Media24Media.com: सीएसआईआर ने आयोजित किया प्रौद्योगिकी हस्तांतरण कार्यक्रम, चार स्वदेशी तकनीकें उद्योगों को सौंपीं

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सीएसआईआर ने आयोजित किया प्रौद्योगिकी हस्तांतरण कार्यक्रम, चार स्वदेशी तकनीकें उद्योगों को सौंपीं

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नई दिल्ली- वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) ने आज नई दिल्ली स्थित अपने मुख्यालय में प्रौद्योगिकी हस्तांतरण (Technology Transfer) कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम का आयोजन सीएसआईआर-केंद्रीय वैज्ञानिक उपकरण संगठन (CSIR-CSIO), चंडीगढ़ द्वारा किया गया, जिसमें वैज्ञानिकों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, प्रौद्योगिकी अपनाने वाले संस्थानों और अन्य प्रमुख हितधारकों ने भाग लिया।

इस अवसर पर चार स्वदेशी प्रौद्योगिकियों का उद्योगों को हस्तांतरण, ग्रामीण क्षेत्रों के लिए आईओटी (IoT) आधारित जल सेवा वितरण, मापन एवं निगरानी प्रणाली का व्यावसायिक शुभारंभ तथा भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL), पंचकूला से स्वदेशी रक्षा प्रौद्योगिकियों के लाइसेंस प्राप्त उत्पादन पर मिली रॉयल्टी का उल्लेख किया गया।

कार्यक्रम में सीएसआईआर की महानिदेशक एवं डीएसआईआर की सचिव डॉ. एन. कलैसेल्वी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उनके साथ सीएसआईआर-सीएसआईओ के निदेशक प्रो. शांतनु भट्टाचार्य, वरिष्ठ वैज्ञानिक, अधिकारी एवं उद्योग जगत के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

प्रो. शांतनु भट्टाचार्य ने बताया कि इंडक्शन मोटर स्टेथोस्कोप (MSCOPE), पोर्टेबल एंड यूनिवर्सल मोटर-कम-पंप परफॉर्मेंस मॉनिटर (PU-MPPM) तथा आई-पावर क्वालिटी एनालाइज़र (IPQA) जैसी तकनीकों का लाइसेंस एम/एस पंप अकादमी प्राइवेट लिमिटेड, बेंगलुरु को दिया गया है। वहीं, एसयू-30 विमान के लिए हेड-अप डिस्प्ले (HUD) का ऑप्टिकल मॉड्यूल एवं बीम कंबाइनर असेंबली तकनीक भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL), पंचकूला को हस्तांतरित की गई।

उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों के लिए विकसित किफायती आईओटी आधारित जल सेवा वितरण, मापन एवं निगरानी प्रणाली के व्यावसायिक शुभारंभ की भी घोषणा की। यह प्रणाली जल की गुणवत्ता, मात्रा और सेवा वितरण की आधुनिक एवं प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करेगी।

प्रो. भट्टाचार्य ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में BEL, पंचकूला से स्वदेशी सैन्य एवियोनिक्स तकनीकों—जिनमें हेड-अप डिस्प्ले (HUD), ड्रोग लाइट्स, टैक्सी लैंडिंग लाइट्स, HUD-I लेवल टेस्टर और बोरसाइट अलाइनमेंट टूल शामिल हैं—के लाइसेंस प्राप्त उत्पादन के लिए 1.67 करोड़ रुपये की रॉयल्टी प्राप्त हुई है। उन्होंने इसे भारतीय उद्योग के साथ सीएसआईआर-सीएसआईओ की मजबूत साझेदारी और स्वदेशी रक्षा विनिर्माण में उसके महत्वपूर्ण योगदान का प्रमाण बताया।

अपने संबोधन में डॉ. एन. कलैसेल्वी ने सफल प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और व्यावसायीकरण के लिए सीएसआईआर-सीएसआईओ की टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि स्वदेशी तकनीकों का सफल व्यावसायीकरण, अनुसंधान को उद्योग एवं समाज के लिए उपयोगी उत्पादों और प्रक्रियाओं में बदलने की दिशा में सीएसआईआर के मिशन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने वैज्ञानिकों से राष्ट्रीय प्राथमिकताओं और 'आत्मनिर्भर भारत' के विज़न के अनुरूप उद्योगोन्मुख अनुसंधान को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम का समापन सीएसआईआर-सीएसआईओ के बिजनेस डेवलपमेंट ग्रुप (BDG) के प्रमुख द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

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