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90 प्रतिशत पूर्णता वाली योजनाओं के काम तत्परता से पूर्ण कर जल्द जलापूर्ति शुरू करें – अरुण साव

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रायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री अरुण साव ने वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर जल जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने नवा रायपुर स्थित विश्राम भवन में आयोजित बैठक में 90 प्रतिशत कार्य पूर्णता वाले नल जल योजनाओं के काम से पूर्ण कर जल्द जलापूर्ति शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने सतही जल पर आधारित कई गांवों के लिए प्रगतिरत समूह जलप्रदाय योजनाओं के काम में तेजी लाने को कहा। उन्होंने जल जीवन मिशन का शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के लिए विभागीय अधिकारियों को टीम वर्क से काम करने के दिए निर्देशित करते हुए गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुलहक, जल जीवन मिशन के संचालक जितेन्द्र कुमार शुक्ला और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख अभियंता टी. डी. साण्डिल्य भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों से कहा कि यह सौभाग्य की बात है कि प्रदेशवासियों को पेयजल उपलब्ध कराने का पुण्य काम आपके जिम्मे है। केन्द्र सरकार द्वारा जल जीवन मिशन के कार्यों को पूर्ण करने की अवधि वर्ष 2028 तक बढ़ा दी गई है। मिशन के कार्यों को तय समय़ावधि में पूर्ण गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के लिए टीम वर्क और कड़ी मॉनिटरिंग जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को अपनी मैदानी टीम के साथ प्रत्येक गांव के हर घर में नल से जल पहुंचाने के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार कर प्राथमिकता से उनका त्वरित क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए।

साव ने कहा कि सबसे पहले जिन योजनाओं के कार्य 90 प्रतिशत पूर्ण हो चुके हैं, उनके बचे कार्यों को त्वरित गति से पूर्ण कराकर हर-घर-जल उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। ऐसे गांवों में तेजी से कार्य कर जल्दी ही ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करा सकते हैं। इन योजनाओं से जलापूर्ति शुरू होने के बाद 60 प्रतिशत से 80 प्रतिशत तक कार्य प्रगति वाली योजनाओं को पूर्ण कराएं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यह आवश्यक नहीं है कि आप केवल निर्धारित कार्ययोजना व लक्ष्यों के आधार पर ही कार्य करें। आप मैदानी परिस्थितियों को ध्यान में रखकर अन्य योजनाओं को पूर्ण कर सकते हैं।

उप मुख्यमंत्री साव ने समूह जलप्रदाय योजनाओं के कामों में भी तेजी लाते हुए समयबद्ध तरीके से गुणवत्तापूर्ण कार्य के निर्देश दिए जिससे कि समय पर प्रदेशवासियों को इन योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने बैठक में बताया कि शासन स्तर पर 128 उप-अभियंताओं की नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है। इन उप-अभियंताओं के मैदानी बल में शामिल होने से योजनाओं को पूर्ण करने में और अधिक मदद मिलेगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को प्रतिबद्धता से काम करते हुए निर्धारित समयावधि में जल जीवन मिशन के सभी कार्यों को पूर्ण करने के लिए जुट जाने को कहा।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों ने बैठक में बताया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत प्रदेश के 19 हजार 656 गांवों के लिए 29 हजार 160 योजनाएं स्वीकृत की गई हैं। इनके माध्यम से 49 लाख 98 हजार ग्रामीण परिवारों को हर घर नल से जल उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। मिशन के तहत अब तक 31 लाख 16 हजार 398 ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। शत-प्रतिशत कनेक्शन वाली 5029 नल जल योजनाएं संचालन के लिए संबंधित ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित कर दी गई हैं।

अधिकारियों ने बताया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत प्रगतिरत नल जल योजनाओं को तेजी से पूर्ण करने के लिए कार्ययोजना बनाकर कार्यों को गति दी जा रही है। निर्माणाधीन सभी कार्यों को आगामी तीन वर्षों में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। विभाग ने चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में 13 हजार 846 योजनाओं, 2026-27 में 7261 योजनाओं तथा 2027-28 में 4077 योजनाओं को पूर्ण करने का लक्ष्य रखा है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सभी मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता और कार्यपालन अभियंता समीक्षा बैठक में मौजूद थे।


जो दानदाता किताबें देंगे, उन किताबों में उनके नाम के स्टीकर लगाये जाएंगे, कलेक्टर देंगे प्रमाणपत्र

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रायपुर। अच्छी किताबें पढ़ने के बाद हम सभी चाहते हैं कि जो विद्या हमने इससे सीखी है उसे दूसरों तक भी पहुंचाएं और इसके लिए पुस्तकालयों को किताबें देने से बेहतर कुछ नहीं जहां किताबों के प्रेमी आते हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय हमेशा पठन-पाठन को बढ़ावा देने का जतन करते हैं और उनके निर्देशानुसार जिला प्रशासन रायपुर द्वारा पुस्तकालय उत्कर्ष योजना की शुरूआत की गई है इस योजना के तहत लोग प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित किताबें, साहित्यिक किताबें एवं अन्य जानकारीपरक किताबें दान कर सकेंगे ताकि इसका लाभ बड़ी आबादी को मिल सके। 

मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला रायपुर द्वारा किया जा रहा नवाचार

कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के मार्गदर्शन में पुस्तकालय उत्कर्ष योजना की शुरूआत आज रेडक्रास सभाकक्ष में की गई। जिसका उद्देश्य जरूरतमंद विद्यार्थियों का उनके पाठयक्रम व प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु आवश्यक पुस्तकें व साहित्य प्रेमी लोगों के लिए हेतु पुस्तके उपलब्ध कराना तथा समाज के सभी वर्ग में पठन अभिरूची का विकास कराना है। आयोजित इस कार्यक्रम में 33 दानदाताओं ने 804 पुस्तकें दान में दी। इनमे विद्यार्थियों द्वारा दी गई स्कूली किताबें शामिल हैं तो योजना प्रकाशन द्वारा 1.50 लाख रूपए की हाल ही में प्रकाशित हुई किताबें दी गई। साथ ही राहुल कुमार सिंह और सेवानिवृत इंजीनियर राम टेके द्वारा पुरातत्व पर आधारित स्वयं की लिखी हुई किताबे दान की। वहीं रोल बोल फांउडेंशन ने लैपटाप दिया। दान की गई पुस्तकों में जेईई से लेकर तमाम प्रतियोगी परीक्षाओ के लिए किताबें शामिल थी। सभी के चेहरे में खुशियों से भाव थे जिससे परिलक्षित हो रहा था कि विद्या दान महादान है। इन किताबें में दानदाताओं नाम के स्टीकर लगाए गए और कलेक्टर द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान कर प्रोत्साहित भी किया गया।क

