Media24Media.com: भारतीय रेल ने 2025–26 में माल ढुलाई का नया रिकॉर्ड बनाया, 1670 मिलियन टन परिवहन के साथ ऐतिहासिक उपलब्धि

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भारतीय रेल ने 2025–26 में माल ढुलाई का नया रिकॉर्ड बनाया, 1670 मिलियन टन परिवहन के साथ ऐतिहासिक उपलब्धि

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भारतीय रेल ने वर्ष 2025–26 में माल परिवहन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए नया कीर्तिमान स्थापित किया है, जिससे देश की लॉजिस्टिक्स प्रणाली की रीढ़ के रूप में उसकी भूमिका और मजबूत हुई है। यह उपलब्धि परिचालन दक्षता में सुधार, क्षमता विस्तार और अर्थव्यवस्था के प्रमुख क्षेत्रों द्वारा रेल परिवहन पर बढ़ते भरोसे को दर्शाती है।

माल ढुलाई में वृद्धि से बढ़ती लॉजिस्टिक्स मांग का संकेत

वर्ष 2025–26 के दौरान भारतीय रेल ने रिकॉर्ड 1670 मिलियन टन (MT) माल का परिवहन किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3.25% अधिक है। इसके साथ ही, संभाले गए वैगनों की संख्या में भी 4.56% की वृद्धि दर्ज की गई, जो 2024–25 के 2,79,12,271 से बढ़कर 2025–26 में 2,91,86,475 हो गई। यह लगातार बढ़ती माल ढुलाई विश्वसनीय, किफायती और कुशल लॉजिस्टिक्स समाधान की बढ़ती मांग को दर्शाती है, जिससे रेल परिवहन बल्क वस्तुओं के लिए एक पसंदीदा माध्यम बनता जा रहा है।

उर्वरक और इस्पात क्षेत्र से तेज वृद्धि

इस वृद्धि में उर्वरक (13.49%) और ‘पिग आयरन एवं स्टील’ (13.11%) क्षेत्रों का प्रमुख योगदान रहा। यह देशभर में कृषि इनपुट की बढ़ती मांग और इस्पात उद्योग में निरंतर विस्तार को दर्शाता है।

आयरन ओरे और सीमेंट से बुनियादी ढांचे को मजबूती

बुनियादी ढांचा से जुड़े प्रमुख क्षेत्रों ने भी इस गति को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आयरन ओरे का परिवहन 6.74% बढ़कर 190.12 मिलियन टन तक पहुंच गया, जबकि सीमेंट लोडिंग 4.74% बढ़कर 157.17 मिलियन टन हो गई। यह देशभर में जारी निर्माण और आधारभूत ढांचा विकास गतिविधियों को दर्शाता है।

सभी रेलवे जोनों में संतुलित वृद्धि

वर्ष 2025–26 में विभिन्न रेलवे जोनों में संतुलित वृद्धि देखने को मिली। दक्षिण पश्चिम रेलवे (SWR) ने 14.89% की सर्वाधिक वृद्धि दर्ज की। इसके अलावा, उत्तर मध्य रेलवे (12.62%), ईस्ट कोस्ट रेलवे (10.42%) और पश्चिम मध्य रेलवे (10.06%) ने भी दोहरे अंकों की वृद्धि हासिल की। अन्य जोनों—पूर्वी रेलवे, पूर्व मध्य रेलवे, उत्तर पूर्व रेलवे, पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे, उत्तर पश्चिम रेलवे, दक्षिण मध्य रेलवे, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, दक्षिणी रेलवे और पश्चिमी रेलवे—ने भी सकारात्मक वृद्धि दर्ज की। यह व्यापक सुधार देशभर में माल ढुलाई क्षमता के सुदृढ़ होने और संतुलित क्षेत्रीय विकास को दर्शाता है।

आर्थिक विकास में रेल की महत्वपूर्ण भूमिका

माल ढुलाई और आय में यह निरंतर वृद्धि भारतीय रेल की भारत के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करती है। किफायती, विश्वसनीय और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन माध्यम प्रदान करते हुए रेलवे लॉजिस्टिक्स लागत को कम करने, सड़कों पर भीड़ घटाने और एक हरित एवं कुशल परिवहन प्रणाली के निर्माण में योगदान दे रहा है।

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