Media24Media.com: ऑपरेशन सिंदूर की सफलता में स्वदेशी रक्षा तकनीक की अहम भूमिका: संजय सेठ

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ऑपरेशन सिंदूर की सफलता में स्वदेशी रक्षा तकनीक की अहम भूमिका: संजय सेठ

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 “भारत की सैन्य शक्ति हमारे रक्षा उद्योगों के कारखानों में गढ़ी जाती है,” यह बात रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कही। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का श्रेय सशस्त्र बलों के अदम्य साहस और दृढ़ संकल्प को दिया, जिसे स्वदेशी अत्याधुनिक हथियारों और प्रणालियों की प्रभावशीलता ने और मजबूत किया।

5 मई 2026 को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आयोजित नॉर्थ टेक संगोष्ठी को संबोधित करते हुए उन्होंने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम को भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ और स्टार्ट-अप्स को देश का ब्रांड एंबेसडर बताया। उन्होंने कहा, “हमारे स्टार्ट-अप्स और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम भविष्य की वृद्धि के प्रमुख चालक हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के विजन को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। वे हमारे युग के विश्वकर्मा हैं।”

रक्षा राज्य मंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान आतंकवादी ठिकानों को नष्ट कर भारत के दुश्मनों की साजिशों को विफल करने के लिए सशस्त्र बलों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ उपकरणों का प्रभावी उपयोग सरकार, रक्षा सार्वजनिक उपक्रमों, निजी क्षेत्र, नवोन्मेषकों, स्टार्ट-अप्स और MSMEs के आत्मनिर्भर रक्षा क्षेत्र के संकल्प का प्रमाण है।

उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड रक्षा उत्पादन और निर्यात के आंकड़े ‘नए भारत’ के उदय का प्रमाण हैं, जो अपनी क्षमताओं को मजबूत कर राष्ट्रीय हितों की रक्षा करता है। “यह नया भारत किसी पर बुरी नजर नहीं डालता, लेकिन अपनी संप्रभुता को खतरा पहुंचाने वालों को नजरअंदाज भी नहीं करता,” उन्होंने जोड़ा।

तकनीक के तेजी से बदलते स्वरूप पर जोर देते हुए उन्होंने उद्योगों से नवाचार करने और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच तकनीकी रूप से आगे रहने का आह्वान किया। उन्होंने रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए सरकार की पहलों का उल्लेख किया और उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के प्रभाव की सराहना की।

इस अवसर पर सेंट्रल कमांड के जीओसी-इन-सी लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता ने उद्योगों से उभरते क्षेत्रों में सेना की जरूरतों को पूरा करने के लिए सहयोग करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता से रणनीतिक स्वायत्तता, तकनीकी संप्रभुता और परिचालन दक्षता बढ़ेगी।

तीन दिवसीय नॉर्थ टेक संगोष्ठी 2026 का आयोजन भारतीय सेना के नॉर्दर्न और सेंट्रल कमांड तथा SIDM द्वारा ‘रक्षा त्रिवेणी संगम - जहां तकनीक, उद्योग और सैनिक एक साथ आते हैं’ थीम पर किया गया है। इस कार्यक्रम का उद्घाटन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 4 मई 2026 को किया। इसमें 284 स्टॉल लगे हैं, जहां निजी रक्षा निर्माता अत्याधुनिक तकनीकों का प्रदर्शन कर रहे हैं।

कार्यक्रम में UAVs, ड्रोन, काउंटर-UAV, ऑल टेरेन व्हीकल्स, निगरानी उपकरण और अन्य रक्षा उत्पादों के प्रदर्शन भी शामिल हैं।

इस दौरान नॉर्दर्न कमांड के जीओसी-इन-सी लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा, 1 कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल वी हरिहरन, SIDM के अध्यक्ष अरुण टी रामचंदानी सहित उद्योग जगत, स्टार्ट-अप्स और अकादमिक क्षेत्र के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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