Media24Media.com: केंद्रीय सचिव अभिलक्ष लिखी ने रायगढ़ में अलंकरणीय मत्स्य ब्रूड बैंक का दौरा किया

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केंद्रीय सचिव अभिलक्ष लिखी ने रायगढ़ में अलंकरणीय मत्स्य ब्रूड बैंक का दौरा किया

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अभिलक्ष लिखी, सचिव, मत्स्य पालन विभाग, मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय, भारत सरकार ने महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के मंगरूल गांव में स्थापित अलंकरणीय मत्स्य ब्रूड बैंक का दौरा किया। यह ब्रूड बैंक यशोधरा संजय खंडागले द्वारा प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) के तहत स्थापित किया गया है। दौरे के बाद केंद्रीय सचिव ने पीएमएमएसवाई के लाभार्थियों से संवाद कर जमीनी स्तर पर मौजूद चुनौतियों और कमियों की जानकारी ली।

केंद्रीय सचिव द्वारा दौरा किया गया यह ब्रूड बैंक भारत में अपनी तरह की पहली पहल है, जहां 25 से अधिक प्रजातियों की अलंकरणीय मछलियों का संरक्षण और प्रजनन किया जाता है। यशोधरा संजय खंडागले ने अपने ब्रांड “Sam Discus” को देश में उच्च गुणवत्ता वाली डिस्कस मछलियों के प्रमुख उत्पादकों में स्थापित किया है। इस ब्रूड बैंक ने 20 प्रजातियों की लगभग 7.7 लाख अलंकरणीय मछलियों का उत्पादन किया है, जिससे लगभग 1.93 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ तथा 25–30 लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं।

700 से अधिक टैंकों से सुसज्जित यह केंद्र कौशल विकास, रोजगार सृजन और सर्वोत्तम प्रक्रियाओं को अपनाने में भी सहयोग करता है तथा अलंकरणीय मत्स्य क्षेत्र के निर्यात को बढ़ावा देता है। यह ब्रूड बैंक नियामकीय मानकों का पालन करता है और GAIS तथा NFDP जैसी सरकारी योजनाओं के अंतर्गत कवर है। यहां से अलंकरणीय मछलियों का निर्यात अमेरिका, इटली, फ्रांस, मॉरीशस, दक्षिण कोरिया, कतर, कुवैत, मलेशिया, चीन, उज्बेकिस्तान, नाइजीरिया और इज़राइल सहित कई देशों में किया जाता है। यह मत्स्य क्षेत्र में नवाचार, सतत विकास और वृद्धि को बढ़ावा देने में सरकारी सहायता के प्रभावी उपयोग को दर्शाता है।

भारत में लगभग 700 स्वदेशी मीठे पानी की तथा 300 से अधिक समुद्री प्रजातियां उपलब्ध हैं, जो विशाल संसाधन क्षमता को दर्शाती हैं। भारत से अलंकरणीय मत्स्य निर्यात का अनुमान लगभग 41 करोड़ रुपये है, जो इस क्षेत्र के बढ़ते आर्थिक योगदान को दर्शाता है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत अलंकरणीय मत्स्य पालन भारत में एक उच्च संभावनाओं वाले क्षेत्र के रूप में उभर रहा है, जिसे समृद्ध जैव विविधता तथा घरेलू और वैश्विक मांग का समर्थन प्राप्त है।

पीएमएमएसवाई के अंतर्गत अब तक 1,986 बैकयार्ड अलंकरणीय मछली पालन इकाइयों, 6,018 फिश कियोस्क एवं एक्वेरियम, तथा 117 खुदरा बाजारों को सहायता प्रदान की गई है, जिनमें विशेष अलंकरणीय मछली एवं एक्वेरियम बाजार भी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त पांच मीठे पानी के अलंकरणीय मछली ब्रूड बैंक और 199 एकीकृत अलंकरणीय मछली इकाइयां स्थापित की गई हैं, जिससे उत्पादन, विपणन और आजीविका के अवसरों को मजबूती मिली है।

भारत सरकार के मत्स्य पालन विभाग ने देशभर में 34 मत्स्य उत्पादन एवं प्रसंस्करण क्लस्टरों को अधिसूचित किया है, जिनमें तमिलनाडु के मदुरै में अलंकरणीय मत्स्य क्लस्टर भी शामिल है।

महाराष्ट्र का मत्स्य क्षेत्र समुद्री और अंतर्देशीय दोनों संसाधनों के कारण मजबूत स्थिति में है। राज्य की 877.97 किलोमीटर लंबी तटरेखा, 173 मत्स्य अवतरण केंद्र और 526 मत्स्य गांव 15 लाख से अधिक मत्स्यजीवियों को आजीविका प्रदान करते हैं। वर्ष 2022–23 में राज्य में लगभग 5.9 लाख टन मछली उत्पादन हुआ। अंतर्देशीय मत्स्य पालन 4.10 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फैला है, जिसमें जलाशय, नदियां, तालाब और खारे पानी के क्षेत्र शामिल हैं। ब्लू रिवोल्यूशन और पीएमएमएसवाई जैसी योजनाओं के माध्यम से महाराष्ट्र ने मत्स्य पालन, हैचरी, केज कल्चर, बुनियादी ढांचे और मत्स्यजीवियों के कल्याण में उल्लेखनीय प्रगति की है।

यह दौरा अलंकरणीय मत्स्य क्षेत्र को और अधिक सशक्त एवं प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, क्योंकि इससे जमीनी स्तर का आकलन, हितधारकों की भागीदारी और लक्षित नीतिगत सहायता को बढ़ावा मिलेगा।

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