Media24Media.com: एपीडा ने कर्नाटक के नीलम और तोतापुरी आमों की पहली हवाई खेप मालदीव भेजी, किसानों को मिला 50% से अधिक लाभ

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एपीडा ने कर्नाटक के नीलम और तोतापुरी आमों की पहली हवाई खेप मालदीव भेजी, किसानों को मिला 50% से अधिक लाभ

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नई दिल्ली- वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) ने कर्नाटक से नीलम और तोतापुरी आमों की पहली हवाई खेप सफलतापूर्वक मालदीव भेजकर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। 30 जुलाई 2026 को रवाना की गई यह खेप कर्नाटक की देर से पकने वाली आम की किस्मों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई पहचान दिलाने की दिशा में एक अहम कदम है।

इस खेप को एपीडा के अध्यक्ष अभिषेक देव (आईएएस) ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने निर्यातक, किसान उत्पादक कंपनी (FPC), किसानों और इस पहल से जुड़े सभी हितधारकों के संयुक्त प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास भारतीय आमों के लिए नए वैश्विक बाजार खोलने, देर से पकने वाली किस्मों के निर्यात को बढ़ावा देने और किसानों की आय में सतत वृद्धि सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

यह निर्यात खेप एक मीट्रिक टन नीलम और तोतापुरी आमों की थी, जिसे कर्नाटक के कोलार जिले के केजीएफ तालुक स्थित एम/एस प्रकृतिमाया फार्मर्स प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड से जुड़े किसानों से सीधे खरीदा गया। इस खेप का निर्यात एम/एस अहल्या देवी वेंचर्स की निदेशक अश्विनी ए. द्वारा किया गया, जो एक नवपंजीकृत महिला उद्यमी एवं निर्यातक हैं। यह भारत के कृषि निर्यात क्षेत्र में महिला उद्यमियों की बढ़ती भागीदारी को भी दर्शाता है।

नीलम आम अपने मीठे, रसीले गूदे, सुगंध और डेजर्ट, स्मूदी तथा पेय पदार्थों में उपयोग के लिए प्रसिद्ध है। वहीं तोतापुरी आम अपनी विशिष्ट आकृति, मीठे-खट्टे स्वाद और ताजा सेवन के साथ-साथ प्रसंस्करण के लिए उपयुक्त होने के कारण लोकप्रिय है। जून के अंतिम सप्ताह से जुलाई के अंत तक उपलब्ध रहने वाली ये किस्में भारत के आम निर्यात सीजन को आगे बढ़ाने और वैश्विक मांग को पूरा करने का अवसर प्रदान करती हैं।

यह हवाई निर्यात कर्नाटक के बागवानी क्षेत्र की बढ़ती निर्यात क्षमता को दर्शाता है। साथ ही यह भी साबित करता है कि किसान उत्पादक कंपनियां (FPC) संगठित संग्रहण, गुणवत्तापूर्ण उत्पादन और निर्यातोन्मुख आपूर्ति श्रृंखला के माध्यम से किसानों को वैश्विक बाजारों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

इस पहल के माध्यम से किसान उत्पादक कंपनी से जुड़े किसानों को पारंपरिक बाजारों की तुलना में 50 प्रतिशत से अधिक अतिरिक्त लाभ प्राप्त हुआ। यह उपलब्धि प्रत्यक्ष खरीद, निर्यात बाजारों से जुड़ाव और संगठित विपणन व्यवस्था के महत्व को रेखांकित करती है तथा किसानों को निर्यातोन्मुख खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित करती है।

यह निर्यात कर्नाटक के आम निर्यात क्षेत्र के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत है और इससे किसान उत्पादक संगठन (FPO), किसान उत्पादक कंपनियां (FPC), निर्यातक तथा कृषि उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रीमियम बागवानी उत्पादों के निर्यात के लिए नई प्रेरणा मिलेगी।

एपीडा राज्य सरकारों, निर्यातकों, किसान उत्पादक संगठनों, किसान उत्पादक कंपनियों और अन्य हितधारकों के साथ मिलकर निर्यात अवसंरचना को मजबूत करने, वैश्विक बाजारों तक पहुंच आसान बनाने तथा भारत के उच्च गुणवत्ता वाले फलों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। ऐसे प्रयास भारत के कृषि निर्यात में विविधता लाने के साथ-साथ किसानों और बागवानी क्षेत्र के लिए स्थायी आर्थिक अवसर भी सृजित कर रहे हैं।


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