की जान चली गई, जबकि 5 लोग घायल हुए हैं। प्रतिमा गिरने की सटीक वजह की जांच जारी है।

तारापीठ होटल में भीषण आग, 7 श्रद्धालुओं की मौत; कई घायल

No comments Document Thumbnail

चार मंजिला होटल में तड़के लगी आग से मचा हड़कंप, सोते हुए श्रद्धालु धुएं में फंसे; राहत-बचाव अभियान जारी

तारापीठ- पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के प्रसिद्ध तीर्थस्थल तारापीठ में सोमवार तड़के एक होटल में भीषण आग लगने से बड़ा हादसा हो गया। शुरुआती आधिकारिक जानकारी के अनुसार हादसे में कम से कम 7 लोगों की मौत हुई है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। मृतकों में तीर्थयात्री भी शामिल बताए जा रहे हैं।

सुबह करीब 5 बजे लगी आग

पुलिस के अनुसार, तारापीठ मंदिर के पास स्थित एक चार मंजिला होटल में सुबह करीब 5 बजे आग लगने की सूचना मिली। आग उस समय लगी जब होटल में ठहरे अधिकांश लोग सो रहे थे। आग सबसे पहले निचले हिस्से में लगी और देखते ही देखते धुआं और लपटें ऊपर की मंजिलों तक फैल गईं।

बताया गया कि होटल की संरचना में कांच के पैनल और बंद दरवाजे होने के कारण बाहर से आग और धुआं आसानी से दिखाई नहीं दे रहा था। इसके चलते अंदर मौजूद लोगों को समय रहते खतरे का अंदाजा लगाने में मुश्किल हुई।

22 लोगों को सुरक्षित निकाला गया

घटना की जानकारी मिलते ही दमकल विभाग और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाने के साथ होटल के अंदर फंसे लोगों को बाहर निकाला। पुलिस के मुताबिक 22 लोगों को सुरक्षित बचाया गया, जबकि कई घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।

घायलों को इलाज के लिए रामपुरहाट सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाया गया। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई गई है।

आग लगने के कारणों की जांच

प्रारंभिक जानकारी में आग लगने की वजह बिजली से जुड़ी खराबी या शॉर्ट सर्किट होने की आशंका जताई गई है। हालांकि, आग का वास्तविक कारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। अधिकारियों की ओर से होटल में मौजूद अग्निशमन व्यवस्था और सुरक्षा मानकों की भी जांच की जा रही है।

घटना के बाद होटल की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। पुलिस ने कथित सुरक्षा संबंधी लापरवाही के मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है।

तीर्थयात्रियों में दहशत, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

तारापीठ प्रमुख धार्मिक स्थल है और यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में होटल में हुए इस हादसे ने तीर्थस्थलों के आसपास बने होटल और लॉज में फायर सेफ्टी, आपातकालीन निकास और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

प्रशासन की ओर से घटना की जांच की जा रही है। हादसे के बाद इलाके में शोक और दहशत का माहौल है। मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की जा रही हैं और घायलों के बेहतर इलाज पर प्रशासन का ध्यान केंद्रित है।

नोट: शुरुआती रिपोर्टों में मृतकों की संख्या 7 बताई गई थी, जबकि बाद की कुछ रिपोर्टों में यह संख्या 8 तक पहुंचने की जानकारी दी गई है। इसलिए खबर प्रकाशित करते समय नवीनतम आधिकारिक आंकड़े की पुष्टि करना जरूरी है।

अशोक धाम मंदिर में भगदड़, 7 श्रद्धालुओं की मौत; 14 घायल

No comments Document Thumbnail

श्रावण के तीसरे सोमवार को उमड़ी थी भारी भीड़, बिजली के तार गिरने की अफवाह के बाद मची अफरा-तफरी

लखीसराय- बिहार के लखीसराय जिले के प्रसिद्ध अशोक धाम मंदिर में सोमवार सुबह दर्दनाक हादसा हो गया। श्रावण के तीसरे सोमवार को भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। इसी दौरान मंदिर के पास भगदड़ मच गई, जिसमें 7 श्रद्धालुओं की मौत हो गई और 14 लोग घायल हुए हैं।

भारी भीड़ के बीच बिगड़े हालात

बताया जा रहा है कि सुबह मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी थी। इसी दौरान दो ट्रेनों के लगातार पहुंचने से भीड़ अचानक बढ़ गई। भीड़ के दबाव में बैरिकेडिंग टूट गई और अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। अधिकारियों के अनुसार, बिजली का खंभा गिरने या करंट फैलने की अफवाह के बाद लोगों में घबराहट बढ़ी, जिसके चलते भगदड़ की स्थिति पैदा हुई। हादसे के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है।

सभी मृतक महिलाएं बताई जा रहीं

आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार हादसे में जान गंवाने वाले सभी सात श्रद्धालु महिलाएं थीं। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

मुख्यमंत्री ने जताया दुख, मुआवजे का ऐलान

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। प्रशासन ने घायलों के समुचित उपचार के निर्देश दिए हैं।

प्रशासन ने शुरू की जांच

घटना के बाद पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। प्रशासन की ओर से घटना के कारणों और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था की जांच की जा रही है। इस हादसे ने बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान भीड़ नियंत्रण, बैरिकेडिंग और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

यह हादसा ऐसे समय हुआ जब सावन के तीसरे सोमवार के अवसर पर अशोक धाम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक करने पहुंचे थे। घटना से इलाके में शोक का माहौल है।

Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.