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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भंडारा सड़क दुर्घटना पर जताया गहरा शोक

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मुख्यमंत्री के निर्देश पर घायलों और प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए अधिकारियों की टीम रवाना

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महाराष्ट्र के भंडारा जिले में नागपुर-रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुई भीषण सड़क दुर्घटना में छत्तीसगढ़ के नागरिकों के असामयिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री साय ने दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोकसंतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार एवं स्थानीय प्रशासन से निरंतर समन्वय किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि घायलों के समुचित उपचार और प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए छत्तीसगढ़ से अधिकारियों की एक टीम घटनास्थल के लिए भेज दी गई है। छत्तीसगढ़ सरकार इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और उन्हें हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी।

छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा पर बाघ का आतंक: हमले में ग्रामीण की मौत, वन विभाग ने बढ़ाई निगरानी

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कांकेर- छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा से लगे इलाकों में बाघ की मौजूदगी ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। महाराष्ट्र के सीमावर्ती क्षेत्र में बाघ के हमले में एक ग्रामीण की मौत के बाद छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र दोनों राज्यों के वन विभाग अलर्ट हो गए हैं। 

घटना के बाद सीमावर्ती क्षेत्रों में वन विभाग की टीमों ने गश्त और निगरानी बढ़ा दी है। अधिकारियों की नजर बाघ की गतिविधियों और उसके संभावित मूवमेंट पर बनी हुई है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त कर्मचारियों को तैनात किया गया है, जबकि बाघ की लोकेशन पर नजर रखने के लिए कैमरा ट्रैप और ड्रोन के इस्तेमाल की भी तैयारी की जा रही है।

पखांजूर क्षेत्र में भी मिले बाघ के पदचिह्न

कांकेर जिले के पखांजूर क्षेत्र के पीवी-19 गांव के आसपास बाघ के पदचिह्न मिलने की पुष्टि हुई है। इसी इलाके में एक गाय के शिकार की जानकारी भी सामने आई है। सड़क किनारे बाघ दिखाई देने का वीडियो सामने आने के बाद ग्रामीणों में दहशत और बढ़ गई है।

बताया गया है कि महाराष्ट्र के सीमावर्ती दोढाडा गांव में जंगल की ओर गए ग्रामीण हरीलाल वड्डडे पर बाघ ने हमला किया, जिसमें उनकी मौत हो गई। घटना के बाद आसपास के गांवों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। 

ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह

वन विभाग ने जंगल और उससे लगे इलाकों में रहने वाले लोगों से अकेले जंगल में नहीं जाने की अपील की है। विशेष रूप से सुबह और शाम के समय जंगल, झाड़ियों और सुनसान इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी गई है।

अधिकारियों ने लोगों से कहा है कि यदि बाघ दिखाई दे तो उसके करीब जाने, उसका पीछा करने या वीडियो बनाने की कोशिश न करें। बाघ की सूचना तत्काल वन विभाग को दें, ताकि प्रशिक्षित टीम मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित कर सके।

वन विभाग की बढ़ी सक्रियता

ग्रामीण की मौत और छत्तीसगढ़ की सीमा में बाघ के पदचिह्न मिलने के बाद दोनों राज्यों के वन अमले ने संयुक्त रूप से निगरानी बढ़ा दी है। फिलहाल प्राथमिकता ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और बाघ की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने की है। 

वन विभाग की अपील: ग्रामीण सावधानी बरतें, जंगल की ओर अकेले न जाएं और बाघ की किसी भी गतिविधि की जानकारी तुरंत संबंधित वन अधिकारियों को दें।

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया गया

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पुणे- केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज पुणे में आयोजित एक समारोह में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल को 'लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार 2026' से सम्मानित किया। इस अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, सुनेत्रा पवार, केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि आज लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की 106वीं पुण्यतिथि है। उन्होंने कहा कि तिलक ने "स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा" का मंत्र देकर भारत के स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा और नई ऊर्जा प्रदान की। उन्होंने कहा कि वास्तविक स्वराज तभी संभव है जब शासन व्यवस्था, भाषा, संस्कृति और धर्म मजबूत हों।

शाह ने कहा कि लोकमान्य तिलक ने स्वतंत्रता आंदोलन को जन-जन से जोड़ा और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की अवधारणा को देश के सामने रखा। उन्होंने कहा कि तिलक महान शिक्षक, निर्भीक पत्रकार, प्रखर चिंतक और कर्मयोगी थे, जिनकी विचारधारा आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है।

उन्होंने कहा कि तिलक ने न्यू इंग्लिश स्कूल, डेक्कन एजुकेशन सोसाइटी और फर्ग्यूसन कॉलेज जैसी संस्थाओं की स्थापना कर शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके समाचार पत्र 'केसरी' और 'द मराठा' ब्रिटिश शासन के लिए सबसे प्रभावशाली आवाज बने।

अजीत डोभाल के योगदान की सराहना

अमित शाह ने कहा कि लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार केवल सम्मान नहीं, बल्कि समाज को प्रेरित करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि अजीत डोभाल ने राष्ट्र की सुरक्षा के लिए असाधारण योगदान दिया है और यह सम्मान देश सेवा के प्रति उनके समर्पण का प्रतीक है।

उन्होंने बताया कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब अहमदाबाद सहित देशभर में हुए बम धमाकों की जांच के दौरान अजीत डोभाल ने गुजरात पुलिस के साथ मिलकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसके परिणामस्वरूप कई मामलों का सफलतापूर्वक खुलासा हुआ।

अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा को नई मजबूती मिली है, जिसमें अजीत डोभाल का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है।

