Media24Media.com: #अमित शाह

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ममता के गढ़ में अमित शाह की हुंकार: बोले- चुनाव तक 15 दिन यहीं डेरा डालूंगा

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 कोलकाता। अमित शाह ने पश्चिम बंगाल में सियासी तापमान बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री Mamata Banerjee के गढ़ में जोरदार हुंकार भरी। उन्होंने कहा कि आगामी चुनावों के मद्देनज़र वह 15 दिनों तक राज्य में ही रहकर पार्टी के पक्ष में माहौल बनाएंगे।


शाह ने अपने संबोधन में राज्य की सत्तारूढ़ सरकार पर निशाना साधते हुए कानून-व्यवस्था और विकास के मुद्दों को उठाया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर तक मजबूती के साथ काम करने की अपील की और विश्वास जताया कि इस बार चुनाव में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।

गृह मंत्री के इस बयान को भाजपा की आक्रामक चुनावी रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी पश्चिम बंगाल में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में है।

वहीं, तृणमूल कांग्रेस की ओर से भी इस बयान पर पलटवार की संभावना जताई जा रही है, जिससे राज्य में सियासी घमासान और तेज हो सकता है।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के रायपुर में तीन दिवसीय 60वीं DGP/IGP कॉफ्रेंस का उद्घाटन किया

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रायपुर। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के रायपुर में तीन दिवसीय 60वीं DGsP/IGsP कॉफ्रेंस का उद्घाटन किया। अपने सम्बोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में DGP/IGP कॉफ्रेंस समस्याओं के समाधान, चुनौतियों और रणनीतियों से नीति निर्धारण तक, देश की आंतरिक सुरक्षा के समाधान का फोरम बन कर उभरी है।

गृह मंत्री ने नक्सलवाद के समूल नाश के खिलाफ उठाए गए मोदी सरकार के एक्शनेबल प्वाइंट का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने विगत 7 वर्षों में 586 फोर्टिफाइड पुलिस स्टेशन बनाकर सुरक्षा घेरे को मजबूत बनाया है और इसी का परिणाम है कि 2014 में नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या 126 थी जो आज घटकर सिर्फ 11 रह गई है। 

केन्द्रीय गृह मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि अगली DGsP/IGsP कॉन्फ्रेंस से पहले देश नक्सलवाद की समस्या से पूर्णतः मुक्त हो जाएगा। अमित शाह ने कहा कि पिछले 40 साल से देश नक्सलवाद की समस्या का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि देश के लिए नासूर बने 3 हॉटस्पॉट - नक्सलवाद, नार्थ-ईस्ट और जम्मू-कश्मीर - की समस्या के निराकरण के लिए मोदी सरकार ने स्थायी समाधान दिया है और जल्द ही ये देश के बाकी हिस्सों जैसे बन जाएंगे। 

गृह मंत्री ने मोदी सरकार की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कहा कि नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) कानूनों को सुदृढ़ बनाया गया, तीन नए आपराधिक कानूनों के साथ ही नारकोटिक्स

बस्तर स्वदेशी मेला में होंगे अमित शाह शामिल, स्वदेशी उत्पादों को देंगे बढ़ावा

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 रायपुर। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भाजपा जिला कार्यालय एकात्म परिसर में आयोजित पंडित दीनदयाल उपाध्याय जयंती और आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान कार्यशाला में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने स्वदेशी वस्तुओं को बढ़ावा देने, रास-गरबा विवाद और कांग्रेस-NSUI के धरने पर अपनी बात रखी।


स्वदेशी वस्तुओं को बढ़ावा

डिप्टी सीएम शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने जानकारी दी कि आगामी स्वदेशी मेला में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह भी शामिल होंगे। शाह 4 अक्टूबर को बस्तर दौरे के दौरान मेले में शिरकत करेंगे और लोगों से स्वदेशी उत्पाद अपनाने का आह्वान करेंगे।

रास-गरबा विवाद पर बयान

रास-गरबा में गैर हिंदुओं के प्रवेश पर उठे विवाद को लेकर शर्मा ने कहा, “यह कोई डांस प्रोग्राम नहीं, बल्कि पूजा की पद्धति है। जिन्हें हिंदू धर्म पर आस्था नहीं है, उन्हें इसमें शामिल नहीं होना चाहिए। आयोजकों को भी इसकी सुनिश्चितता करनी चाहिए।”

