Media24Media.com: ग्राम गनेकेरा में रागी प्रोसेसिंग का पहला यूनिट स्थापित, अब स्थानीय स्तर पर होगा श्री अन्न का प्रसंस्करण

Responsive Ad Slot

Latest

latest


 

ग्राम गनेकेरा में रागी प्रोसेसिंग का पहला यूनिट स्थापित, अब स्थानीय स्तर पर होगा श्री अन्न का प्रसंस्करण

Document Thumbnail

यूनिट की स्थापना से किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य प्राप्त करने में होगी आसानी

रायपुर- जिले के किसानों को अब रागी (श्री अन्न) उत्पादन के साथ-साथ बेहतर बाजार एवं मूल्य संवर्धन का लाभ दिलाने ग्राम गनेकेरा में रागी मिलेट्स, मिलेट्स पफ एवं दलिया प्रोसेसिंग का पहला यूनिट की सफलतापूर्वक स्थापना की गई है। यूनिट का निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद अब यह रागी के प्रसंस्करण के लिए पूरी तरह तैयार है। इसके प्रारंभ होने से क्षेत्र के रागी उत्पादक किसानों को अपनी उपज के प्रसंस्करण के लिए स्थानीय स्तर पर ही आधुनिक सुविधाओं के साथ प्रसंस्करण की सुविधा उपलब्ध होगी। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार कृषि विभाग द्वारा जिले में धान के बदले मिलेट्स, रागी फसलों के उत्पादन हेतु किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस वर्ष 15 हजार हेक्टेयर में अन्य फसल उत्पादन का लक्ष्य दिया गया है।

उपसंचालक कृषि एफ.आर. कश्यप ने प्रोसेसिंग यूनिट का निरीक्षण कर मशीनों एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को यूनिट का संचालन शीघ्र प्रारंभ करने तथा किसानों को इसका अधिकतम लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कश्यप ने बताया कि रागी प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना से किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य प्राप्त करने में सहायता मिलेगी। स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण होने से परिवहन एवं प्रसंस्करण लागत में कमी आएगी, वहीं रागी के मूल्य संवर्धित उत्पाद तैयार होने से किसानों की आय में भी वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य शासन द्वारा मोटे अनाज (श्री अन्न) के उत्पादन एवं उपयोग को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। ऐसे में यह यूनिट जिले में श्री अन्न आधारित कृषि को नई दिशा देने का कार्य करेगी।

उन्होंने किसानों से अधिक से अधिक क्षेत्र में रागी की खेती अपनाने तथा शासन द्वारा संचालित विभिन्न कृषि योजनाओं, तकनीकी मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन कार्यक्रमों का लाभ लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि रागी एक पौष्टिक, कम पानी में तैयार होने वाली तथा जलवायु परिवर्तन के अनुकूल फसल है, जिसकी बाजार में मांग लगातार बढ़ रही है। इसलिए किसानों के लिए यह लाभकारी विकल्प बनकर उभर रही है। रागी प्रोसेसिंग यूनिट के संचालन से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे तथा महिला स्व-सहायता समूहों एवं किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को भी रागी आधारित खाद्य उत्पादों के निर्माण एवं विपणन में नई संभावनाएं प्राप्त होंगी। इससे जिले में श्री अन्न मिशन को गति मिलेगी और किसानों को उत्पादन से लेकर प्रसंस्करण एवं विपणन तक बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। इस अवसर पर कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं क्षेत्र के किसान उपस्थित रहे।


Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.