उन्होंने कहा कि 1972 से लेकर इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के निदेशक बनने तक डोभाल ने देश के लगभग हर बड़े सुरक्षा अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने पूर्वोत्तर, सिक्किम, जम्मू-कश्मीर, पंजाब तथा पाकिस्तान में कार्य करते हुए राष्ट्र की सुरक्षा को मजबूत किया। पाकिस्तान में उनका छह वर्षों का कार्यकाल भी देश की सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण रहा।

राष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था को मिली नई मजबूती

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि वर्ष 2019 के बाद केंद्र सरकार ने मल्टी एजेंसी सेंटर (MAC) को मजबूत किया, जो आज देश की आंतरिक सुरक्षा की रीढ़ बन चुका है। उन्होंने कहा कि MAC की मजबूत नींव रखने में अजीत डोभाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने अजीत डोभाल को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त किया और वे देश के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार भी हैं।

अमित शाह ने कहा कि डोभाल के कार्यकाल में भारतीय सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण, तकनीकी सशक्तीकरण और रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के लिए कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए, जिनमें उनका अनुभव और मार्गदर्शन अत्यंत महत्वपूर्ण रहा।

कार्यक्रम के अंत में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकशाहीर अण्णाभाऊ साठे की जयंती पर उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि भी अर्पित की।

महाराष्ट्र को राष्ट्रीय कृषि विकास योजना की दूसरी किस्त मिलेगी, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की समीक्षा बैठक

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नई दिल्ली- केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) के तहत जारी धनराशि के उपयोग की समीक्षा के लिए एक वर्चुअल बैठक की। बैठक में महाराष्ट्र सरकार को योजना की दूसरी किस्त (Second Installment) जारी करने पर भी विचार किया गया।

बैठक में महाराष्ट्र के कृषि मंत्री दत्तात्रेय भरणे, भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा महाराष्ट्र सरकार के अधिकारी शामिल हुए।

समीक्षा के दौरान केंद्रीय मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार ने पहले चरण में महाराष्ट्र को ₹335 करोड़ की राशि जारी की थी। राज्य सरकार ने इस राशि में से लगभग ₹260 करोड़ का उपयोग कर लिया है, जो निर्धारित 75 प्रतिशत उपयोग के मानक से अधिक है। इसके आधार पर महाराष्ट्र दूसरी किस्त प्राप्त करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। उन्होंने बताया कि ₹335 करोड़ की दूसरी किस्त जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

शिवराज सिंह चौहान ने महाराष्ट्र सरकार को इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि तय समय के भीतर 75 प्रतिशत से अधिक धनराशि का प्रभावी उपयोग राज्य की कृषि विकास योजनाओं के प्रति गंभीरता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि सरकारी धन का समय पर खर्च होने के साथ-साथ उसकी निरंतर निगरानी भी आवश्यक है, ताकि राशि का उपयोग केवल निर्धारित उद्देश्यों के लिए ही किया जाए। केंद्रीय मंत्री ने फार्मर आईडी (Farmer ID) बनाने में महाराष्ट्र के प्रदर्शन की भी सराहना की। उन्होंने बाढ़ प्रभावित किसानों को करीब ₹14,000 करोड़ की सहायता राशि मात्र पांच दिनों में सीधे बैंक खातों में हस्तांतरित करने की राज्य सरकार की पहल की प्रशंसा की।

बैठक में मिशन फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर (MIDH) के तहत हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया गया। वहीं डिजिटल कृषि, कृषि विस्तार, राष्ट्रीय बागवानी मिशन (NHM), बीज, तिलहन तथा एग्रोफॉरेस्ट्री जैसे क्षेत्रों में खर्च की गति बढ़ाने और लंबित देनदारियों का शीघ्र निपटारा करने के निर्देश दिए गए।

समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के क्रियान्वयन पर भी चर्चा हुई। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि फसल बीमा के लिए आवेदन करते समय किसानों द्वारा सही जानकारी देना बेहद जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) धारक और गैर-केसीसी दोनों प्रकार के किसान योजना का लाभ लेने के पात्र हैं, लेकिन आवेदन के दौरान किसी भी प्रकार की जानकारी छिपाने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि पोर्टल पर प्रस्तावित घोषणा का उद्देश्य केवल पारदर्शिता और सही जानकारी सुनिश्चित करना है, न कि किसी पात्र किसान को योजना से वंचित करना।

बैठक के अंत में केंद्रीय मंत्री ने विश्वास जताया कि महाराष्ट्र सरकार राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अन्य घटकों में भी बेहतर प्रदर्शन करते हुए देश के कृषि क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देती रहेगी।

डिजिटल इंडिया के तहत महाराष्ट्र विधानसभा में जल्द लागू होगी राष्ट्रीय ई-विधान एप्लिकेशन (NeVA)

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नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "वन नेशन, वन एप्लिकेशन" के विजन को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए महाराष्ट्र विधानमंडल ने राष्ट्रीय ई-विधान एप्लिकेशन (NeVA) को अपनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है। यह पहल डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के अंतर्गत देशभर की विधानसभाओं और विधान परिषदों को पूरी तरह डिजिटल एवं पेपरलेस बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

इस संबंध में 16 जुलाई 2026 को विधान भवन, मुंबई में भारत सरकार के संसदीय कार्य मंत्रालय, महाराष्ट्र सरकार के संसदीय कार्य विभाग तथा महाराष्ट्र विधानमंडल सचिवालय के बीच NeVA परियोजना के क्रियान्वयन को लेकर उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई।

बैठक में संसदीय कार्य मंत्रालय के अपर सचिव एवं NeVA मिशन लीडर डॉ. सत्य प्रकाश, महाराष्ट्र विधानमंडल की ओर से सचिव-1 जितेंद्र भोले तथा सचिव-4 सुदर्शन साठे उपस्थित रहे। इसके अलावा महाराष्ट्र सरकार के संसदीय कार्य विभाग की सचिव  सुप्रिया धिवरे, विधान परिषद सभापति के निजी सचिव पंडित खेडकर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।

