Media24Media.com: दिल्ली में गोबर से बनेगी हरित ऊर्जा, एमसीडी और एनडीडीबी के बीच हुआ बड़ा समझौता

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दिल्ली में गोबर से बनेगी हरित ऊर्जा, एमसीडी और एनडीडीबी के बीच हुआ बड़ा समझौता

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नई दिल्ली- केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में दिल्ली नगर निगम (MCD) और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के बीच गोबर के वैज्ञानिक उपयोग के लिए कम्प्रेस्ड बायो-गैस (CBG) प्लांट स्थापित करने हेतु एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।

इस अवसर पर केंद्रीय पशुपालन एवं डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह), दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सहित केंद्र और दिल्ली सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

अमित शाह ने कहा कि यह पहल देश के सभी बड़े शहरों को स्वच्छ और टिकाऊ बनाने की दिशा में एक मॉडल साबित होगी। इससे न केवल पशुपालकों की आय बढ़ेगी, बल्कि स्वच्छता, हरित ऊर्जा (CBG) उत्पादन और जैविक खेती को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने कहा कि यमुना नदी की सफाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सीवेज, औद्योगिक कचरे और गोबर को नदी में जाने से रोकना बेहद जरूरी है।

अमित शाह ने बताया कि दिल्ली में सीवेज और औद्योगिक अपशिष्ट के शोधन के लिए लगभग 80 ट्रीटमेंट प्लांट पर काम चल रहा है। साथ ही, भविष्य में 1.25 लाख मवेशियों के गोबर का वैज्ञानिक तरीके से निपटान सुनिश्चित किया जाएगा ताकि यमुना में गोबर का एक भी कण न पहुंचे।

उन्होंने कहा कि दिसंबर 2028 तक यमुना में एक भी लीटर गंदा पानी नहीं जाने देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

गोबर के प्रसंस्करण का कार्य नांगली, घोघा-गोयला और गाजीपुर स्थित संयंत्रों में किया जाएगा। इस परियोजना के तहत पशुपालकों को गोबर के बदले ₹1 प्रति किलोग्राम का भुगतान भी किया जाएगा, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी।

सरकार का मानना है कि यह पहल न केवल दिल्ली बल्कि देश के अन्य महानगरों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्वच्छता, हरित ऊर्जा उत्पादन और पशुपालकों की आर्थिक मजबूती का नया मॉडल बनेगी।


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