लेक्टर ने कहा कि हमारे आस-पास कई जरूरतमंद विद्यार्थी होते है जिनमें पढ़ने की ललक तो होती है मगर उनके पास शैक्षणिक संसाधन जैसे किताबें इत्यादि नहीं होती है इस योजना से उन्हे पुस्तकें उपलब्ध होगी और उन्हे इनका अघ्ययन कर परीक्षा उतीर्ण अपने लक्ष्य प्राप्त करेंगे। जब इनमें से वे आइएएस, आइपीएस, डिप्टी कलेक्टर, इंजीनियर, डाक्टर या साइंसिस्ट बनेंगे अन्य कोई शासकीय नौकरी या कोई अन्य कोई रोजगार प्राप्त करेंगे, तो उस जगह पर पहुंचने वाला दानदाता को याद रखेगा और धन्यवाद देगा। यह छोटी सी मदद उसके सपनों को पूरी करने में मदद करेगी। कलेक्टर ने आम जनों से आगे बढकर इस योजना में सहभागी होने की अपील भी की।

पुस्तक दानदाता छात्रा सुश्री प्रियंका नारायण ने बताया कि प्रशासन द्वारा शुरू की गई इस योजना में प्रतियोगी परीक्षाओं के तैयारी करने वाले बच्चों के लिए मैने 25 बुक डोनेट किया है। जो बच्चे बुक पढ़ या खरीद नही पाते उनके लिए जिला प्रशासन की यह अनोखी पहल है। जिसमें वे पढ़ कर सीख पाएंगे।

योजना चक्र पब्लिकेशन के संपादक  आशीष श्रीवास्तव ने कहा कि विद्यादान महादान है। मुख्यमंत्री साय के पहल स्मृति पुस्तकालय योजना में मैने 500 किताबें डोनेट की है। उन्होंने कहा कि जिन जरूरतमंद लोगों तक किताबें पहुंच नहीं पाती है ऐसे प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों तक यह किताबें पहुंच सके, इसके लिए मैने किताबें डोनेट किया है। दानदाता श्रीमती गीता शर्मा ने कहा कि जिला प्रशासन की ओर से जो ये पहल की गई है वह सराहनीय है। जो जरूरत मंद बच्चे हैं उनके लिए जिस प्रकार से हम किताबें दान कर रहे हैं या हम ला रहे हैं उनको सुविधा दे रहे हैं यह बहुत अच्छी पहल है क्योंकि यहां जाएं किसी रद्दी की टोकरी में फेंकने के लायक नहीं होता वो कभी न कभी किसी न किसी के काम आता है इसमें हम अपना योगदान दे रहे हैं इसके लिए हम बहुत बहुत आभारी हैं।

33 दान दाताओं ने दिया दान

स्मृति पुस्तकालय योजना के तहत 33 दान दाताओं ने किताबे दान दी। इनमें सागर दुबे, लुमेश कुमार, राजेश गोयल, श्रीमती संगीता अग्रवाल, श्रीमती सीमा बोस, संतोष शर्मा, सुरजीत सिंह छाबड़ा, प्रेमचंद, कुमारी प्रियंका नारायण, योजना चक्र पब्लिकेशन के संपादक आशीष श्रीवास्तव, डॉ टी.आर. रामटेके, प्रणय शुक्ला, डॉ हामिद खान, डॉ मनीष मजूमदार, रॉलबाल कम्युनिटी, अभिलाष अग्रवाल, श्रीमती जीनत सबा, कुमारी मेघापाल, कुमारी रश्मि यदु, प्रफुल्ल धु्रव, श्रीमती गीता शर्मा, करण बाघ, शशांक देवांगन, योगेन्द्र कुमार, विवेक कुमार तिवारी, सचिन साहू, मनोज नायक, कुमारी प्रिया झा, कुमारी महिमा सोनबरसी, कुमारी हिमांशी बघेल, अशोक कुमार साहू, लक्की शर्मा एवं राहुल कुमार सिंह शामिल हैं।


राज्यपाल डेका ने छत्तीसगढ़ को टी.बी. मुक्त बनाने के लिए सघन प्रयास करने के दिए निर्देश

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रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने प्रधानमंत्री टी.बी. मुक्त भारत अभियान के तहत छत्तीसगढ़ को वर्ष 2025-26 तक टी.बी. से मुक्त राज्य बनाने के लिए सघन प्रयास के निर्देश दिए हैं।

आज यहां राजभवन में उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की आयुक्त सह-संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला को उक्ताशय  के निर्देश देते हुए कहा कि टी बी के गंभीर मरीजों की समुचित चिकित्सा की व्यवस्था करें। जो टी.बी. मरीज बीच में ही दवा का सेवन बंद कर देते है उन मरीजों पर विशेष ध्यान दिया जाए और उन्हें दवा का पूर्ण कोर्स करने हेतु जागरूक किया जाए।

टी.बी. मरीजों को योगाभ्यास के लिए प्रोत्साहित करें जिससे रोग के प्रति उनकी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी। डेका ने टी.बी. मरीजों को पर्याप्त पोषण आहार मिले इसके लिए अधिक से अधिक निःक्षय मित्र बनाने के निर्देश भी दिए। बैठक में राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना एवं स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

निदान-1100 में प्राप्त शिकायतों के समय-सीमा में निराकरण के लिए नोडल अधिकारी और सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त करने दिए निर्देश

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रायपुर। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) ने  जन शिकायत निवारण प्रणाली (निदान-1100) में प्राप्त शिकायतों के समय-सीमा में निराकरण के लिए सभी नगरीय निकायों को नोडल अधिकारी और सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए हैं। सुडा ने समय-सीमा में शिकायतों का निराकरण नहीं होने पर नाखुशी जाहिर करते हुए सभी नगर निगमों के आयुक्तों तथा नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को परिपत्र जारी कर नोडल अधिकारी और सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त करने को कहा है।

सुडा ने नगरीय निकायों को जारी परिपत्र में कहा है कि प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में जन समस्याओं से संबंधित शिकायतों के निराकरण के लिए जन शिकायत निवारण प्रणाली 'निदान 1100' का प्रातः छह बजे से रात्रि आठ बजे तक संचालन किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य निकाय क्षेत्र में निवासरत नागरिकों की साफ-सफाई, डोर-टू-डोर कचरा प्रबंधन, रोड, नाली, सीवर की सफाई, सेप्टिक टैंक की सफाई, स्ट्रीट लाइट, वाटर सप्लाई, भवन अनुज्ञा एवं अन्य शिकायतों का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण करना है। परिपत्र में कहा गया है कि प्रायः यह देखा जा रहा है कि नागरिकों द्वारा निदान-1100 में दर्ज शिकायतों का निराकरण समय-सीमा में नहीं किया जा रहा है। 