जल्द होगा त्रिपक्षीय समझौता (MoU)

बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि भारत सरकार के संसदीय कार्य मंत्रालय, महाराष्ट्र विधानमंडल सचिवालय और महाराष्ट्र सरकार के संसदीय कार्य विभाग के बीच जल्द से जल्द समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए जाएं, ताकि राज्य में NeVA परियोजना का शीघ्र क्रियान्वयन शुरू किया जा सके।

बैठक में हुई चर्चा से स्पष्ट हुआ कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर तथा महाराष्ट्र विधान परिषद के सभापति प्रो. राम शिंदे के मार्गदर्शन में राज्य सरकार और विधानमंडल एक पेपरलेस, पारदर्शी, कुशल और नागरिक-केंद्रित विधानमंडल स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

परियोजना के विभिन्न पहलुओं पर हुई विस्तृत चर्चा

बैठक के दौरान NeVA परियोजना के क्रियान्वयन की विस्तृत रूपरेखा पर चर्चा की गई। इसमें सॉफ्टवेयर की कार्यप्रणाली, तकनीकी अवसंरचना, संस्थागत तैयारियां, वित्तीय सहायता, क्षमता निर्माण, कार्यान्वयन की समय-सीमा तथा विभिन्न एजेंसियों की भूमिकाओं और जिम्मेदारियों पर विचार-विमर्श हुआ।

NeVA मिशन लीडर डॉ. सत्य प्रकाश ने परियोजना से जुड़े विभिन्न तकनीकी और वित्तीय प्रश्नों का विस्तार से उत्तर दिया। बैठक के अंत में महाराष्ट्र विधानमंडल ने MoU पर हस्ताक्षर की प्रक्रिया को प्राथमिकता देने पर सहमति व्यक्त की।

क्या है राष्ट्रीय ई-विधान एप्लिकेशन (NeVA)?

राष्ट्रीय ई-विधान एप्लिकेशन (NeVA) भारत सरकार के संसदीय कार्य मंत्रालय की एक मिशन मोड परियोजना है, जिसे डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य देश के सभी 37 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की विधानसभाओं एवं विधान परिषदों को एकीकृत डिजिटल मंच पर लाकर उनकी कार्यवाही को पूरी तरह डिजिटल बनाना है।

करीब 673.94 करोड़ रुपये की कुल लागत वाली इस परियोजना के माध्यम से विधायक और विधान परिषद सदस्य अपने सभी विधायी कार्यों को इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से संचालित कर सकेंगे। इससे कागज की खपत कम होगी तथा पारदर्शिता और कार्यकुशलता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

महाराष्ट्र में लगभग 48 करोड़ रुपये की परियोजना

महाराष्ट्र विधानसभा और विधान परिषद (मुंबई एवं नागपुर स्थित परिसरों सहित) में NeVA लागू करने की अनुमानित लागत लगभग 48 करोड़ रुपये है।

परियोजना लागू होने के बाद जनप्रतिनिधियों को अपने विधायी दायित्वों के निर्वहन में आधुनिक डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही नागरिकों को भी विधानसभा एवं विधान परिषद की कार्यवाही, दस्तावेजों और विधायी गतिविधियों तक अधिक सरल और पारदर्शी पहुंच मिलेगी, जिससे जनभागीदारी और जवाबदेही को बढ़ावा मिलेगा।

देशभर में तेजी से बढ़ रहा NeVA

अब तक देश के 33 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के विधानमंडलों ने संसदीय कार्य मंत्रालय के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर कर दिए हैं, जबकि 21 विधानमंडल पूरी तरह डिजिटल सदनों में परिवर्तित हो चुके हैं।

महाराष्ट्र विधानमंडल द्वारा NeVA को अपनाने का निर्णय देश में डिजिटल विधायी व्यवस्था के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। इससे भारत की डिजिटल शासन व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी तथा डिजिटल इंडिया के लक्ष्य को नई गति मिलेगी।

मुंबई में भारी बारिश का कहर, विश्वविद्यालय की सभी परीक्षाएं स्थगित

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मुंबई- महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और कई इलाकों में जलभराव की स्थिति को देखते हुए मुंबई विश्वविद्यालय ने 6 जुलाई को आयोजित होने वाली सभी स्नातक (UG) और स्नातकोत्तर (PG) परीक्षाओं को स्थगित कर दिया है।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि छात्रों की सुरक्षा और आवागमन में हो रही कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। लगातार बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में यातायात प्रभावित हुआ है और स्थानीय ट्रेन एवं सड़क परिवहन सेवाओं पर भी असर पड़ा है।

विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि स्थगित परीक्षाओं की नई तिथियों की घोषणा जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से की जाएगी। छात्रों से अपील की गई है कि वे नवीनतम अपडेट के लिए विश्वविद्यालय की आधिकारिक सूचना पर नजर बनाए रखें।

नागपुर एयरपोर्ट के आधुनिकीकरण से मध्य भारत की अर्थव्यवस्था को मिलेगा बड़ा बढ़ावा: नितिन गडकरी

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नागपुर- केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, नागपुर के आधुनिकीकरण और विस्तार से मध्य भारत की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। इससे क्षेत्रीय संपर्क बेहतर होगा, निवेश आकर्षित होंगे, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और विदर्भ क्षेत्र में औद्योगिक विकास को मजबूती मिलेगी।

नागपुर एयरपोर्ट को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत GMR Group को सौंपने के औपचारिक समारोह में बोलते हुए गडकरी ने कहा कि भारत के भौगोलिक केंद्र में स्थित नागपुर तेजी से व्यापार, लॉजिस्टिक्स, विनिर्माण, वाणिज्य और मल्टीमॉडल परिवहन का प्रमुख केंद्र बन रहा है। एयरपोर्ट के विस्तार और आधुनिकीकरण से इस विकास को और गति मिलेगी।

