Media24Media.com: थल सेनाध्यक्ष ने स्वदेशी ‘एक्सट्रीम वेदर ग्रेड (XWG) डीजल’ लॉन्च किया, -42°C तक करेगा प्रभावी कार्य

Responsive Ad Slot

Latest

latest


 

थल सेनाध्यक्ष ने स्वदेशी ‘एक्सट्रीम वेदर ग्रेड (XWG) डीजल’ लॉन्च किया, -42°C तक करेगा प्रभावी कार्य

Document Thumbnail

नई दिल्ली- भारतीय सेना के थल सेनाध्यक्ष (COAS) जनरल धीरज सेठ ने आज नई दिल्ली में स्वदेशी रूप से विकसित एक्सट्रीम वेदर ग्रेड (XWG) डीजल का शुभारंभ किया। भारतीय सेना और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) के संयुक्त प्रयास से विकसित यह विशेष ईंधन अत्यधिक ठंडे और दुर्गम क्षेत्रों में लड़ाकू एवं लॉजिस्टिक वाहनों की गतिशीलता, सुरक्षा और परिचालन क्षमता को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाएगा। यह उपलब्धि आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

सामान्य डीजल अत्यधिक कम तापमान में गाढ़ा हो जाता है और ईंधन फिल्टर को जाम कर देता है, जिससे ऊंचाई वाले बर्फीले क्षेत्रों में वाहनों का संचालन प्रभावित होता है। एक्सट्रीम वेदर ग्रेड (XWG) डीजल इस समस्या का समाधान करता है और माइनस 42 डिग्री सेल्सियस तक भी प्रभावी ढंग से कार्य करता है।

यह ईंधन BS-VI मानकों तथा IS 1460:2025 विनिर्देशों के अनुरूप है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसे भारतीय सेना के मौजूदा वाहन बेड़े में बिना किसी इंजन संशोधन या पुनः अनुमोदन (Re-homologation) के सीधे उपयोग किया जा सकता है।

इस अवसर पर जनरल धीरज सेठ ने कहा कि XWG डीजल एक गेम-चेंजर स्वदेशी नवाचार है, जो अत्यधिक प्रतिकूल मौसम में सेना की गतिशीलता, परिचालन तत्परता और मिशन की विश्वसनीयता को नई मजबूती देगा। उन्होंने कहा कि इस ईंधन के उपयोग से कड़ाके की सर्दियों में वाहनों को चालू रखने के लिए अपनाए जाने वाले अतिरिक्त उपायों की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी, जिससे सैनिकों की सुरक्षा और मनोबल दोनों में वृद्धि होगी।

उन्होंने इस तकनीक को मात्र एक वर्ष में विकसित करने के लिए भारतीय सेना की टीम और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों की सराहना की तथा विश्वास जताया कि भविष्य में भी इस तरह के सहयोग से विभिन्न परिचालन आवश्यकताओं के अनुरूप विशेष ईंधनों का विकास होगा।

सैन्य उपयोग के अलावा, XWG डीजल का लाभ ऊंचाई वाले और अत्यधिक ठंड वाले क्षेत्रों में रहने वाले आम नागरिकों को भी मिलेगा। इससे कठिन मौसम में संचालित वाहनों और उपकरणों की विश्वसनीयता, सुरक्षा और कार्यक्षमता में सुधार होगा।

यह स्वदेशी तकनीक भारत की रक्षा क्षमता को सशक्त बनाने के साथ-साथ कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में नागरिक एवं सैन्य दोनों क्षेत्रों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगी।

Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.