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कोयंबटूर में स्वास्थ्य क्षेत्र के दो बड़े कार्यक्रमों में उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन शामिल, ‘स्वस्थ भारत–विकसित भारत’ पर दिया जोर

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कोयंबटूर- भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने आज तमिलनाडु के कोयंबटूर में आयोजित दो प्रमुख स्वास्थ्य कार्यक्रमों में भाग लिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के स्वास्थ्य क्षेत्र में हो रहे परिवर्तन को रेखांकित किया।

उपराष्ट्रपति ने कोवाई मेडिकल सेंटर एंड हॉस्पिटल (केएमसीएच) में केएमसीएच इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरोसाइंसेज एवं ओपीडी ब्लॉक तथा केएमसीएच मेडिकल कॉलेज पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट का उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने कोडिसिया हॉल, कोयंबटूर में आयोजित रामकृष्णा हॉस्पिटल के स्वर्ण जयंती समारोह और रामकृष्णा डेंटल कॉलेज एंड हॉस्पिटल की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।

दोनों कार्यक्रमों को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि ये संस्थान गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सा शिक्षा और करुणा के उत्कृष्ट उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवा केवल एक सेवा क्षेत्र नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का मिशन है।

उन्होंने सरकार की पहलों के साथ तालमेल बिठाने में निजी स्वास्थ्य संस्थानों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया और कहा कि सरकारी संस्थानों के साथ-साथ विश्वसनीय निजी चिकित्सा संस्थान ‘स्वस्थ भारत’ और ‘विकसित भारत @2047’ की दिशा में देश की यात्रा में अहम भूमिका निभाएंगे।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधार हो रहे हैं। उन्होंने आयुष्मान भारत योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह दुनिया की सबसे बड़ी सरकारी स्वास्थ्य बीमा योजना बन चुकी है, जिससे लगभग 50 करोड़ नागरिकों को मुफ्त इलाज की सुविधा मिली है और गरीब परिवारों पर आर्थिक बोझ कम हुआ है। साथ ही, देशभर में स्थापित स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों ने निवारक और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती दी है, जिसमें मानसिक स्वास्थ्य, बुजुर्गों की देखभाल और गैर-संचारी रोगों का प्रबंधन भी शामिल है।

चिकित्सा पेशेवरों की कमी पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह एक राष्ट्रीय प्राथमिकता है। पिछले एक दशक में एमबीबीएस सीटों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और वर्ष 2029 तक 75,000 और सीटें जोड़ने की योजना है। उन्होंने बताया कि पिछले दस वर्षों में देशभर में 300 से अधिक नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए गए हैं, जिससे चिकित्सा शिक्षा महानगरों से बाहर तक पहुंची है।

केएमसीएच इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरोसाइंसेज के उद्घाटन के दौरान उपराष्ट्रपति ने कहा कि न्यूरोलॉजिकल बीमारियां वैश्विक स्तर पर एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बन रही हैं। अत्याधुनिक न्यूरो-नेविगेशन और रोबोटिक सर्जरी सुविधाओं से युक्त यह संस्थान समय की जरूरत को पूरा करने वाला एक दूरदर्शी कदम है।

रामकृष्णा हॉस्पिटल के स्वर्ण जयंती समारोह में उपराष्ट्रपति ने वर्ष 2016 में बनाए गए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड की सराहना की, जब केवल आठ घंटे में 13,206 अंगदान प्रतिज्ञाएं एकत्र की गई थीं।

भारतीय सभ्यतागत सोच का उल्लेख करते हुए सी. पी. राधाकृष्णन ने कहा कि भारत में सदैव अच्छे स्वास्थ्य को सबसे बड़ा धन माना गया है। उन्होंने दोहराया कि “स्वस्थ भारत ही विकसित भारत की नींव है” और स्वास्थ्य पर होने वाले खर्च को लागत नहीं, बल्कि देश के भविष्य में निवेश के रूप में देखा जाना चाहिए।

उपराष्ट्रपति ने दोनों कार्यक्रमों के दौरान लोगों से संवाद किया और सभी को पोंगल पर्व की शुभकामनाएं भी दीं।

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