समारोह में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, रामटेक सांसद श्यामकुमार बर्वे, राज्यसभा सांसद प्रफुल्ल पटेल तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

गडकरी ने कहा कि उन्नत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा विदर्भ क्षेत्र में पर्यटन, खनन, कृषि और निर्यात आधारित उद्योगों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। बेहतर हवाई संपर्क से यात्रियों और माल परिवहन की सुविधा बढ़ेगी, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और नए व्यावसायिक अवसर पैदा होंगे।

उन्होंने नागरिक उड्डयन मंत्रालय से नागपुर को सिंगापुर और दुबई जैसे प्रमुख वैश्विक शहरों से सीधे जोड़ने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू करने का आग्रह किया। उनके अनुसार, इससे व्यापार, पर्यटन, निवेश और वैश्विक बाजारों से जुड़ाव को बढ़ावा मिलेगा।

स्थानीय उत्पादों और संस्कृति को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए गडकरी ने सुझाव दिया कि नागपुर की प्रसिद्ध ऑरेंज बर्फी और अन्य क्षेत्रीय उत्पादों को एयरपोर्ट पर प्रदर्शित किया जाए, जिससे स्थानीय उद्यमियों को नया बाजार मिलेगा और विदर्भ की सांस्कृतिक पहचान को मजबूती मिलेगी।

इस अवसर पर नितिन गडकरी, के. राममोहन नायडू और देवेंद्र फडणवीस ने संयुक्त रूप से डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नया लोगो भी लॉन्च किया, जो एयरपोर्ट के विकास के नए अध्याय का प्रतीक है।

एयरपोर्ट के दीर्घकालिक विकास कार्यक्रमों में आधुनिक कार्गो सुविधाएं, मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल (MRO) इंफ्रास्ट्रक्चर और यात्रियों के लिए उन्नत सुविधाओं का विकास शामिल है। इन पहलों से नागपुर को एक एयरपोर्ट-आधारित आर्थिक केंद्र और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।

कोल्हापुर में अमित शाह का संबोधन: सांस्कृतिक पुनर्जागरण और विकास के नए युग की शुरुआत

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केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज महाराष्ट्र के कोल्हापुर में आयोजित ‘धन्यवाद सभा’ को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित किया। इस अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।


अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने कई ऐसे कार्य पूरे किए हैं जिन्हें कभी असंभव माना जाता था। उन्होंने कहा कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम का पुनर्विकास तथा सोमनाथ मंदिर का स्वर्ण अलंकरण भारत की सांस्कृतिक विरासत के पुनर्जागरण के प्रतीक हैं।

अंबाबाई महालक्ष्मी मंदिर कॉरिडोर को मिली नई गति

अमित शाह ने कहा कि अब कोल्हापुर स्थित माता अंबाबाई महालक्ष्मी मंदिर कॉरिडोर के निर्माण कार्य की शुरुआत भी इसी सांस्कृतिक पुनर्जागरण का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि “विकास भी, विरासत भी” के मंत्र के साथ देशभर में धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों का विकास किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र सरकार द्वारा लगभग 1,500 करोड़ रुपये की लागत से अंबाबाई महालक्ष्मी मंदिर और उसके आसपास के क्षेत्र का व्यापक पुनर्विकास किया जा रहा है। यह परियोजना 28 हजार वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में विकसित की जाएगी।

आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा मंदिर परिसर

परियोजना के तहत मंदिर परिसर में AI आधारित सुरक्षा प्रणाली, LED लाइटिंग, हेरिटेज वॉक, लाइट एंड साउंड शो, बहुउद्देश्यीय सभागार, अन्नछत्र, पुलिस स्टेशन और श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। साथ ही आसपास स्थित 41 छोटे-बड़े प्राचीन मंदिरों के संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

मोदी सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियां गिनाईं

अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में देश के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने का नया रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत के इतिहास में ये 12 वर्ष विकास, सांस्कृतिक जागरण, राष्ट्रीय सुरक्षा और वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा के रूप में याद किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने ग्रामीण विकास, शहरी विकास, कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने, सेमीकंडक्टर, क्वांटम इंजीनियरिंग, डेटा सेंटर और नई तकनीकों के क्षेत्र में भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का काम किया है। साथ ही चंद्रयान-3 की सफलता और चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर ‘शिव शक्ति पॉइंट’ की स्थापना को भारत के गौरव का प्रतीक बताया।

मुख्य बातें

  • कोल्हापुर में अमित शाह ने ‘धन्यवाद सभा’ को किया संबोधित।

  • अंबाबाई महालक्ष्मी मंदिर कॉरिडोर परियोजना को बताया सांस्कृतिक पुनर्जागरण का हिस्सा।

  • ₹1,500 करोड़ की लागत से होगा मंदिर और आसपास के क्षेत्र का विकास।

  • मंदिर परिसर में आधुनिक सुविधाओं और हेरिटेज संरक्षण पर विशेष जोर।

  • मोदी सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों और सांस्कृतिक विरासत संरक्षण का उल्लेख।


महाराष्ट्र में PMAY-G के तहत 5 लाख घरों के गृह प्रवेश, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दी ₹8,368 करोड़ की सहायता और कई विकास परियोजनाओं की सौगात

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केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज महाराष्ट्र के सतारा स्थित सैनिक स्कूल मैदान में आयोजित “प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण (PMAY-G) लाभार्थी सम्मेलन एवं महा आवास अभियान राज्य स्तरीय पुरस्कार वितरण समारोह” में 5 लाख पूर्ण ग्रामीण आवासों के गृह प्रवेश समारोह का उद्घाटन किया। उन्होंने 5 लाभार्थियों को घर की चाबियाँ सौंपी तथा ग्रामीण विकास को नई गति देने वाले कई महत्वपूर्ण निर्णयों की घोषणा की। इस अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज मंत्री जयकुमार गोरे, पर्यटन, खनन एवं पूर्व सैनिक कल्याण मंत्री तथा सतारा के पालक मंत्री शंभूराज देसाई, लोक निर्माण मंत्री शिवेंद्रसिंहराजे भोसले, राहत एवं पुनर्वास मंत्री मकरंद जाधव (पाटिल), राज्य मंत्री (ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज) योगेश कदम तथा स्थानीय सांसद श्रीमंत छत्रपति उदयनराजे भोसले उपस्थित रहे।

अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि देश में कोई भी गरीब कच्चे घर में न रहे और हर पात्र परिवार को सम्मानजनक पक्का आवास मिले। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र ने PMAY-G के क्रियान्वयन में उल्लेखनीय कार्य किया है और रिकॉर्ड समय में 5 लाख घर पूरे कर सुशासन, संवेदनशीलता और परिणाम-आधारित प्रशासन का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।

 शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए महाराष्ट्र को ₹8,368.50 करोड़ की केंद्रीय सहायता जारी करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस राशि से राज्य में ग्रामीण गरीबों के लिए आवास निर्माण में तेजी आएगी और “आवास-विहीन ग्रामीण महाराष्ट्र” के लक्ष्य को मजबूती मिलेगी।

उन्होंने यह भी कहा कि जिन पात्र परिवारों का नाम सूची में नहीं आ सका है, उनके लिए सर्वे और सत्यापन के बाद आगे भी आवास उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने दोहराया कि सरकार का उद्देश्य केवल घर बनाना नहीं, बल्कि ग्रामीण जीवन स्तर को बिजली, पानी, स्वच्छता और सम्मानजनक जीवन के साथ समग्र रूप से सुधारना है।

केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV के तहत महाराष्ट्र के लिए ₹122.98 करोड़ की 35 सड़क परियोजनाओं को भी स्वीकृति प्रदान की। इन परियोजनाओं से 95.99 किलोमीटर सड़क निर्माण होगा, जिससे 35 ग्रामीण बस्तियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी और शिक्षा, स्वास्थ्य तथा बाजार जैसी सुविधाओं तक पहुंच आसान होगी।

“महा आवास अभियान” के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिलों और अधिकारियों को सम्मानित करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जब राजनीतिक इच्छाशक्ति, प्रशासनिक दक्षता और जनकल्याण की भावना एक साथ आती है, तब विकास अभियान जनआंदोलन बन जाते हैं।

उन्होंने “विकसित भारत जी-रैम-जी योजना” का उल्लेख करते हुए कहा कि यह पहल 1 जुलाई से शुरू होगी और गांवों के समग्र व योजनाबद्ध विकास की मजबूत नींव बनेगी। इसके तहत ग्राम पंचायतें स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार विकास योजना तैयार करेंगी, जिससे बुनियादी ढांचे, सार्वजनिक सुविधाओं और आजीविका के अवसरों में तेजी आएगी।

किसानों से जुड़े मुद्दों पर बोलते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री ने प्याज किसानों को बड़ी राहत दी। उन्होंने कहा कि बढ़ी हुई उत्पादन और निर्यात संबंधी परिस्थितियों के कारण बाजार कीमतों पर असर पड़ा है, इसलिए आज से ही NAFED ₹12.35 प्रति किलोग्राम की दर से प्याज की खरीद शुरू करेगा, जिससे किसानों को तुरंत सहायता मिल सके।

उन्होंने गन्ना किसानों की समस्याओं पर भी केंद्र और महाराष्ट्र सरकार के संयुक्त प्रयासों से समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसान उसकी आत्मा हैं।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय मंत्री चौहान के सहयोग से महाराष्ट्र को 30 लाख घरों की मंजूरी मिली है, जिनमें से 5 लाख घर रिकॉर्ड समय में पूरे किए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लक्ष्य रखती है कि महाराष्ट्र को आवास-विहीन राज्य बनाया जाए।

इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, लाभार्थी और बड़ी संख्या में ग्रामीण नागरिक उपस्थित रहे।

केंद्रीय सचिव अभिलक्ष लिखी ने रायगढ़ में अलंकरणीय मत्स्य ब्रूड बैंक का दौरा किया

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अभिलक्ष लिखी, सचिव, मत्स्य पालन विभाग, मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय, भारत सरकार ने महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के मंगरूल गांव में स्थापित अलंकरणीय मत्स्य ब्रूड बैंक का दौरा किया। यह ब्रूड बैंक यशोधरा संजय खंडागले द्वारा प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) के तहत स्थापित किया गया है। दौरे के बाद केंद्रीय सचिव ने पीएमएमएसवाई के लाभार्थियों से संवाद कर जमीनी स्तर पर मौजूद चुनौतियों और कमियों की जानकारी ली।

केंद्रीय सचिव द्वारा दौरा किया गया यह ब्रूड बैंक भारत में अपनी तरह की पहली पहल है, जहां 25 से अधिक प्रजातियों की अलंकरणीय मछलियों का संरक्षण और प्रजनन किया जाता है। यशोधरा संजय खंडागले ने अपने ब्रांड “Sam Discus” को देश में उच्च गुणवत्ता वाली डिस्कस मछलियों के प्रमुख उत्पादकों में स्थापित किया है। इस ब्रूड बैंक ने 20 प्रजातियों की लगभग 7.7 लाख अलंकरणीय मछलियों का उत्पादन किया है, जिससे लगभग 1.93 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ तथा 25–30 लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं।

