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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने श्रद्धेय शांताराम सर्राफ को अर्पित की श्रद्धांजलि

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रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित शांता राम सर्राफ जी की श्रद्धांजलि सभा में सम्मिलित हुए। मुख्यमंत्री साय ने शांता राम सर्राफ जी के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिजनों को दुःख को  सहन करने की शक्ति प्रदान करे।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, पूर्व राज्यपाल रमेश बैस, उपमुख्यमंत्रीअरुण साव एवं विजय शर्मा, कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप, लखनलाल देवांगन, दयालदास बघेल, श्याम बिहारी जायसवाल, गजेन्द्र यादव, टंकराम वर्मा, लक्ष्मी रजवाड़े सहित अन्य गणमान्यजन बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

श्रमवीर समाज की रीढ़ हैं, उनके योगदान से ही विकसित छत्तीसगढ़ का सपना होगा साकार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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मुख्यमंत्री साय ने 1.84 लाख श्रमिकों को 65 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि प्रदान की

मुख्यमंत्री ने विश्वकर्मा जयंती पर श्रमवीरों को दी बड़ी सौगात

दीदी ई-रिक्शा योजना की सहायता राशि 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.50 लाख रुपये की घोषणा

श्रमिकों के मकान निर्माण हेतु अनुदान राशि 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.50 लाख रुपये करने की घोषणा

पंजीकृत श्रमिकों के नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच की घोषणा

रायपुर-मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर राजधानी रायपुर के इंडोर स्टेडियम में आयोजित श्रमिक महासम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के निर्माण और विकास में श्रमवीरों की भूमिका अतुलनीय है। उन्होंने कहा कि श्रमवीर समाज की रीढ़ हैं और उनके योगदान से ही विकसित छत्तीसगढ़ तथा विकसित भारत का सपना साकार होगा।

मुख्यमंत्री साय ने श्रमिकों के परिश्रम और योगदान की सराहना करते हुए कहा कि श्रमवीरों के उत्साह और भागीदारी से प्रदेशवासियों के सपने पूरे होंगे। इस अवसर पर उन्होंने भगवान विश्वकर्मा जयंती की शुभकामनाएँ दीं और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जन्मदिन की बधाई देते हुए उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशभर के मेहनतकश श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान किया। उन्होंने घोषणा की कि दीदी ई-रिक्शा योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.50 लाख रुपये की जाएगी। इसी प्रकार मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक सहायता योजना के अंतर्गत श्रमिकों को मकान निर्माण के लिए दी जाने वाली सहायता राशि 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.50 लाख रुपये की जाएगी। साथ ही, पंजीकृत श्रमिकों की नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच का संपूर्ण खर्च अब श्रम विभाग द्वारा किया जाएगा। 

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण किया और बीते 11 वर्षों से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जनहितैषी कार्यों से प्रदेश के विकास को नई गति दे रहे हैं। छत्तीसगढ़ की रजत जयंती पर हम सभी श्रमवीरों के परिश्रम को नमन करते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार श्रमिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है—चाहे वह स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा हो या आवास और औजारों की सुविधा, सरकार हर कदम पर श्रमिकों के साथ खड़ी है।

मुख्यमंत्री साय ने बताया कि आज 1 लाख 84 हजार 220 श्रमिकों के खातों में श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं—दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना, मिनीमाता महतारी जतन योजना, निर्माण श्रमिक मजदूर सुरक्षा उपकरण सहायता योजना, मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण योजना, छात्रवृत्ति योजना आदि के अंतर्गत 65 करोड़ 16 लाख 61 हजार रुपये से अधिक की राशि डीबीटी के माध्यम से अंतरित की गई है। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता हमारी सरकार की पहचान है। किसानों और श्रमिकों का पैसा सीधे उनके खातों में पहुँच रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में शुरू किए गए ई-श्रम पोर्टल से श्रमिकों को बड़ी राहत मिली है। अब अपंजीकृत श्रमिक की कार्यस्थल पर मृत्यु होने पर भी एक लाख रुपये की सहायता राशि का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘श्रमेव जयते’ वेबसाइट और हेल्पलाइन नंबर के माध्यम से शिकायतों का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। उन्होंने शिक्षा पर जोर देते हुए ‘‘अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना’’ और श्रमिकों के बच्चों के लिए आईआईटी, जेईई, नीट एवं सीए जैसी परीक्षाओं की निःशुल्क कोचिंग योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने यह भी बताया कि दिल्ली में यूपीएससी की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए ‘ट्राइबल हॉस्टल’ की सीटें 50 से बढ़ाकर 185 कर दी गई हैं।

इस अवसर पर श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि श्रमिकों की देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने विश्वकर्मा जयंती की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि आज श्रमिक महासम्मेलन में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा प्रदेश के 1.84 लाख श्रमिकों के खातों में 65.16 करोड़ रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से अंतरित की गई है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ तेजी से विकास की ओर अग्रसर है और राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री मोदी की गारंटी को पूरी निष्ठा से पूरा कर रही है। श्रम विभाग के तीन मंडलों के माध्यम से 72 योजनाएँ संचालित हो रही हैं, जिनका लाभ लगातार श्रमिक भाई-बहनों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि हाल ही में मुख्यमंत्री श्री साय ने अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना में चयनित बच्चों से भेंट की थी और घोषणा की थी कि अगले शैक्षणिक सत्र से इस योजना में सीटें 100 से बढ़ाकर 200 कर दी जाएँगी।

समारोह में कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, वन मंत्री केदार कश्यप, खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल, मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायकगण राजेश मुणत, मोतीलाल साहू, अनुज शर्मा, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. राम प्रताप सिंह, छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष योगेश दत्त चौबे, छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति आयोग के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा, जिला पंचायत रायपुर के अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, श्रम विभाग के सचिव हिम शिखर गुप्ता, संयुक्त सचिव फरिहा आलम, अपर आयुक्त श्रम श्री एस.एल. जांगड़े, सविता मिश्रा, छत्तीसगढ़ भवन निर्माण एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के सचिव गिरीश रामटेके सहित अनेक जनप्रतिनिधिगण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।


शिक्षा ही सफलता की कुंजी, सेवा ही जीवन का आधार : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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मुख्यमंत्री साय रक्तदान अमृतोत्सव 2.0 कार्यक्रम में हुए शामिल

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर स्थित पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के प्रेक्षागृह में आयोजित रक्तदान अमृतोत्सव 2.0 कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए शिक्षा अनिवार्य है। शिक्षा केवल डिग्री या नौकरी प्राप्त करने का साधन नहीं, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में सफलता का मूल आधार है।

इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना राज्य प्रकोष्ठ, उच्च शिक्षा विभाग एवं पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय द्वारा सेवा पखवाड़े का शुभारंभ किया गया। 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभियान में प्रदेशभर के महाविद्यालयों में रक्तदान सहित विविध गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी।

मुख्यमंत्री साय ने रक्तदान कर रहे युवाओं से मुलाकात कर उन्हें शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि रक्तदान न केवल जीवन रक्षा का माध्यम है, बल्कि रक्तदाता के स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है। यह सबसे बड़ा दान है, जिसे बार-बार किया जा सकता है।

विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षा के क्षेत्र में लगातार कार्य कर रही है और विद्यार्थियों को उपलब्ध सुविधाओं का पूरा लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज और वन संपदा सहित अनेक क्षेत्रों में समृद्ध है। ‘छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया’ की पहचान पूरे देश में है। नक्सलवाद जैसी बाधाओं को सुरक्षा बलों के साहस और निरंतर अभियानों से समाप्त किया जा रहा है। जल्द ही बस्तर में विकास की गंगा बहेगी और एक विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण होगा।

उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि युवाओं का उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उच्च शिक्षा विभाग में 700 पदों पर भर्ती की स्वीकृति दी गई है। उन्होंने एनएसएस को समाज को जोड़ने वाला सशक्त विचार बताया।

कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि भारतीय संस्कृति में सेवा का भाव निहित है और रक्तदान सबसे बड़ा दान है। सरकार का लक्ष्य युवाओं को शिक्षा और रोजगार उपलब्ध कराते हुए उनके व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करना है।


सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि सेवा जीवन का सार है। रक्तदान या शिक्षा—किसी भी माध्यम से सेवा जीवन को यशस्वी बनाती है। कार्यक्रम में आयुक्त उच्च शिक्षा संतोष देवांगन, कुलपति डॉ. सच्चिदानंद शुक्ल, राज्य एनएसएस अधिकारी डॉ. नीता बाजपेयी, कुलसचिव प्रो. अम्बर व्यास सहित बड़ी संख्या में एनएसएस स्वयंसेवक विद्यार्थी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय नगरीय प्रशासन विभाग के स्वच्छता, आवास और लोक कल्याण उत्सव में हुए शामिल

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’स्वच्छता ही सेवा’ और ‘अंगीकार-2025’ अभियान, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना 2.0 एवं लोक कल्याण मेला का किया राज्य स्तरीय शुभारंभ 

रायपुर-मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के स्वच्छता, आवास और लोक कल्याण उत्सव में शामिल हुए। उन्होंने राजधानी रायपुर के पंडित जवाहर लाल नेहरू शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के अटल बिहारी बाजपेयी सभागार में आयोजित कार्यक्रम में ’स्वच्छता ही सेवा’ और ‘अंगीकार-2025’ अभियान तथा प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना 2.0 एवं लोक कल्याण मेला का राज्य स्तरीय शुभारंभ किया। उन्होंने विभिन्न नगरीय निकायों में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के 11 हजार लाभार्थियों को गृहप्रवेश भी कराया। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायकद्वय राजेश मूणत और सुनील सोनी तथा रायपुर नगर निगम की महापौर मीनल चौबे भी कार्यक्रम में शामिल हुईं।  

मुख्यमंत्री साय और अन्य अतिथियों ने कार्यक्रम में राज्य स्तरीय स्वच्छता सुपर लीग के टूल-किट का विमोचन किया। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत हितग्राहियों को उनके स्वीकृत आवासों के भवन निर्माण अनुज्ञा पत्र तथा पीएम स्वनिधि के लाभार्थियों को चेक वितरित किए। उन्होंने रायपुर नगर निगम के दिवंगत कर्मियों के परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति पत्र भी दिए। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों को स्वच्छता की शपथ भी दिलाई। उन्होंने रायपुर नगर निगम और अन्य नगरीय निकायों में स्वच्छता को समर्पित डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम में विश्वकर्मा जयंती और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को जन्मदिन की बधाई देते हुए कहा कि देश को स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने में प्रधानमंत्री मोदी ने बड़ा काम किया है। स्वच्छता अब लोगों की आदत में शुमार हो गया है। उन्होंने कहा कि घर के अंदर और बाहर साफ-सफाई केवल महिलाओं का ही दायित्व नहीं है, बल्कि यह पुरूषों का भी काम है। उन्होंने देश में स्वच्छता को इस मुकाम तक पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण-2024-25 में छत्तीसगढ़ को सात राष्ट्रीय पुरस्कार मिले हैं। बीस हजार से कम आबादी वाले देश के 100 सबसे स्वच्छ शहरों में अकेले छत्तीसगढ़ के 58 शहर शामिल हैं। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए नगरीय निकायों में काम कर रहे स्वच्छता दीदियों, सफाई कर्मियों और वहां के नागरिकों को धन्यवाद देते हुए रैंकिंग में आगे और भी सुधार करने को कहा। उन्होंने कहा कि हम विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत बनाने के लिए अपने विजन डॉक्युमेंट-2047 के अनुरूप काम कर रहे हैं। 

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले 11 वर्षों में देश के एक-एक व्यक्ति की चिंता की है। ‘सबका साथ सबका विकास’ के ध्येय पर चलते हुए देश को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 में ‘अंगीकार-2025’ अभियान के तहत हर पात्र परिवार तक आवास पहुंचाने का काम किया जा रहा है। इसके लिए 4 सितम्बर से 31 अक्टूबर तक यह विशेष अभियान संचालित है। स्ट्रीट वेंडर्स को आगे बढ़ाने और उनके कल्याण के लिए भारत सरकार प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना 2.0 लेकर आई है। आज से पूरे प्रदेश में यह लागू हो रहा है। उन्होंने कहा कि आज से प्रारंभ हो रहे स्वच्छता ही सेवा अभियान से हर व्यक्ति को जोड़कर स्वच्छता को जन आंदोलन बनाया जाएगा।उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में हम राज्य के सभी शहरों को स्वच्छ, सुंदर और सुविधापूर्ण बनाने के लिए काम कर रहे हैं। हर शहर में नागरिकों के लिए सुविधाएं बढ़ा रहे हैं।

नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. ने कार्यक्रम में अपने स्वागत भाषण में आज से प्रारंभ हो रहे अभियानों और योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आज से शुरू हो रहा स्वच्छता पखवाड़ा इस बार ‘स्वच्छोत्सव’ के रूप में मनाया जा रहा है। पखवाड़े के दौरान सभी नगरीय निकायों में गंदगी के ब्लैक-स्पॉट्स को चिन्हांकित कर साफ-सफाई का अभियान चलाया जाएगा। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक आर. एक्का, रायपुर नगर निगम के आयुक्त विश्वदीप और राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के सीईओ शशांक पाण्डेय सहित नगरीय प्रशासन और सुडा के वरिष्ठ अधिकारी, रायपुर नगर निगम के एमआईसी सदस्य, पार्षदगण और विभिन्न योजनाओं के हितग्राही बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।




सेवा पखवाड़ा एवं विकसित भारत पर आधारित, छायाचित्र प्रदर्शनी का विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने किया शुभारंभ

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प्रदर्शनी में मोदी जी के संकल्पना पर आधारित मजबूत राष्ट्र की झलक है -विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा

महासमुंद-प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर आज कलेक्ट्रेट परिसर में आदि सेवा पर्व, सेवा पखवाड़ा एवं विकसित भारत की संकल्पना पर आधारित भव्य छायाचित्र प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी का शुभारम्भ महासमुंद विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने किया। इस अवसर पर नगरपालिका उपाध्यक्ष देवीचंद राठी, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष पवन पटेल, जिला बास्केट बॉल संघ के जिलाध्यक्ष प्रदीप चंद्राकर, पार्षद पीयूष साहू, धनेश्वरी सोनवानी, माखन पटेल, पूर्व पार्षद राजू चन्द्राकर, शरद मराठा, रमेश साहू एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस अवसर पर कलेक्टर विनय कुमार लंगेह एवं जनसम्पर्क अधिकारी पोषण साहू ने अतिथियों का स्वागत करते हुए प्रदर्शनी का अवलोकन कराया।

छायाचित्र प्रदर्शनी का आयोजन जनसंपर्क विभाग द्वारा किया गया। जिसमें प्रधानमंत्री मोदी जी की विकसित भारत की संकल्पना, सेवा कार्यों, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प और उनके जीवन की प्रेरणादायक यात्रा एवं जनकल्याणकारी योजनाओं को छायाचित्रों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। प्रदर्शनी में प्रधानमंत्री मोदी के बचपन, उनकी शिक्षा, देशभक्ति, तथा प्रधानमंत्री के रूप में उनके द्वारा किए गए महत्वपूर्ण कार्यों की झलक को सजीव चित्रों के माध्यम से दर्शाया गया है।

इस अवसर पर विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने कहा कि यह प्रदर्शनी केवल एक दृश्य प्रस्तुति नहीं है, बल्कि यह विकसित भारत की परिकल्पना की नींव है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा है, और इसके लिए हर नागरिक को अपनी भूमिका निभानी होगी। उन्होंने इस प्रदर्शनी को केंद्र सरकार की लोक कल्याणकारी योजनाओं और विकास योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने की दिशा में एक सार्थक पहल बताया। प्रदर्शनी में प्रधानमंत्री मोदी के दृढ़ संकल्पों, मजबूत फेसलों और एक राष्ट्र, एक लक्ष्य की झलक दिखाई देती है। उनके बचपन से आज तक के सफर को फोटो के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है।

