Media24Media.com: भारत–न्यूज़ीलैंड मुक्त व्यापार समझौता: व्यापार, निवेश और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे

Responsive Ad Slot

Latest

latest


 

भारत–न्यूज़ीलैंड मुक्त व्यापार समझौता: व्यापार, निवेश और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे

Document Thumbnail

भारत और न्यूज़ीलैंड ने आज नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में भारत–न्यूज़ीलैंड मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वैश्विक आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इस समझौते पर केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और न्यूज़ीलैंड के व्यापार एवं निवेश मंत्री टॉड मैक्ले ने हस्ताक्षर किए।

न्यूज़ीलैंड के मंत्री टॉड मैक्ले ने इसे “एक पीढ़ी में एक बार मिलने वाला अवसर” बताते हुए कहा कि यह समझौता निर्यात को बढ़ावा देगा, रोजगार सृजित करेगा और दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को नई मजबूती देगा। उन्होंने भारतीय प्रवासी समुदाय और दोनों देशों के बीच मजबूत सांस्कृतिक एवं खेल संबंधों का भी उल्लेख किया।

वहीं, पीयूष गोयल ने कहा कि यह समझौता विकसित देशों के साथ भारत की आर्थिक साझेदारी में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। उन्होंने बताया कि यह समझौता किसानों, महिलाओं, युवाओं, कारीगरों और उद्यमियों को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। इस समझौते के तहत न्यूज़ीलैंड की ओर से भारत में लगभग 20 अरब डॉलर के निवेश की संभावना जताई गई है।

यह FTA भारत के “विकसित भारत 2047” विजन के अनुरूप है और पिछले कुछ वर्षों में भारत द्वारा किए गए प्रमुख व्यापार समझौतों में शामिल है। इस समझौते के लागू होने के बाद भारत को न्यूज़ीलैंड के बाजार में 100% ड्यूटी-फ्री एक्सेस मिलेगा, जिससे MSME सेक्टर और श्रम-प्रधान उद्योगों को बड़ा लाभ होगा।

समझौते के तहत भारत ने लगभग 70% टैरिफ लाइनों पर रियायत दी है, जबकि संवेदनशील क्षेत्रों जैसे डेयरी, कृषि उत्पाद और कुछ औद्योगिक वस्तुओं को संरक्षण दिया गया है। इससे घरेलू उद्योगों और किसानों के हित सुरक्षित रहेंगे।

कृषि क्षेत्र में उत्पादकता बढ़ाने के लिए दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ेगा। सेब, कीवी और मनुका शहद जैसे उत्पादों के आयात के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं, जिससे संतुलन बना रहे।

सेवा क्षेत्र में भारत को 118 सेक्टरों में बाजार पहुंच मिलेगी, जिसमें आईटी, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और वित्तीय सेवाएं शामिल हैं। साथ ही, भारतीय पेशेवरों के लिए 5000 विशेष वीज़ा का प्रावधान किया गया है, जिससे रोजगार और अंतरराष्ट्रीय अनुभव के अवसर बढ़ेंगे।

छात्रों के लिए भी यह समझौता लाभकारी है। अब भारतीय छात्रों को न्यूज़ीलैंड में पढ़ाई के दौरान काम करने और पढ़ाई के बाद नौकरी के अधिक अवसर मिलेंगे। युवाओं के लिए वर्किंग हॉलिडे वीज़ा की सुविधा भी दी गई है।

यह समझौता MSME, स्टार्टअप, महिला उद्यमियों और नवाचार को बढ़ावा देगा। साथ ही, भारत के फार्मास्यूटिकल और मेडिकल डिवाइस सेक्टर को न्यूज़ीलैंड के बाजार में आसान प्रवेश मिलेगा।

बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) के तहत भारतीय भौगोलिक संकेत (GI) उत्पादों को भी न्यूज़ीलैंड में मान्यता मिलने का रास्ता साफ होगा।

यह समझौता व्यापार प्रक्रियाओं को आसान बनाने, लागत कम करने और पारदर्शिता बढ़ाने पर भी जोर देता है। सीमा शुल्क निकासी को तेज किया जाएगा और डिजिटल सिस्टम को बढ़ावा मिलेगा।

सांस्कृतिक और पारंपरिक ज्ञान के क्षेत्र में भी यह समझौता ऐतिहासिक है। AYUSH और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को वैश्विक पहचान दिलाने में यह अहम भूमिका निभाएगा।

कुल मिलाकर, यह समझौता भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच व्यापार, निवेश, रोजगार और सांस्कृतिक सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में दोनों देशों की साझेदारी को मजबूत करेगा।

Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.