700 से अधिक टैंकों से सुसज्जित यह केंद्र कौशल विकास, रोजगार सृजन और सर्वोत्तम प्रक्रियाओं को अपनाने में भी सहयोग करता है तथा अलंकरणीय मत्स्य क्षेत्र के निर्यात को बढ़ावा देता है। यह ब्रूड बैंक नियामकीय मानकों का पालन करता है और GAIS तथा NFDP जैसी सरकारी योजनाओं के अंतर्गत कवर है। यहां से अलंकरणीय मछलियों का निर्यात अमेरिका, इटली, फ्रांस, मॉरीशस, दक्षिण कोरिया, कतर, कुवैत, मलेशिया, चीन, उज्बेकिस्तान, नाइजीरिया और इज़राइल सहित कई देशों में किया जाता है। यह मत्स्य क्षेत्र में नवाचार, सतत विकास और वृद्धि को बढ़ावा देने में सरकारी सहायता के प्रभावी उपयोग को दर्शाता है।

भारत में लगभग 700 स्वदेशी मीठे पानी की तथा 300 से अधिक समुद्री प्रजातियां उपलब्ध हैं, जो विशाल संसाधन क्षमता को दर्शाती हैं। भारत से अलंकरणीय मत्स्य निर्यात का अनुमान लगभग 41 करोड़ रुपये है, जो इस क्षेत्र के बढ़ते आर्थिक योगदान को दर्शाता है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत अलंकरणीय मत्स्य पालन भारत में एक उच्च संभावनाओं वाले क्षेत्र के रूप में उभर रहा है, जिसे समृद्ध जैव विविधता तथा घरेलू और वैश्विक मांग का समर्थन प्राप्त है।

पीएमएमएसवाई के अंतर्गत अब तक 1,986 बैकयार्ड अलंकरणीय मछली पालन इकाइयों, 6,018 फिश कियोस्क एवं एक्वेरियम, तथा 117 खुदरा बाजारों को सहायता प्रदान की गई है, जिनमें विशेष अलंकरणीय मछली एवं एक्वेरियम बाजार भी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त पांच मीठे पानी के अलंकरणीय मछली ब्रूड बैंक और 199 एकीकृत अलंकरणीय मछली इकाइयां स्थापित की गई हैं, जिससे उत्पादन, विपणन और आजीविका के अवसरों को मजबूती मिली है।

भारत सरकार के मत्स्य पालन विभाग ने देशभर में 34 मत्स्य उत्पादन एवं प्रसंस्करण क्लस्टरों को अधिसूचित किया है, जिनमें तमिलनाडु के मदुरै में अलंकरणीय मत्स्य क्लस्टर भी शामिल है।

महाराष्ट्र का मत्स्य क्षेत्र समुद्री और अंतर्देशीय दोनों संसाधनों के कारण मजबूत स्थिति में है। राज्य की 877.97 किलोमीटर लंबी तटरेखा, 173 मत्स्य अवतरण केंद्र और 526 मत्स्य गांव 15 लाख से अधिक मत्स्यजीवियों को आजीविका प्रदान करते हैं। वर्ष 2022–23 में राज्य में लगभग 5.9 लाख टन मछली उत्पादन हुआ। अंतर्देशीय मत्स्य पालन 4.10 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फैला है, जिसमें जलाशय, नदियां, तालाब और खारे पानी के क्षेत्र शामिल हैं। ब्लू रिवोल्यूशन और पीएमएमएसवाई जैसी योजनाओं के माध्यम से महाराष्ट्र ने मत्स्य पालन, हैचरी, केज कल्चर, बुनियादी ढांचे और मत्स्यजीवियों के कल्याण में उल्लेखनीय प्रगति की है।

यह दौरा अलंकरणीय मत्स्य क्षेत्र को और अधिक सशक्त एवं प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, क्योंकि इससे जमीनी स्तर का आकलन, हितधारकों की भागीदारी और लक्षित नीतिगत सहायता को बढ़ावा मिलेगा।

महाराष्ट्र में लॉजिस्टिक्स को डिजिटल बनाने के लिए NLDSL और राज्य सरकार के बीच MoU हस्ताक्षरित

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मुंबई: NICDC Logistics Data Services Limited (NLDSL) और Government of Maharashtra ने 16 अप्रैल 2026 को महाराष्ट्र में लॉजिस्टिक्स प्रणाली को डिजिटल बनाने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इस पहल के तहत यूनिफाइड लॉजिस्टिक्स इंटरफेस प्लेटफॉर्म (ULIP) का उपयोग किया जाएगा।

इस सहयोग का उद्देश्य लॉजिस्टिक्स संचालन में पारदर्शिता बढ़ाना, विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और रियल-टाइम डेटा के माध्यम से निर्णय प्रक्रिया को सशक्त बनाना है।

यह MoU महाराष्ट्र सरकार के उद्योग निदेशालय द्वारा आयोजित ULIP कार्यशाला के दौरान हस्ताक्षरित किया गया, जिसमें 10 से अधिक राज्य विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यशाला में MSMEs और छोटे निर्यातकों के लिए लॉजिस्टिक्स से जुड़ी समस्याओं के समाधान पर चर्चा की गई।

कार्यक्रम में NLDSL की प्रमुख डिजिटल पहल—लॉजिस्टिक्स डेटा बैंक (LDB), कोयला शक्ति डैशबोर्ड, “ट्रैक योर ट्रांसपोर्ट” और ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (TMS)—का लाइव प्रदर्शन भी किया गया।

यह पहल रजत कुमार सैनी (सीईओ एवं एमडी, NICDC) के नेतृत्व में की जा रही है। MoU पर महाराष्ट्र सरकार के विकास आयुक्त दीपेंद्र सिंह कुशवाह और NLDSL के सीईओ तकायुकी कानो ने हस्ताक्षर किए।

इस पहल के तहत एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किया जाएगा, जिससे लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में पारदर्शिता, दक्षता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा, जो ‘विकसित भारत’ के विजन को समर्थन देगा।

ULIP एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो विभिन्न सरकारी प्रणालियों से लॉजिस्टिक्स डेटा को API के माध्यम से जोड़ता है। वर्तमान में यह 11 केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों के 45 सिस्टम को 137 APIs के जरिए जोड़ चुका है।

