Media24Media.com: टॉप क्लास एजुकेशन योजना से अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को मिल रही नई उड़ान, शिक्षा से सशक्त हो रहा भारत

Responsive Ad Slot

Latest

latest


 

टॉप क्लास एजुकेशन योजना से अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को मिल रही नई उड़ान, शिक्षा से सशक्त हो रहा भारत

Document Thumbnail

नई दिल्ली- सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय अनुसूचित जाति (एससी) समुदाय के मेधावी विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध कराकर समावेशी विकास और सामाजिक सशक्तिकरण को नई दिशा दे रहा है। मंत्रालय की टॉप क्लास एजुकेशन स्कीम फॉर एससी स्टूडेंट्स के माध्यम से देशभर के हजारों छात्र-छात्राएं प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में अध्ययन कर अपने सपनों को साकार कर रहे हैं और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

इस योजना का उद्देश्य ऐसे मेधावी एससी विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के अवसर प्रदान करना है, जिनके परिवार की वार्षिक आय 8 लाख रुपये तक है। योजना के तहत छात्रों को ट्यूशन फीस, रहने-खाने का खर्च, पुस्तकों, कंप्यूटर तथा अन्य शैक्षणिक आवश्यकताओं के लिए व्यापक वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है, जिससे वे आर्थिक चिंताओं से मुक्त होकर अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान केंद्रित कर सकें।

वर्ष 2007-08 में शुरू हुई इस योजना का दायरा लगातार बढ़ा है। योजना के तहत लाभान्वित विद्यार्थियों की संख्या 2007-08 में 195 से बढ़कर 2025-26 में 4,742 तक पहुंच गई है। इसी अवधि में योजना पर वार्षिक व्यय 2.17 करोड़ रुपये से बढ़कर 117.19 करोड़ रुपये हो गया है।

आज इस योजना के अंतर्गत विद्यार्थी देश के प्रमुख संस्थानों जैसे भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT), राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT), भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT), राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (NLU), राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान (NID), भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) तथा अन्य राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।

तकनीकी क्षेत्र में सफलता की मिसाल

योजना के लाभार्थी विद्यार्थियों ने तकनीकी क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। अमूल शतूरिया, जिन्होंने IIIT इलाहाबाद से सूचना प्रौद्योगिकी में बी.टेक की पढ़ाई की, योजना की सहायता से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त कर एक अग्रणी तकनीकी कंपनी में 56 लाख रुपये वार्षिक पैकेज पर नियुक्त हुए। एक स्कूल बस चालक के पुत्र होने के बावजूद उनकी सफलता इस योजना की परिवर्तनकारी शक्ति को दर्शाती है।

इसी प्रकार सुश्मिता पोथुराजू ने IIIT इलाहाबाद में अध्ययन के दौरान कोडिंग, इंटर्नशिप और नेतृत्व गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी की और बाद में अमेज़न में 45 लाख रुपये वार्षिक पैकेज के साथ नियुक्ति प्राप्त की।

राष्ट्र निर्माण के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में योगदान

आईआईटी पालक्काड की सिविल इंजीनियरिंग छात्रा थम्बल्ला सिंधु ने योजना के सहयोग से पेशेवर शिक्षा प्राप्त की और बाद में देश की अग्रणी इंजीनियरिंग कंपनी लार्सन एंड टुब्रो कंस्ट्रक्शन में ग्रेजुएट इंजीनियर ट्रेनी के रूप में चयनित हुईं।

वहीं, आईआईटी पालक्काड के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग स्नातक नलन एस ने भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) में नियुक्ति प्राप्त की। वे अपने समुदाय के प्रथम पीढ़ी के शिक्षार्थी हैं और उनकी सफलता इस योजना की व्यापक सामाजिक प्रभावशीलता को दर्शाती है।

कानून, प्रबंधन और कॉर्पोरेट क्षेत्र में भी सफलता

बोग्गिति शाइनी जैस्पर ने भारतीय प्लांटेशन प्रबंधन संस्थान, बेंगलुरु से पीजीडीएम की पढ़ाई पूरी कर कॉर्पोरेट क्षेत्र में सफल करियर बनाया। वहीं, ऋषभ भास्कर लाडे ने महाराष्ट्र राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, मुंबई से बी.ए. एलएलबी (ऑनर्स) की पढ़ाई पूरी कर आईडीबीआई बैंक में सहायक विधि प्रबंधक के रूप में नियुक्ति प्राप्त की।

रचनात्मकता, उद्यमिता और अनुसंधान को बढ़ावा

राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान, अहमदाबाद की छात्रा वार्तिका सोनकर ने योजना के सहयोग से डिजाइन के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा को निखारा और आज एक सफल ज्वेलरी डिजाइनर के रूप में पहचान बना चुकी हैं।

वहीं, चिंतला संजय ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और मशीन लर्निंग आधारित स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी अनुसंधान में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर नवाचार और अनुसंधान के क्षेत्र में नई संभावनाओं को आगे बढ़ाया है।

आत्मविश्वास और आकांक्षाओं को मिल रही नई दिशा

यह योजना केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि छात्रों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और बेहतर भविष्य के प्रति आकांक्षा का भी निर्माण कर रही है। योजना के लाभार्थी विद्यार्थी शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार, उद्यमिता और पेशेवर विकास के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बन रहे हैं।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय का मानना है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक समान पहुंच ही समावेशी और विकसित भारत की आधारशिला है। टॉप क्लास एजुकेशन योजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो प्रतिभा, अवसर और दृढ़ संकल्प को जोड़कर देश के लिए नई पीढ़ी के वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, प्रबंधकों, विधि विशेषज्ञों, उद्यमियों और नवाचारकर्ताओं को तैयार कर रही है।

योजना के अंतर्गत प्राप्त प्रत्येक सफलता यह साबित करती है कि उचित अवसर मिलने पर प्रतिभा किसी भी बाधा को पार कर सकती है। यह पहल विकसित, आत्मनिर्भर और समावेशी भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।


Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.