प्रदर्शनी में मोदी जी के जीवन से जुड़े विभिन्न पहलुओं को खूबसूरती से उकेरा गया है, जैसे उनका बचपन, देशभक्ति की भावना, उनके संघर्षों की कहानी, मुख्यमंत्री और फिर प्रधानमंत्री बनने की यात्रा, और उनके द्वारा देश के विकास के लिए उठाए गए कदम। उपलब्धियों में डिजिटल हुई पहचान, डिजिटल से भुगतान, छत्तीसगढ़ को मिली सौगात, शिक्षा का एक नया अध्याय, एक पेड़ मां के नाम, जल शक्ति, आतंकवाद का मुंह तोड़ जवाब, अंतरिक्ष शक्ति, वर्षो का अंधेरा छटा घर-घर में सूरज उगा और हर गरीब के सिर पर हो अपनी छत जैसी महत्वपूर्ण उपलब्धियों को भी प्रदर्शित किया गया है। छायाचित्र प्रदर्शनी के साथ-साथ जनसंपर्क विभाग की पत्रिका जनमन का निःशुल्क वितरण भी किया गया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, आम नागरिक सहित विद्यार्थीगण, अधिकारी-कर्मचारी, समूह की महिलाएं, युवाओं ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया।

स्वदेशी तकनीक से बनेगी भारत की पहली 240-वोल्ट इलेक्ट्रिक बाइक

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टीडीबी ने दी मंजूरी: भारत की पहली 240-वोल्ट इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल प्लेटफॉर्म का विकास

नई दिल्ली-विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (TDB) ने चेन्नई स्थित Raptee Energy Pvt. Ltd. को सहयोग प्रदान करते हुए भारत की पहली 240-वोल्ट इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल प्लेटफॉर्म के विकास और व्यावसायीकरण को मंजूरी दी है।

यह तकनीक इलेक्ट्रिक कारों में सफल हाई-वोल्टेज सिस्टम को दोपहिया वाहनों तक लाएगी। 240-वोल्ट डीसी आर्किटेक्चर से बनी यह मोटरसाइकिल तेज़ चार्जिंग, अधिक दक्षता और पब्लिक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर से बेहतर अनुकूलता प्रदान करेगी।

कंपनी ने एआरएआई-प्रमाणित बैटरी पैक भी विकसित किया है और स्मार्ट फीचर्स जैसे रिमोट डायग्नोस्टिक्स और ओवर-द-एयर अपडेट्स को जोड़ा है। परियोजना शून्य अपशिष्ट और शून्य उत्सर्जन निर्माण पद्धतियों पर आधारित है, जो आत्मनिर्भर भारत और सतत विकास लक्ष्यों (SDG 11 व 13) को आगे बढ़ाती है।

टीडीबी सचिव राजेश कुमार पाठक ने कहा कि यह तकनीक भारत में ईवी अपनाने की गति तेज करेगी। वहीं Raptee Energy के सीईओ दिनेश अर्जुन ने इसे देश के लिए भविष्य-तैयार और स्वदेशी ईवी समाधान की दिशा में बड़ा कदम बताया।


मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने की सौजन्य भेंट, कई मुद्दों पर हुई चर्चा

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रायपुर-राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में आज एक महत्वपूर्ण मुलाक़ात हुई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने सौजन्य भेंट की। इस दौरान प्रदेश में महिला सशक्तिकरण, बच्चों के पोषण, शिक्षा और विकास से जुड़ी योजनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री साय ने मंत्री अन्नपूर्णा देवी को राज्य में महिला एवं बाल कल्याण विभाग द्वारा चलाई जा रही योजनाओं और नवाचारों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार का विशेष फोकस ग्रामीण अंचलों में महिलाओं की आर्थिक स्वावलंबन और कुपोषण उन्मूलन पर है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि केंद्र और राज्य सरकार यदि मिलकर कार्य करें तो इन क्षेत्रों में और व्यापक परिवर्तन लाया जा सकता है।

केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने छत्तीसगढ़ सरकार के प्रयासों की सराहना की और आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार महिला एवं बाल विकास से जुड़ी योजनाओं में राज्य को हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल परिवार ही नहीं बल्कि समाज और राष्ट्र को भी मजबूत बनाता है।

इस अवसर पर प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष वर्णिका शर्मा भी उपस्थित थीं। दोनों जनप्रतिनिधियों ने भी अपने-अपने विभागों से संबंधित कार्यों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी साझा की।

यह मुलाक़ात महिला और बाल विकास से जुड़े विषयों पर केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर तालमेल और समन्वय का संकेत देती है, जिससे आने वाले समय में प्रदेश की लाखों महिलाओं और बच्चों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।


ड्रग्स के खिलाफ जंग: अमित शाह ने शुरू किया ऑनलाइन ड्रग डिस्पोज़ल अभियान

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गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने दूसरे राष्ट्रीय एएनटीएफ प्रमुख सम्मेलन का किया उद्घाटन, एनसीबी वार्षिक रिपोर्ट 2024 जारी और ऑनलाइन ड्रग डिस्पोज़ल अभियान लॉन्च

नई दिल्ली में 16-17 सितंबर 2025 को आयोजित एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) प्रमुखों के दूसरे राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की वार्षिक रिपोर्ट 2024 जारी की और ऑनलाइन ड्रग डिस्पोज़ल अभियान की शुरुआत की। सम्मेलन में 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के एएनटीएफ प्रमुखों सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “नशा मुक्त भारत” के संकल्प को तभी सफलता मिलेगी जब केंद्र और राज्यों की सभी एजेंसियाँ इसे अपना संकल्प बनाएँ। उन्होंने युवाओं को नशे से बचाने को विकसित भारत 2047 की आधारशिला बताते हुए कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई को अब और तेज करना होगा।

गृह मंत्री ने ज़ोर दिया कि छोटे पैमाने के ड्रग पैडलर्स तक सीमित रहने के बजाय, अब तीन स्तरों पर कार्टेल्स को निशाना बनाना होगा – प्रवेश बिंदुओं पर सक्रिय, राज्यों तक वितरण करने वाले और राज्यों के भीतर छोटे नेटवर्क में नशा बेचने वाले। उन्होंने एएनटीएफ प्रमुखों से उन्नत तकनीकों जैसे डार्कनेट विश्लेषण, क्रिप्टोकरेंसी ट्रैकिंग, लॉजिस्टिक्स व फाइनेंशियल फ्लो एनालिसिस, और मशीन लर्निंग मॉडल्स को अपनाने का आग्रह किया।

अमित शाह ने बताया कि नशा मुक्त भारत अभियान फिलहाल 372 जिलों में सक्रिय है, जिसमें 10 करोड़ लोग और 3 लाख शिक्षण संस्थान जुड़े हैं। उन्होंने इसे हर जिले और संस्थान तक पहुँचाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में “मिशन ड्रग-फ्री कैंपस” चलाया जा रहा है और MANAS हेल्पलाइन (1933) के जरिए सहायता दी जा रही है।

गृह मंत्री ने एएनटीएफ व एनसीओआरडी (NCORD) की भूमिका को निर्णायक बताते हुए धार्मिक नेताओं और युवा संगठनों की भागीदारी बढ़ाने की बात कही। उन्होंने ड्रग माफियाओं को प्रत्यर्पण और निर्वासन के दायरे में लाने, नकली प्रयोगशालाओं व सिंथेटिक ड्रग्स को नष्ट करने और जब्त नशीले पदार्थों को नियमित अंतराल पर नष्ट करने की आवश्यकता पर बल दिया।

उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने दिखाया है कि शक्ति, रणनीति और आत्मनिर्भरता भारत को 21वीं सदी में मजबूत बनाएगी। शाह ने बताया कि 2014-25 के बीच 1 करोड़ किलोग्राम से अधिक मादक पदार्थ जब्त किए गए, जिनकी कीमत ₹1.65 लाख करोड़ आँकी गई। इसी अवधि में 7.61 लाख लोगों की गिरफ्तारी हुई और नशीली फसलों की हज़ारों एकड़ ज़मीन नष्ट की गई।

अमित शाह ने सभी राज्यों से वित्तीय ट्रेल, हवाला नेटवर्क, क्रिप्टो लेन-देन और साइबर जाँच पर केंद्रित विशेष दस्ता बनाने का आग्रह किया और हर राज्य में नारकोटिक्स-फोकस्ड फॉरेंसिक लैब यूनिट की स्थापना पर बल दिया।

उन्होंने कहा कि नशा मुक्त भारत के लक्ष्य को पाने के लिए हमें आपूर्ति शृंखला तोड़ने में कठोरता, मांग घटाने में रणनीति और हानि कम करने में मानवीय दृष्टिकोण अपनाना होगा।?

