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केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने BIRAC–RDI फंड के तहत पहली राष्ट्रीय कॉल की घोषणा की, जैव प्रौद्योगिकी नवाचार को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम

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केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज BIRAC–RDI फंड के तहत पहली राष्ट्रीय कॉल की घोषणा की, जो सरकार के ₹1 लाख करोड़ के अनुसंधान, विकास और नवाचार (RDI) पहल के तहत उच्च प्रभाव वाली जैव प्रौद्योगिकी नवाचारों को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि यह पहल विज्ञान आधारित विकास के प्रति भारत के दृष्टिकोण में निर्णायक बदलाव को दर्शाती है और यह संकेत देती है कि भारत अब उभरती तकनीकों में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए तैयार है।

डॉ. सिंह ने कहा कि पिछले दशक में भारत जैव प्रौद्योगिकी क्षेत्र में नीति संकोच से नीति तेज़ी की ओर बढ़ा है। उन्होंने बताया कि 2014 में लगभग 50 बायोटेक स्टार्टअप से बढ़कर आज 11,000 से अधिक हो गए हैं, जो इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर विस्तार को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि जैव प्रौद्योगिकी अगली औद्योगिक क्रांति का प्रमुख चालक बनेगी और भारत पहले ही अंतरिक्ष जैव प्रौद्योगिकी जैसे उभरते क्षेत्रों में प्रवेश कर चुका है।

बीआईआरएसी के प्रबंध निदेशक डॉ. जितेंद्र कुमार ने बताया कि BIRAC–RDI फंड के तहत अगले पांच वर्षों में ₹2,000 करोड़ का निवेश किया जाएगा। भारत की जैव-अर्थव्यवस्था 2012 में 28 अरब डॉलर से बढ़कर 2024 में 165.7 अरब डॉलर हो गई है, जिसका लक्ष्य 2030 तक 300 अरब डॉलर और 2047 तक 1 ट्रिलियन डॉलर करना है।

इस फंड के तहत स्टार्टअप, एसएमई और उद्योग भागीदार 31 मार्च 2026 तक आवेदन कर सकते हैं।



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