National Industrial Corridor Development Corporation (NICDC) देश में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए स्मार्ट इंडस्ट्रियल सिटी और बुनियादी ढांचे का विकास कर रहा है। इसके तहत ‘भारत औद्योगिक विकास योजना (BHAVYA)’ के अंतर्गत 100 औद्योगिक पार्क विकसित किए जाने हैं।

यह पहल भारत के लॉजिस्टिक्स सेक्टर को आधुनिक, कुशल और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बालासाहेब ठाकरे की जन्म शताब्दी पर दी श्रद्धांजलि, महाराष्ट्र की राजनीति को आकार देने वाले महान नेता को किया याद

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नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महान जननेता बालासाहेब ठाकरे की जन्म शताब्दी के अवसर पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री ने बालासाहेब ठाकरे को महाराष्ट्र के सामाजिक और राजनीतिक परिदृश्य को गहराई से प्रभावित करने वाली एक प्रभावशाली और प्रेरणादायक शख्सियत बताया।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बालासाहेब ठाकरे अपनी तेज़ बुद्धि, ओजस्वी वक्तृत्व कला और अडिग सिद्धांतों के लिए जाने जाते थे। उनके विचारों और व्यक्तित्व का जनता के साथ एक विशेष और सीधा जुड़ाव था, जो उन्हें एक असाधारण जननेता बनाता है।

प्रधानमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि राजनीति के अलावा बालासाहेब ठाकरे को संस्कृति, साहित्य और पत्रकारिता के प्रति गहरा लगाव था। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक कार्टूनिस्ट के रूप में की थी, जहाँ उनके चित्र समाज पर उनकी पैनी नज़र और विभिन्न मुद्दों पर निर्भीक टिप्पणी को दर्शाते थे। उनके कार्टून उस दौर की सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियों का सशक्त प्रतिबिंब हुआ करते थे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बालासाहेब ठाकरे का संपूर्ण जीवन महाराष्ट्र के विकास और प्रगति के लिए समर्पित रहा। उनके विचार और दृष्टिकोण आज भी शासन, समाज और युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर भी अपने विचार साझा करते हुए लिखा—

“महान बालासाहेब ठाकरे की जन्म शताब्दी पर हम एक ऐसी महान विभूति को नमन करते हैं, जिन्होंने महाराष्ट्र के सामाजिक और राजनीतिक परिदृश्य को गहराई से आकार दिया।

अपनी तीक्ष्ण बुद्धि, प्रभावशाली वक्तृत्व और अडिग विचारों के लिए प्रसिद्ध बालासाहेब ठाकरे का जनता से एक अनूठा जुड़ाव था। राजनीति के साथ-साथ उन्हें संस्कृति, साहित्य और पत्रकारिता से गहरा प्रेम था। एक कार्टूनिस्ट के रूप में उनका करियर समाज पर उनकी पैनी दृष्टि और विभिन्न विषयों पर उनकी निर्भीक टिप्पणी को दर्शाता है।

हम महाराष्ट्र की प्रगति के लिए उनके दृष्टिकोण से अत्यंत प्रेरित हैं और उसे साकार करने के लिए सदैव प्रयासरत रहेंगे।”

प्रधानमंत्री के इस संदेश से यह स्पष्ट होता है कि बालासाहेब ठाकरे की विरासत केवल राजनीति तक सीमित नहीं रही, बल्कि उन्होंने समाज, संस्कृति और विचारधारा के स्तर पर भी गहरी छाप छोड़ी है।

महाराष्ट्र के ग्रामीण स्थानीय निकायों को XV वित्त आयोग के तहत ₹717.17 करोड़ की पहली किस्त जारी

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केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र के ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए XV वित्त आयोग के तहत ₹717.17 करोड़ की राशि जारी की है। यह राशि वित्त वर्ष 2025-26 के लिए पहली किस्त के रूप में अनटाइड ग्रांट के रूप में जारी की गई है। यह धनराशि राज्य के विधिवत निर्वाचित और पात्र ग्रामीण स्थानीय निकायों को जारी की गई है, जिसमें 2 जिला परिषदें, 15 पंचायत समितियाँ और 26,544 ग्राम पंचायतें शामिल हैं।

भारत सरकार, पंचायती राज मंत्रालय और जल शक्ति मंत्रालय (पेयजल एवं स्वच्छता विभाग) के माध्यम से ग्रामीण स्थानीय निकायों (RLBs)/ पंचायती राज संस्थाओं (PRIs) के लिए XV वित्त आयोग अनुदान की अनुशंसा करती है, जिसे बाद में वित्त मंत्रालय द्वारा जारी किया जाता है। आवंटित अनुदान वित्त वर्ष में दो किस्तों में अनुशंसित और जारी किया जाता है।

अनटाइड ग्रांट्स का उपयोग RLBs/ PRIs द्वारा संविधान की ग्यारहवीं अनुसूची में वर्णित 29 विषयों के अंतर्गत स्थानीय आवश्यकताओं को पूरा करने हेतु किया जाएगा, सिवाय वेतन और अन्य स्थापना व्यय के।

टाइड ग्रांट्स का उपयोग निम्नलिखित बुनियादी सेवाओं के लिए किया जा सकता है:

(a) स्वच्छता और ODF (खुले में शौच मुक्त) स्थिति के रखरखाव के लिए, जिसमें घरेलू कचरे का प्रबंधन, मानव अपशिष्ट और फीकल स्लज प्रबंधन शामिल है, तथा
(b) पेयजल की आपूर्ति, वर्षा जल संचयन और जल पुनर्चक्रण।


कर्नाटक और महाराष्ट्र को SDRF की दूसरी किस्त के रूप में 1,950.80 करोड़ रुपये जारी — केंद्र सरकार द्वारा बाढ़ और आपदा राहत में समर्थन

