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स्वच्छ गंगा मिशन को गति: राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन की 67वीं कार्यकारी समिति में बड़े शोध व प्रदूषण नियंत्रक प्रोजेक्ट्स को मंजूरी

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राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (NMCG) की 67वीं कार्यकारी समिति (EC) की बैठक का आयोजन महानिदेशक राजीव कुमार मितल की अध्यक्षता में किया गया। बैठक में गंगा नदी के पुनर्जीवन, प्रदूषण नियंत्रण, वैज्ञानिक शोध, यमुना नदी के संरक्षण और दिल्ली के स्कूलों में जन-जागरूकता को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

बैठक में डब्ल्यूआर मंत्रालय, एनएमसीजी और विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

वैज्ञानिक शोध आधारित नदी संरक्षण पर जोर

EC ने कई बड़े शोध परियोजनाओं को मंजूरी दी, जिनका उद्देश्य गंगा बेसिन में वैज्ञानिक समझ को मजबूत कर डेटा-आधारित योजना को बढ़ावा देना है। मंजूर परियोजनाओं में शामिल हैं—

  • हिमालयी गंगा हेडस्ट्रीम ग्लेशियरों की मॉनिटरिंग

  • गंगा का डिजिटल ट्विन विकसित करना

  • 1,100 किमी में SONAR आधारित नदी तल सर्वे (बिजनौर से बलिया तक)

  • पुरातन पेलियो-चैनल्स के जरिए ग्राउंडवॉटर रिचार्ज

  • ऐतिहासिक मानचित्रों का डिजिटाइजेशन और जियोस्पेशल डेटाबेस

ये परियोजनाएँ AI, रिमोट सेंसिंग और हाइड्रोलॉजिकल मॉडलिंग को river basin प्रबंधन में जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

पश्चिम बंगाल में बड़ा शहरी प्रदूषण नियंत्रण प्रोजेक्ट मंजूर

सिलीगुड़ी में महाआनंदा नदी के प्रदूषण नियंत्रण के लिए ₹361.86 करोड़ की परियोजना को मंजूरी:

  • 25 इंटरसेप्शन एवं डायवर्ज़न संरचनाएँ

  • 4 लिफ्टिंग स्टेशन

  • 27 MLD और 22 MLD क्षमता के दो STP

  • HAM आधारित PPP मॉडल पर क्रियान्वयन

इससे शहरी स्वच्छता में व्यापक सुधार होगा और नदी में प्रदूषण भार कम होगा।


यमुना के लिए कोरोनेशन पिलर STP से सुरक्षित निस्तारण

EC ने दिल्ली के कोरोनेशन पिलर STP से उपचारित अपशिष्ट जल को सुरक्षित रूप से यमुना नदी तक ले जाने की परियोजना को मंजूरी दी। परियोजना में शामिल होंगे—

  • जहांगिरपुरी ड्रेन से अवैध सीवेज टैपिंग

  • नए पंपिंग स्टेशन

  • राइजिंग मेन और RCC चैनल

  • ट्रस ब्रिज

  • ट्रिटेड वाटर की सुरक्षित डिलीवरी

यह यमुना एक्शन प्लान को मजबूत करेगा।

 "यूथ फॉर गंगा–यमुना" पहल को मंजूरी

₹39.37 लाख की इस परियोजना के तहत—

  • दिल्ली–NCR के 200+ स्कूलों में 2.5 लाख से अधिक बच्चों को जागरूक किया जाएगा

  • "रिवर यूथ क्लब" बनाए जाएंगे

  • जल संरक्षण पर व्यवहारिक परिवर्तन को बढ़ावा दिया जाएगा



निष्कर्ष

इन सभी अनुमोदनों के साथ, EC ने—

  • नदी संरक्षण को वैज्ञानिक शोध आधारित दिशा

  • प्रदूषण नियंत्रण को मजबूत आधार

  • जल प्रबंधन प्रणाली में सुधार

  • युवा जागरूकता को नया आयाम

प्रदान किया है।
यह गंगा और यमुना दोनों की पुनर्जीवन पहलों को गति देने वाला महत्वपूर्ण कदम है।

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