जन शिकायत निवारण प्रणाली 'निदान 1100' के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का निराकरण समय-सीमा में नहीं होने से आम नागरिकों में निकायों की छवि धूमिल हो रही है। निकायों की खराब ग्रेडिंग शिकायतों का निराकरण समय-सीमा में नहीं होने का प्रत्यक्ष प्रमाण है। यह स्थिति अत्यंत खेदजनक है। भविष्य में निदान-1100 के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के निराकरण की समीक्षा शासन स्तर पर किया जाना है। सुडा ने अपने परिपत्र में निदान-1100 के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण के लिए नगर निगमों में मुख्यालय स्तर पर अपर आयुक्त या उप आयुक्त को नोडल अधिकारी तथा स्वास्थ्य अधिकारी को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए हैं। वहीं जोन कार्यालय स्तर पर जोन आयुक्त को नोडल अधिकारी और स्वास्थ्य अधिकारी को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त करने को कहा है।

नगर पालिकाओं में मुख्य नगर पालिका अधिकारी को नोडल अधिकारी तथा स्वास्थ्य अधिकारी या सफाई दरोगा या स्वच्छता निरीक्षक को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं। नगर पंचायतों में मुख्य नगर पालिका अधिकारी को नोडल अधिकारी और सफाई दरोगा या स्वच्छता निरीक्षक को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश सुडा ने दिए हैं। नोडल अधिकारी या सहायक नोडल अधिकारी के स्थानांतरण या अन्य किसी स्थिति में उनके स्थान पर नवपदस्थ अधिकारी/कर्मचारी स्वतः नोडल अधिकारी या सहायक नोडल अधिकारी नामांकित होंगे। सुडा ने परिपत्र में दिए गए निर्देशानुसार सभी निकायों को नोडल अधिकारी और सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त कर सुडा के राज्य कार्यालय को उपलब्ध कराने को कहा है।

अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित हो दवाइयों की पहुंच : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वास्थ्य विभाग के सभी प्रमुख अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा है कि दवाइयों की पहुंच अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित होना चाहिए। उन्होंने कहा है कि राज्य में आयुष के जरिए  उपचार की बेहतर संभावनाएं मौजूद हैं , इसे और विस्तारित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आमजन के हित में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होते रहना चाहिए।

उन्होंने कहा है कि अस्पतालों में मरीजों के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित हो और उन्हें अपने घर के आस पास ही अच्छा इलाज मिले। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज मंत्रालय में स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं  की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि एनीमिया, मैटरनल प्रोग्राम और लेप्रोसी जैसी बीमारियों पर प्राथमिकता से काम किया जाए।

बैठक में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मुख्यमंत्री को जानकारी देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय  गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) कार्यक्रम में देश में 5वें स्थान पर है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं का और बेहतर विस्तार होता रहेगा। जायसवाल ने राज्य सरकार के गठन के बाद स्वास्थ्य के क्षेत्र में की गयी उपलब्धियों की जानकारी देते हुए भविष्य की योजनाओं को भी मुख्यमंत्री के सामने रखा।

स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया ने बैठक की जानकारी देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य टीबी और मलेरिया जैसी बीमारियों के उन्मूलन की दिशा में बेहतर कार्य कर रहा है। टीबी उन्मूलन की दिशा में उपचार सफलता की दर 90 फीसदी है जबकि इस दौरान शत प्रतिशत टीबी मरीजों का नोटिफिकेशन किया गया है। इसके साथ ही राज्य में मार्च 2025 तक टीकाकरण का 94 फीसदी लक्ष्य पूर्ण किया गया है।

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत एवं मुकेश बंसल, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा एवं आयुक्त आयुष विभाग श्रीमती शिखा राजपूत तिवारी, प्रबंध संचालक एनएचएम एवं आयुक्त सह संचालक डॉ प्रियंका शुक्ला, खाद्य एवं औषधि विभाग के नियंत्रक दीपक अग्रवाल समेत स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

कोयला के अवैध परिवहन के मामले में ट्रैक्टर जब्त

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रायपुर। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में अवैध कोयला परिवहन और भंडारण के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। कलेक्टर के निर्देश और पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में खनिज विभाग एवं पुलिस की संयुक्त टीम लगातार कार्रवाई कर रही है।

खनिज अधिकारी दयानंद तिग्गा ने बताया कि पोड़ी-चिरमिरी क्षेत्र के निरीक्षण के दौरान ग्राम चिताझोर में एक ट्रैक्टर को रोका गया। यह महिंद्रा 275 डीआई लाल रंग का ट्रैक्टर रेत से भरा हुआ नजर आ रहा था, लेकिन जांच करने पर ट्रॉली के भीतर रेत की आड़ में कोयला छिपाकर रखा गया था। जांच के दौरान ट्रैक्टर का चालक मौके से फरार हो गया। ट्रैक्टर को तत्काल जब्त कर पोड़ी थाना के सुपुर्द कर दिया गया है।

गौरतलब है कि खनिज विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम कोयले के अवैध कारोबार पर लगातार कार्रवाई कर रही है। हाल ही में की गई छापेमारी में लगभग 20 टन कोयला जब्त किया गया था। संबंधित आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इस मामले में पुलिस ने भी प्रकरण दर्ज किया है।

दो पंचायत सचिवों को नोटिस : एक दिन का वेतन काटने के निर्देश

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रायपुर। मुंगेली जिले के पथरिया जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत लौदा और बरछा में पदस्थ पंचायत सचिवों की लापरवाही के मामले में कलेक्टर कुन्दन कुमार के निर्देश पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रभाकर पाण्डेय ने दोनों सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी कर उनसे जवाब-तलब किया है।

कलेक्टर द्वारा पंचायतों के निरीक्षण के दौरान मनरेगा कार्यों में लापरवाही, पंचायत कार्यालय की अव्यवस्था और पलायन रजिस्टर का सही ढंग से संधारण न होने जैसी गंभीर कमियां सामने आईं। इस पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई और दोनों पंचायत सचिवों को नोटिस जारी करने और उनका एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए थे। दोनों पंचायत सचिवों को दो दिवस के भीतर जवाब देने को कहा गया है।

 

 

कलेक्टर ने जन चौपाल में सुनी लोगों की समस्याएं, दिए निराकरण के निर्देश

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महासमुंद। नगरीय निकाय एवं त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन सम्पन्न होने के उपरांत जिला कार्यालय में हर मंगलवार को आयोजित होने वाले जन चौपाल में जिले के दूरस्थ क्षेत्रों से लोग अपनी-अपनी समस्याओं के निराकरण के लिए कलेक्ट्रेट पहुंचे। जन चौपाल में लोगों ने कलेक्टर विनय कुमार लंगेह से एक-एक कर मुलाकात की और उनके समक्ष अपनी मांगे व समस्याएं रखी।