एक भारत, श्रेष्ठ भारत की झलक: सरदार पटेल का एआई होलॉबॉक्स 17 सितम्बर को लॉन्च

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 प्रधानमंत्री संग्रहालय: सरदार वल्लभभाई पटेल का एआई-संचालित होलॉबॉक्स 17 सितम्बर को होगा लॉन्च

विश्व में अपनी तरह का अनोखा प्रधानमंत्री संग्रहालय स्वतंत्रता के बाद से अब तक सभी प्रधानमंत्रियों के जीवन, दृष्टिकोण और योगदान को प्रदर्शित करता है। यहाँ आगंतुक दुर्लभ वस्तुओं, व्यक्तिगत स्मृतिचिन्हों, अभिलेखीय सामग्री और मल्टीमीडिया प्रस्तुतियों के माध्यम से इतिहास की गहराई से यात्रा करते हैं।

नवाचार और अत्याधुनिक तकनीक को अपनाने की प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए, संग्रहालय 17 सितम्बर 2025 को अपनी दीर्घाओं में एक अनोखी प्रस्तुति करने जा रहा है—भारत के लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल का एआई-संचालित जीवन-आकार का होलॉबॉक्स। यह इंटरैक्टिव तकनीक दर्शकों को भारत के महान नेताओं से बिल्कुल जीवंत अनुभव जैसा संवाद करने का अवसर देगी।

पहली बार आगंतुक सरदार पटेल के हाइपर-रियलिस्टिक 3D अवतार से प्रश्न पूछ सकेंगे और उनके जीवन, विचारों और भारत के इतिहास के निर्णायक क्षणों पर उत्तर प्राप्त कर सकेंगे। भविष्य में संग्रहालय भारत रत्न डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का भी एआई-संचालित होलॉबॉक्स प्रस्तुत करने की दिशा में कार्य कर रहा है, ताकि उनकी दूरदर्शिता और प्रेरणा से आने वाली पीढ़ियाँ लाभान्वित हो सकें।

17 सितम्बर का दिन राष्ट्र के लिए ऐतिहासिक महत्व रखता है। इसी दिन 1948 में ऑपरेशन पोलो की सफलता से हैदराबाद निज़ाम के शासन से मुक्त होकर भारतीय संघ में शामिल हुआ—जो सरदार पटेल की अटूट राष्ट्रीय एकता की प्रतिबद्धता से संभव हुआ। यही दिन 1950 में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का जन्मदिन भी है, जिन्होंने बाद में ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को और सशक्त बनाने का कार्य किया।

प्रधानमंत्री संग्रहालय एवं पुस्तकालय के निदेशक अश्वनी लोहानी ने कहा, “यह एआई होलॉबॉक्स सिर्फ तकनीकी चमत्कार नहीं, बल्कि अतीत और वर्तमान के बीच एक सेतु है। सरदार पटेल ने भारत को भौगोलिक रूप से एक किया, और इसके माध्यम से हम भारत की युवा पीढ़ी को उनके ऐतिहासिक बोध से जोड़ना चाहते हैं।”

राजेन्द्र चंदन पगालिया, सीईओ (प्लैनेटेरियम एवं संग्रहालय), ने कहा, “यह होलॉबॉक्स ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना का साकार रूप है—आधुनिक भारत के निर्माता को श्रद्धांजलि और प्रधानमंत्री मोदी जी के उस दृष्टिकोण का प्रतिबिंब है, जिसमें विरासत और उच्च तकनीक का संगम है। यह अनुभवात्मक इतिहास में वैश्विक मानक स्थापित करेगा।”

यह लॉन्च न केवल सरदार पटेल के ऐतिहासिक योगदान को सम्मानित करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि किस प्रकार प्रधानमंत्री मोदी जी की दृष्टि विरासत और तकनीक को मिलाकर भारत के अतीत, वर्तमान और भविष्य को एक सूत्र में पिरो रही है।


केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में दिल्ली में ‘राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन –रबी अभियान 2025’ सफलतापूर्वक आयोजित हुआ।

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 केंद्रीय कृषि, किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन – रबी अभियान 2025 में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान घोषणा की कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2025–26 के लिए 362.50 मिलियन टन का उत्पादन लक्ष्य निर्धारित किया है, जो पिछले वर्ष के 341.55 मिलियन टन से अधिक है।

मीडिया को संबोधित करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि वर्ष 2024–25 में देश का कुल खाद्यान्न उत्पादन 353.96 मिलियन टन तक पहुँच गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 21.66 मिलियन टन (6.5%) अधिक है। इस दौरान चावल, गेहूँ, मक्का, मूंगफली और सोयाबीन जैसी प्रमुख फसलों का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ। यह उपलब्धि निर्धारित लक्ष्य 341.55 मिलियन टन से 12.41 मिलियन टन अधिक रही।

उन्होंने कहा कि रबी सम्मेलन ‘वन नेशन – वन एग्रीकल्चर – वन टीम’ की परिकल्पना को साकार करने का सफल उदाहरण है। यह विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के कृषि मंत्रियों व वरिष्ठ अधिकारियों को गहन विचार-विमर्श का मंच प्रदान करता है। पहले रबी सम्मेलन एक दिन का होता था, लेकिन इस बार इसे दो दिनों तक बढ़ाया गया ताकि अधिक विस्तृत चर्चाएं हो सकें। शिवराज सिंह चौहान ने जोर दिया कि केंद्र और राज्य मिलकर व्यापक कृषि विकास के लिए संयुक्त प्रयास कर रहे हैं।

सम्मेलन के पहले दिन केंद्र और राज्यों के वरिष्ठ कृषि अधिकारियों ने छह विषयगत समूहों में चर्चा की।शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अब राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों की विशिष्ट आवश्यकताओं को देखते हुए रोडमैप समर्पित कार्यशालाओं के माध्यम से अंतिम रूप दिया जाएगा।

दो दिवसीय सम्मेलन में जिन छह प्रमुख विषयों पर विचार हुआ, वे थे: जलवायु सहनशीलता, गुणवत्तापूर्ण बीज–उर्वरक–कीटनाशक, बागवानी, प्राकृतिक खेती, प्रभावी विस्तार सेवाएँ एवं कृषि विज्ञान केंद्रों की भूमिका, और केंद्र प्रायोजित योजनाओं का समन्वय। दालों व तिलहन उत्पादन वृद्धि तथा एकीकृत कृषि प्रणालियों पर भी विस्तृत विमर्श हुआ।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि खाद्यान्न उत्पादन के साथ-साथ फल और सब्जियों का उत्पादन भी इस वर्ष पिछले वर्ष की तुलना में काफी बढ़ा है। कृषि विकास और किसानों के कल्याण के लिए केंद्र और राज्य समन्वित प्रयास जारी रखेंगे।

बाढ़ की स्थिति पर चर्चा करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रभावित लोगों की मदद के लिए सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, असम और हरियाणा के कुछ हिस्से विशेष रूप से प्रभावित हुए हैं। केंद्र इन राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों की मदद में कोई कसर नहीं छोड़ेगा। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत आने वाले किसानों को समय पर और पर्याप्त बीमा लाभ मिलें, इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

बीज उपलब्धता पर उन्होंने कहा कि रबी बुवाई के लिए 22.9 मिलियन मीट्रिक टन बीज की आवश्यकता है, जबकि लगभग 25 मिलियन मीट्रिक टन पहले से उपलब्ध है। उर्वरक और पोषक तत्वों की आपूर्ति पर उन्होंने कहा कि वर्षा और अन्य कारक अक्सर फसल पैटर्न में बदलाव लाते हैं। इस वर्ष अच्छी वर्षा के कारण बुवाई क्षेत्र बढ़ा है, जिससे उर्वरकों की मांग बढ़ सकती है। उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्यों की मांग के अनुसार उर्वरकों की आपूर्ति रसायन और उर्वरक मंत्रालय के साथ समन्वय कर पूरी तरह की जाएगी।

शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की कि पिछले वर्ष की तरह इस बार भी ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ 3 अक्टूबर से रबी फसलों के लिए शुरू किया जाएगा। इसके अंतर्गत 2,000 से अधिक वैज्ञानिकों की टीमें गाँव–गाँव जाकर किसानों को समय पर जानकारी और मार्गदर्शन देंगी। इन टीमों में केंद्र व राज्य कृषि विभागों के अधिकारी, कृषि विज्ञान केंद्रों के वैज्ञानिक, कृषि विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि, किसान उत्पादक संगठन और प्रगतिशील किसान शामिल होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान के अनुरूप यह प्रयास केंद्र की ‘लैब टू लैंड’ पहल को और मजबूत करेगा।


कृषि मंत्री ने आगे कहा कि जहाँ चावल और गेहूँ का उत्पादन पहले से ही वैश्विक स्तर पर है, वहीं दालों और तिलहनों पर और ध्यान देने की आवश्यकता है। प्रति हेक्टेयर उत्पादकता बढ़ाने पर विशेष बल देते हुए एक रोडमैप तैयार किया जाएगा। फसलवार समीक्षा भी की जा रही है — कपास और सोयाबीन के लिए बड़े स्तर पर बैठकें हो चुकी हैं। रबी फसलों और अन्य प्रमुख जिंसों का उत्पादन बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।

नकली कृषि-आधारित उत्पादों की समस्या पर टिप्पणी करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि नकली कीटनाशक, बीज और उर्वरक बेचने वालों के खिलाफ राज्य स्तर पर कार्रवाई की जा रही है। राजस्थान और अन्य राज्यों में हाल ही में छापे भी मारे गए हैं, जिनका बड़ा असर हुआ है। आगे भी केंद्र और राज्य मिलकर ऐसे दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के कृषि मंत्री, कृषि सचिव डॉ. देवेश चतुर्वेदी और आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. एम. एल. जात भी मौजूद रहे।

स्वच्छता पखवाड़ा विशेष-चरौदा में बच्चों ने लिया स्वच्छता का संकल्प,सीआरपीएफ ने दिया स्वच्छता का संदेश

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आरंग- स्वच्छता पखवाड़ा के तहत् 16 से 30 सितंबर तक देशभर में स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। जिसके अंतर्गत पखवाड़ा भर स्वच्छता जागरूकता संबंधी प्रत्येक दिवस अलग-अलग गतिविधियां आयोजित की जानी है। जिसमें प्रथम दिवस स्वच्छता शपथ व समुदाय में संदेश तथा स्वच्छता पर विचार संबंधी गतिविधियां निर्धारित है।

इसी कड़ी में मंगलवार को शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला चरौदा में सीआरपीएफ कंपोजिट हास्पीटल भिलाई स्टाफ ने पहुंचकर बच्चों को स्वच्छता के महत्व को बताया।साथ ही स्वच्छता का शपथ दिलाकर ग्राम के मुख्य मार्ग में स्थित पनखटिया तालाब किनारे साफ सफाई कर समुदाय को स्वच्छता का संदेश दिया। स्वच्छता सभा में डाक्टर इन्दु वशिष्ठ ने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा स्वच्छता को अपने आचरण में शामिल करें क्योंकि अधिकतर बिमारियां गंदगी से ही फैलती है।यदि हम स्वच्छता का ध्यान रखेंगे तो कई रोगों से भी बच पाऐंगे।

वही स्वच्छता सभा का संचालन  करते  शिक्षक महेन्द्र पटेल ने बताया यहां प्रतिदिन प्रार्थना सभा में बच्चों को स्वच्छता के लिए प्रेरित किया जाता हैं। इसलिए यहां के बच्चे स्वप्रेरित होकर ही कचरों को डस्टबिन में डालते हैं।इस अवसर पर  सीआरपीएफ कंपोजिट हास्पीटल स्टाफ से डाक्टर शालिनी चौधरी, डाक्टर इंद्रु वशिष्ठ, फार्मासिस्ट कुलदीप जंबोलकर, प्रनीत डेका, सिस्टर कला, फिजियोथैरेपिस्ट योहिमिकी सहित अन्य मेडिकल स्टाफ तथा स्कूल प्रबंधन से  प्रधान पाठक कीर्ति कुमार परमाल, वरिष्ठ शिक्षक महेन्द्र कुमार पटेल, सूर्यकांत चन्द्राकार,डिलेश्वर साहू, शिक्षिका श्रीमती संगीता पाटले सहित बड़ी स्कूली बच्चों की सहभागिता रही।


ई रिक्शा की हेंडिल थाम कर जीवन की राह हुई अब आसान

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रायपुर-कोंडागांव नहरपारा की रहने वाली आदिलक्ष्मी यादव का जीवन कभी कठिनाइयों से घिरा हुआ था। परिवार की जिम्मेदारियाँ निभाने के लिए वे दूसरों के घरों में भोजन बनाकर किसी तरह रोज़मर्रा का गुजारा करती थीं। लेकिन लक्ष्मी के मन में हमेशा अपने पैरों पर खड़े होकर परिवार को बेहतर भविष्य देने का सपना था।

दीदी ई रिक्शा योजना से आदिलक्ष्मी को मिली नई राह

अपने आत्मनिर्भर बनने के सपने को साकार करने के लिए उन्होंने सरकार की ‘दीदी ई-रिक्शा योजना’ के बारे में जानकारी ली। श्रम विभाग के अधिकारियों ने जब उन्हें इस योजना और शासन द्वारा दी जा रही आर्थिक सहायता के बारे में विस्तार से बताया, तो लक्ष्मी के जीवन की दिशा बदल गई। सरकार की इस योजना का लाभ उठाते हुए उन्होंने ई-रिक्शा खरीदी और छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में पंजीयन होने के कारण उन्हें एक लाख रुपए की सहायता राशि भी मिली। आज लक्ष्मी अपना ई-रिक्शा चलाकर प्रतिमाह 15 से 20 हजार रुपए तक की आय कर रही हैं। इस आय से वे न सिर्फ अपनी ई रिक्शा का ईएमआई किस्त समय पर जमा कर पाती हैं, बल्कि शेष राशि से अपने परिवार का भरण-पोषण भी अच्छे से कर रही हैं। उन्होंने बताया कि ई रिक्शा चलाकर अपने मेहनत से पैसा कमाकर उन्हें बहुत खुशी मिलती है। खुद की मेहनत और लगन से आगे बढ़ने की हिम्मत रखने वाली महिलाओं के लिए यह बहुत अच्छी योजना है।

लक्ष्मी भावुक होकर बताती हैं कि कभी जिन सड़कों पर वे दूसरों के घर काम करने के लिए पैदल चला करती थीं, आज उन्हीं सड़कों पर अपने स्वयं के ई-रिक्शा की सवारी करवाती हैं।सरकार की यह योजना न केवल लक्ष्मी जैसी महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रही है, बल्कि समाज में महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल भी पेश कर रही है।आज लक्ष्मी आत्मविश्वास के साथ कहती हैं कि मेहनत और सही अवसर मिलने पर महिलाएँ भी हर क्षेत्र में आगे बढ़ सकती हैं। आदि लक्ष्मी ने शासन से मिली सहायता के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।


शासकीय भूमि से अवैध कब्जा हटाने को लेकर किया गया धरना प्रदर्शन

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एसडीएम,तहसीलदार,सीएमओ द्वारा ठोस आश्वासन दिए जाने के बाद धरना किया गया समाप्त 