ड्रग्स के खिलाफ जंग: अमित शाह ने शुरू किया ऑनलाइन ड्रग डिस्पोज़ल अभियान

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गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने दूसरे राष्ट्रीय एएनटीएफ प्रमुख सम्मेलन का किया उद्घाटन, एनसीबी वार्षिक रिपोर्ट 2024 जारी और ऑनलाइन ड्रग डिस्पोज़ल अभियान लॉन्च

नई दिल्ली में 16-17 सितंबर 2025 को आयोजित एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) प्रमुखों के दूसरे राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की वार्षिक रिपोर्ट 2024 जारी की और ऑनलाइन ड्रग डिस्पोज़ल अभियान की शुरुआत की। सम्मेलन में 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के एएनटीएफ प्रमुखों सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “नशा मुक्त भारत” के संकल्प को तभी सफलता मिलेगी जब केंद्र और राज्यों की सभी एजेंसियाँ इसे अपना संकल्प बनाएँ। उन्होंने युवाओं को नशे से बचाने को विकसित भारत 2047 की आधारशिला बताते हुए कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई को अब और तेज करना होगा।

गृह मंत्री ने ज़ोर दिया कि छोटे पैमाने के ड्रग पैडलर्स तक सीमित रहने के बजाय, अब तीन स्तरों पर कार्टेल्स को निशाना बनाना होगा – प्रवेश बिंदुओं पर सक्रिय, राज्यों तक वितरण करने वाले और राज्यों के भीतर छोटे नेटवर्क में नशा बेचने वाले। उन्होंने एएनटीएफ प्रमुखों से उन्नत तकनीकों जैसे डार्कनेट विश्लेषण, क्रिप्टोकरेंसी ट्रैकिंग, लॉजिस्टिक्स व फाइनेंशियल फ्लो एनालिसिस, और मशीन लर्निंग मॉडल्स को अपनाने का आग्रह किया।

अमित शाह ने बताया कि नशा मुक्त भारत अभियान फिलहाल 372 जिलों में सक्रिय है, जिसमें 10 करोड़ लोग और 3 लाख शिक्षण संस्थान जुड़े हैं। उन्होंने इसे हर जिले और संस्थान तक पहुँचाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में “मिशन ड्रग-फ्री कैंपस” चलाया जा रहा है और MANAS हेल्पलाइन (1933) के जरिए सहायता दी जा रही है।

गृह मंत्री ने एएनटीएफ व एनसीओआरडी (NCORD) की भूमिका को निर्णायक बताते हुए धार्मिक नेताओं और युवा संगठनों की भागीदारी बढ़ाने की बात कही। उन्होंने ड्रग माफियाओं को प्रत्यर्पण और निर्वासन के दायरे में लाने, नकली प्रयोगशालाओं व सिंथेटिक ड्रग्स को नष्ट करने और जब्त नशीले पदार्थों को नियमित अंतराल पर नष्ट करने की आवश्यकता पर बल दिया।

उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने दिखाया है कि शक्ति, रणनीति और आत्मनिर्भरता भारत को 21वीं सदी में मजबूत बनाएगी। शाह ने बताया कि 2014-25 के बीच 1 करोड़ किलोग्राम से अधिक मादक पदार्थ जब्त किए गए, जिनकी कीमत ₹1.65 लाख करोड़ आँकी गई। इसी अवधि में 7.61 लाख लोगों की गिरफ्तारी हुई और नशीली फसलों की हज़ारों एकड़ ज़मीन नष्ट की गई।

अमित शाह ने सभी राज्यों से वित्तीय ट्रेल, हवाला नेटवर्क, क्रिप्टो लेन-देन और साइबर जाँच पर केंद्रित विशेष दस्ता बनाने का आग्रह किया और हर राज्य में नारकोटिक्स-फोकस्ड फॉरेंसिक लैब यूनिट की स्थापना पर बल दिया।

उन्होंने कहा कि नशा मुक्त भारत के लक्ष्य को पाने के लिए हमें आपूर्ति शृंखला तोड़ने में कठोरता, मांग घटाने में रणनीति और हानि कम करने में मानवीय दृष्टिकोण अपनाना होगा।?

