Media24Media.com: उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने आईआईएमटी यूनिवर्सिटी, मेरठ के दीक्षांत समारोह को संबोधित किया

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उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने आईआईएमटी यूनिवर्सिटी, मेरठ के दीक्षांत समारोह को संबोधित किया

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भारत के उपराष्ट्रपतिसी. पी. राधाकृष्णन ने आज आईआईएमटी यूनिवर्सिटी, मेरठ के तृतीय दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि यह अवसर केवल शैक्षणिक यात्रा का समापन नहीं, बल्कि राष्ट्र-निर्माण के प्रति आजीवन प्रतिबद्धता की शुरुआत है।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि छात्र एक ऐसे भारत में कदम रख रहे हैं जो तेजी से बदल रहा है और अवसरों से भरपूर है। उन्होंने वर्तमान समय को देश के इतिहास का एक महत्वपूर्ण दौर बताया, जो परिवर्तनकारी बुनियादी ढांचे और विकास पहलों से चिह्नित है।

उन्होंने इस वर्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटित नमो भारत ट्रेन और मेरठ मेट्रो का उल्लेख करते हुए कहा कि ये आधुनिक, कुशल और टिकाऊ कनेक्टिविटी के उदाहरण हैं, जो छात्रों और पेशेवरों के लिए नए अवसर खोल रहे हैं।

“विकसित भारत” के दृष्टिकोण पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि यह एक राष्ट्रीय मिशन है, जिसमें युवाओं की ऊर्जा, रचनात्मकता और प्रतिबद्धता आवश्यक है। उन्होंने कहा कि “आत्मनिर्भर भारत” की भावना इस परिवर्तनकारी यात्रा का मूल है।

छात्रों को उनकी जिम्मेदारियों का एहसास कराते हुए उपराष्ट्रपति ने राष्ट्र-निर्माण में योगदान देने, ईमानदारी, अनुशासन और सेवा के मूल्यों को अपनाने तथा विकास को समावेशी, सतत और भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा बनाए रखने पर बल दिया।

उन्होंने छात्रों को व्यक्तिगत सफलता से आगे सोचने और अपनी आकांक्षाओं को राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के साथ जोड़ने की सलाह दी। उन्होंने उन्हें नौकरी खोजने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनने के लिए प्रेरित किया। साथ ही नवाचार को अपनाने, स्थानीय उद्योगों को समर्थन देने और स्वदेशी समाधान को बढ़ावा देने का आह्वान किया।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि “विकसित भारत @ 2047” का दृष्टिकोण केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य अंतिम गांव और अंतिम व्यक्ति तक समावेशी विकास पहुंचाना है।

उन्होंने यह भी कहा कि दीक्षांत समारोहों में महिलाएं लगातार अधिक संख्या में सम्मान और पदक प्राप्त कर रही हैं, जो एक सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन का संकेत है। यह परिवर्तन उनकी दृढ़ता, अनुशासन और सहयोगी वातावरण का परिणाम है और भविष्य की पीढ़ियों को एक अधिक समावेशी और प्रगतिशील भारत की ओर प्रेरित कर रहा है।

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार में पशुपालन एवं डेयरी विकास मंत्री धर्मपाल सिंह, राज्यसभा सांसद लक्ष्मीकांत बाजपेयी, योगेश मोहन गुप्ता सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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