सरायपाली-पुराने टैक्सी स्टैंड के समीप एनएच पीडब्युयडी विभाग का पुराना कार्यालय भवन को रायगढ़ में पदस्थ उप अभियंता भुजरंग साय पैकरा के द्वारा अनाधिकृत रूप से शासकीय गोदाम को तोड़कर नया भवन बनाया जा रहा है, एक शासकीय सेवक के द्वारा शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा किए जाने, तहसीलदार के स्थगन आदेश की अव्हेलना कर निर्माण कार्य जारी रखने शासन द्वारा ठोस कार्यवाही नहीं करने पर शिकायतकर्ता सौरभ गोयल, जफर उल्ला खान सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों व महिलाओं द्वारा अवैध कब्जा हटाने को लेकर सोमवार 15 सितंबर को अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन पर बैठे थे। मौके पर एसडीएम अनुपमा आनंद, तहसीलदार श्रीधर पंडा,नायब तहसीलदार भोई, सीएमओ दिनेश यादव द्वारा आकर अतिक्रमण स्थल के मटेरियल कि जब्ती करने और शीघ्र ठोस विभागीय कार्रवाई करने सहित निर्माण में संलग्न मजदूरों के पुनः स्थल में पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई का आश्वासन देने पर धरना समाप्त किया गया।

पुराना टैक्सी स्टैंड के पास सुबह लगभग 9 बजे से शासकीय भूमि पर शासकीय सेवक द्वारा किए गए कब्जा को मुक्त करने धरना प्रदर्शन किया गया। भारी बारिश के बावजूद भी धरना प्रदर्शन जारी रहा और शाम को लगभग 5 बजे प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा ठोस आश्वासन देने के बाद धरना समाप्त किया गया। धरना का समर्थन करने विधायक चातुरी नंद भी पहुंची हुई थी। सरायपाली विधायक चातुरी नंद ने धरनारत आमजनों को संबोधित करते हुए कहा कि एक शासकीय सेवक अपने आप को मुख्यमंत्री का दामाद बताकर धौंस दिखाते हुए शासकीय जमीन पर अवैध कब्जा कर रहा है। जो गलत है। इस पर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व व नगर पालिका प्रशासन को तत्काल संज्ञान में लेकर कड़ी कारवाई की जानी चाहिए। अगर‌ कब्जा नहीं हटा तो अवैध कब्जा हटाने को लेकर विधानसभा में भी मुद्दा उठाने कि बात उन्होंने  कही। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सौरभ गोयल ने कहा कि पुराने पीडब्ल्यूडी कॉलोनी परिसर में एनएच पीडब्ल्यूडी का पुराना कार्यालय भवन और गोदाम है। जिसकी देखरेख का जिम्मा वर्ष 2008 से उप अभियंता भुजरंग साय पैंकरा को सौंपा गया था। तब से वे अपने परिवार सहित उक्त शासकीय भवन में अनाधिकृत रूप से निवास कर रहे हैं। आगे उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में भी भुजरंग साय पैंकरा द्वारा पक्का अतिक्रमण किए जाने पर तहसीलदार न्यायालय ने उन्हें दोषी मानते हुए एक हजार रुपए अर्थदंड अधिरोपित कर बेदखली का आदेश जारी किया था। बावजूद इसके, भुजरंग साय ने हाल ही में शासकीय गोदाम को तोड़कर पुनः पक्का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जो शासकीय अमानत में ख़यानत है। तहसीलदार सरायपाली के स्थगन आदेश के बावजूद उक्त स्थल पर छत ढलाई तक का काम पूरा हो चुका है। उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का करीबी रिश्तेदार बताकर एक शासकीय सेवक द्वारा सिविल सेवा आचरण अधिनियम का घोर उल्लंघन किया जा रहा हैं। उक्त अवसर पर अवैध कब्जा हटाने को लेकर समर्थन देने वालों में पार्षद खीरचंद बारी, आशिक हुसैन, जफर उल्ला खान, मुकेश अग्रवाल, दिनेश अग्रवाल, सचिन अग्रवाल, दुर्योधन चौहान, इरफान खान, सुनील महापात्र, गिरधारी बरिहा, डोलामणी यादव, रुद्र मंथन, पुरुषोत्तम महापात्र, राजकुमार, मोहन चौहान, चंद्रमणि बरिहा, उत्तम राम पांडे, गणेशराम बरिहा, अर्जुन कुंवर, महेंद्र पांडे, चंद्रिका विश्वकर्मा, मदन द्वीप, तेजराम चौहान, लंबोदर मालाकार, उकेश राणा, सदानंद साव, देवराज यादव, रमेश कुंवर, बाबूलाल पांडे, युवराज बरिहा, शत्रुघ्न साव, हरि कुंवर, हरिशंकर बरिहा, सत्य कुमार बरिहा, खीरसागर बरिहा, प्रकाश पांडे, टंकधर मालाकर, पार्वती तांडी, रत्ना बरिहा,लता कुंवर, अहिल्या बाघ, सोहोद्रा बेसरा, माला यादव, चंद्रिका प्रसाद विश्वकर्मा, गुरुवारी चौहान, धनमोती बरिहा, सरस्वती पांडे, बसंती कुंवर, अनीता पांडे, रवि बरिहा, भरत बरिहा, हरि बोल बरिहा, ठाकुर कुमार, जनार्दन, विपीन, कल्पना, सुकांति, अंगार, गंगार, भामा, राजकुमारी पांडे, वेदमोती, द्वितीया, सुकांति बेसरा, प्रेम, संतोषी, मार्टिन, गुरवारी, पाला, फुलमोती राणा, गुलापी बेसरा, नुरा बेसरा, अश्विनी, शत्रुघ्न साव, बासो पांडे, जुगराज, निराकार, गोहोकू, रवि, गणेशराम, आदि उपस्थित थे।

रजत जयंती महोत्सव व विश्व पर्यटन दिवस पर टूर दे बलौदा साइक्लोथॉन का आयोजन 28 सितंबर को

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रायपुर-छत्तीसगढ़ रजत जयंती वर्ष और विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर बलौदाबाज़ार में 28 सितंबर 2025 को एक भव्य साइक्लोथॉन टूर दे बलौदा का आयोजन किया जा रहा है। साइकिल रेस 28 सितंबर को सुबह 6 बजे से प्रारंभ होगी।27 सितंबर को शाम 5 बजे जिला ऑडिटिरियम में ओरिएंटेशन वर्कशॉप और किट वितरित किया जाएगा।इस प्रतियोगिता में प्रदेश भर के 18 वर्ष से अधिक आयु के महिला और पुरुष साइक्लिस्ट शामिल हो सकते हैं। कलेक्टर दीपक सोनी, पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता और  वनमंडलाधिकारी गणवीर धम्मशील ने सभी से इस आयोजन में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है।

प्रतियोगिता की दो श्रेणियां है पहली बलौदाबाज़ार-भाटापारा ज़िले के निवासियों के लिए और दूसरी श्रेणी  अन्य ज़िले अथवा राज्य के निवासियों के लिए दोनों श्रेणियों में महिला एवं पुरुष वर्ग में पृथक पुरस्कार दिए जाएंगे। बलौदाबाज़ार जिले के प्रतिभागियों के लिए पुरुष वर्ग में प्रथम  पुरस्कार ₹25,000, द्वितीय पुरस्कार ₹15,000 और तृतीय पुरस्कार ₹10,000 इसी प्रकार महिला वर्ग में भी प्रथम  पुरस्कार ₹25,000, द्वितीय पुरस्कार ₹15,000 और तृतीय पुरस्कार ₹10,000 देय होगा। 

जिले के बाहर के प्रतिभागियों के लिए पुरुष वर्ग में प्रथम  पुरस्कार ₹25,000, द्वितीय पुरस्कार ₹15,000 और तृतीय पुरस्कार ₹10,000 इसी प्रकार महिला वर्ग में भी प्रथम  पुरस्कार ₹25,000, द्वितीय पुरस्कार ₹15,000 और तृतीय पुरस्कार ₹10,000 देय होगा। इसके अलावा - यंग राइडर और वेटरन राइडर्स के विशेष पुरस्कार भी दिए जाएँगे। साथ ही इन श्रेणियों में 10-15 टोकन ऑफ एप्रिशिएशन पुरस्कार भी दिए जाएंगे।प्रतियोगिता में पंजीयन की अंतिम तिथि 20 सितंबर 2025 है।


