Media24Media.com: राष्ट्रीय एससी-एसटी हब (NSSH) योजना के माध्यम से समावेशी विकास को गति

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राष्ट्रीय एससी-एसटी हब (NSSH) योजना के माध्यम से समावेशी विकास को गति

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राष्ट्रीय एससी-एसटी हब (NSSH) योजना अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के उद्यमियों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई एक विशेष पहल है। यह योजना बाज़ार तक पहुँच, वित्तीय सहायता, प्रौद्योगिकी, क्षमता निर्माण तथा संस्थागत नेटवर्क जैसी चुनौतियों का समाधान कर इन उद्यमों की प्रतिस्पर्धात्मकता और दीर्घकालिक स्थिरता को मजबूत करती है। सरकारी खरीद (Government Procurement) में भागीदारी बढ़ाने के साथ-साथ यह योजना SC/ST उद्यमियों को दीर्घकालिक विकास, आत्मनिर्भरता और व्यापक पहचान प्रदान कर उन्हें मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था से जोड़ने तथा देश की आर्थिक प्रगति में सार्थक योगदान देने का अवसर प्रदान कर रही है।

क्षमता निर्माण : उद्यम विकास की मजबूत नींव

इस परिवर्तन का सबसे महत्वपूर्ण आधार क्षमता निर्माण (Capacity Building) है, जिसके माध्यम से SC/ST उद्यमियों को संरचित और अनुपालन-आधारित बाज़ारों में सफल होने के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल प्रदान किए जाते हैं। ये कार्यक्रम केवल पारंपरिक प्रशिक्षण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वित्तीय प्रबंधन, सरकारी निविदाओं (टेंडर) में भागीदारी, मूल्य निर्धारण (Pricing), लागत प्रबंधन तथा नियामकीय आवश्यकताओं की समझ जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विशेष ध्यान देते हैं। यह समग्र दृष्टिकोण उद्यमियों की बाज़ार में भागीदारी की तैयारी को मजबूत करने के साथ-साथ उनमें आत्मविश्वास और व्यावसायिक स्थिरता भी विकसित करता है।

बिज़नेस एक्सेलेरेटर प्रोग्राम (BAP) : बेहतर बाज़ार अवसरों का सेतु

क्षमता निर्माण के इस मजबूत आधार पर बिज़नेस एक्सेलेरेटर प्रोग्राम (Business Accelerator Programme – BAP) उद्यमियों की क्षमताओं को व्यावसायिक सफलता में बदलने का कार्य करता है। यह कार्यक्रम संरचित मार्गदर्शन (Mentorship), उद्योग विशेषज्ञों की सलाह तथा लक्षित व्यावसायिक हस्तक्षेपों के माध्यम से उद्यमियों को व्यवसाय रणनीति, मूल्य निर्धारण, परिचालन दक्षता तथा बाज़ार विस्तार जैसी चुनौतियों से निपटने में सहायता करता है।

विभिन्न क्षेत्रों के अनेक उद्यमों ने BAP के माध्यम से पारंपरिक एवं बिखरे हुए कार्य-तरीकों से आगे बढ़कर डेटा-आधारित, सुव्यवस्थित व्यावसायिक रणनीतियाँ अपनाईं। इससे वे बाज़ार की अपेक्षाओं के अनुरूप स्वयं को तैयार कर सके और विशेष रूप से सरकारी खरीद के क्षेत्र में बड़े अवसर प्राप्त करने में सफल हुए।

परिवर्तन की प्रेरक कहानियाँ

1. अनुपालन-आधारित बाज़ार में नई पहचान – M/s Safety & Security Engineering, पश्चिम बंगाल

अग्नि सुरक्षा (Fire Safety) जैसे अत्यधिक विनियमित क्षेत्र में कार्यरत देबाशीष मंडल की कंपनी M/s Safety & Security Engineering प्रारंभिक दौर में मूल्य निर्धारण, बाज़ार में पहचान और प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति जैसी चुनौतियों का सामना कर रही थी। यद्यपि कंपनी गुणवत्तापूर्ण अग्नि सुरक्षा एवं जीवन सुरक्षा उपकरण (Fire Protection & Life Safety Equipment) उपलब्ध करा रही थी, फिर भी स्पष्ट व्यावसायिक रणनीति के अभाव में उसका विस्तार सीमित था।


