Media24Media.com: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने अहमदाबाद में डायल 112 के अंतर्गत जनरक्षक परियोजनाओं का किया उद्घाटन

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केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने अहमदाबाद में डायल 112 के अंतर्गत जनरक्षक परियोजनाओं का किया उद्घाटन

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अहमदाबाद- केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज अहमदाबाद, गुजरात में डायल 112 के अंतर्गत शुरू किए जा रहे जनरक्षक प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया। इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और गृह राज्य मंत्री हर्ष सांघवी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि राज्य सरकार के गृह विभाग ने गुजरात की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए '112 जनरक्षक' परियोजना के रूप में ऐतिहासिक कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि '112 जनरक्षक' परियोजना के उद्घाटन के साथ ही गुजरात पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन द्वारा 217 करोड़ रुपये की लागत से बने नए आवास और कार्यालयों का उद्घाटन किया गया और 1000 पुलिस वाहनों के बेड़े को भी हरी झंडी दिखाई गई। शाह ने कहा कि उनके लिए विशेष महत्व की बात यह है कि मानसा थाने को बीआईएस प्रमाणन प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि उनका जन्म मानसा में हुआ, वे वहीं पले-बढ़े और वहीं से वे गुजरात और देश की राजनीति में योगदान देने में सक्षम बने, इसलिए उनके लिए यह खुशी की बात है कि मानसा थाने को बीआईएस प्रमाणन मिला है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि '112' परियोजना देश की आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने, नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करने, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आपात स्थिति में समय पर सहायता प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी पहल है। उन्होंने खुशी व्यक्त की कि आज गुजरात 'डायल 112 जनरक्षक' के नक्शे पर अपनी जगह दर्ज कर रहा है। उन्होंने कहा कि अब तक अलग-अलग टोल-फ्री नंबर जैसे पुलिस के लिए 100, एम्बुलेंस के लिए 108, फायर सर्विस के लिए 101, महिला हेल्पलाइन के लिए 181, चाइल्ड हेल्पलाइन के लिए 1098, और आपदा प्रबंधन के लिए 1070 व 1077 जैसी उलझनों से लोग भ्रमित होते थे। लेकिन अब लोग सिर्फ एक नंबर 112 डायल करके आपदा प्रबंधन, चाइल्ड हेल्पलाइन, महिला हेल्पलाइन, फायर सर्विस, एम्बुलेंस और पुलिस सहायता जैसी किसी भी सुरक्षा सेवा को बहुत कम समय में प्राप्त कर सकेंगे।

अमित शाह ने कहा कि सभी प्रकार की सेवाओं का संचालन अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर से चलने वाले एक उच्च स्तरीय कंट्रोल रूम से किया जाएगा और जीपीएस युक्त वाहन एक वैज्ञानिक प्रणाली के तहत काम करेंगे। उन्होंने कहा कि इन वाहनों में 108 एम्बुलेंस का बड़ा बेड़ा शामिल है, जो कॉल करने वाले व्यक्ति का स्थान पता करेगा और निकटतम पुलिस, एम्बुलेंस या फायर ब्रिगेड वाहन को जानकारी भेजेगा। श्री शाह ने कहा कि यह गुजरात सरकार द्वारा न्यू एज स्मार्ट पुलिसिंग सिस्टम की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है। यह परियोजना अहमदाबाद में स्टेट इमरजेंसी रिस्पॉन्स सेंटर के माध्यम से संचालित होगी, जिसे केंद्रीय रूप से प्रबंधित किया जाएगा और 24x7 चलाया जाएगा। 150 सीटों की क्षमता वाला यह कॉल सेंटर हर पल सतर्क रहेगा और एकीकृत प्रणाली के माध्यम से सभी सेवाओं से जुड़ा रहेगा। उन्होंने कहा कि डायल 112 जनरक्षक पीसीआर वैन का बेड़ा, जिसमें कुल 1000 वाहन शामिल हैं, आज से ही जनता की सेवा में लगाया जाएगा। गुजरात सरकार इस परियोजना के संचालन पर प्रति वर्ष 92 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इन वाहनों में लाइट बार, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, एमडीटी वायरलेस सेट, लोकेशन ट्रैकर जैसी सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इनके प्रभावी उपयोग के लिए प्रशिक्षित स्टाफ की भी व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पूरे भारत में स्मार्ट पुलिसिंग का आह्वान, गुजरात ने इस उन्नत तकनीक के साथ उत्कृष्ट रूप से लागू किया है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि गुजरात पुलिस हाउसिंग बोर्ड ने पुलिस, होमगार्ड और जेल कर्मचारियों के कार्य और निवास के लिए 217 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न परियोजनाओं का निर्माण किया है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में, इन इमारतों में उपलब्ध बेहतर सुविधाओं के साथ, पुलिसकर्मी, होमगार्ड जवान और जेल कर्मचारी गुजरात की जनता की और अधिक प्रभावी ढंग से सेवा कर सकेंगे।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि गुजरात देश के सबसे संवेदनशील सीमा राज्यों में से एक है। देश की उत्तरी सीमा से लेकर गुजरात तक पूरा सीमावर्ती क्षेत्र कई दृष्टिकोणों से संवेदनशील है। चाहे गुजरात का समुद्र तट हो, कच्छ की सीमा हो या बनासकांठा की सीमा – सभी क्षेत्रों में सुरक्षा का विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टी के शासनकाल में गुजरात की सीमाओं से देश की सुरक्षा पर सवाल खड़े करने वाली कई घटनाएं हुईं। लेकिन उनकी पार्टी के सत्ता में आने के बाद और खासकर जबसे नरेंद्र मोदी मुख्यमंत्री बने, गुजरात सरकार ने राज्य की सीमाओं को दुश्मनों के लिए अभेद्य बनाने का काम किया है।