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने किया संज्ञान विधानसभा क्षेत्र में लगभग ₹66 करोड़ की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास

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नई दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आज केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुजरात के संज्ञान (Sanand) विधानसभा क्षेत्र में लगभग ₹66 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।

अपने संबोधन में शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, अन्य चुनावों की तरह, उपराष्ट्रपति चुनाव में भी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के उम्मीदवार श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने ऐतिहासिक विजय हासिल की है। उन्होंने कहा कि इस चुनाव के साथ ही भारत के संवैधानिक पद देश की भौगोलिक एकता का प्रतीक बन गए हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पूर्व भारत का प्रतिनिधित्व करती हैं, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन दक्षिण भारत का, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम व उत्तर भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं। इस प्रकार, संवैधानिक पद पूर्व, पश्चिम, उत्तर और दक्षिण—चारों दिशाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं।

शाह ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में संज्ञान का विकास सुनियोजित तरीके से हुआ है। वर्ष 2029 तक संज्ञान विधानसभा क्षेत्र का कोई भी गाँव मूलभूत सुविधाओं से वंचित नहीं रहेगा। बावला और संज्ञान नगरपालिकाओं की जरूरतों को पूरा करने के लिए व्यापक योजना तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि सड़क, वृक्षारोपण, स्वास्थ्य, स्वच्छता और पेयजल जैसी सुविधाओं को मज़बूत करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। श्री शाह ने कहा कि जब धोलेरा स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन पूरी तरह से सक्रिय होगा और औद्योगिक परियोजनाएँ पूर्ण होंगी, तब संज्ञान गुजरात का सबसे औद्योगिक रूप से विकसित तहसील बन जाएगा।

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि वर्षों तक संज्ञान की 111 गाँवों में सिंचाई और पेयजल की सुविधा नहीं थी, लेकिन अब इस समस्या का पहला चरण लगभग पूरा हो चुका है। लगभग ₹750 करोड़ की लागत से इन गाँवों में जलापूर्ति सुनिश्चित की गई है। इसके अलावा, घर-घर और खेतों तक पानी पहुँचाने का कार्य लगभग ₹1,000 करोड़ की लागत से शुरू किया जाएगा। श्री शाह ने बताया कि कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत संज्ञान विधानसभा क्षेत्र में लगभग ₹150 करोड़ की योजनाएँ बनाई गई हैं। प्रत्येक गाँव की आवश्यकताओं को कलेक्टर, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर चिह्नित किया गया है।

उन्होंने कहा कि हाल ही में औद्योगिक घरानों के साथ हुई बैठकों के आधार पर एक मज़बूत प्रशासनिक ढांचा तैयार किया गया है। अगले डेढ़ से दो वर्षों में संज्ञान क्षेत्र के गाँवों में मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी।

अमित शाह ने जनता से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान में अधिक से अधिक वृक्षारोपण कर भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ग्रीन गांधीनगर परियोजना के अंतर्गत गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र में प्रतिदिन पेड़ों की संख्या बढ़ रही है और यह गुजरात में सर्वाधिक वृक्षारोपण करने वाला संसदीय क्षेत्र बन गया है।

 शाह ने बताया कि हाल ही में हुए सेमिकॉन इंडिया 2025 कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश का पहला स्वदेशी विकसित 32-बिट प्रोसेसर चिप ‘विक्रम-32’ लॉन्च किया। माइक्रोन टेक्नोलॉजी द्वारा संज्ञान में चिप निर्माण जल्द शुरू होने जा रहा है, जो क्षेत्र के औद्योगिक विकास में नया आयाम जोड़ेगा।

आज के कार्यक्रम में कुल 29 परियोजनाओं का उद्घाटन, 23 परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया और लगभग ₹66 करोड़ की विकास योजनाओं की शुरुआत की गई। इनमें वृक्षारोपण, सड़क निर्माण, ग्रामीण सड़क योजना, गाँव की सड़कें और विद्यालय विकास जैसी परियोजनाएँ शामिल हैं।


केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने अहमदाबाद में डायल 112 के अंतर्गत जनरक्षक परियोजनाओं का किया उद्घाटन

