Media24Media.com: अरुणाचल सीमा विवाद पर किरेन रिजिजू का बड़ा बयान: 60 किमी चीनी घुसपैठ के दावे को बताया गलत

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अरुणाचल सीमा विवाद पर किरेन रिजिजू का बड़ा बयान: 60 किमी चीनी घुसपैठ के दावे को बताया गलत

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नई दिल्ली- अरुणाचल प्रदेश में चीन की कथित घुसपैठ को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने 60 किलोमीटर अंदर तक चीनी सैनिकों के प्रवेश के दावे को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि यह दावा गलत है और सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो या सूचनाएँ साझा करना भ्रम पैदा कर सकता है।

रिजिजू ने कहा कि भारत-चीन सीमा के कुछ हिस्सों में वास्तविक समस्या है, लेकिन इसका प्रमुख कारण सीमा का जमीन पर पूरी तरह स्पष्ट रूप से सीमांकन (demarcation) न होना है। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच अरुणाचल प्रदेश में सीमा को लेकर अलग-अलग धारणाएँ हैं, जिसके कारण कुछ क्षेत्रों में स्थिति को लेकर भ्रम बना रहता है।

60 किलोमीटर घुसपैठ के दावे पर सफाई

रिजिजू ने स्पष्ट किया कि यह कहना सही नहीं है कि चीन ने अरुणाचल प्रदेश में 60 किलोमीटर अंदर तक प्रवेश कर लिया है या किसी भारतीय गांव पर कब्जा कर लिया है। उनके अनुसार, कुछ क्षेत्रों में सीमा स्पष्ट रूप से निर्धारित नहीं होने के कारण दोनों पक्ष संबंधित भू-भाग पर अलग-अलग दावे करते हैं। 

उन्होंने यह भी कहा कि सीमा क्षेत्र के गांवों में रहने वाले लोगों की चिंताओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। स्थानीय लोगों द्वारा सीमा और पारंपरिक भूमि को लेकर उठाई गई चिंताएँ वास्तविक हैं और सरकार इन्हें गंभीरता से लेती है।

चीन की गतिविधियों पर भी नजर

रिजिजू ने माना कि अरुणाचल प्रदेश के कुछ सीमावर्ती इलाकों में चीनी गतिविधियों में वृद्धि हुई है। हालांकि, उन्होंने इसे 60 किलोमीटर की नई सैन्य घुसपैठ के रूप में पेश किए जाने से असहमति जताई। उन्होंने कहा कि सीमा की स्थिति को लेकर गलत सूचनाएँ फैलाने से देश में अनावश्यक भ्रम पैदा हो सकता है और सुरक्षा बलों का मनोबल प्रभावित हो सकता है। 

रिपोर्टों के अनुसार, यह बयान अरुणाचल प्रदेश के अपर सुबनसिरी जिले और लॉन्गजू क्षेत्र के आसपास चीनी गतिविधियों को लेकर उठी चिंताओं के बीच आया है। 

सीमा पर बुनियादी ढांचे को लेकर भी चर्चा

रिजिजू ने भारत और चीन के सीमा क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि चीन ने भारत की तुलना में सीमा क्षेत्रों में सड़क और अन्य बुनियादी ढांचे का निर्माण पहले शुरू कर दिया था। उन्होंने बताया कि 2014 के बाद भारत ने भी सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क और अन्य आधारभूत ढांचे के विकास को तेज किया है। 

सरकार का संदेश

केंद्रीय मंत्री के बयान का मुख्य संदेश यह है कि 60 किलोमीटर चीनी घुसपैठ या भारतीय गांव पर कब्जे की खबरों को सही नहीं माना जाना चाहिए, जबकि सीमा के कुछ हिस्सों में सीमांकन से जुड़ी वास्तविक चुनौतियाँ मौजूद हैं। सरकार स्थानीय लोगों की चिंताओं को गंभीरता से लेने और सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा एवं बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर जोर दे रही है। 

महत्वपूर्ण: 60 किमी घुसपैठ का दावा फिलहाल मंत्री के बयान के अनुसार गलत बताया गया है; इसे तथ्य के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं होगा।

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