IIM संबलपुर में आयोजित BAP में भाग लेने के बाद उन्हें लागत एवं मूल्य निर्धारण की वैज्ञानिक समझ प्राप्त हुई। इसके परिणामस्वरूप उन्होंने डेटा-आधारित मूल्य निर्धारण रणनीति अपनाई, जिससे उनकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता और बाज़ार में स्थिति मजबूत हुई। इसके बाद उन्होंने Power Grid Corporation of India Limited से ₹8.48 लाख का सरकारी टेंडर सफलतापूर्वक प्राप्त किया।


2. स्वच्छ ऊर्जा को नई गति – M/s Renergy Solution Pvt. Ltd., असम

भार्गव देवरी द्वारा स्थापित M/s Renergy Solution Pvt. Ltd. अक्षय ऊर्जा (Renewable Energy) के क्षेत्र में एक सुदृढ़ तकनीकी आधार के साथ कार्यरत थी और सरकारी संस्थानों के लिए सौर ऊर्जा परियोजनाओं में सक्रिय रूप से भाग ले रही थी। हालांकि, दीर्घकालिक विकास के लिए व्यवसाय को अधिक रणनीतिक और व्यवस्थित रूप देने की आवश्यकता महसूस हुई।


BAP के माध्यम से कंपनी ने अनुभव-आधारित संचालन से आगे बढ़कर एक अधिक पेशेवर एवं बाज़ार-उन्मुख कार्यप्रणाली अपनाई। इससे सरकारी खरीद प्लेटफॉर्म पर उसकी उपस्थिति मजबूत हुई, सरकारी निविदाओं में भागीदारी की क्षमता बढ़ी और सार्वजनिक क्षेत्र के खरीदारों के साथ नए अवसरों का प्रभावी ढंग से लाभ उठाने में सहायता मिली।


3. सटीक इंजीनियरिंग से सफलता की उड़ान – Sawalaram Enterprises, महाराष्ट्र

महाराष्ट्र के नासिक स्थित सुनील पोपटराव जगताप द्वारा स्थापित Sawalaram Enterprises हाइड्रोलिक सिलेंडर निर्माण के क्षेत्र में कार्यरत है। एक इंजीनियरिंग कंपनी में 18 वर्षों तक कार्य करने के बाद उन्होंने वर्ष 2010 में अपना स्वयं का विनिर्माण उद्यम स्थापित किया और उच्च गुणवत्ता वाले हाइड्रोलिक सिलेंडर विकसित किए।


अपने व्यवसाय को नई दिशा देने के लिए उन्होंने IIM शिलांग में आयोजित बिज़नेस एक्सेलेरेटर प्रोग्राम में भाग लिया, जहाँ उन्हें व्यवसाय रणनीति और सरकारी निविदाओं की गहन जानकारी प्राप्त हुई। इस प्रशिक्षण के परिणामस्वरूप उन्होंने Steel Authority of India Limited (SAIL) से हाइड्रोलिक सिलेंडरों की आपूर्ति हेतु ₹5.10 लाख का टेंडर सफलतापूर्वक प्राप्त किया। इस उपलब्धि ने उनके व्यवसाय का विस्तार किया, बाज़ार में पहचान बढ़ाई और सतत विकास की दिशा में मजबूत आधार तैयार किया।


आगे की राह : अवसरों का विस्तार, प्रभाव का स्थायी विकास

आज ये सफल उद्यम केवल अपने व्यवसाय का विस्तार नहीं कर रहे हैं, बल्कि समावेशी विकास की एक नई कहानी भी लिख रहे हैं। चुनौतियों पर विजय प्राप्त कर मुख्यधारा की आर्थिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी तक की उनकी यात्रा यह सिद्ध करती है कि सही मार्गदर्शन, क्षमता निर्माण और रणनीतिक सहयोग के माध्यम से देश के प्रत्येक क्षेत्र और समुदाय की क्षमता को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया जा सकता है।

राष्ट्रीय एससी-एसटी हब योजना केवल व्यक्तिगत उद्यमों को सशक्त नहीं बना रही है, बल्कि समावेशिता को वास्तविक आर्थिक प्रगति में बदलने का कार्य भी कर रही है। क्षमता निर्माण, मार्गदर्शन और रणनीतिक सहयोग के माध्यम से यह योजना विकसित भारत @2047 के निर्माण में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।


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