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अहमदाबाद- केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज अहमदाबाद, गुजरात में डायल 112 के अंतर्गत शुरू किए जा रहे जनरक्षक प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया। इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और गृह राज्य मंत्री हर्ष सांघवी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि राज्य सरकार के गृह विभाग ने गुजरात की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए '112 जनरक्षक' परियोजना के रूप में ऐतिहासिक कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि '112 जनरक्षक' परियोजना के उद्घाटन के साथ ही गुजरात पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन द्वारा 217 करोड़ रुपये की लागत से बने नए आवास और कार्यालयों का उद्घाटन किया गया और 1000 पुलिस वाहनों के बेड़े को भी हरी झंडी दिखाई गई। शाह ने कहा कि उनके लिए विशेष महत्व की बात यह है कि मानसा थाने को बीआईएस प्रमाणन प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि उनका जन्म मानसा में हुआ, वे वहीं पले-बढ़े और वहीं से वे गुजरात और देश की राजनीति में योगदान देने में सक्षम बने, इसलिए उनके लिए यह खुशी की बात है कि मानसा थाने को बीआईएस प्रमाणन मिला है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि '112' परियोजना देश की आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने, नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करने, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आपात स्थिति में समय पर सहायता प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी पहल है। उन्होंने खुशी व्यक्त की कि आज गुजरात 'डायल 112 जनरक्षक' के नक्शे पर अपनी जगह दर्ज कर रहा है। उन्होंने कहा कि अब तक अलग-अलग टोल-फ्री नंबर जैसे पुलिस के लिए 100, एम्बुलेंस के लिए 108, फायर सर्विस के लिए 101, महिला हेल्पलाइन के लिए 181, चाइल्ड हेल्पलाइन के लिए 1098, और आपदा प्रबंधन के लिए 1070 व 1077 जैसी उलझनों से लोग भ्रमित होते थे। लेकिन अब लोग सिर्फ एक नंबर 112 डायल करके आपदा प्रबंधन, चाइल्ड हेल्पलाइन, महिला हेल्पलाइन, फायर सर्विस, एम्बुलेंस और पुलिस सहायता जैसी किसी भी सुरक्षा सेवा को बहुत कम समय में प्राप्त कर सकेंगे।

अमित शाह ने कहा कि सभी प्रकार की सेवाओं का संचालन अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर से चलने वाले एक उच्च स्तरीय कंट्रोल रूम से किया जाएगा और जीपीएस युक्त वाहन एक वैज्ञानिक प्रणाली के तहत काम करेंगे। उन्होंने कहा कि इन वाहनों में 108 एम्बुलेंस का बड़ा बेड़ा शामिल है, जो कॉल करने वाले व्यक्ति का स्थान पता करेगा और निकटतम पुलिस, एम्बुलेंस या फायर ब्रिगेड वाहन को जानकारी भेजेगा। श्री शाह ने कहा कि यह गुजरात सरकार द्वारा न्यू एज स्मार्ट पुलिसिंग सिस्टम की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है। यह परियोजना अहमदाबाद में स्टेट इमरजेंसी रिस्पॉन्स सेंटर के माध्यम से संचालित होगी, जिसे केंद्रीय रूप से प्रबंधित किया जाएगा और 24x7 चलाया जाएगा। 150 सीटों की क्षमता वाला यह कॉल सेंटर हर पल सतर्क रहेगा और एकीकृत प्रणाली के माध्यम से सभी सेवाओं से जुड़ा रहेगा। उन्होंने कहा कि डायल 112 जनरक्षक पीसीआर वैन का बेड़ा, जिसमें कुल 1000 वाहन शामिल हैं, आज से ही जनता की सेवा में लगाया जाएगा। गुजरात सरकार इस परियोजना के संचालन पर प्रति वर्ष 92 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इन वाहनों में लाइट बार, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, एमडीटी वायरलेस सेट, लोकेशन ट्रैकर जैसी सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इनके प्रभावी उपयोग के लिए प्रशिक्षित स्टाफ की भी व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पूरे भारत में स्मार्ट पुलिसिंग का आह्वान, गुजरात ने इस उन्नत तकनीक के साथ उत्कृष्ट रूप से लागू किया है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि गुजरात पुलिस हाउसिंग बोर्ड ने पुलिस, होमगार्ड और जेल कर्मचारियों के कार्य और निवास के लिए 217 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न परियोजनाओं का निर्माण किया है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में, इन इमारतों में उपलब्ध बेहतर सुविधाओं के साथ, पुलिसकर्मी, होमगार्ड जवान और जेल कर्मचारी गुजरात की जनता की और अधिक प्रभावी ढंग से सेवा कर सकेंगे।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि गुजरात देश के सबसे संवेदनशील सीमा राज्यों में से एक है। देश की उत्तरी सीमा से लेकर गुजरात तक पूरा सीमावर्ती क्षेत्र कई दृष्टिकोणों से संवेदनशील है। चाहे गुजरात का समुद्र तट हो, कच्छ की सीमा हो या बनासकांठा की सीमा – सभी क्षेत्रों में सुरक्षा का विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टी के शासनकाल में गुजरात की सीमाओं से देश की सुरक्षा पर सवाल खड़े करने वाली कई घटनाएं हुईं। लेकिन उनकी पार्टी के सत्ता में आने के बाद और खासकर जबसे नरेंद्र मोदी मुख्यमंत्री बने, गुजरात सरकार ने राज्य की सीमाओं को दुश्मनों के लिए अभेद्य बनाने का काम किया है।