जन चौपाल में आज अलग-अलग समस्याओं के निराकरण हेतु कुल 27 आवेदन प्राप्त हुए। कलेक्टर ने प्रकरणों के अनुसार संबंधित अधिकारियों को आवेदन प्रेषित करते हुए यथाशीघ्र नियमानुसार निराकरण के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने महत्वपूर्ण प्रकरणों को समय सीमा में दर्ज कर आवश्यक कार्यवाही हेतु संबंधित अधिकारी को प्रेषित किया। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ एस. आलोक, अपर कलेक्टर रविराज ठाकुर सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

जन चौपाल में महासमुंद बम्हनी निवासी पूरन ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि दिलाने के लिए कलेक्टर को आवेदन सौंपे। इसी तरह बागबाहरा बिराजपाली निवासी भागीरथी ने श्रमिक पंजीयन कार्ड सक्रिय करने, पिथौरा के राजकुमार ने गुमटी व्यवस्थापन के लिए, सरायपाली पतेरापाली निवासी विजय कुमार मिर्धा ने भूमि सीमांकन के लिए, बागबाहरा पोटिया की श्रीमती सेवती साहू ने पति के मृत्यु उपरांत तेंदूपत्ता की राशि प्रदाय करने हेतु आवेदन दिए। इसी तरह आवेदकों द्वारा प्रधानमंत्री आवास, राशन कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, अतिक्रमण हटाने एवं अन्य योजनाओं से संबंधित आवेदन कलेक्टर को सौंपे गए। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को मांग एवं समस्याओं से संबंधित प्राप्त आवेदनों का नियमानुसार तत्काल निराकरण के निर्देश दिए।

नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय एवं अम्बेडकर अस्पताल की समीक्षा बैठक, नव गृह के निर्माणकार्य को अति शीघ्र पूरा करने के दिए निर्देश

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रायपुर। स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया ने पं. जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय के बोर्ड रूम में चिकित्सा महाविद्यालय एवं अम्बेडकर अस्पताल की समीक्षा बैठक ली। बैठक में स्वास्थ्य सचिव ने विभिन्न आवश्यकताओं एवं भावी योजनाओं के लिए मास्टर प्लान बनाने के निर्देश दिए। बैठक के पश्चात् उन्होंने अम्बेडकर अस्पताल के रेडियोडायग्नोसिस विभाग, किचन, कैंसर विभाग, प्रस्तावित एकीकृत 700 बिस्तर अस्पताल स्थल एवं नव निर्माणाधीन मॉर्चुअरी गृह का निरीक्षण किया।

बैठक में उनके साथ आयुक्त चिकित्सा शिक्षा श्रीमती किरण कौशल, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, सीजीएमएससी की संचालक पद्मिनी भोई, चिकित्सा महाविद्यालय के डीन डॉ. विवेक चौधरी एवं अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर भी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य सचिव एवं आयुक्त चिकित्सा शिक्षा ने अस्पताल में उपचाररत मरीज के परिजनों के ठहरने के लिए अस्पताल परिसर में परिजन आवास बनाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही कलेक्टर ने मरीज के परिजनों को निशुल्क भोजन बांटने की इच्छुक संस्थाओं के लिए परिसर में चिन्हित स्थान पर प्रस्तावित शेड निर्माण कार्य को अतिशीघ्र पूरा करने को कहा है।

बैठक में स्वास्थ्य सचिव कटारिया ने चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल के उन्नयन के लिए वर्तमान में चल रहे एवं प्रस्तावित निर्माण कार्यों के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली। डीन डॉ. विवेक चौधरी ने चिकित्सा महाविद्यालय का संक्षिप्त परिचय देकर विभागीय बजट एवं आय-व्यय का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। विभिन्न विभागों में उपलब्ध सुविधाएं एवं आवश्यकताओं के बारे में स्वास्थ्य सचिव को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वन विभाग से प्राप्त शासकीय जमीन में रेसीडेंट क्वार्टर एवं छात्रावास निर्माण कार्य, चिकित्सा महाविद्यालय के 1500 सीटेड ऑडिटोरियम भवन के बाहरी भाग का सौंदर्यीकरण एवं चिकित्सालय विस्तार कार्य के अंतर्गत जी प्लस टू से जी प्लस सेवन कैंसर हॉस्पिटल का निर्माण कार्य पूर्व में ही प्रस्तावित है जो लोक निर्माण विभाग के सिविल वर्क के अंतर्गत प्रारंभ होना है।

इसके साथ ही उन्होंने चिकित्सा महाविद्यालय भवन में स्थापित एसी के रखरखाव कार्य, परिसर में विद्युतीकरण का कार्य, सीसीटीवी कैमरा स्थापना कार्य एवं फायर फाइटिंग इलेक्ट्रिक कार्य हेतु प्रावधानित बजट एवं कार्य के अद्यतन स्थिति की जानकारी दी। स्वास्थ्य सचिव ने बैठक में मॉर्चुअरी अपग्रेडेशन एवं विस्तार कार्य को एक निश्चित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने के लिए सीजीएमएससी के अधिकारियों को निर्देश दिए। इसके साथ ही बहुप्रतीक्षित एल-टू ट्रामा केयर सेंटर के लिए लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों एवं ट्रामा निर्माण समिति को आवश्यक प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण करने को कहा।

अम्बेडकर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने बैठक में आगामी चार वर्ष की कार्ययोजना प्रस्तुत करते हुए स्वास्थ्य सचिव को जानकारी दी कि चिकित्सालय के लिए गार्बेज मैनेजमेंट हेतु कार्डियोलॉजी विभाग के बगल में रास्ता बनाया जाना, एस. एन. सी. यू. एवं आई. सी. यू. से फायर एक्जिट का निर्माण करवाया जाना एवं एम. आर. डी. के रिकार्ड के लिए ई-फाइलिंग जैसी भावी योजनाएं प्रस्तावित हैं। डिजिटलाइजेशन की दिशा में नेक्स्ट जेन ई हॉस्पिटल के क्रियान्वयन के सम्बन्ध में डॉ. ओंकार खण्डवाल ने स्वास्थ्य सचिव को जानकारी दी और टेली रेडियोलॉजी की सुविधा के बारे में अवगत कराया।

