Media24Media.com: केरल का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने की तैयारी, लोकसभा से बिल पास; अब राज्यसभा की बारी

Responsive Ad Slot

Latest

latest


 

केरल का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने की तैयारी, लोकसभा से बिल पास; अब राज्यसभा की बारी

Document Thumbnail

नई दिल्ली- केरल के नाम को बदलकर ‘केरलम’ करने की प्रक्रिया अब एक महत्वपूर्ण चरण में पहुंच गई है। Kerala (Alteration of Name) Bill, 2026 को लोकसभा ने 11 अगस्त 2026 को पारित कर दिया। अब यह विधेयक राज्यसभा में विचार और पारित होने के लिए रखा जा रहा है। विधेयक के कानून बनने के बाद संविधान की प्रथम अनुसूची में राज्य का नाम ‘Kerala’ से बदलकर ‘Keralam’ किया जाएगा।

क्यों बदला जा रहा है केरल का नाम?

‘केरलम’ नाम मलयालम भाषा में राज्य के प्रचलित नाम से जुड़ा है। केरल विधानसभा ने 24 जून 2024 को राज्य का नाम ‘Kerala’ से ‘Keralam’ करने के लिए प्रस्ताव पारित किया था। इसके बाद राज्य सरकार ने केंद्र से संविधान में आवश्यक संशोधन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का अनुरोध किया।

केंद्र सरकार की ओर से फरवरी 2026 में इस नाम परिवर्तन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी। इसके बाद संवैधानिक प्रक्रिया के तहत विधेयक को संसद में लाने का रास्ता साफ हुआ।

लोकसभा से पारित हुआ बिल

Kerala (Alteration of Name) Bill, 2026 को लोकसभा ने 11 अगस्त को पारित किया। रिपोर्टों के मुताबिक, उस दिन सदन में विपक्ष के विरोध और हंगामे के बीच विधेयक पारित हुआ और इस पर विस्तृत बहस नहीं हो सकी।

अब विधेयक की अगली मंजिल राज्यसभा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा इसे राज्यसभा में विचार और पारित करने के लिए पेश किए जाने का कार्यक्रम है।

क्या ‘केरलम’ नाम तुरंत लागू हो जाएगा?

नहीं। केवल लोकसभा से बिल पास होने के बाद नाम आधिकारिक रूप से नहीं बदलता। इसे संसद के दोनों सदनों से पारित होना और इसके बाद संवैधानिक प्रक्रिया पूरी होना जरूरी है।

संविधान के अनुच्छेद 3 के तहत किसी राज्य के नाम में परिवर्तन के लिए संसद द्वारा कानून बनाया जाता है। इसी प्रक्रिया के तहत ‘Kerala (Alteration of Name) Bill, 2026’ लाया गया है।

इसलिए फिलहाल खबर को ‘केरल का नाम बदलकर केरलम करने की प्रक्रिया’ के रूप में देखना अधिक सही है, न कि यह कहना कि राज्य का नाम आधिकारिक तौर पर बदल चुका है।

‘केरल’ से ‘केरलम’ क्यों महत्वपूर्ण है?

‘केरलम’ मलयालम में राज्य के स्थानीय नाम को दर्शाता है। नाम परिवर्तन के समर्थकों का तर्क है कि आधिकारिक नाम को स्थानीय भाषाई पहचान के अनुरूप किया जाना चाहिए।

केरल विधानसभा द्वारा 2024 में पारित प्रस्ताव भी इसी मांग पर आधारित था। केंद्र सरकार के दस्तावेजों में भी यह दर्ज है कि राज्य सरकार ने संविधान की प्रथम अनुसूची में नाम बदलने का अनुरोध किया था।

आगे क्या होगा?

अब सबसे महत्वपूर्ण चरण राज्यसभा में विधेयक का पारित होना है। यदि राज्यसभा भी इसे मंजूरी देती है और आगे की संवैधानिक प्रक्रिया पूरी होती है, तभी ‘Kerala’ की जगह ‘Keralam’ आधिकारिक नाम के रूप में लागू होगा।

नाम परिवर्तन के बाद सरकारी दस्तावेजों, संवैधानिक संदर्भों और विभिन्न आधिकारिक रिकॉर्ड में आवश्यक बदलाव किए जाने की प्रक्रिया भी शुरू होगी।

क्या बदलेगा?

नाम परिवर्तन लागू होने के बाद मुख्य रूप से—

  • राज्य का आधिकारिक नाम Kerala से Keralam होगा।

  • संविधान की प्रथम अनुसूची में आवश्यक संशोधन किया जाएगा।

  • केंद्र और राज्य सरकार के आधिकारिक दस्तावेजों में नाम को अपडेट किया जाएगा।

  • सरकारी रिकॉर्ड, वेबसाइटों और अन्य आधिकारिक संदर्भों में चरणबद्ध तरीके से बदलाव किए जा सकते हैं।

एक नजर में पूरी खबर

राज्य: केरल
प्रस्तावित नया नाम: केरलम (Keralam)
राज्य विधानसभा का प्रस्ताव: 24 जून 2024
केंद्र की मंजूरी: फरवरी 2026
लोकसभा से बिल पास: 11 अगस्त 2026
अगला चरण: राज्यसभा में विचार और पारित होना

निष्कर्ष

केरल का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने की प्रक्रिया अब संसद के महत्वपूर्ण चरण में पहुंच चुकी है। लोकसभा से विधेयक पारित होने के बाद अब राज्यसभा की मंजूरी महत्वपूर्ण होगी। यदि संसद की प्रक्रिया पूरी होती है, तो केरल को आधिकारिक रूप से ‘केरलम’ नाम मिल सकता है।

यह बदलाव केवल नाम परिवर्तन नहीं, बल्कि राज्य की भाषाई और सांस्कृतिक पहचान को आधिकारिक स्वरूप देने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है।

Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.