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केंद्रीय गृह मंत्री और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 2025-26 के लिए केंद्र द्वारा SDRF की दूसरी किस्त के तहत 1,950.80 करोड़ रुपये कर्नाटक और महाराष्ट्र को अग्रिम जारी करने को मंजूरी दी है। इसमें से कर्नाटक के लिए 384.40 करोड़ रुपये और महाराष्ट्र के लिए 1,566.40 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, ताकि इन राज्यों में इस वर्ष की दक्षिण-पश्चिम मानसून में अत्यधिक भारी वर्षा और बाढ़ से प्रभावित लोगों को तत्काल राहत प्रदान की जा सके।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में, केंद्र सरकार बाढ़, भूस्खलन और बादल फटने जैसी आपदाओं से प्रभावित राज्यों को सम्पूर्ण सहायता प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

इस वर्ष, केंद्र ने पहले ही 27 राज्यों को SDRF के तहत 13,603.20 करोड़ रुपये और 15 राज्यों को NDRF के तहत 2,189.28 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इसके अतिरिक्त, राज्य आपदा शमन कोष (SDMF) से 21 राज्यों को 4,571.30 करोड़ रुपये और राष्ट्रीय आपदा शमन कोष (NDMF) से 09 राज्यों को 372.09 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।

केंद्र सरकार ने बाढ़, भूस्खलन और बादल फटने से प्रभावित राज्यों को सभी लॉजिस्टिक सहायता, जिसमें आवश्यक NDRF टीमें, सेना की टीमें और वायु सेना का समर्थन शामिल है, भी प्रदान किया है। इस वर्ष की मानसून में, 30 राज्यों/संघ शासित प्रदेशों में 199 NDRF टीमों को बचाव और राहत कार्यों के लिए तैनात किया गया।

नारायणपुर-अबूझमाड़ को महाराष्ट्र से जोड़ेगा नेशनल हाईवे 130-डी

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कुतुल से नीलांगुर महाराष्ट्र बॉर्डर तक एनएच-130-डी का होगा निर्माण

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास की गति तेज करने के लिए सरकार सतत प्रयासरत – मुख्यमंत्री साय

रायपुर- बस्तर अंचल को महाराष्ट्र से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 130-डी के निर्माण को नई गति मिली है। छत्तीसगढ़ शासन ने कुतुल से नीलांगुर (महाराष्ट्र सीमा) तक 21.5 किलोमीटर हिस्से के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है। इस सड़क के निर्माण के लिए न्यूनतम टेंडर देने वाले ठेकेदार से अनुबंध की प्रक्रिया शर्तों सहित पूरी करने के निर्देश लोक निर्माण विभाग मंत्रालय द्वारा प्रमुख अभियंता, राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र रायपुर को दिए गए हैं। कुल तीन खंडों में निर्मित होने वाले 21.5 किलोमीटर सड़क के निर्माण हेतु लगभग 152 करोड़ रुपए न्यूनतम टेंडर दर प्राप्त हुई है, जिसे छत्तीसगढ़ शासन ने मंजूरी प्रदान कर दी है।

यह उल्लेखनीय है कि कुतुल, नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र में स्थित है और कुतुल से महाराष्ट्र सीमा पर स्थित नीलांगुर की दूरी 21.5 किलोमीटर है। यह नेशनल हाईवे 130-डी का हिस्सा है। इस सड़क का निर्माण टू-लेन पेव्ड शोल्डर सहित किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि एनएच-130डी राष्ट्रीय राजमार्ग है, जिसकी कुल लंबाई लगभग 195 किलोमीटर है। यह एनएच-30 का शाखा मार्ग (स्पर रूट) है। यह कोण्डागांव से शुरू होकर नारायणपुर, कुतुल होते हुए नीलांगुर (महाराष्ट्र सीमा) तक जाता है। आगे महाराष्ट्र में यह बिंगुंडा, लहरे, धोदराज, भमरगढ़, हेमा, लकासा होते हुए आलापल्ली तक पहुँचता है, जहाँ यह एनएच-353डी से जुड़ जाता है। इस मार्ग के विकसित होने से बस्तर क्षेत्र सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क से जुड़ जाएगा और व्यापार, पर्यटन एवं सुरक्षा को बड़ी मजबूती प्राप्त होगी।

नेशनल हाईवे 130-डी का कोण्डागांव से नारायणपुर तक का लगभग 50 किमी हिस्सा निर्माणाधीन है। नारायणपुर से कुतुल की दूरी 50 किमी है और वहाँ से महाराष्ट्र सीमा स्थित नीलांगुर तक 21.5 किमी की दूरी है। इस राष्ट्रीय राजमार्ग की कुल लंबाई 195 किमी है, जिसमें से लगभग 122 किमी का हिस्सा कोण्डागांव-नारायणपुर से कुतुल होते हुए नीलांगुर तक छत्तीसगढ़ राज्य में आता है। इस सड़क के बन जाने से बस्तर अंचल को महाराष्ट्र से सीधा और मजबूत सड़क संपर्क मिलेगा तथा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षित एवं सुगम यातायात सुविधा सुलभ हो सकेगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के सहयोग से इस नेशनल हाईवे के अबूझमाड़ इलाके में स्थित हिस्से के लिए फॉरेस्ट क्लियरेंस और निर्माण की अनुमति प्राप्त हुई, जिससे इस महत्वाकांक्षी परियोजना के निर्माण का रास्ता खुल गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग 130-डी केवल सड़क नहीं बल्कि बस्तर अंचल की प्रगति का मार्ग है। हमारी सरकार ने इस परियोजना को तेजी देने के लिए लगातार प्रयास किए हैं। इस सड़क से बस्तर के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। यह सड़क न केवल छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र को जोड़ेगी, बल्कि बस्तर अंचल के सामाजिक एवं आर्थिक विकास में भी अहम भूमिका निभाएगी। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास की गति तेज करने के लिए यह परियोजना मील का पत्थर साबित होगी।

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