इस अवसर पर चिकित्सा महाविद्यालय के रेडियोडायग्नोसिस विभागाध्यक्ष डॉ. एस. बी. एस. नेताम, अस्थि रोग विभागाध्यक्ष डॉ. रविकांत दास, कैंसर विभागाध्यक्ष डॉ. मंजुला बेक, फिजियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. सुमित त्रिपाठी, डॉ. दिवाकर धुरंधर, शिशु रोग विभागाध्यक्ष डॉ. ओंकार खंडवाल, सहायक अधीक्षक डॉ. अनिल बघेल, डॉ. आनंद जायसवाल, नर्सिंग अधीक्षक सुश्री नंदा रंगारी समेत पीडब्ल्यूडी के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

प्रक्रियाधीन कार्यों को नियत समयावधि में पूर्ण करने के दिए निर्देश

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रायपुर। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री सह अध्यक्ष सीएसआईडीसी लखन लाल देवांगन की अध्यक्षता में आज उद्योग भवन में छत्तीसगढ स्टेट इण्डस्ट्रीयल डेव्हलपमेंट कार्पाेरेशन लिमिटेड के संचालक मण्डल की 153वीं बैठक संपन्न हुई। बैठक में सचिव उद्योग विभाग रजत कुमार, सीएसआईडीसी के प्रबंध संचालक विश्वेश कुमार उपस्थित थे।

उद्योग मंत्री देवांगन ने निगम द्वारा संपादित किये जा रहे विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा की तथा समस्त प्रक्रियाधीन कार्यों को नियत समयावधि में पूर्ण किये जाने हेतु निर्देशित किया। इसके अलावा बस्तर जिले के ग्राम नियानार स्थित भूमि पर विकास कार्य प्रारंभ किये जाने का निर्णय लिया गया है, जिससे की बस्तर जिले में औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना एवं इसके फलस्वरूप बस्तर क्षेत्र में उद्यमिता तथा स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिल सकेगा।

किसानों को धान विक्रय के लिए टोकन जारी करने की प्रक्रिया का पालन करने कलेक्टरों को निर्देश

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रायपुर। राज्य शासन द्वारा सभी कलेक्टरों को समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की व्यवस्था के तहत किसानों को टोकन जारी करने की निर्धारित प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इस संबंध में छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी वितरण संघ के प्रबंध संचालक ने सभी कलेक्टरों को प्रेषित पत्र में टोकन आवेदन समिति मॉड्यूल एवं टोकन तुंहर हाथ एप के माध्यम से किए जाने की सुविधा का उल्लेख करते हुए कहा है कि कुल टोकन आवेदन का 40 प्रतिशत समिति मॉड्यूल एवं 60 प्रतिशत एप के माध्यम से किए जाने का प्रावधान है। टोकन आवेदन हेतु रविवार से शुक्रवार तक प्रातः 9.30 बजे सायं 5 बजे तक का समय निर्धारित है।

किसानों द्वारा आवेदन के दौरान आवश्यक प्रविष्टि करने के उपरांत आवेदन दिनांक से 15 जनवरी 2025 तक रिक्त स्लॉट में धान विक्रय हेतु दिवस का चयन किया जा सकता है। समितियों में, धान विक्रय किये जाने हेतु पंजीकृत रकबा एवं खरीदी अवधि को ध्यान में रखते हुए प्रतिदिन खरीदी लिमिट भी निर्धारित है, जिसकी जानकारी खाद्य अधिकारी माड्यूल एवं समिति माड्यूल में उपलब्ध है। प्रतिदिन खरीदी लिमिट अंतर्गत टोकन तुहर हाथ एप के माध्यम से आवेदित टोकन लघु, सीमांत कृषक एवं दीर्घ कृषक के मध्य वही अनुपात निर्धारित है, जो उस समिति में पंजीकृत लघु, सीमांत कृषक एवं दीर्घ कृषक के मध्य है। प्रतिदिन खरीदी लिमिट अंतर्गत समिति माड्यल के माध्यम से आवेदित टोकन में लघु, सीमांत कृषक एवं दीर्घ कृषक के मध्य किसी प्रकार कोई अनुपात निर्धारित नहीं किया गया है।

समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के लिए राज्य में लघु एवं सीमांत कृषकों को 2 टोकन एवं दीर्घ कृषकों 3 टोकन की सुविधा प्रदाय की गई है। लघु सीमांत कृषक अपने दूसरे टोकन में तथा दीर्घ कृषक अपने तीसरे टोकने में उनके द्वारा अधिकतम 21 क्विंटल प्रति एकड़ की सीमा के अध्याधीन शेष संपूर्ण मात्रा के लिए टोकन ले सकेगा। यदि कृषकों द्वारा अंतिम टोकन में प्रविष्ट की गई धान की मात्रा उपार्जन केन्द्र में निर्धारित खरीदी लिमिट से अधिक होती है, तो उस स्थिति में उक्त उपार्जन केन्द्र में खरीदी लिमिट के 30 प्रतिशत तक का अधिक का उपार्जन किया जा सकेगा।

छत्तीसगढ़ : राष्ट्रीय परख सर्वेक्षण 4 दिसंबर को, स्कूलों की दक्षता बढ़ाना करें सुनिश्चत

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रायपुर। छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने प्रदेश के स्कूलों में राष्ट्रीय परख सर्वेक्षण के मद्देजर स्कूलों की दक्षता बढ़ाने के लिए गंभीरता के साथ तैयारी करने के निर्देश दिए है। गौरतलब है कि आगामी माह के 4 दिसम्बर को कक्षा 3री, 6वीं और 9वीं के विद्यार्थियों की दक्षता को राष्ट्रीय सर्वेक्षण होना है। इसके तहत केन्द्रीय स्कूल शिक्षा मंत्रालय द्वारा छत्तीसगढ़ के विभिन्न स्कूलों में विद्यार्थियों की दक्षता का परीक्षण किया जाएगा।

शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने विभागीय अधिकारियों को राष्ट्रीय परख सर्वेक्षण को ध्यान में रखते हुए हर स्तर पर व्यापक प्रशासनिक, प्रबंधकीय व अकादमिक तैयारी प्रारंभ करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा है कि राष्ट्रीय परख सर्वेक्षण-2024 के आकलन कार्य के सभी जिलों में शत-प्रतिशत क्रियान्वयन को सुनिश्चित कराने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मिशन समन्वयक तथा प्राचार्य डाइट को संयुक्त रूप से नोडल अधिकारी बनाया गया है। उल्लेखनीय है कि राज्य के 99 जिला स्तरीय अधिकारी जिले में परख क्रियान्वयन की जिम्मेदारी संभालेंगे। वहीं 146 विकासखंडों में बीईओ, बीआरसीसी तथा संकुल प्राचार्य को संयुक्त जिम्मेदारी सौंपते हुए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।

