Media24Media.com: वैज्ञानिकों ने विकसित किया दिमाग की तरह काम करने वाला ‘न्यूरोमॉर्फिक सेंसर’, नमी के अनुसार करेगा प्रतिक्रिया

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वैज्ञानिकों ने विकसित किया दिमाग की तरह काम करने वाला ‘न्यूरोमॉर्फिक सेंसर’, नमी के अनुसार करेगा प्रतिक्रिया

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नई दिल्ली- भारतीय वैज्ञानिकों ने एक ऐसा अत्याधुनिक ‘न्यूरोमॉर्फिक सेंसर’ विकसित किया है, जो मानव मस्तिष्क की तरह पर्यावरणीय बदलाव—विशेष रूप से नमी (ह्यूमिडिटी)—के प्रति प्रतिक्रिया दे सकता है। यह सेंसर एक ही डिवाइस में जानकारी को महसूस (sensing), प्रोसेस (processing) और संग्रहित (storage) करने में सक्षम है, जिससे पारंपरिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की तुलना में ऊर्जा खपत और डेटा प्रोसेसिंग की जरूरत काफी कम हो सकती है।

आज के समय में बढ़ती ऊर्जा खपत और डेटा प्रोसेसिंग की चुनौतियों के कारण न्यूरोमॉर्फिक इलेक्ट्रॉनिक्स का महत्व तेजी से बढ़ रहा है, खासकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एज कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में।

जवाहरलाल नेहरू सेंटर फॉर एडवांस्ड साइंटिफिक रिसर्च (JNCASR), जो विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के अंतर्गत एक स्वायत्त संस्थान है, के शोधकर्ताओं ने यह अनोखा सेंसर विकसित किया है। यह सेंसर 1D सुप्रामॉलिक्यूलर नैनोफाइबर्स पर आधारित है और एक ही प्लेटफॉर्म पर सेंसिंग तथा ‘सिनैप्स’ जैसी सूचना प्रोसेसिंग को एकीकृत करता है।

इस शोध की प्रेरणा मेंढक—विशेष रूप से क्रिकेट फ्रॉग—के व्यवहार से ली गई है, जो नमी और प्रकाश के प्रति अत्यधिक संवेदनशील होता है। इसी तरह यह सेंसर भी नमी के स्तर में बदलाव के अनुसार प्रतिक्रिया देता है और पहले के संकेतों को “याद” भी रख सकता है।

शोधकर्ताओं तेजस्विनी एस. राव और सुकन्या बरुआह ने विशेष नैनोफाइबर्स विकसित कर इस डिवाइस को तैयार किया। इसे एक नियंत्रित नमी वाले वातावरण में परीक्षण किया गया, जहां विभिन्न स्तरों की नमी पर इसके व्यवहार का अध्ययन किया गया। सेंसर ने ‘सिनैप्टिक’ प्रतिक्रियाएं जैसे फेसीलिटेशन, डिप्रेशन और मेटाप्लास्टिसिटी प्रदर्शित कीं, जो मानव मस्तिष्क की कार्यप्रणाली से मेल खाती हैं।

इस सेंसर की खास बात यह है कि यह नमी के बदलाव को महसूस करने के साथ-साथ उसी समय उसे प्रोसेस और स्टोर भी कर सकता है। यह विशेषता इसे पारंपरिक सेंसर से अलग बनाती है, जहां ये तीनों कार्य अलग-अलग घटकों में होते हैं।

शोधकर्ताओं के अनुसार, “यह पहली बार है जब किसी न्यूरोमॉर्फिक डिवाइस में नमी को मुख्य संकेत के रूप में इस्तेमाल कर सिनैप्टिक व्यवहार को प्रदर्शित किया गया है।”

भविष्य में यह तकनीक स्मार्ट पर्यावरण निगरानी प्रणालियों, हेल्थकेयर डिवाइसेस, पहनने योग्य सेंसर (wearables) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित एज कंप्यूटिंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। यह नवाचार ऊर्जा-कुशल और पर्यावरण के अनुकूल अगली पीढ़ी की तकनीकों के विकास में भी मददगार साबित होगा।

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