Media24Media.com: नीति आयोग ने ‘शांति अधिनियम, 2025’ के कार्यान्वयन पर हितधारक परामर्श बैठक आयोजित की

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नीति आयोग ने ‘शांति अधिनियम, 2025’ के कार्यान्वयन पर हितधारक परामर्श बैठक आयोजित की

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नीति आयोग ने 10 जुलाई, 2026 को नई दिल्ली स्थित डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर के समरसता ऑडिटोरियम में ‘शांति अधिनियम, 2025’ (SHANTI Act, 2025) के कार्यान्वयन पर एक हितधारक परामर्श (Stakeholder Consultation) आयोजित किया। इस बैठक में सरकार, अनुसंधान संस्थानों और उद्योग जगत के प्रमुख नीति-निर्माताओं, विशेषज्ञों और प्रतिनिधियों ने भाग लेकर इस ऐतिहासिक अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए परिचालन ढांचे (Operational Framework) पर विचार-विमर्श किया।

बैठक की अध्यक्षता प्रो. अभय करंदीकर, सदस्य, नीति आयोग ने की। इस अवसर पर पंकज अग्रवाल (सचिव, विद्युत मंत्रालय), घनश्याम प्रसाद (अध्यक्ष, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण), गुरदीप सिंह (सीएमडी, एनटीपीसी लिमिटेड), डॉ. अंशु भारद्वाज (कार्यक्रम निदेशक, नीति आयोग), राजनाथ राम (सलाहकार, नीति आयोग), डॉ. गरिमा शर्मा (प्रमुख, एसएसएसडी, परमाणु ऊर्जा विभाग) तथा  हरि कुमार (विशिष्ट वैज्ञानिक एवं निदेशक, परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड) सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया।

तकनीकी चर्चाओं को अधिनियम के सफल कार्यान्वयन के लिए तीन प्रमुख स्तंभों में विभाजित किया गया:

1. विधायी एवं नियामकीय ढांचा (Legislative & Regulatory Framework):

इस सत्र में शांति अधिनियम, 2025 के मसौदा नियमों, विनियमों तथा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) से संबंधित प्रावधानों पर चर्चा हुई। साथ ही अधिनियम के तहत वैधानिक अनुपालन (Statutory Compliance) की रूपरेखा प्रस्तुत की गई और इस बात पर विचार किया गया कि घरेलू हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए विदेशी निवेश को कैसे आकर्षित किया जा सकता है।

2. वित्त, बीमा एवं जनधारणा (Finance, Insurance & Public Perception):

हितधारकों ने अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक वित्तीय तंत्र तथा जोखिम-प्रबंधन व्यवस्था पर विचार-विमर्श किया। दीर्घकालिक परियोजनाओं के लिए उपयुक्त बीमा व्यवस्था, जन-जागरूकता बढ़ाने, स्थानीय समुदायों का विश्वास मजबूत करने तथा परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं के प्रति व्यापक जन-स्वीकृति विकसित करने की रणनीतियों पर भी चर्चा हुई।

3. विनिर्माण, संचालन एवं क्षमता निर्माण (Manufacturing, Operations & Capacity Building):

इस सत्र में अधिनियम के क्रियान्वयन चरण पर विशेष ध्यान दिया गया। घरेलू विनिर्माण क्षमताओं को मजबूत करने, परिचालन तैयारियों को सुनिश्चित करने, कुशल मानव संसाधन विकसित करने, आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) को अधिक सुदृढ़ बनाने तथा उद्योग के विस्तार के लिए विशेष क्षमता निर्माण कार्यक्रम तैयार करने पर विचार किया गया।

बैठक के दौरान हितधारकों ने इन तीनों प्रमुख विषयों पर अपने महत्वपूर्ण सुझाव और विचार साझा किए। इन सुझावों से ‘शांति अधिनियम, 2025’ के कार्यान्वयन ढांचे को और अधिक प्रभावी, मजबूत एवं व्यावहारिक बनाने में सहायता मिलेगी।

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