एशिया कप 2025: भारतीय अंडर-16 महिला बास्केटबॉल टीम ने लगातार 3 जीत कर रचा इतिहास

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रायपुर-अंडर 16 वूमेंस एशिया कप 2025 का आयोजन मलेशिया में 13 से 19 सितम्बर 2025 तक आयोजित किया जा रहा है, जिसमें भारतीय बास्केटबॉल टीम के अंडर 16 महिला बास्केटबॉल टीम में छत्तीसगढ़ से महासमुंद जिले की दिव्या रंगारी पिता विनोद रंगारी शामिल है। इसके अलावा भारतीय टीम में तमिलनाडु, कर्नाटका, केरल, महाराष्ट्र, गुजरात, तेलंगाना के खिलाड़ी शामिल हैं। एशिया कप में लगातार 3 मैच जीतकर भारतीय टीम ने इतिहास रच दिया है तथा सेमीफाइनल में पहुंच गई है।

एशिया कप में इंडिया टीम शानदार खेल खेलते हुए पहले मैच में ईरान को 70 - 67 अंकों से हराया, दूसरे मैच में इंडिया ने उज्बेकिस्तान को 81- 69 अंकों से हराया, तीसरे मैच में इंडिया ने समोआ को 71 - 54 के बड़े अंतर से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। एशिया कप में लगातार 3 मैच जीतकर भारतीय टीम ने इतिहास रच दिया है तथा सेमीफाइनल में पहुंच गई है। भारतीय टीम 18 सितंबर को सेमीफाइनल मैच खेलेगी। 3 मैच जीतकर बनाया इतिहास बनाने पर प्रदेश व जिले में खुशी की लहर है। 

एशिया कप में महासमुंद की दिव्या भारतीय बास्केटबॉल टीम में शामिल

सेमीफाइनल में प्रवेश करने पर छत्तीसगढ़ प्रदेश बास्केटबॉल संघ के राजीव जैन अध्यक्ष, चेयरमैन विजय अग्रवाल,नरेश डाकलिया, राजीव चौबे, राजेश गौर, भारतीय टीम के मुख्य प्रशिक्षक अनिथा पॉलदुरई, सहायक प्रशिक्षक रोहित एवं उमा कांत, सांसद रूपकुमारी चौधरी, विधायक महासमुंद योगेश्वर राजू सिंहा, कलेक्टर महासमुंद, जिला बास्केटबॉल संघ महासमुंद के अध्यक्ष एवं खिलाड़ियों ने महिला बास्केटबॉल टीम और दिव्या रंगारी शुभकामनाएं दी।


छत्तीसगढ़ सरकार की पहल: नम्बी गांव में 100% घरों तक शुद्ध पेयजल

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रायपुर-जिला बीजापुर के उसूर विकासखंड का नम्बी गांव, जो कभी विकास से कोसों दूर था, आज जल जीवन मिशन योजना के तहत एक प्रेरणास्पद सफलता की कहानी बनकर उभरा है। बीहड़ और दुर्गम जंगलों के बीच स्थित यह गांव, जहां बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना एक समय में असंभव सा प्रतीत होता था, अब छत्तीसगढ़ सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति और नियद नेल्ला नार  योजना की मदद से विकास की मुख्यधारा में जुड़ गया है।

जल जीवन मिशन योजना के अंतर्गत नम्बी गांव में कुल 28.18 लाख रुपये की लागत से तीन सौर ऊर्जा संचालित नलकूप स्थापित किए गए। इस योजना के अंतर्गत 5185 मीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई गई, जिससे गांव के 76 परिवारों को हर घर नल कनेक्शन के माध्यम से शुद्ध पेयजल मिल रहा है। यह गांव अब उन गांवों में शामिल हो गया है, जहां शत-प्रतिशत घरों में नल से जल की सुविधा उपलब्ध है।

15 जुलाई को नम्बी गांव में ग्राम सभा के तत्वाधान में हर घर जल उत्सव का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में गांव की सरपंच सुशीला काका, सचिव पांडा कावरे और समस्त ग्रामवासी उपस्थित रहे। इस दौरान, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा गांव को हर घर जल प्रमाणित किया गया। यह प्रमाणन दर्शाता है कि गांव के प्रत्येक घर में नल के माध्यम से स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।

इस योजना के संचालन और संधारण की जिम्मेदारी अब पंचायत को सौंप दी गई है, जिससे गांव में जल आपूर्ति व्यवस्था स्थायीत्व की ओर अग्रसर हो रही है। पंचायत की निगरानी में यह योजना अब स्थानीय सहभागिता से और भी बेहतर तरीके से संचालित होगी।


भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता दिल्ली में शुरू, वैश्विक आर्थिक परिदृश्य पर नज़र

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नई दिल्ली- भारत और अमेरिका के बीच बहुप्रतीक्षित व्यापार वार्ताएँ आज नई दिल्ली में शुरू हो गईं। इस उच्चस्तरीय बैठक में दोनों देशों के प्रमुख वार्ताकार और वरिष्ठ अधिकारी भाग ले रहे हैं। इन चर्चाओं का उद्देश्य व्यापारिक रिश्तों को और सुदृढ़ करना, बढ़ते शुल्क विवादों को हल करना और भविष्य में निवेश एवं सहयोग के नए अवसर तलाशना है।

पृष्ठभूमि

हाल ही में अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर अतिरिक्त शुल्क लगाने की घोषणा की थी। अमेरिकी प्रशासन का तर्क है कि भारत रूस से कच्चे तेल की बड़ी मात्रा में खरीद कर उसे प्रोसेस कर तीसरे देशों को निर्यात कर रहा है, जिससे अमेरिकी उद्योग प्रभावित हो रहा है। इस निर्णय ने भारत के निर्यातकों की चिंता बढ़ा दी है।

भारत ने इस कदम पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि उसकी ऊर्जा नीति राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखकर बनाई जाती है और वह किसी भी तरह से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को बाधित नहीं कर रहा।

वार्ता का मुख्य एजेंडा

  1. शुल्क विवाद का समाधान – भारतीय इस्पात, एल्युमिनियम और वस्त्र निर्यात पर लगे नए शुल्कों पर चर्चा।

  2. ऊर्जा व्यापार – भारत की ऊर्जा जरूरतों और रूस से आयातित तेल पर अमेरिकी आपत्तियों का समाधान।

  3. प्रौद्योगिकी एवं निवेश सहयोग – सेमीकंडक्टर, डिजिटल व्यापार और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) में सहयोग बढ़ाना।

  4. कृषि उत्पाद – भारतीय कृषि उत्पादों के अमेरिकी बाजार में प्रवेश से जुड़ी बाधाएँ कम करना।

  5. बौद्धिक संपदा और डेटा सुरक्षा – डिजिटल अर्थव्यवस्था से जुड़े नियमों पर संतुलन तलाशना।

विशेषज्ञों की राय

अर्थशास्त्रियों का मानना है कि अगर भारत और अमेरिका के बीच मौजूदा मतभेदों का समाधान निकल जाता है, तो यह वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत होगा। अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और पिछले वर्ष दोनों देशों के बीच लगभग 200 अरब डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार हुआ था।

विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि भारत को अपनी मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए अमेरिकी निवेश और तकनीकी सहयोग की आवश्यकता होगी। वहीं, अमेरिका के लिए भारत एशिया में सबसे बड़ा और स्थिर साझेदार है, जो चीन के बढ़ते प्रभाव का संतुलन बना सकता है।

उद्योग जगत की उम्मीदें

भारतीय उद्योग जगत को उम्मीद है कि इन वार्ताओं से शुल्क कम करने और निवेश माहौल सुधारने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे। खासकर ऑटोमोबाइल, आईटी सेवाओं, दवाइयों और कृषि उत्पादों से जुड़े क्षेत्रों को इससे बड़ा लाभ मिल सकता है।

निष्कर्ष

भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता न केवल दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों के लिए अहम है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी इसका सीधा असर पड़ेगा। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट हो जाएगा कि क्या दोनों देश आपसी मतभेदों को पीछे छोड़कर एक मज़बूत आर्थिक साझेदारी की ओर कदम बढ़ा पाते हैं या नहीं।


