Media24Media.com: नानदमाली शाला में शिक्षक पदस्थापना से बच्चों की शिक्षा गुणवत्ता में सुधार

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नानदमाली शाला में शिक्षक पदस्थापना से बच्चों की शिक्षा गुणवत्ता में सुधार

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रायपुर-प्राथमिक शाला नानदमाली में विद्यार्थियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए राज्य सरकार ने युक्तियुक्तकरण के तहत अतिरिक्त शिक्षकों की पदस्थापना की है, जिससे विद्यालय का शैक्षणिक वातावरण पूरी तरह बदल गया है। शिक्षक पदस्थापना से बच्चों की शिक्षा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, जिसकी अभिभावकों ने सराहना की है।

विद्यालय की वर्तमान स्थिति:

सरगुजा जिले के नानदमाली प्राथमिक शाला में वर्तमान में 123 विद्यार्थी दर्ज हैं। पहले शिक्षकों की कमी के कारण पढ़ाई प्रभावित हो रही थी, लेकिन नवीन पदस्थापना के बाद अब विद्यालय में कुल 5 शिक्षक उपलब्ध हैं:

  • प्रधान पाठक: पुष्पा बड़ा

  • सहायक शिक्षक: दीनानाथ कैवर्त

  • सहायक शिक्षक: पुष्पा पंडो

  • सहायक शिक्षक: हरी चंद पटेल

  • सहायक शिक्षक (युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया): नीलिमा सिंह

इन शिक्षकों के चलते प्रत्येक कक्षा में विद्यार्थियों को पर्याप्त समय और व्यक्तिगत मार्गदर्शन मिल रहा है, जिससे उनकी सीखने की क्षमता में सुधार देखा जा रहा है।

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में बड़ा कदम:

पांचों शिक्षक अब बच्चों की शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर करने में सक्रिय हैं। कक्षाओं में शिक्षक-छात्र अनुपात संतुलित होने से पढ़ाई अधिक व्यवस्थित और सरल ढंग से संचालित हो रही है। बच्चों को अब व्यक्तिगत मार्गदर्शन और पर्याप्त समय मिल रहा है।

अभिभावकों की प्रतिक्रिया:

अभिभावकों ने शिक्षक पदस्थापना और युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया की सराहना की है। उनका कहना है कि पहले कक्षाओं में शिक्षकों की कमी से पढ़ाई अधूरी रह जाती थी, लेकिन अब परिस्थितियां पूरी तरह बदल गई हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की इस पहल से न केवल विद्यार्थियों का शैक्षणिक स्तर सुधर रहा है, बल्कि पूरे गांव का शैक्षिक वातावरण सकारात्मक बन रहा है।

सरकारी पहल:

प्रदेश सरकार राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के मानकों के अनुरूप हर विद्यालय में शिक्षक-छात्र अनुपात संतुलित रखने के लिए लगातार कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में ग्रामीण अंचलों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

निष्कर्ष:

युक्तियुक्तकरण के तहत शिक्षक पदस्थापना से नानदमाली शाला में बच्चों की शिक्षा गुणवत्ता में सुधार आया है और यह ग्रामीण शिक्षा में सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


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