शिक्षा सचिव परदेशी ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत देश भर में एक साथ होने जा रहे इस सर्वेक्षण का प्राथमिक उद्देश्य स्कूली शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठचर्या रूपरेखा 2023 के साथ उच्च गुणवत्ता युक्त वैश्विक मूल्यांकन विकसित करना है। उल्लेखनीय है कि केंद्र शासन द्वारा प्रस्तावित राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 छत्तीसगढ़ में भी लागू किया जा चुका है। इस राष्ट्रीय सर्वेक्षण में नवीन शिक्षा नीति के लक्ष्यों के अनुरूप कक्षा 3री, 6वीं और 9वीं में आधार भूत प्रारंभिक एवं मध्य चरणों के अंत में छात्रों की दक्षता का आकलन किया जा रहा है। यह सर्वेक्षण छत्तीसगढ़ के मात्र छात्र-छात्रों का नहीं बल्कि, शिक्षक, स्कूल तथा संपूर्ण शिक्षा व्यवस्था का मूल्याँकन सिद्ध होगा, जिसके आधार पर भविष्य में राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ सहित अन्य सभी राज्यों की शैक्षणिक गुणवत्ता का श्रेणी निर्धारण भी होगा ।

उन्होंने बताया कि परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण में कक्षा 3री के लिए भाषा, गणित एवं हमारे आसपास की दुनिया से 90 मिनट में 45 प्रश्न पूछे जाएँगे। कक्षा 6वीं के लिए उक्त विषयों से संबंधित 51 प्रश्न 90 मिनट में पूछे जाएँगे। कक्षा 9वीं में भाषा, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान के 60 प्रश्न 120 मिनट पर हल करने होंगे। परीक्षार्थियों को एक ही प्रश्न पत्र दिया जायेगा। परख मूल्याँकन माइनस मार्किंग नहीं होगी। केंद्र सरकार के नियमानुसार जिस माध्यम की शाला चयनित की गई, उस माध्यम की प्रथम भाषा पर सर्वे अर्थात् प्रश्नपत्र होगा । यदि अंग्रेजी माध्यम की कई शाला सेम्पल शाला के रूप में चयनित की जाती हैं, तो वहाँ अंग्रेजी भाषा में आकलन परीक्षा निर्धारित होगी ।

 राज्य में परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2024 के लिए सेंपल शालाओं के रूप में जिले की शासकीय सहित राज्य शासन से अनुदान प्राप्त शालाओं, गैर अनुदान प्राप्त अशासकीय शालाओं, केंद्रीय, नवोदय विद्यालयों को सीधे भारत शासन, स्कूल शिक्षा वि नई दिल्ली द्वारा चयनित व निर्धारण किया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य के लिए 33 जिलों में कुल 3420 को चुना गया है। इस मूल्याँकन सर्वेक्षण या परीक्षा की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि मूल्याँकन कार्य की पारदर्शिता और निष्पक्षता के लिए स्कूल शिक्षा विभाग के शासकीय या अशासकीय किसी भी शिक्षक को परीक्षक या पर्यवेक्षक के रूप में कार्य में नियुक्त नहीं किया जायेगा, बल्कि परीक्षा का मूलभूत कार्य राज्य के शासकीय डाइट कालेज में छात्राध्यापक या प्रशिक्षु शिक्षक अर्थात् अध्यनरत डीएलएड, बीएड एवं एमएड के प्रशिक्षणार्थियों द्वारा संपन्न कराया जायेगा ।

विशेष परिस्थिति में शासकीय कॉलेज के विद्यार्थी, अशासकीय प्रशिक्षण संस्थाओं के डीएलएड, बीएड, एमएड प्रशिक्षणार्थियों को लिया जा सकेगा। परीक्षा कार्य संपन्न कराने वाले ऐसे लगभग 3800 छात्राध्यापकों को जिले के 33 डाइट के माध्यम से प्रशिक्षित किया जा रहा है ताकि वे सुचारू पूर्वक परीक्षा कार्य बिना बाधा के पूरा करा सकें। इस सर्वेक्षण के पारदर्शी क्रियान्वयन हेतु भारत सरकार द्वारा सीबीएसई के प्रशासनिक व अकादमिक अमले को ऑब्जर्वर के रूप में नियुक्त किया गया है जो प्रत्येक निर्धारित परीक्षा केंद्र में मानटरिंग करेंगे। 

राज्य के विद्यार्थी अपनी शैक्षिक दक्षता का राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें इसके लिए परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण की पूर्व तैयारी के रूप में एससीईआरटी तथा समग्र शिक्षा राज्य परियोजना कार्या द्वारा राज्य के सभी स्कूलों के कक्षा 3री, 6वीं तथा 9वीं के विद्यार्थियों को प्रश्न बैंक एवं रीडिंग कार्ड उपलब्ध कराया गया है। उनके लिए विशेष तौर पर सभी निजी व सरकारी स्कूलों में मॉक टेस्ट का विशेष आयोजन किया जा रहा है। इस कार्य में राज्य के लगभग 146 निजी शिक्षा महाविद्यालयों के 19 हजार छात्र अध्यापकों का भी स्वैच्छिक सहयोग लिया जा रहा है।

राजस्व मंडल के आदेशों में कूटरचना करने वालों पर कार्यवाही जारी

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अम्बिकापुर। विभिन्न प्रकरणों में आवेदकों द्वारा राजस्व मंडल के आदेशों में कूटरचना किए जाने की जानकारी पर कलेक्टर विलास भोसकर के मार्गदर्शन में लगातार कार्यवाही जारी है। इसी कड़ी में सोमवार को आदेश जारी कर कलेक्टर सरगुजा ने राजस्व मंडल के आदेश में कूटरचना पर तहसील अम्बिकापुर के ग्राम नवागढ़ के आवेदक इसरार अहमद के विरुद्ध सम्बन्धित थाने में एफआईआर कराने के निर्देश नायब तहसीलदार अम्बिकापुर को दिए हैं। 

कलेक्टर सरगुजा द्वारा जारी आदेश में बताया गया है कि राजस्व मंडल छग बिलासपुर के द्वारा अवगत कराया गया है कि आवेदक द्वारा प्रस्तुत आदेशों तथा न्यायालय द्वारा पारित मूल आदेशों का सूक्ष्मता से परीक्षण किया गया। परीक्षण उपरांत आदेशों में कूटरचना किया जाना पाया गया है। आवेदक द्वारा राजस्व मंडल छग बिलासपुर के आदेशों में कूटरचना की गई है, जो गंभीर आपराधिक कृत्य है। इस आधार पर राजस्व मंडल छग बिलासपुर के द्वारा सम्बन्धित के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं।