ऑल इंडिया नेवल कैंप से लौटे कैडेट्स का छत्तीसगढ़ महाविद्यालय में हुआ स्वागत

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 रायपुर : छत्तीसगढ़ महाविद्यालय रायपुर के एन.सी.सी. नेवल डिवीजन के तीन कैडेट्स अंकुर तिवारी (बी.एससी. पंचम सेमेस्टर), पुनीत साहू (बी.ए. पंचम सेमेस्टर) एवं पंकज साहू (बी.ए. तृतीय सेमेस्टर) ने देश के प्रतिष्ठित ऑल इंडिया नेवल कैंप में प्रतिभाग कर महाविद्यालय और राज्य का नाम गौरवान्वित किया।

यह कैंप 1 से 12 सितम्बर तक मुंबई के कोलाबा नौसैनिक बेस में आयोजित हुआ, जिसमें पूरे देश के 17 एन.सी.सी. निदेशालयों से 600 से अधिक कैडेट्स शामिल हुए। छत्तीसगढ़-मध्यप्रदेश निदेशालय की 36 सदस्यीय टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए इन कैडेट्स ने अनुशासन, लगन और उत्कृष्ट प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया। 40 दिनों की कठिन तैयारी और चयन प्रक्रिया के बाद चयनित इन कैडेट्स ने कैंप में सीमैनशिप, बोट पुलिंग, रेजिंग, वॉटर स्टेटिक, इंटरव्यू, रिले रेस तथा विभिन्न नौसैनिक विषयों पर प्रशिक्षण प्राप्त किया।

महाविद्यालय में लौटने पर प्राचार्य डॉ. नेहरू नाग,एन. सी. सी.के लेफ्टिनेंट डॉ. अनिल रामटेके सहित प्राध्यापकों और विद्यार्थियों ने कैडेट्स का पुष्पगुच्छ देकर सम्मान किया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि न केवल महाविद्यालय बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व की बात है।

रेशम की डोर से बुनी आत्मनिर्भरता –दंतेवाड़ा की महिलाओं को मिली नई पहचान

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 रायपुर : विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व एवं उनके मार्गदर्शन में कृषि, उद्यानिकी और मत्स्य पालन की तरह ही रेशम विभाग भी हितग्राहियों की आजीविका सशक्त करने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। विभाग की योजनाओं से लाभान्वित होकर जिले के स्व-सहायता समूह आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रहे हैं।

रेशम विभाग द्वारा हितग्राही समूहों को स्वस्थ रेशम कीट अंडे उपलब्ध कराए जाते हैं। इन अंडों से हैचिंग से लेकर कोसा निर्माण तक की संपूर्ण प्रक्रिया हितग्राही स्वयं करते हैं। तत्पश्चात तैयार कोसों के विक्रय से उन्हें आर्थिक आमदनी प्राप्त होती है।

इसी क्रम में शासकीय रेशम केन्द्र, चितालंका की महिला स्व-सहायता समूह ने मलबरी रेशम कीट पालन का सफल संचालन कर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है।

इस वर्ष इन  टसर रेशम कीट पालकों ने तेरह  सौ स्वस्थ अंडों से 45 दिनों की अवधि में 45 हजार नग डाबा कोसा का उत्पादन किया गया। इन के विक्रय से समूह को 72 हजार 300 सौ रुपए की आय प्राप्त हुई। यह प्रथम फसल से हुई आमदनी समूह की महिलाओं के उत्साह और आत्मविश्वास को दोगुना कर रही है।

अब समूह की महिलाएँ इस वित्तीय वर्ष में दूसरी एवं तीसरी फसल लेने के लिए पूरी तरह तैयार और प्रेरित हैं। यह पहल दंतेवाड़ा जिले में आजीविका संवर्धन और महिला सशक्तिकरण का मजबूत उदाहरण बनकर उभर रही है।


एक दिन, एक घंटा, एक साथ : 25 सितम्बर 2025 को राष्ट्रव्यापी स्वैच्छिक श्रमदान

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देशभर में उत्साह के साथ ‘स्वच्छता ही सेवा (SHS) 2025’ का 9वां संस्करण आरंभ होने जा रहा है। यह 15 दिवसीय अभियान 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर (गांधी जयंती) तक चलेगा। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत आयोजित इस अभियान में करोड़ों लोग उच्च प्रभाव वाले स्वच्छता अभियानों में सामूहिक भागीदारी करेंगे। इसे आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) तथा जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (DDWS) द्वारा संयुक्त रूप से शुरू किया गया है। इस अभियान का मुख्य फोकस होगा क्लीनलिनेस टारगेट यूनिट्स (CTUs) — अर्थात गंदे, अंधेरे और उपेक्षित स्थानों की साफ-सफाई।

कर्टन रेज़र इवेंट में आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने बताया कि SHS 2025 में भी CTUs पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। 2024 में 8 लाख से अधिक CTUs को परिवर्तित कर सार्वजनिक उपयोग के लिए तैयार किया गया था। उन्होंने कहा कि शहरों में अंधेरे कोनों, उपेक्षित व कठिन-से-पहुंच स्थानों, कूड़े के ढेर, रेलवे स्टेशन, नदियों, डंपिंग ग्राउंड, पिछली गलियों और गंदे स्थलों की पहचान कर तेज़ी से साफ-सफाई और सौंदर्यीकरण किया जाएगा।

मनोहर लाल ने घोषणा की कि दिल्ली के भलस्वा डंपसाइट को रूपांतरण और सौंदर्यीकरण के लिए अपनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि 17 सितम्बर 2025 को वे अधिकारियों के साथ इस स्थल का दौरा करेंगे और कचरा प्रबंधन प्रक्रिया की समीक्षा करेंगे। इसके लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) से अतिरिक्त भूमि उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया गया है।

केंद्रीय मंत्री सी.आर. पाटिल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में SHS 2025 ‘स्वच्छोत्सव’ थीम के तहत जिम्मेदारी और उत्सव का संगम है। इसके तीन प्रमुख स्तंभ हैं — CTU रूपांतरण, सफाईमित्र सुरक्षा, और ODF प्लस एवं स्वच्छ सुजल गांव की ओर प्रयास। उन्होंने नागरिकों से 25 सितम्बर को आयोजित ‘एक दिन, एक घंटा, एक साथ’ श्रमदान में भाग लेने का आह्वान किया। उन्होंने सूरत और नवसारी के सफाईमित्रों के लिए 8–10 करोड़ रुपये के सफाईमित्र सुरक्षा कोष की भी घोषणा की, जिसमें उनके परिवारों को शैक्षिक सहायता और ब्याजमुक्त ऋण प्रदान किए जाएंगे।

स्वच्छोत्सव 2025 पाँच प्रमुख स्तंभों पर आधारित है:

  1. CTUs का रूपांतरण – कठिन, अंधेरे और उपेक्षित स्थलों का उन्मूलन

  2. सार्वजनिक स्थानों की सफाई – सार्वजनिक जगहों पर स्वच्छता अभियान

  3. सफाईमित्र सुरक्षा शिविर – स्वास्थ्य जांच एवं कल्याण शिविर

  4. स्वच्छ हरित पर्व – पर्यावरण अनुकूल और शून्य-कचरा उत्सव

  5. स्वच्छता जनजागरण – ग्राम सभाओं के माध्यम से ODF प्लस मॉडल और स्वच्छ सुजल गांव की घोषणा

SHS 2025 के तहत, 25 सितम्बर को पूरे देश में नागरिकों, युवाओं, एनजीओ, सामुदायिक संगठनों और प्रभावशाली व्यक्तियों की भागीदारी से श्रमदान और प्लॉगिंग ड्राइव आयोजित की जाएगी। शिविरों के दौरान स्थानीय सफाईमित्रों का सम्मान भी किया जाएगा।

अभियान की तैयारियों के लिए 3 सितम्बर 2025 को MoHUA और DDWS के मंत्रियों की बैठक हुई। इसके बाद 9 सितम्बर को राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की बैठक, 10 सितम्बर को कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में सचिव समिति की बैठक और 12 सितम्बर को राज्य, ज़िला और स्थानीय स्तर की समन्वय समितियों की पहली बैठक आयोजित की गई। इसके अलावा, DDWS सचिव की अध्यक्षता में सभी केंद्रीय मंत्रालयों के नोडल अधिकारियों और फील्ड यूनिट्स के साथ बैठक भी की गई।

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