 अमित शाह ने कहा कि गुजरात इस बात का सर्वोत्तम उदाहरण है कि यदि सुशासन से प्रेरित नेतृत्व शासन की बागडोर संभाले तो कितना परिवर्तन संभव है। उन्होंने कहा कि आज गुजरात ने न केवल सीमा सुरक्षा और आंतरिक सुरक्षा को मजबूत किया है, बल्कि आतंकवाद, मादक पदार्थ, साइबर अपराध जैसे विभिन्न अपराधों पर भी प्रभावी रोक लगाई है। उन्होंने कहा कि मोदी जी द्वारा गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में रखी गई राह को वर्तमान मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल और गृह राज्य मंत्री श्री हर्ष सांघवी ने आगे बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकारों ने गुजरात को देश का सबसे सुरक्षित राज्य बनाने में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।

अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 11 साल के कार्यकाल में, यह न केवल भारत में बल्कि पूरी दुनिया में स्थापित हो गया है कि भारत की सेना और उसकी सीमाओं से छेड़छाड़ नहीं की जा सकती। उन्होंने याद दिलाया कि विपक्षी पार्टी के शासनकाल में देश के विभिन्न हिस्सों में बार-बार बम धमाके होते थे और केंद्र सरकार की ओर से कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं दी जाती थी। राज्य सरकारों द्वारा कुछ कार्रवाई को छोड़कर कोई और कदम नहीं उठाया गया। लेकिन मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने के बाद, जब भी पाकिस्तान ने उरी, पुलवामा और पहलगाम जैसे बड़े हमले किए, मोदी सरकार ने हर बार पाकिस्तान को करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि पहली बार सर्जिकल स्ट्राइक के जरिए, दूसरी बार एयर स्ट्राइक से और जब तब भी सुधार नहीं हुआ, तो तीसरी बार आतंकवादियों के ठिकानों को ऑपरेशन सिंदूर के जरिए पाकिस्तान की सीमा से 100 किलोमीटर अंदर जाकर नष्ट कर दिया गया। श्री शाह ने कहा कि भारत ने दुनिया को कड़ा संदेश दिया है कि वह आत्मरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और अपने नागरिकों और सीमाओं की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जाएगा। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने आतंक घटनाओं के मास्टरमाइंड्स को सबक सिखाया और ऑपरेशन महादेव के जरिए पहलगाम हमले को अंजाम देने वाले सभी तीन पाकिस्तानी आतंकवादियों को मार गिराया गया।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में देश के प्रधानमंत्री और गुजरात के गौरव पुत्र श्री नरेंद्र मोदी जी ने 'आतंकवाद के प्रति शून्य सहिष्णुता' की नीति को न केवल सैद्धांतिक रूप से बल्कि वास्तविकता में भी लागू किया है। उन्होंने कहा कि चाहे देश का उत्तर-पूर्वी क्षेत्र हो, नक्सल प्रभावित क्षेत्र हो या कश्मीर – मोदी सरकार ने इन सभी तीन हॉटस्पॉट्स में आतंकवादियों और सशस्त्र समूहों को सबक सिखाया है। उत्तर-पूर्व में 10,000 से अधिक उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। उन्होंने एक बार फिर विश्वास व्यक्त किया कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद पूरी तरह देश से समाप्त कर दिया जाएगा – यही मोदी सरकार का संकल्प है।

जनरक्षक प्रोजेक्ट्स के उद्घाटन समारोह से पहले केंद्रीय गृह मंत्री ने अहमदाबाद में विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लिया। उन्होंने चांदलोडिया वार्ड में अर्बन हेल्थ सेंटर का उद्घाटन किया और रानीप, स्टेडियम और घाटलोडिया वार्ड में वृक्षारोपण किया। इसके अलावा, केंद्रीय गृह मंत्री ने अहमदाबाद शहर की कुलदेवी श्री भद्रकाली माताजी के प्राचीन मंदिर में दर्शन-पूजन किया और टोरेंट ग्रुप-यूएनएम फाउंडेशन द्वारा पुनर्विकसित 'सरदार बाग' का उद्घाटन किया।


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