कलेक्टर सरगुजा ने आदेश जारी कर निर्देशित किया है कि उक्त आवेदक पर एफआईआर दर्ज कराई जाए और तहसील अम्बिकापुर के ग्राम नवागढ़  स्थित भूमि खसरा क्रमांक 179/2 रकबा 0.072 हेक्टेयर भूमि का राजस्व मंडल छग बिलासपुर के कूटरचित आदेश के आधार पर हुए नामांतरण को निरस्त करते हुये उक्त भूमि को पूर्ववत शासकीय मद में दर्ज करते हुये उक्त शासकीय भूमि से आवेदक का अनाधिकृत कब्जा हटाया जाए।

कलेक्टर ने संबंधित विभाग को आवेदकों की समस्याओं का निराकरण के दिए निर्देश

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महासमुंद। जिला कलेक्ट्रेट में आयोजित होने वाले जन चौपाल में आज कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने जिले के आमजनों की मांगों एवं समस्याओं को गंभीरता पूर्वक सुनी और संबंधित विभाग के अधिकारियों को नियमानुसार निराकरण के निर्देश दिए। जन चौपाल में आज ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के 36 आवेदकों ने मांग, समस्या एवं शिकायतों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। कलेक्टर ने सभी आवेदकों की समस्याएं बारी-बारी सुनी।


आज जन चौपाल में आवेदकों ने जाति प्रमाण पत्र, नक्शा त्रुटि सुधार, अतिक्रमण हटाने, नामांतरण, भूमि व्यवस्थापन तथा अन्य समस्याओं व मांगो को लेकर आवेदन सौंपे। इनमें महासमुंद विकासखंड के ग्राम खैराभाठा की पानबाई ने प्रधानमंत्री आवास के लिए, ग्राम मालीडीह के पुनीराम ने खसरा त्रुटि सुधार, श्रीमती सरोज बाई ने करणी कृपा मामले में पीड़िता को मुआवजा एवं कार्य दिलाने, बसना विकासखण्ड के ग्राम छातापठार के गंगाराम ने भूमि अतिक्रमण हटाने, पिथौरा की अहिल्या सवा ने जमीन दूरूस्ती संबंधी आवेदन कलेक्टर को सौंपे। कलेक्टर लंगेह ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदकों की समस्याओं का निराकरण सुनिश्चित करने कहा। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ एस. आलोक, अपर कलेक्टर रवि कुमार साहू एवं जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन पर प्रशासन की कार्रवाई जारी, 4 हाइवा सहित 8 वाहन जब्त

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बलौदाबाजार। कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देश पर अवैध रेत उत्खनन  एवं परिवहन के मामलों में जिला प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में बुधवार को राजस्व एवं खनिज विभाग की टीम द्वारा अवैध रेत परिवहन करते 4 हाइवा  सहित 8 वाहन ज़ब्त किया गया है।

जिला खनिज अधिकारी के. के. बंजारे ने बताया कि अनुभाग कसडोल अंतर्गत अनुविभागीय अधिकारी राजस्व आर. आर. दुबे के नेतृत्व में राजस्व की टीम ने बुधवार शाम को कसडोल क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन, परिवहन की जांच की गई।जांच के दौरान महानदी क्षेत्र में हो रहे अवैध उत्खनन में संलिप्त 4 हाइवा और 2 ट्रेक्टर जब्त किया गया। तहसील पलारी अंतर्गत ग्राम गिधपुरी क्षेत्र में खनिज विभाग की टीम की जाँच में अवैध रेत उत्खनन में संलिप्त 2 ट्रेक्टर  जब्त कर वाहन नजदीकी थाना के सुपुर्दगी में रखा गया है।

यह सभी कार्रवाई छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 एवं एमएमडीआर एक्ट 1957 की धारा 21 से 23 के अंतर्गत किया गया है। इन वाहन मालिकों पर नियमानुसार जुर्माने की कार्रवाई की जा रही है। ज्ञातव्य है कि राज्य शासन की मंशानुरूप अवैध रेत उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण पर जिला प्रशासन द्वारा कड़ी निगरानी की जा रही है। राजस्व एवं खनिज विभाग की टीम द्वारा अवैध रेत उत्खनन की जाँच की जा रही है।

मुख्यमंत्री साय के निर्देश पर पीडब्ल्यूडी विभाग में 102 अभियंताओं की भर्ती को वित्त से मंजूरी

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग में सब इंजीनियरों के 102 पदों पर भर्ती को वित्त विभाग ने स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसमें 86 सिविल और 16 विद्युत-यांत्रिकी के उप अभियंता के पद शामिल हैं। इससे पहले लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में 128 अभियंताओं के पद निकाले गए थे।

मुख्यमंत्री ने तेजी से विभिन्न विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती के निर्देश दिए हैं और रिक्त पदों पर भर्ती की त्वरित रूप से स्वीकृति दी जा रही है। मुख्यमंत्री की विशेष पहल से अब शासकीय सेवा के 6 हजार से अधिक पदों में नियुक्तियों की प्रक्रिया आरंभ हो गई है।

छत्तीसगढ़ में युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों में अवसर लगातार खुल रहे हैं। मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में युवा प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान करने की दिशा में लगातार पहल की जा रही है। अब तक 8 से अधिक विभागों में विभिन्न पदों पर भर्ती की प्रक्रिया आरंभ हो गई है। स्वास्थ्य विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, कृषि विभाग, ग्रामीण आजीविका मिशन, गृह विभाग, विधि विभाग, आदिम जाति कल्याण, वन एवं पर्यावरण विभाग में भर्ती प्रक्रिया चल रही है। निर्माण एजेंसियों में तेजी से चल रही भर्ती प्रक्रिया से प्रदेश में बड़े पैमाने पर चल रही अधोसंरचना परियोजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में मदद मिलेगी।

छत्तीसगढ़ : सीएम के निर्देश पर विधि विभाग में 362 रिक्त पदों पर होगी भर्ती

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर छत्तीसगढ़ में शासकीय विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती के लिए वित्त विभाग की स्वीकृति एवं विभागों द्वारा भर्ती विज्ञापन का सिलसिला अनवरत रूप से जारी है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, कृषि विभाग, ग्रामीण आजीविका मिशन, नगर सैनिकों सहित अन्य विभागों में रिक्त पदों की भर्ती की वित्त विभाग द्वारा स्वीकृति एवं भर्ती की लंबित प्रक्रिया शुरू करने की सहमति के बाद विभाग भर्ती की प्रक्रिया को पूरा करने में जुटे हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर वित्त विभाग ने न्यायालयों में रिक्त पदों पर नई भर्ती की मंजूरी दे दी है। न्यायालयों में कुल 362 रिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी, जिसका उद्देश्य कर्मचारियों की कमी को दूर कर न्यायपालिका के कार्यों को सुचारू बनाना है। उपमुख्यमंत्री अरूण साव के निर्देशानुसार विधि विधायी विभाग द्वारा रिक्त पदों की पूर्ति के लिए वित्त विभाग को प्रस्ताव प्रेषित किया गया था। मुख्यमंत्री साय के निर्देश पर विधि एवं विधायी विभाग की प्रस्ताव पर वित्त विभाग ने तत्काल स्वीकृति प्रदान की है।

