Media24Media.com: हॉर्नबिल सफारी से बढ़ेगा इको-टूरिज्म, जैव विविधता संरक्षण को मिलेगा नया आयाम

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हॉर्नबिल सफारी से बढ़ेगा इको-टूरिज्म, जैव विविधता संरक्षण को मिलेगा नया आयाम

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रायपुर- छत्तीसगढ़ के एक प्रमुख टाइगर रिजर्व में इको-टूरिज्म और पक्षी पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘हॉर्नबिल सफारी’ की शुरुआत की गई है। यह पहल न केवल प्रकृति प्रेमियों और पक्षी पर्यवेक्षकों (बर्ड वॉचर्स) को आकर्षित करेगी, बल्कि वन्यजीव संरक्षण और स्थानीय आर्थिक विकास को भी नई दिशा देगी।

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, हॉर्नबिल सफारी के माध्यम से पर्यटकों को जंगलों की समृद्ध जैव विविधता और दुर्लभ पक्षी प्रजातियों को उनके प्राकृतिक आवास में देखने का अवसर मिलेगा। विशेष रूप से हॉर्नबिल पक्षी, जिसे जंगलों का “प्राकृतिक बीज वाहक” माना जाता है, वन पारिस्थितिकी तंत्र को संतुलित बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

यह पहल पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार और आजीविका के नए अवसर भी सृजित करेगी। सफारी संचालन, गाइड सेवाओं, आवास, परिवहन और अन्य पर्यटन गतिविधियों से जुड़े लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है।

विशेषज्ञों का मानना है कि पक्षी पर्यटन की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए हॉर्नबिल सफारी छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख इको-टूरिज्म स्थलों में शामिल करने में मदद कर सकती है। इसके माध्यम से पर्यटक वन्यजीवों और प्राकृतिक संसाधनों के महत्व को समझ सकेंगे तथा संरक्षण प्रयासों के प्रति अधिक संवेदनशील बनेंगे।

वन विभाग का कहना है कि इस पहल को पूरी तरह पर्यावरण-अनुकूल तरीके से संचालित किया जाएगा ताकि पर्यटन गतिविधियों का वन्यजीवों और उनके प्राकृतिक आवास पर न्यूनतम प्रभाव पड़े। अधिकारियों को उम्मीद है कि हॉर्नबिल सफारी राज्य में सतत पर्यटन (Sustainable Tourism) को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।


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