Media24Media.com: डिजिटल युग में विज्ञापन में पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी

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डिजिटल युग में विज्ञापन में पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी

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“विज्ञापन का उद्देश्य केवल पहुंच बढ़ाना नहीं, बल्कि विश्वास बनाना होना चाहिए,” सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव संजय जाजू ने आज मुंबई में आयोजित AdTrust Summit 2026 में मुख्य वक्तव्य देते हुए कहा। उन्होंने भारत में एक जिम्मेदार, पारदर्शी और विश्वसनीय विज्ञापन पारिस्थितिकी तंत्र की आवश्यकता पर जोर दिया, खासकर ऐसे समय में जब यह क्षेत्र तेजी से विस्तार और प्रभाव में बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र का विकास जारी रहना चाहिए, लेकिन विशेष रूप से डिजिटल क्षेत्र में जवाबदेही भी जरूरी है। मंत्रालय का दृष्टिकोण विश्वास निर्माण, विकास को समर्थन और जिम्मेदारी सुनिश्चित करने पर केंद्रित है।

AdTrust Summit 2026 के पहले संस्करण का आयोजन एडवरटाइजिंग स्टैंडर्ड्स काउंसिल ऑफ इंडिया (ASCI) द्वारा किया गया, जिसमें विज्ञापन, मीडिया, तकनीक और सरकार के प्रतिनिधियों ने जिम्मेदार विज्ञापन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। चर्चाओं का केंद्र उभरते रुझान, कानूनी ढांचे और नई तकनीकों का विज्ञापन प्रथाओं पर प्रभाव रहा।

संजय जाजू ने कहा कि विज्ञापन केवल एक व्यावसायिक गतिविधि नहीं है, बल्कि यह बाजारों को आकार देता है, ब्रांड बनाता है, उपभोक्ताओं को जानकारी देता है, संस्कृति को दर्शाता है और आकांक्षाओं को प्रभावित करता है। भारत जैसे तेजी से डिजिटल हो रहे देश में विज्ञापन नवाचार, आर्थिक गतिविधि, कंटेंट निर्माण और समावेशन का एक महत्वपूर्ण चालक बन गया है। डिजिटल प्लेटफॉर्म और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब ब्रांड, स्टार्टअप, स्थानीय व्यवसायों और कंटेंट क्रिएटर्स को बड़े पैमाने पर दर्शकों तक पहुंचने में सक्षम बना रहे हैं।

हालांकि, उन्होंने डिजिटल विज्ञापन से जुड़े जोखिमों—जैसे वित्तीय धोखाधड़ी, भ्रामक निवेश प्रचार और फर्जी नौकरी के ऑफर—पर भी चिंता जताई, जो अक्सर कमजोर वर्गों को निशाना बनाते हैं। उन्होंने कहा कि वाणिज्यिक अभिव्यक्ति अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हिस्सा है, लेकिन भ्रामक और धोखेबाज विज्ञापनों को नियंत्रित किया जाना चाहिए।

सम्मेलन में एआई की भूमिका, डीपफेक, डार्क पैटर्न और एंटी-इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग जैसे उभरते मुद्दों पर भी चर्चा हुई। संजय जाजू ने विज्ञापनदाताओं से केवल पहुंच नहीं बल्कि विश्वसनीयता पर ध्यान देने का आग्रह किया और कंटेंट क्रिएटर्स व इन्फ्लुएंसर्स से प्रामाणिकता बनाए रखने तथा भ्रामक प्रचार से बचने की अपील की।

उन्होंने जिम्मेदार विज्ञापन के लिए पांच प्रमुख सिद्धांत भी बताए:

  1. सत्यता हर संचार में अनिवार्य होनी चाहिए

  2. विज्ञापन, प्रायोजन और प्रचार संबंधों में पारदर्शिता जरूरी है

  3. हर सामग्री के निर्माण और प्रस्तुति में जिम्मेदारी होनी चाहिए

  4. कमजोर वर्गों, विशेषकर बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए

  5. जवाबदेही के साथ नवाचार, ताकि तकनीकी और रचनात्मक प्रगति विश्वास को मजबूत करे

इस अवसर पर संजय जाजू ने ASCI की सचिव जनरल एवं सीईओ मनीषा कपूर, मैडिसन के चेयरमैन सैम बलसारा, ASCI के चेयरमैन एवं पिडिलाइट इंडस्ट्रीज के एमडी सुधांशु वात्स, ASCI बोर्ड सदस्य प्रवीण त्रिपाठी तथा खैतान एंड कंपनी के पार्टनर्स ईशान जोहरी और तनु बनर्जी के साथ मिलकर “Ad Law Compendium” का शुभारंभ किया। यह विज्ञापन कानूनों और नियमों पर एक व्यावहारिक मार्गदर्शिका के रूप में कार्य करेगा, जिससे उद्योग में जागरूकता और अनुपालन को बढ़ावा मिलेगा।

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण सचिव ने विज्ञापन उद्योग के हितधारकों—ASCI नेतृत्व, मार्केटर्स, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और कानूनी विशेषज्ञों—के साथ एक बैठक भी की।

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