 अमित शाह ने कहा कि गुजरात इस बात का सर्वोत्तम उदाहरण है कि यदि सुशासन से प्रेरित नेतृत्व शासन की बागडोर संभाले तो कितना परिवर्तन संभव है। उन्होंने कहा कि आज गुजरात ने न केवल सीमा सुरक्षा और आंतरिक सुरक्षा को मजबूत किया है, बल्कि आतंकवाद, मादक पदार्थ, साइबर अपराध जैसे विभिन्न अपराधों पर भी प्रभावी रोक लगाई है। उन्होंने कहा कि मोदी जी द्वारा गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में रखी गई राह को वर्तमान मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल और गृह राज्य मंत्री श्री हर्ष सांघवी ने आगे बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकारों ने गुजरात को देश का सबसे सुरक्षित राज्य बनाने में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।

अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 11 साल के कार्यकाल में, यह न केवल भारत में बल्कि पूरी दुनिया में स्थापित हो गया है कि भारत की सेना और उसकी सीमाओं से छेड़छाड़ नहीं की जा सकती। उन्होंने याद दिलाया कि विपक्षी पार्टी के शासनकाल में देश के विभिन्न हिस्सों में बार-बार बम धमाके होते थे और केंद्र सरकार की ओर से कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं दी जाती थी। राज्य सरकारों द्वारा कुछ कार्रवाई को छोड़कर कोई और कदम नहीं उठाया गया। लेकिन मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने के बाद, जब भी पाकिस्तान ने उरी, पुलवामा और पहलगाम जैसे बड़े हमले किए, मोदी सरकार ने हर बार पाकिस्तान को करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि पहली बार सर्जिकल स्ट्राइक के जरिए, दूसरी बार एयर स्ट्राइक से और जब तब भी सुधार नहीं हुआ, तो तीसरी बार आतंकवादियों के ठिकानों को ऑपरेशन सिंदूर के जरिए पाकिस्तान की सीमा से 100 किलोमीटर अंदर जाकर नष्ट कर दिया गया। श्री शाह ने कहा कि भारत ने दुनिया को कड़ा संदेश दिया है कि वह आत्मरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और अपने नागरिकों और सीमाओं की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जाएगा। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने आतंक घटनाओं के मास्टरमाइंड्स को सबक सिखाया और ऑपरेशन महादेव के जरिए पहलगाम हमले को अंजाम देने वाले सभी तीन पाकिस्तानी आतंकवादियों को मार गिराया गया।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में देश के प्रधानमंत्री और गुजरात के गौरव पुत्र श्री नरेंद्र मोदी जी ने 'आतंकवाद के प्रति शून्य सहिष्णुता' की नीति को न केवल सैद्धांतिक रूप से बल्कि वास्तविकता में भी लागू किया है। उन्होंने कहा कि चाहे देश का उत्तर-पूर्वी क्षेत्र हो, नक्सल प्रभावित क्षेत्र हो या कश्मीर – मोदी सरकार ने इन सभी तीन हॉटस्पॉट्स में आतंकवादियों और सशस्त्र समूहों को सबक सिखाया है। उत्तर-पूर्व में 10,000 से अधिक उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। उन्होंने एक बार फिर विश्वास व्यक्त किया कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद पूरी तरह देश से समाप्त कर दिया जाएगा – यही मोदी सरकार का संकल्प है।

