Media24Media.com: नवीन शिक्षा सत्र 2023 : स्कूलों के भवनों का रेनोवेशन कार्य 15 जून से पूर्व करने के निर्देश

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नवीन शिक्षा सत्र 2023 : स्कूलों के भवनों का रेनोवेशन कार्य 15 जून से पूर्व करने के निर्देश

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रायपुर। स्कूलों का नवीन शिक्षा सत्र 16 जून 2023 से प्रारंभ होगा। प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा विभाग आलोक शुक्ला ने विभाग की प्राथमिकता वाली योजनाओं को नवीन शिक्षा सत्र के प्रारंभ होने के पूर्व पूर्ण करने के निर्देश सभी जिला कलेक्टरों को दिए गए है। स्कूलों के भवनों का रेनोवेशन कार्य 15 जून 2023 के पूर्व करने को कहा है। छूट गए सभी स्कूल भवनों, आश्रम, छात्रावासों आदि का सर्वेक्षण कराके तथा मरम्मत एवं अतिरिक्त कक्ष के निर्माण के प्राक्कलन तत्काल कराकर एक सप्ताह में विभागीय पोर्टल पर अपलोड कराने के निर्देश दिए गए है।


सभी स्कूलों में पुस्तकें, गणवेश एवं पात्र बालिकाओं के लिए निःशुल्क सायकल मई-जून के माह पहुंचाकर 16 जून को प्रारंभ होने वाले नवीन शिक्षा सत्र के प्रथम दिन ही इन सबका वितरण पात्र विद्यार्थियों को अनिवार्य रूप से करने कहा गया है। प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. आलोक शुक्ला ने कलेक्टरों को जारी पत्र में कहा है कि प्रदेश में 247 स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल तथा 32 स्वामी आत्मानंद हिन्दी माध्यम स्कूल संचालित है। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में हिन्दी माध्यम से पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए भी व्यवस्था की गई है। इस तारतम्य में नवीन शिक्षा सत्र प्रारंभ होने के पूर्व बड़ी संख्या में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल प्रारंभ किए जाने का निर्णय लिया गया है।

जिला कलेक्टरों के द्वारा 398 स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट स्कूलों को प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया है। इसकी सूची विभाग के पोर्टल पर अपलोड की गई है। इस सूची में शामिल सभी स्कूल भवनों के रेनोवेशन का कार्य डीएमएफ, सीएसआर और जिला स्तर पर उपलब्ध अन्य प्रकार के राशियों से किया जाए। जिससे यह कार्य आगामी शिक्षा सत्र के प्रारंभ होने के पूर्व पूर्ण हो जाए। वर्ष 2023-24 के लिए विधानसभा के समक्ष प्रस्तुत किए गए बजट प्रस्ताव में 101 स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूलों की स्वीकृति दी गई है। इनमें कुछ स्कूल कलेक्टरों द्वारा प्रस्तावित स्कूलों में शामिल नहीं है। इन स्कूलों के भवनों का भी रेनोवेशन कर विभाग के पोर्टल पर अपलोड करें।

प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा ने कलेक्टरों से कहा है कि विभाग का प्रयास है कि मुख्यमंत्री द्वारा घोषित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट स्कूल प्रारंभ करने वित्त विभाग से स्वीकृति प्राप्त कर उन्हें 16 जून से प्रारंभ होने वाले नवीन अकादमिक वर्ष से प्रारंभ कर दिया जाए। इसलिए ऐसे स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल जिनकी घोषणा मुख्यमंत्री ने की है और अभी तक बजट में शामिल नहीं किया जा सका है तथा जो कलेक्टरों के द्वारा प्रस्तावित 398 स्कूलों में भी शामिल नहीं है। इन स्कूलों की भवनों के रेनोवेशन के लिए आर्किटेक्ट से नक्शा बनाकर तत्काल कार्य प्रारंभ कर 16 जून से प्रारंभ करने की पूर्ण तैयारी रखी जाए। इन सभी स्कूलों की सेटअप की स्वीकृति बजट पारित होने के उपरांत अप्रैल माह के प्रारंभ में वित्त विभाग की सहमति से जारी की जाएगी। यहां अंग्रेजी माध्यम के शिक्षकों की नियुक्ति भी कलेक्टरों द्वारा 16 जून के पूर्व की जानी है। इसके लिए तैयारी अभी से प्रारंभ कर दें।

मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल द्वारा मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजनामें यह घोषणा की गई है कि स्कूलों, आश्रम शालाओं, छात्रावासों आदि की मरम्मत एवं रेनोवेशन का कार्य तत्काल प्रारंभ किया जाए, यदि कोई भवन जर्जर हो गया है और उसका उपयोग करना खतरनाक हो गया है, तो उन भवनों के डिमोलाइजेशन का कार्य भी तत्काल किया जाए। जिन स्कूलों में दर्ज संख्या अधिक है और वहां पर कमरे कम है तो अतिरिक्त कमरे की स्वीकृति भी दी जाए। यह सभी कार्य मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजनाके अंतर्गत किया जाए। इसके लिए पर्याप्त धन राशि उपलब्ध है। योजना के अंतर्गत कराये जाने वाले कार्यों के विस्तृत निर्देश पूर्व में जारी किए जा चुके है।

जिलों द्वारा विभागीय पोर्टल पर अपलोड किए गए 11 हजार 375 भवनों के प्राक्कलन के आधार पर संचालक लोक शिक्षण एवं प्रबंध संचालक समग्र शिक्षा द्वारा प्रशासकीय स्वीकृति भी जारी की जा चुकी है। इन कार्यों के लिए प्रथम किस्त के रूप में 200 करोड़ रूपए की राशि विमुक्त की जा चुकी है। विमुक्त की गई राशि से 70 प्रतिशत व्यय होने के बाद अगली किस्त दी जाएगी। जिन जिलों में मरम्मत योग्य भवन और दर्ज संख्या अधिक होने के बावजूद अतिरिक्त कमरे बनाने का प्रस्ताव भी छूट गया है वहां सभी स्कूली भवनों, आश्रम, छात्रावासों आदि का सर्वेक्षण कराके तथा मरम्मत एवं अतिरिक्त कक्ष निर्माण के प्राक्कलन तत्काल तैयार कर एक सप्ताह में विभागीय पोर्टल पर अपलोड कराये।

यह ध्यान रखा जाए कि मरम्मत कार्य और डिमोलाईजेशन के लिए आवश्यक धन राशि की स्वीकृति प्राप्त कर ली जाए, जिससे यह कार्य पूर्ण होने के बाद कोई भी खतरनाक भवन शेष न रहे। योजना के क्रियान्वयन, मॉनिटरिंग के संबंध में जारी निर्देशानुसार कार्यवाही की जाए। एक सप्ताह में शेष बचे हुए सभी स्कूलों भवनों के मरम्मत एवं अतिरिक्त कक्ष निर्माण के प्राक्कलन विभागीय पोर्टल पर अपलोड कर ली जाए। पुस्तकें, गणवेश, और सायकल वितरण नवीन शिक्षा सत्र के प्रथम दिन से ही प्रारंभ कर दिया जाए। संचालक लोक शिक्षण द्वारा इस संबंध में लगातार मॉनिटरिंग करके यह व्यवस्था की जा रही है कि सभी स्कूलों में पुस्तकें, गणवेश एवं पात्र बालिकाओं के लिए निःशुल्क सायकल मई-जून के माह में पहुंचायी जाए।

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