वित्त विभाग से मंजूरी मिलने के बाद न्यायालयों में व्यवहार न्यायाधीश के 57, स्टेनोग्राफर के 46, सहायक ग्रेड-3 के 118, स्टेनोटायपिस्ट के 07, वाहन चालक के 08, प्रोसेस सर्वर के 05 और चौकीदार, गार्डनर, स्वीपर, वाटरमेन के 83 एवं एक सहायक प्रोग्रामर के रिक्त पदों की पूर्ति का रास्ता खुल गया है। राज्य के न्यायालयों में रिक्त पदों की भर्ती होने से न केवल न्यायालयों में कार्य दक्षता बढ़ेगी, बल्कि न्यायिक प्रक्रियाओं में तेजी लाने में भी मदद मिलेगी। न्यायालयों में कर्मचारियों की पर्याप्त संख्या होने से कामकाज का निष्पादन भी समय पर हो सकेगा।

यहां यह उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर राज्य में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी 321 पदों पर बीते छह महीने से लंबित भर्ती की प्रक्रिया फिर से शुरू हो गई है। व्यापम द्वारा ली गई ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी की परीक्षा में सफल रहे अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन आगामी 30 सितम्बर से 10 अक्टूबर तक पूरा करने के बाद नियुक्ति की प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग में विभिन्न संवर्ग के रिक्त 650 पदों, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने 181 पदों, ग्रामीण आजीविका मिशन में 237 पदों पर भर्ती के लिए वित्त विभाग द्वारा स्वीकृति ली जा चुकी है। बिलासपुर में 465 नगर सैनिकों की भर्ती की प्रक्रिया जारी है।

बारिश के समय में राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश

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रायपुर। नारायणपुर, सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा में अति वर्षा के कारण बड़ी संख्या में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा है। कई लोगों के घरों में जलभराव से नुकसान हुआ है वहीं बड़ी संख्या में किसानों की फसल नुकसान हुई है। ऐसे में वनमंत्री केदार कश्यप ने इन जिलों के कलेक्टर को राहत कार्य करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी अनुविभागीय राजस्व अधिकारियों, तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को निर्देश जारी कर समय पूर्व सभी तैयारियां पुख्ता कर लेने को कहा है।

वनमंत्री कश्यप ने कहा कि समय रहते बचाव के उपाय भी किए जाएं। उन्होंने  कहा की बरसात के मौसम में कई मौसमी बीमारियों का भी खतरा रहता है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर दवाओं के छिड़काव के साथ अन्य जरूरी उपाय किए जाएं। जिला मुख्यालय और तहसील स्तर पर आपदा नियंत्रण केन्द्र 24 घंटे सक्रिय रखा जाए। बांधों, जलाशयों, पुलों से संबंधित अमला पूरे समय अलर्ट रहे। उन्होंने कहा जल भराव की स्थिति पर आवश्यक व्यवस्थाएं तत्परता से कराई जाए। मंत्री कश्यप ने अत्यधिक वर्षा प्रभावित जिलों के कलेक्टर से बात कर स्थिति पर नज़र रखने का निर्देश दिये है ताकि खरीफ सीजन की  चल रहे कृषि कार्य में कोई व्यवधान न हो।


मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने राष्ट्रीय पोषण कार्यक्रम सहित अन्य कार्यों के संबंध में दिए गए निर्देश

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रायपुर। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े दो दिवसीय सक्ती जिले के प्रवास के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जिले में चल रहे राष्ट्रीय पोषण कार्यक्रम से संबंधित विभिन्न गतिविधियों पर चर्चा की। उन्होंने अन्य संबंधित विभागों से समन्वय करते हुए विविध कार्यक्रम आयोजित कराने के निर्देश दिए।

श्रीमती राजवाड़े ने विशेष रूप से एनीमिया जांच, वजन त्यौहार एवं पोषण के संबंध में किशोरी, बालिकाओं एवं स्कूली छात्राओं के लिए कार्यशाला आयोजित करने के संबंध में महिला एवं बाल विकास अधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही सभी गतिविधियों का प्रतिदिन डैशबोर्ड में एंट्री कराना सुनिश्चित कराएं।

 

रायगढ़ विकास के नए पायदान पर होगा स्थापित : वित्त मंत्री चौधरी

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रायपुर। रायगढ़ शहर में नगर वासियों की सुविधा के लिए नया गार्डन बनेगा। वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी ने आज इसके लिए 10 करोड़ रूपये की घोषणा की और अधिकारियों को स्थल का चिन्हांकन तथा जल्द प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। वे आज शहर के नटवर स्कूल परिसर में बने बॉक्स क्रिकेट एवं बैडमिंटन कोर्ट के लोकार्पण और कमला नेहरू गार्डन के उन्नयन कार्य के भूमि पूजन समारोह को सम्बोधित कर रहे थे।

वित्त मंत्री चौधरी ने कार्यक्रम में कहा कि राज्य सरकार द्वारा खेल, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क निर्माण सहित सभी मूलभूत सुविधाओं में वृद्धि की जा रही है। आने वाले समय में सभी के सहयोग से रायगढ़ विकास के नए पायदान पर स्थापित होगा। उन्होंने शहर में हो रहे निर्माण कार्य निर्धारित समयावधि एवं पूर्ण गुणवत्ता के साथ सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने नटवर स्कूल परिसर में आयोजित कार्यक्रम में 20 लाख 33 हजार रुपए की लागत से बॉक्स क्रिकेट एवं 8 लाख 71 हजार रुपए की लागत से बैडमिंटन कोर्ट का विधिवत पूजा-अर्चना कर लोकार्पण किया। इस दौरान मंत्री चौधरी ने बॉक्स क्रिकेट में क्रिकेट और बैडमिंटन कोर्ट पर बैडमिंटन खेलकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।

वित्त मंत्री चौधरी ने कमला नेहरू गार्डन में आयोजित कार्यक्रम में 26 लाख 81 हजार रूपये की लागत से गार्डन उन्नयन कार्य का भूमि पूजन किया। उन्नयन कार्य के अंतर्गत गार्डन में शौचालय, रिनोवेशन, साइड बाउंड्री वॉल, फब्बारा उन्नयन, प्रवेश द्वार, फुटपाथ आदि का निर्माण किया जाएगा।

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