जनरक्षक प्रोजेक्ट्स के उद्घाटन समारोह से पहले केंद्रीय गृह मंत्री ने अहमदाबाद में विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लिया। उन्होंने चांदलोडिया वार्ड में अर्बन हेल्थ सेंटर का उद्घाटन किया और रानीप, स्टेडियम और घाटलोडिया वार्ड में वृक्षारोपण किया। इसके अलावा, केंद्रीय गृह मंत्री ने अहमदाबाद शहर की कुलदेवी श्री भद्रकाली माताजी के प्राचीन मंदिर में दर्शन-पूजन किया और टोरेंट ग्रुप-यूएनएम फाउंडेशन द्वारा पुनर्विकसित 'सरदार बाग' का उद्घाटन किया।


केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय,नक्सल उन्मूलन अभियानों व उपलब्धियों की दी जानकारी

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नई दिल्ली- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज संसद भवन में केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह से सौजन्य भेंट की। इस दौरान मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ के समग्र विकास, माओवादी चुनौती से निपटने की रणनीति सहित विभिन्न विषयों पर केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह से चर्चा की।

मुख्यमंत्री साय ने केंद्रीय गृह मंत्री को माओवादी विरोधी अभियानों की उपलब्धि एवं भविष्य की कार्ययोजना से भी अवगत कराया। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में माओवादी गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों में पिछले डेढ़ वर्षों में उल्लेखनीय सफलता मिली है। दिसंबर 2023 से अब तक 33 बड़ी मुठभेड़ों में शीर्ष माओवादी नेताओं सहित 445 माओवादी न्यूट्रलाइज़ किए गए हैं। वहीं, 1554 माओवादी गिरफ्तार किए गए हैं, एवं 1588 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। 

उन्होंने कहा राज्य सरकार की “समन्वित विकास और सुरक्षा” नीति के तहत माओवादी प्रभाव को पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। इस दिशा में सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। इन प्रयासों से न केवल माओवादी प्रभाव कम हुआ है, बल्कि स्थानीय समुदायों में प्रशासन के प्रति भरोसा भी बढ़ा है। 

केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ सरकार की माओवाद उन्मूलन हेतु किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने माओवादी उन्मूलन के लिए राज्य सरकार के प्रयासों को ऐतिहासिक बताया और केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का वादा किया।

बैठक में छत्तीसगढ़ के गठन के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले अमृत रजत महोत्सव 2025 की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि इस आयोजन को भव्य और यादगार बनाने के लिए विशेष तैयारियां की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इस महोत्सव के माध्यम से राज्य की सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक एकता, और आर्थिक उपलब्धियों को दुनिया के सामने प्रदर्शित किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर के विकास और सुरक्षा में सहयोग और मार्गदर्शन पर श्री शाह को धन्यवाद भी ज्ञापित किया।


अमित शाह की रायपुर में नक्सलवाद पर समीक्षा बैठक: 2026 तक नक्सलमुक्त भारत का संकल्प, नक्सलियों से मुख्यधारा में शामिल होने की अपील

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 रायपुर : केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने नक्सलवाद पर छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, झारखंड और ओडिशा के डीजीपी/एडीजीपी एवं वरिष्ठ अधिकारियों के साथ रायपुर में समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।


केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि पिछले डेढ़ साल में विष्णुदेव की सरकार और उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा जी की सबसे बड़ी उपलब्धि है कि उन्होंने एक रुके हुए नक्सल विरोधी अभियान को द्रुत गति से चलाया और राज्य को नक्सलवाद से मुक्त करने की दिशा में आगे बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि विष्णुदेव जी और विजय शर्मा जी ने नक्सलविरोधी अभियानों को न सिर्फ धार दी, बल्कि समय-समय पर इस अभियान का मार्गदर्शन किया, सुरक्षाबलों का हौंसला भी बढ़ाया और संपूर्णता के साथ इस लड़ाई में बहुत बड़ा योगदान दिया है।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने विश्वास के साथ दोहराया कि 31 मार्च, 2026 तक देश नक्सलवाद से पूरी तरह से मुक्त हो जाएगा। उन्होंने कहा कि जिस तरह से हमारे सुरक्षाबलों ने पराक्रम दिखाया है और सूचना एजेंसियों ने सटीक रणनीति बनाई है, उसके आधार पर हम इस लक्ष्य को अवश्य प्राप्त कर लेंगे। उन्होंने कहा कि हर वर्ष बारिश के मौसम में आराम करने वाले नक्सली इस बरसात में चैन की नींद नहीं सो पाएँगे क्योंकि हमारे सुरक्षाबलों का ऑपरेशन जारी रहेगा।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने नक्सलवाद के रास्ते पर भटक कर गए सभी युवाओं से हथियार डालकर राज्य सरकार की आत्मसमर्पण नीति का लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि उन्हें विकास यात्रा में जुड़ने का इससे अच्छा मौका नहीं मिंलेगा। शाह ने कहा कि हिंसा के रास्ते पर चल रहे युवा सरकार पर भरोसा करें और समाज की मुख्यधारा में शामिल हों। इस तरह वे अपने आप देश की विकास यात्रा के साथ जुड़ जाएंगे।

शाह ने कहा कि सरकार ने सरेंडर करने वाले नक्सलियों से जो वायदा किया है, उसे पूरा किया जाएगा औऱ उससे अधिक सहायता करने का प्रयास भी किया जाएगा।

16वीं जनगणना 2027: केंद्र ने जारी की अधिसूचना, डिजिटल और जातिगत गणना के साथ दो चरणों में होगी प्रक्रिया

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 नई दिल्ली : अमित शाह के नेतृत्व वाले गृह मंत्रालय ने 2027 में राष्ट्रीय जनसंख्या जनगणना के संचालन के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। कोविड-19 महामारी के कारण विलंबित दशकीय जनगणना में अब डिजिटल डेटा संग्रह, स्व-गणना विकल्प और पहली बार जाति गणना की सुविधा होगी, जो 1 मार्च, 2027 तक पूरी हो जाएगी। लगभग 34 लाख गणनाकार और पर्यवेक्षक तथा 1.3 लाख जनगणना कर्मियों को इस कार्य के लिए तैनात किया जाएगा। यह कार्य दो चरणों में किया जाएगा तथा 1 मार्च, 2027 तक पूरा होगा।


अमित शाह के नेतृत्व वाले गृह मंत्रालय ने 2027 में राष्ट्रीय जनसंख्या जनगणना के संचालन के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। कोविड-19 महामारी के कारण विलंबित दशकीय जनगणना में अब डिजिटल डेटा संग्रह, स्व-गणना विकल्प और पहली बार जाति गणना की सुविधा होगी, जो 1 मार्च, 2027 तक पूरी हो जाएगी। लगभग 34 लाख गणनाकार और पर्यवेक्षक तथा 1.3 लाख जनगणना कर्मियों को इस कार्य के लिए तैनात किया जाएगा। यह कार्य दो चरणों में किया जाएगा तथा 1 मार्च, 2027 तक पूरा होगा।

गृह मंत्रालय ने कहा कि जनगणना मोबाइल एप्लीकेशन का उपयोग करके डिजिटल माध्यमों से की जाएगी, जहाँ लोगों को स्व-गणना का प्रावधान भी उपलब्ध कराया जाएगा। इसमें कहा गया है कि “संग्रह, संचरण और भंडारण के समय डेटा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बहुत कड़े डेटा सुरक्षा उपाय किए जाएँगे।” जनगणना दो चरणों में की जाएगी – हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन (एचएलओ) जिसमें प्रत्येक घर की आवासीय स्थिति, संपत्ति और सुविधाएँ एकत्र की जाएँगी, और जनसंख्या गणना (पीई), जिसमें प्रत्येक घर में प्रत्येक व्यक्ति की जनसांख्यिकीय, सामाजिक-आर्थिक, सांस्कृतिक और अन्य विवरण एकत्र किए जाएँगे। गृह मंत्रालय ने कहा कि जनगणना में जाति गणना भी की जाएगी।

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